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	<title>SaptPuri Archives - SAFAR JANKARI</title>
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	<description>भारत के पर्यटन स्थलों की जानकारी -Travel Blog in Hindi</description>
	<lastBuildDate>Fri, 23 Sep 2022 06:40:21 +0000</lastBuildDate>
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	<title>SaptPuri Archives - SAFAR JANKARI</title>
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		<title>Banaras Me Ghumne ki Jagah &#8211; कैसे पहुंचे कहाँ रुके शापिंग की जानकारी</title>
		<link>https://safarjankari.com/banaras-me-ghumne-ki-jagah-ki-jankari/</link>
					<comments>https://safarjankari.com/banaras-me-ghumne-ki-jagah-ki-jankari/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jun 2022 10:43:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Ganga River]]></category>
		<category><![CDATA[SaptPuri]]></category>
		<category><![CDATA[Shaktipeeth]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
		<category><![CDATA[बनारस में घूमने की जगहे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बनारस में घूमने की प्रमुख जगहों में श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर , माँ अन्नपूर्णा  मन्दिर , दशाश्वमेध घाट , मणिकर्णिका घाट , असी घाट , तुलसी घाट  , श्री काल भैरव मन्दिर , पशुपतिनाथ मन्दिर ( नेपाली मन्दिर ) , न्यू काशी विश्वनाथ मन्दिर , बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय , श्री तुलसी मानस मन्दिर , त्रिदेव मन्दिर , दुर्गा कुण्ड , दुर्गा मन्दिर ,  संकट मोचन हनुमान मन्दिर , रामनगर का किला , सारनाथ , रत्नेश्वर महादेव मन्दिर ( टेढ़ा मन्दिर ) , श्री दिगंबर जैन मन्दिर , गिरिजाघर , गौदोलिया , मृत्युन्जय मन्दिर , जंतर मंतर , भारत माता मन्दिर , माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ आदि प्रमुख है &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah </strong>बनारस में घूमने की प्रमुख जगहों में श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर , माँ अन्नपूर्णा  मन्दिर , <a href="https://www.incredibleindia.org/content/incredible-india-v2/en/destinations/varanasi/dashashwamedh-ghats.html" target="_blank" rel="noreferrer noopener">दशाश्वमेध घाट</a> , मणिकर्णिका घाट , असी घाट , तुलसी घाट  , श्री काल भैरव मन्दिर , पशुपतिनाथ मन्दिर ( नेपाली मन्दिर ) , न्यू काशी विश्वनाथ मन्दिर , बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय , श्री तुलसी मानस मन्दिर , त्रिदेव मन्दिर , दुर्गा कुण्ड , दुर्गा मन्दिर ,  संकट मोचन हनुमान मन्दिर , रामनगर का किला , सारनाथ , रत्नेश्वर महादेव मन्दिर ( टेढ़ा मन्दिर ) , श्री दिगंबर जैन मन्दिर ,  गौदोलिया , मृत्युन्जय मन्दिर , जंतर मंतर , भारत माता मन्दिर , माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ आदि प्रमुख है |</p>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी एक ऐसा शहर है जहाँ <a href="https://safarjankari.com/12-jyotirling-ke-naam-hindi-me/">द्वादश ज्योतिर्लिंग</a> में से एक बाबा विश्वनाथ है <a href="https://safarjankari.com/list-of-51-shakti-peeth-hindi-me/">51 शक्तिपीठ</a> में से एक माता विशालाक्षी शक्तिपीठ है बनारस खुद एक सप्तपुरी है मतलब सात पुरियो में एक पुरी बनारस है तो देखिये बनारस में ज्योतिर्लिंग है शक्तिपीठ है यह <a href="https://safarjankari.com/sapta-puri-7-holy-city-of-hinduism/">सप्तपुरी</a> है और माँ गंगा अपने पवित्र जल से इस शहर के महत्त्व को और बढ़ा देती है |</p>



<h2 class="wp-block-heading">Banaras Me Ghumne ki Jagah &#8211; बनारस में घूमने की जगहे</h2>



<p class="has-text-align-justify">बनारस कहिये या बोलिए काशी या फिर वाराणसी कह लीजिये अगर न समझ आये कुछ भी तो बाबा की नगरी बोल दीजिये बनारस भारत का एक अति प्राचीन शहर है यह एक धार्मिक शहर है आज मै कोशिश करूँगा की आपको बनारस शहर में घूमने की जगहों के बारे में बताऊ वैसे सच कहू तो यह पूरा का पूरा शहर ही घूमने वाला है वैसे काशी घूमने की जगह नहीं महसूस करने की जगह है |</p>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी उत्तर प्रदेश का एक शहर है जो की माँ गंगा के किनारे पर बसा हुआ है इस शहर के घाट अत्यधिक सुन्दर है धार्मिक और ऐतिहासिक महत्त्व को सहेजे हुये है अच्छा सर हिन्दू धर्म ही नहीं जैन धर्म बौद्ध धर्म के लिये भी वाराणसी एक पवित्र नगरी है बहुत से लोग इस शहर को उत्तर भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी भी बोलते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी  में आपको बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय ,  सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय , महात्मा गाँधी काशी  विद्यापीठ जैसे जाने माने विश्वविद्यालय है तो वही वाराणसी ने संगीत के क्षेत्र में भी एक विशेष योगदान दिया है अपने देश के कई जाने माने महान व्यक्ति जैसे कबीर दास जी , गुरु रविदास जी , गोस्वामी तुलसी दास जी , स्वामी रामानन्द , वल्लभाचार्य  , जयशंकर प्रसाद , मुंशी प्रेमचन्द्र , रामचंद शुक्ल , पंडित हरी प्रसाद चौरसिया , उस्ताद बिस्मिल्लाह , गौतम बुद्ध आदि का सम्बन्ध इस शहर से रहा है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-Ki-Jagah.jpg" alt="Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11263" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-Ki-Jagah.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-Ki-Jagah-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-Ki-Jagah-768x427.jpg 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">खैर अब ज्यादा क्या ही बनारस के बारे में लिखू आते है मुख्य मुद्दे पर की <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong> कौन कौन सी है लेकिन सुनिए घूमने की जगहों की जानकारी से पहले हम आपको बताएँगे बनारस कैसे जाया जाए बनारस में कहाँ रुकना सही रहेगा बनारस के अन्दर लोकल ट्रांसपोर्ट के साधन क्या है बनारस में खाने पीने की क्या व्यवस्था है क्यूंकि यह सभी जानकारी भी घुमक्कड़ी से ही सम्बन्धित है तो आइये शुरू करते है &#8211;</p>



<h3 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे बनारस </h3>



<p class="has-text-align-justify">देखिये वाराणसी बनारस भारत का एक जाना माना शहर है और यहाँ तक आने के लिये आपके पास तीनो ही साधन ( सड़क मार्ग , रेल मार्ग , वायु मार्ग ) आसानी से  उपलब्ध है </p>



<p class="has-text-align-justify">अब यदि आप वायु मार्ग से यहाँ तक आना चाहते है तो आपको बता दू वाराणसी में शहर से लगभग 22 किलोमीटर दूर बाबतपुर में लाल बहादुर शास्त्री एअरपोर्ट है और इस एअरपोर्ट से घरेलू और विदेशी दोनों सेवाए उपलब्ध है दिल्ली , लखनऊ , मुम्बई , आगरा जयपुर , बंगलौर , गोवाहाटी , हैदराबाद , भुवनेश्वर , चेन्नई , कोलकत्ता जैसे शहरों से बनारस के लिये फ्लाइट आती है वही विदेशी उड़ानों की बात करू तो शारजाह , काठमांडू , बैंकाक , कोलम्बो के लिए सेवाए है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब यदि आप रेल मार्ग से वाराणसी आना चाहते हो तो आपको बता दू यह शहर भारत के लगभग सभी बड़े शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है वाराणसी एक  रेल जंक्शन है वाराणसी का सबसे प्रमुख रेलवे स्टेशन वाराणसी जंक्शन है जिसका कोड bsb है और दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन बनारस है जिसे पहले मंडुआडीह कहते थे इसका कोड bsbs है इसके अलावा भी कई रेलवे स्टेशन है लेकिन प्रमुख यह दोनों ही है आपके शहर से यहाँ तक के लिये कोई न कोई ट्रेन जरूर मिल जायेगी |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="800" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन.jpg" alt="बनारस रेलवे जंक्शन" class="wp-image-11289" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन-300x225.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन-768x576.jpg 768w" sizes="(max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>बनारस रेलवे जंक्शन</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">यदि आप सड़क मार्ग से आ रहे हो तो बता दे यह शहर सड़क मार्ग से बहुत ही बढ़िया तरीके से जुड़ा हुआ है यहाँ बस स्टैंड भी है तो आप बस के माध्यम से भी यहाँ आ सकते है यदि आप अपनी कार या बाइक से आना चाहते तो आपका वेलकम है सड़के बढ़िया है किसी प्रकार की कोई भी दिक्कत आपको नहीं होगी |</p>



<h4 class="wp-block-heading">बनारस के अन्दर घूमने के साधन </h4>



<p class="has-text-align-justify">अब आप यह तो जान गए की आपको अपने शहर से भोले बाबा की नगरी काशी तक आना कैसे है अब बात करेंगे काशी के अन्दर घूमने के लिए क्या क्या विकल्प है दोस्तों हर एक प्रकार का साधन यहाँ पर मौजूद है आप के पास बजट बढ़िया है तो कोई चार पहिये की गाडी बुक करकर बनारस घूमो या फिर ऑटो , ई रिक्शा बुक करकर घूमिये |</p>



<p class="has-text-align-justify">बनारस में आपको हाथ वाले रिक्शे भी मिल जायेंगे हा एक बात और बनारस में ह्रदय स्थल गौदोलिया जहाँ काशी विश्वनाथ मंदिर है मार्किट है घाट है वहां भीड़ न होने पाए इसलिए टेम्पो ई रिक्शा कार आदि की अनुमति नहीं होती इधर आपको पैदल ही घूमना होगा |</p>



<h3 class="wp-block-heading">बनारस में कहाँ रुके &#8211; Where to Stay in Banaras in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify">यह एक बड़ा पर्यटन स्थल है तो इस शहर में रुकने के विकल्प की कोई कमी नहीं है हर तरह के विकल्प मतलब होटल , धर्मशाला आदि उपलब्ध है और हर तरह के बजट में आपको यहाँ ठहरने की व्यवस्था दिखाई देगी वाराणसी रेलवे स्टेशन के पास आपको तमाम सस्ते महंगे होटल मिल जायेंगे आप अपना बजट  देखकर बुक कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ पर रुकने के लिये आप वाराणसी रेलवे स्टेशन कैंट में रुक सकते है असी घाट की तरफ रुक सकते है गौदोलिया की तरफ रुक सकते है गंगा घाट के किनारे रुक सकते है लेकिन यदि आप घूमने बनारस आये है तो रुकने की बेस्ट लोकेशन है गौदोलिया आप गौदोलिया के आसपास रूम ले क्यूंकि यह एक ऐसी जगह है जहाँ से सभी टूरिस्ट पॉइंट मार्किट नजदीक है और आपको कही भी जाने के लिये यहाँ से साधन भी मिल जायेंगे काशी विशानाथ मन्दिर और मार्किट यहाँ से नजदीक है |</p>



<p class="has-text-align-justify">लेकिन यदि आप का मन है की रूम ऐसा हो की रूम से ही  गंगा जी दिखे तो आप घाट के नजदीक वाले होटल लीजिये  हा यहाँ मतलब गंगा घाट के किनारे वाले होटल आने के लिए आपको पैदल चलना होगा हो सकता है सीढियां चढ़नी पड़े और फिर यदि आप इन होटल से कही घूमने जाओगे तो आपको दुबारा सीढियां पैदल सब करना पड़ेगा |<br><br>स्ट्रीट फ़ूड का मजा लेना हो मार्किट का मजा लेना हो काशी विश्वनाथ के दर्शन हो  प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट तक जाना हो या किसी ऐसी  जगह के लिए ऑटो टेम्पो स्टैंड जाना हो तो आपके लिए जो जगह रुकने की बेस्ट है वो है गौदोलिया | </p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="700" height="525" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-में-रुकने-की-जगह.jpg" alt="बनारस में रुकने की जगह" class="wp-image-11277" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-में-रुकने-की-जगह.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-में-रुकने-की-जगह-300x225.jpg 300w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /></figure>
</div>


<h3 class="wp-block-heading">बनारस का खानपान &#8211; Banaras Food in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify">कोई भी किसी प्रकार की बनारस में आपको खाने पीने की दिक्कत नहीं होगी इस शहर में जगह जगह पर आपको रेस्टोरेन्ट दिखाई देंगे जहाँ आप जो मन करे खा सकते है वैसे बनारसी स्ट्रीट फ़ूड जैसे कचोडी सब्जी जलेबी , सर्दियों में मलाईयो , लस्सी , ठण्डाई , चाय , टमाटर चाट , पान , बाटी चोखा आदि तो फेमस है जिसकी ज्यादा जानकारी आप मेरी यह <a href="https://safarjankari.com/banaras-famous-food-hindi-me/">Banaras Famous Food – बनारस आये तो खाने पीने के इन ठियो पर जरूर जाये</a> पोस्ट से ले सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इसके अलावा हम यहाँ बात करेंगे खाने की देखिये यदि आप किसी ठीक ठाक होटल में रुके है तो आपको उस होटल में ही खाने की सभी व्यवस्थाये मिल जाएँगी ज्यादातर लोग यहाँ थाली खाते है और यदि आप बाहर खाना चाहते हो तो इस शहर में तमाम रेस्टोरेंट और भोजनालय है जहाँ आपको  चाइनीज , साउथ इन्डियन के साथ साथ बहुत कुछ मिल जायेगा और रेस्टोरेंट में आप थाली भी लेकर खा सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-में-खाना-कहाँ-खाए.jpg" alt="बनारस में खाना कहाँ खाए" class="wp-image-11276" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-में-खाना-कहाँ-खाए.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-में-खाना-कहाँ-खाए-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>
</div>


<h3 class="wp-block-heading">बनारस में घूमने की जगहे  &#8211; Banaras Me Ghumne ki Jagah</h3>



<p class="has-text-align-justify">अब हम लोग इस शहर में आ गए होटल धर्मशाला ले ली खाने को समझ गये अब गुरु आओ घुमाते है आपको बनारस देखो इस पोस्ट में हम आपको जाने माने फेमस जगहों के बारे में बतायेंगे वैसे सच बताऊ तो बनारस एक ऐसा शहर है जहाँ घूमने के लिये अनगिनत पॉइंट है यह इतना सुन्दर शहर है की आप यहाँ आओगे इसे महसूस करोगे तो बस बनारस के कायल हो जाओगे आइये अब शुरू करते है &#8211;</p>



<h4 class="wp-block-heading">काशी विश्वनाथ मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">12 ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग यही पर है जिसके दर्शन करने दूर दूर से लोग आते है  भगवान शिव जी को समर्पित यह मन्दिर हिन्दुओ में एक विशेष महत्त्व रखता है यह पतित पावन माँ गंगा के किनारे पर बना हुआ है यहाँ तक आने के लिए सबसे पहले आपको गौदोलिया तरफ आना होगा फिर वहां से कई गेट है जिनसे आप बाबा विश्वनाथ के दर्शन हेतु जा सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">आजकल ज्यादातर लोग मुख्यता तीन तरफ से इस मंदिर में आते है सबसे पहले गेट नंबर एक से जिसके लिये विश्वनाथ गली  से होकर जाना होता है यह गेट आपको गौदोलिया से दशाश्वमेद्य घाट की तरफ चलने पर पड़ेगा इसे सिंह द्वार कहते है दूसरा रास्ता है गोडोलिया से मैदागिन की तरफ जाओ और आपको मिलेगा गेट नंबर 4 तीसरा रास्ता है ललिता घाट के सामने से ललिता घाट मणिकर्णिका घाट और दशाश्मेद्य घाट के मध्य है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप ललिता घाट से जाते हो तो आप सीधे जो कारीडोर बन रहा है उसमे प्रवेश करोगे घाट पर से ही सीढियां बनी हुई है अच्छा बाबा विश्वनाथ मन्दिर परिसर में कई देवी देवताओ के अन्य मन्दिर भी जहाँ भी आप दर्शन जरूर करे इसके अलावा आपको जानकारी दे दू की बाबा विश्वनाथ मंदिर परिसर में आप मोबाइल इत्यादि नहीं ले जा सकते है तो या तो आप मोबाइल वगैरह होटल रूम में रखकर आइये या मन्दिर से पहले तमाम लाकर है जहाँ आप प्रसाद ले वही अपना मोबाइल और सामान रख दे |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस मंदिर में अत्यधिक भीड़ होती है तो बाबा की शिवलिंग के दर्शन हेतु आपको कुछ सेकंड्स ही मिलते है तो बिलकुल भी आप अपना ध्यान इधर उधर न करे और बाबा विश्वनाथ के दर्शन करे कही कही मैंने पढ़ा है काशी विश्वनाथ मन्दिर को गोल्डन टेम्पल या स्वर्ण मंदिर भी कहा जाता है शायद वो इसलिये क्यूंकि मंदिर के ऊपर बने गुम्बद में सोना लगा हुआ है तो <strong><em>Banaras Me Ghumne ki Jagah</em></strong> में काशी विश्वनाथ सबसे पड़ाव होना चाहिए या फिर पहले गंगा स्नान फिर बाबा के दर्शन करे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="557" height="673" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/काशी-विश्वनाथ-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="काशी विश्वनाथ मन्दिर वाराणसी" class="wp-image-11271" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/काशी-विश्वनाथ-मन्दिर-वाराणसी.jpg 557w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/काशी-विश्वनाथ-मन्दिर-वाराणसी-248x300.jpg 248w" sizes="auto, (max-width: 557px) 100vw, 557px" /><figcaption>काशी विश्वनाथ मन्दिर</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="606" height="409" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/काशी-विश्वनाथ-कारीडोर-गेट-बनारस.jpg" alt="काशी विश्वनाथ कारीडोर गेट बनारस" class="wp-image-11270" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/काशी-विश्वनाथ-कारीडोर-गेट-बनारस.jpg 606w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/काशी-विश्वनाथ-कारीडोर-गेट-बनारस-300x202.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 606px) 100vw, 606px" /><figcaption>काशी विश्वनाथ कारीडोर गेट</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">माँ अन्नपूर्णा मन्दिर बनारस का एक मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">अन्नपूर्णा देवी मंदिर बाबा विश्वनाथ मन्दिर के समीप ही है यदि आप विश्वनाथ गली से जाओगे तो आपको पहले माँ अन्नपूर्णा देवी का मंदिर दिखाई देगा इस मंदिर में आपको दर्शन हेतु अबश्य आना चाहिए जैसा की नाम से ही समझ आ रहा है यह मन्दिर मुख्य रूप से अन्न की देवी माँ अन्नपूर्णा को समर्पित है इस मन्दिर परिसर में भी कई देवी देवताओ की सुन्दर प्रतिमाये है आप सभी के दर्शन करे माँ अन्नपूर्णा का आशीर्वाद ले ध्यान दे कि जब आप काशी विश्वनाथ मन्दिर दर्शन हेतु आये तो साथ में ही माँ अन्नपूर्णा देवी के दर्शन कर ले |</p>



<h4 class="wp-block-heading">खिचड़ी बाबा का मन्दिर बनारस का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">खिचड़ी बाबा का मन्दिर आपको काशी विश्वनाथ मन्दिर के गेट नंबर 1 सिंह द्वार के ठीक सामने दिखाई देगा यहाँ खिचड़ी का भंडारा सा चला करता है आप यही  से निकल रहे हो तो आप इस मन्दिर में भी दर्शन अवश्य कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="350" height="650" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/खिचड़ी-बाबा-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="खिचड़ी बाबा मन्दिर Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11272" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/खिचड़ी-बाबा-मन्दिर-वाराणसी.jpg 350w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/खिचड़ी-बाबा-मन्दिर-वाराणसी-162x300.jpg 162w" sizes="auto, (max-width: 350px) 100vw, 350px" /><figcaption>खिचड़ी बाबा मन्दिर सिंह द्वार गेट नम्बर 1 के सामने </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">श्री गुरु देव ब्रहस्पति मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">सिंह द्वार काशी विश्वनाथ गेट नंबर 1 से जब आप दशाश्वमेध घाट की तरफ आओगे तो रास्ते में आपको श्री गुरु देव ब्रहस्पति का मन्दिर दिखाई देगा यहाँ आपको भीड़ नहीं मिलेगी आप सकून से इस मन्दिर में जाकर दर्शन लाभ ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="430" height="540" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Shri-Brihaspati-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg" alt="Shri Brihaspati Mandir Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11267" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Shri-Brihaspati-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg 430w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Shri-Brihaspati-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-239x300.jpg 239w" sizes="auto, (max-width: 430px) 100vw, 430px" /><figcaption>श्री गुरु ब्रहस्पति मन्दिर दशाश्वमेध घाट रोड </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">मान सिंह वेद्यशाला जंतर मंतर बनारस का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">दशाश्वमेध घाट से समीप ही मान मंदिर घाट बोलो या डाक्टर राजेंद्र प्रसाद घाट के समीप ही बना हुआ है मान सिंह वेधशाला इसी में है जंतर मंतर यह एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है जिसे महाराजा जय सिंह दृतीय ने बनवाया था यहाँ आपको पुराने समय के तमाम यंत्र दिखाई देंगे जिनसे पहले समय सूर्य की गति का हिसाब लगाया जाता था एक बात और इस स्थल से गंगा नदी का बहुत ही प्यारा व्यू मिलता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इसमें आपको एक राजमहल देखने को मिलेगा जिसकी बनावट अति उत्कृष्ट है यहाँ रखे कुछ खगोलीय उपकरण ठीक ठाक स्थिति में है तो आप यहाँ भी जाये यहाँ का टिकट है मतलब इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने के लिये आपको टिकट लेना होगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="557" height="494" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Jantar-Mantar-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg" alt="Jantar Mantar Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11264" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Jantar-Mantar-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg 557w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Jantar-Mantar-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-300x266.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 557px) 100vw, 557px" /><figcaption>जंतर मंतर दशाश्वमेध घाट के पास </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">माँ विशालाक्षी मन्दिर बनारस का एक शक्तिपीठ </h4>



<p class="has-text-align-justify">51 शक्तिपीठ में से एक शक्तिपीठ बनारस में स्थित है जिसका नाम विशालाक्षी शक्तिपीठ है यह शक्तिपीठ काशी विश्वनाथ मन्दिर के समीप ही है यदि आप यहाँ पर घाट की तरफ से  जायेंगे तो आपको बता दू मीर घाट से जो सीढियां बनी है आप उन्ही सीढियों से होते हुए आगे माँ विशालाक्षी मन्दिर तक जाते हो यहाँ प्रसाद स्वरुप बहुत से लोग साड़ी चढाते है कुछ लोग मंदिर के पुजारी को रूपये देकर चढ़ी हुई साड़ी खरीदते भी है खैर आप यहाँ भी दर्शन कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="386" height="606" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/माँ-विशालाक्षी-शक्तिपीठ-वाराणसी.jpg" alt="माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ वाराणसी" class="wp-image-11279" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/माँ-विशालाक्षी-शक्तिपीठ-वाराणसी.jpg 386w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/माँ-विशालाक्षी-शक्तिपीठ-वाराणसी-191x300.jpg 191w" sizes="auto, (max-width: 386px) 100vw, 386px" /><figcaption>माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">नेपाली मन्दिर &#8211; Nepali Mandir <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong></h4>



<p class="has-text-align-justify">मीर घाट के पास ही है ललिता घाट और यही पर बना है नेपाली मन्दिर जो की नेपाल के पशुपतिनाथ मन्दिर ली तरह ही दिखाई देता है और इसका निर्माण भी नेपाल के राजा ने करवाया था इस नेपाली मन्दिर में शिवलिंग है और मंदिर की बनावट बहुत ही सुन्दर तरीके से की गई है तो  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="503" height="417" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/NEPALI-MANDIR-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg" alt="NEPALI MANDIR Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11266" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/NEPALI-MANDIR-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg 503w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/NEPALI-MANDIR-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 503px) 100vw, 503px" /><figcaption>नेपाली मन्दिर ललिता घाट ले पास </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">रत्नेश्वर महादेव मन्दिर टेढ़ा मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify">ललिता घाट से आप जब मणिकर्णिका घाट की और आओगे तो आपको मणिकर्णिका घाट पर ही दिखाई देगा एक मन्दिर जो दिखने में टेढ़ा है इसीलिए इसका नाम टेढ़ा मंदिर है वैसे इस मंदिर को रत्नेश्वर महादेव मंदिर कहते है टेढ़ा मन्दिर देखकर आपको एक बार आश्चर्य जरूर होगा की आखिर यह मन्दिर टेढ़ा कैसे है वहां के लोकल की माने तो यह मंदिर श्रापित है इसीलिये यहाँ पर पूजा नहीं होती है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="423" height="610" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/रत्नेश्वर-मन्दिर-टेढ़ा-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="रत्नेश्वर मन्दिर टेढ़ा मन्दिर वाराणसी" class="wp-image-11280" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/रत्नेश्वर-मन्दिर-टेढ़ा-मन्दिर-वाराणसी.jpg 423w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/रत्नेश्वर-मन्दिर-टेढ़ा-मन्दिर-वाराणसी-208x300.jpg 208w" sizes="auto, (max-width: 423px) 100vw, 423px" /><figcaption>रत्नेश्वर मन्दिर टेढ़ा मन्दिर मणिकर्णिका घाट के पास </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">दशाश्वमेध घाट बनारस का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">बनारस शहर का सबसे ज्यादा प्रसिद्ध घाट है दशाश्वमेध घाट यहाँ की गंगा आरती बहुत ही भव्य होती है यह घाट काशी विश्वनाथ मन्दिर और गौदोलिया के समीप ही है और बहुत ही सुन्दर और पवित्र घाट है आप बनारस आये तो इस घाट पर गंगा स्नान जरूर करे और यहाँ की गंगा आरती जरूर देखे पौराणिक कथा के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इस घाट का निर्माण शिवजी के स्वागत के लिये किया था  दूसरी कथा के अनुसार इस जगह दस अश्वमेध यज्ञ किये गए थे जो भी हो यह एक पवित्र गंगा घाट है यहाँ आप स्नान जरूर करे  |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="520" height="463" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दशाश्वमेध-घाट-बनारस.jpg" alt="दशाश्वमेध घाट बनारस" class="wp-image-11273" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दशाश्वमेध-घाट-बनारस.jpg 520w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दशाश्वमेध-घाट-बनारस-300x267.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 520px) 100vw, 520px" /><figcaption>दशाश्वमेध घाट </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">मणिकर्णिका घाट बनारस का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">चौबीसों घंटे मणिकर्णिका घाट पर दाह संस्कार हुआ करता है इसे महाशमसान भी  कहते है जीवन के अंतिम सत्य मृत्यु को दिखाता यह घाट देखने योग्य है यहाँ आप देखोगे हर 5-10 मिनट में कोई न कोई शव आ रहा है इस घाट पर आपको हिन्दू धर्म के दाह संस्कार की सभी विधियाँ देखने को मिलेंगी सुना है की यहाँ मुर्दे का आग देने का काम डोम राजा ही करते है यहाँ पर सबसे पहले शव को अर्थी सहित ही गंगा में डुबुकी लगवा दी जाती है खैर आप यहाँ आकर भी थोडा समय दे |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="762" height="487" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/मणिकर्णिका-घाट-बनारस.jpg" alt="मणिकर्णिका घाट बनारस" class="wp-image-11278" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/मणिकर्णिका-घाट-बनारस.jpg 762w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/मणिकर्णिका-घाट-बनारस-300x192.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 762px) 100vw, 762px" /><figcaption>मणिकर्णिका घाट </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">माता संकठा मन्दिर सिंधिया घाट बनारस में घूमने की जगह </h4>



<p class="has-text-align-justify">यह मंदिर देवी संकटा को समर्पित मंदिर है और बनारस में सिंधिया घाट के पास है इस मंदिर परिसर में शेर की एक विशाल प्रतिमा बनी हुई है कहते है इस मंदिर में दर्शन करने से बड़े ही चमत्कारिक लाभ मिलते है इस मंदिर परिसर में संकठा माँ की एक सुन्दर प्रतिमा बनी हुई है  धार्मिक कथा की माने तो यहाँ पर भगवान शिव ने माँ संकठा की पूजा की थी और पांडवो ने भी यही पर माँ संकठा की पूजा की थी सिंधिया घाट मणिकर्णिका घाट से समीप ही स्थित है  |</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री काशी कामकोटेश्वर मन्दिर बनारस का एक मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify">बनारस में हरीशचंद घाट के समीप ही एक मंदिर है कामकोटेश्वर जो की दक्षिण भारतीय शैली में बना एक सुन्दर मन्दिर है आप इस मंदिर में आकर दर्शन कर सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">आदि केशव मन्दिर बनारस का एक मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">आदि केशव मंदिर बनारस का एक बहुत ही सुन्दर मन्दिर है वरुणा नदी और गंगा नदी के संगम पर यह पावन मंदिर  बना हुआ है शहर का प्रसिद्ध आदि केशव घाट भी यही पर है इस मन्दिर में आपको विष्णु जी और शिवजी दोनों के ही दर्शन का सौभाग्य मिलता है तो <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah </strong>में आप आदि केशव मन्दिर को भी शामिल कर सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री काल भैरव मन्दिर बनारस का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">बनारस का बाबा विश्वनाथ के बाद सबसे प्रमुख मंदिर है काल भैरव मंदिर यह बनारस के कोतवाल है बनारस में बाबा कालभैरव की अनुमति के बिना कुछ भी नहीं होता श्री काल भैरव मन्दिर विशेश्वरगंज में है जो की गौदोलिया से डेढ़ दो किलोमीटर होगा मै यहाँ हाथ वाले रिक्शे से ५० रूपये में गौदोलिया से आया था इस मंदिर में भी अच्छी खासी भीड़ होती है यहाँ आपको लम्बी लाबी कतारे दिखाई देंगी गलियों में प्रसाद की दुकाने  है आप अपने चप्पल जूते किसी भी  प्रसाद की दुकान पर रखकर काल भैरव के दर्शन करे|</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="448" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-काल-भैरव-मन्दिर-बनारस.jpg" alt="श्री काल भैरव मन्दिर बनारस" class="wp-image-11281" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-काल-भैरव-मन्दिर-बनारस.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-काल-भैरव-मन्दिर-बनारस-300x300.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-काल-भैरव-मन्दिर-बनारस-150x150.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>श्री काल भैरव मन्दिर </figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="727" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-SHREE-KAAL-BHAIRAV.jpg" alt="Banaras Me Ghumne ki Jagah - SHREE KAAL BHAIRAV" class="wp-image-11260" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-SHREE-KAAL-BHAIRAV.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-SHREE-KAAL-BHAIRAV-206x300.jpg 206w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>श्री काल भैरव </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">मृत्युंजय महादेव मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify">श्री काल भैरव मंदिर के समीप ही स्थित है बनारस जिले का एक और शिव मंदिर जिसका नाम मृत्युंजय मन्दिर है यह मंदिर मुख्य रूप से शिवजी को समर्पित है वैसे तो इस मंदिर प्रांगण में कई देवी देवताओ के दर्शन का लाभ मिलेगा लेकिन गर्भगृह में शिवलिंग यहाँ का मुख्य स्थल है <strong>बनारस में घूमने की जगह</strong> में आप इस मन्दिर को भी शामिल कर सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="401" height="635" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Mratyunjay-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg" alt="Mratyunjay Mandir Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11265" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Mratyunjay-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg 401w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Mratyunjay-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-189x300.jpg 189w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Mratyunjay-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-285x450.jpg 285w" sizes="auto, (max-width: 401px) 100vw, 401px" /><figcaption>मृत्युंजय महादेव मन्दिर </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">श्री दिगम्बर जैन मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">बनारस शहर में मैदागिन क्रासिंग के पास स्थित है श्री दिगंबर जैन मन्दिर यह एक साफ़ सुथरा शांत जैन मन्दिर है आपको एक बात और बता दू बनारस में जैन धर्म के कुछ और भी जाने माने मंदिर है जिनके नाम नीचे दिये दे रहा हु &#8211; <br>पार्श्वनाथ जैन मन्दिर  , भेलूपुर <br>ग्यारहवे तीर्थंकर श्री श्रेयांसनाथ , सारनाथ <br>आंठ्वे तीर्थंकर चन्द्र प्रभु  , चन्द्रावती </p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="385" height="407" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-Digambar-Jain-Mandir.jpg" alt="Banaras Me Ghumne ki Jagah Digambar Jain Mandir" class="wp-image-11261" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-Digambar-Jain-Mandir.jpg 385w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-Digambar-Jain-Mandir-284x300.jpg 284w" sizes="auto, (max-width: 385px) 100vw, 385px" /><figcaption>श्री दिगंबर जैन मंदिर मैदागिन क्रासिंग </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">भारत माता मन्दिर बनारस में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify">स्वंत्रतता सेनानी बाबू शिव प्रसाद गुप्ता द्वारा दो मंजिले भारत माता मन्दिर का निर्माण करवाया गया था यह मंदिर मुख्य रूप से भारत माता को समर्पित है इस मन्दिर में आपको कोई भी देवी देवता के दर्शन नहीं होंगे अरे एक बात और इसका उद्घाटन महात्मा गांधीजी ने किया था इस भारत माता मन्दिर में मार्बल से बना हुआ भारत का एक नक्शा हो जो की अत्यंत भव्य है सॉरी भारत का नक्शा नहीं यहाँ पर अखण्ड भारत का नक्शा बना हुआ है यह मन्दिर कैंट रेलवे स्टेशन के समीप ही है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री तिलभांडेश्वर महादेव मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">बनारस के भेलूपुर में स्थित श्री तिलभांडेश्वर महादेव मन्दिर काफी लोकप्रिय मन्दिर है यहाँ ऐसी मान्यता की इस मन्दिर का शिवलिंग हर साल मकर सक्रान्ति के दिन तिल के बराबर बढ़ जाता है इस मन्दिर में कालसर्प दोष वाली पूजाए हुआ करती है इसके नाम के पीछे कई किद्वंती है एक तो यह की तिल तिल करके शिवलिंग बढ़ रहा है दूसरी यह की यह मन्दिर जहाँ पर है वहां पहले तिल की खेती होती थी तभी किसानो ने यह शिवलिंग देखा बस तबसे इसका नाम श्री तिलभांडेश्वर महादेव मन्दिर हो गया |</p>



<h4 class="wp-block-heading">मारकंडेय महादेव मन्दिर कैथी </h4>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी के कैथी नाम की जगह पर स्थित है शिव जी का मन्दिर जिसका नाम मारकंडेय महादेव मन्दिर है यह एक पुराना मन्दिर है और शहर में अत्यधिक लोकप्रिय है यहाँ मन्दिर से थोड़ी दूरी पर गंगा जी भी है आप इस मन्दिर में भी आ सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">असी घाट</h4>



<p class="has-text-align-justify">असी घाट बनारस का एक प्रमुख गंगा घाट है जहाँ आपको जरूर जाना चाहिये और यहाँ की गंगा आरती और सुबह -ए बनारस कार्यक्रम को जरूर देखना चाहिये यकीन मानिये इस घाट पर आपको काफी सकून मिलेगा मै यहाँ शाम को गया तो देखा यही आसपास कुछ लड़के लडकिय पेंटिंग बना रहे कही कोई ग्रुप म्यूजिक में व्यस्त है कुल मिलाकर एक अलग किस्म का सकारात्मक वातावरण आपको असी घाट पर मिलेगा आप चाहो तो यहाँ नौका विहार भी कर सकते हो |</p>



<p>यहाँ पर असी नदी आकर गंगा में मिलती है इसीलिये इसे असी घाट कहा जाता है यह एक बहुत बड़ा घाट है यहाँ से सूर्यास्त और सूर्योदय का नजारा बहुत ही सुन्दर होता है इस घाट पर होने वाली गंगा आरती में दशाश्वमेध घाट की अपेक्षा भीड़ कम होती है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="506" height="571" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/असि-घाट-बनारस.jpg" alt="असि घाट" class="wp-image-11269" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/असि-घाट-बनारस.jpg 506w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/असि-घाट-बनारस-266x300.jpg 266w" sizes="auto, (max-width: 506px) 100vw, 506px" /><figcaption>असि घाट</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">रानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थली अस्सी घाट और तुलसी घाट के पास</h4>



<p class="has-text-align-justify">जी यह एक ऐतिहासिक स्थल है जो बनारस के शिवाला में है अरे अस्सी घाट या तुलसी घाट से मुश्किल से 250 मीटर की दूरी पर है बनारस में ही रानी लक्ष्मीबाई का जन्म हुआ था इस स्थल पर रानी की एक प्रतिमा बनी हुई है और तमाम रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी हुई तस्वीरे यहाँ पर आप देख सकते है यहाँ एक हरा भरा गार्डन भी है देखिये यदि आप अस्सी घाट की तरफ आ रहे हो और इतिहास प्रेमी हो तो तो आपको रानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थली पर जरूर आइयेगा |</p>



<h4 class="wp-block-heading">लोलार्क कुण्ड</h4>



<p class="has-text-align-justify">लोलार्क कुण्ड <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong> है इसकी लोकेशन की बात करे तो यह आपको अस्सी घाट तुलसी घाट के आगे मिलेगा भदैनी इलाके में लोलार्क कुण्ड बना हुआ है लोलार्क कुण्ड स्थित लोलार्केश्वर महादेव का बड़ा ही महत्त्व है श्रद्धालु यहाँ दर्शन हेतु आते है ऐसी मान्यता है कि लोलार्क कुण्ड में स्नान करने से निसंतान महिलाओ को भी संतान की उत्पत्ति होती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">तुलसी घाट पर ही गोस्वामी तुलसीदास जी का कमरा है जहाँ वो रहा करते थे आपका मन हो तो आप यहाँ भी देख ले और यही पर कही अखाड़ा भी है हालाँकि अखाड़ा मै गया नहीं था |</p>



<h4 class="wp-block-heading">नया काशी विश्वनाथ मन्दिर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय</h4>



<p class="has-text-align-justify">बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय जो बीएचयू के नाम से जानी जाती है इस यूनिवर्सिटी परिसर में नया काशी विश्वनाथ मन्दिर स्थित है जो की देखने में बड़ा ही भव्य है मन्दिर के सामने ही खाने पीने के कई स्टाल है इस मन्दिर के चारो तरह एक सुन्दर सा गार्डन है इस मन्दिर में आकर आपको अच्छा लगेगा और मै यही कहूँगा की आप नये काशी विश्वनाथ मन्दिर जरूर आये और आकर इस भव्य मन्दिर की भव्यता को देखे मन्दिर परिसर में नंदी जी की भी एक आकर्षण प्रतिमा बनी हुई है  |</p>



<p>बनारस हिन्दू विश्विद्यालय में ही भारत कला भवन है जो की एक संग्रहालय है यदि आप कला प्रेमी है तो इस जगह भी आप आ सकते है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="579" height="639" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/नया-काशी-विश्वनाथ-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="नया काशी विश्वनाथ मन्दिर वाराणसी" class="wp-image-11275" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/नया-काशी-विश्वनाथ-मन्दिर-वाराणसी.jpg 579w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/नया-काशी-विश्वनाथ-मन्दिर-वाराणसी-272x300.jpg 272w" sizes="auto, (max-width: 579px) 100vw, 579px" /><figcaption>नया काशी विश्वनाथ मन्दिर </figcaption></figure>
</div>

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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="362" height="500" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-New-Kashi-Vishanath-Temple.jpg" alt="Banaras Me Ghumne ki Jagah New Kashi Vishanath Temple" class="wp-image-11262" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-New-Kashi-Vishanath-Temple.jpg 362w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-New-Kashi-Vishanath-Temple-217x300.jpg 217w" sizes="auto, (max-width: 362px) 100vw, 362px" /><figcaption>नन्दी जी नया विश्वनाथ मन्दिर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">संत रविदास पार्क बनारस का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप हरियाली पसंद करते है और थोडा रिलैक्स करना चाहते है तो आप संत रविदास पार्क आ सकते है यहाँ रविदास जी की एक प्रतिमा बनी हुई है पार्क के समीप ही गंगा घाट है इस पार्क में आपको टिकट भी लेनी होगी जो शायद वयस्कों के लिये 15 रूपये है तो आप रिलैक्स करके के लिहाज से यहाँ आ सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">रामनगर का किला <strong>बनारस में घूमने की जगह</strong></h4>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी के लंका से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है रामनगर का किला यह किला गंगा नदी के किनारे पर बना हुआ एक सुन्दर किला है यदपि यहाँ रख रखाव का अभाव है लेकिन आप यहाँ जरूर जाये काशी नरेश बलवंत सिंह ने इस किले का निर्माण कार्य करवाया था यहाँ की टाइमिंग सुबह १० बजे शाम 5 बजे तक की है  इस किले में एक संग्रहालय है जो की एक इतिहास प्रेमी को अवश्य देखना चाहिए संग्रहालय देखने की टिकट 75 रूपये है |</p>



<p class="has-text-align-justify">किले के अन्दर आपको तोपे रखी हुई दिखाई देंगी किले के अन्दर ही आपको वेद व्यास मंदिर , दक्षिण मुखी हनुमान मन्दिर के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा गंगा किनारे से इस किले का व्यू बहुत ही प्यारा दीखता है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="518" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/रामनगर-वाराणसी.jpg" alt="रामनगर वाराणसी" class="wp-image-11230" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/रामनगर-वाराणसी.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/रामनगर-वाराणसी-290x300.jpg 290w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>रामनगर का किला </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का पैत्रक आवास </h4>



<p class="has-text-align-justify">रामनगर किले से थोड़ी ही दूरी पर हमारे देश के ईमानदार प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का पैत्रक आवास है जिसे अब एक संग्रहालय में बदल दिया गया है यहाँ पर आपको शास्त्री जी के जीवन से जुड़ी हुई बहुत सी वस्तुये देखने को मिलेंगी यहाँ आप जरूर जाए |</p>



<p>अधिक जानकारी के लिये <a href="https://safarjankari.com/ramnagar-varanasi-ghumne-ki-jankari-ramnagar-ka-kila/">रामनगर वाराणसी घूमने की जानकारी – रामनगर का किला, शास्त्री जी का पैतृक आवास</a> पोस्ट को पढ़े |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/पूर्व-प्रधानमंत्री-स्वर्गीय-श्री-लाल-बहादुर-शास्त्री-जी-का-पैतृक-आवास-रामनगर.jpg" alt="पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का पैतृक आवास रामनगर" class="wp-image-11225" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/पूर्व-प्रधानमंत्री-स्वर्गीय-श्री-लाल-बहादुर-शास्त्री-जी-का-पैतृक-आवास-रामनगर.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/पूर्व-प्रधानमंत्री-स्वर्गीय-श्री-लाल-बहादुर-शास्त्री-जी-का-पैतृक-आवास-रामनगर-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/पूर्व-प्रधानमंत्री-स्वर्गीय-श्री-लाल-बहादुर-शास्त्री-जी-का-पैतृक-आवास-रामनगर-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का पैतृक आवास कक्ष संख्या 1</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">संकट मोचन हनुमान मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">संकट मोचन हनुमान मन्दिर वाराणसी का एक प्रसिद्ध मन्दिर है आपकी बनारस की यात्रा बिना इस मन्दिर दर्शन के अधूरी है इस मन्दिर परिसर में मोबाइल वगैरह मतलब फोटोग्राफी मना है तो आपको मन्दिर के प्रवेश मार्ग पर ही अपना मोबाइल जमा कराना होगा जैसा की नाम से ही समझ आ रहा है कि यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है यदि आपके पास समय हो तो इस मन्दिर में आकर हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करे मन्दिर परिसर के अन्दर ही प्रसाद मिलता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">ध्यान दे की मंगल और शनिवार के दिन संकट मोचन हनुमान मन्दिर में आपको लम्बी लम्बी लाइन दिखाई देंगी यहाँ इन दो दिनो में बहुत ही ज्यादा भीड़ होती है ऐसी मान्यता है की संकट मोचन हनुमान मन्दिर में हनुमान जी के दर्शन मात्र से आपके जीवन के समस्त संकट मिट जाते है यह मंदिर लंका नाम की जगह से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="353" height="542" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/संकट-मोचन-हनुमान-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="संकट मोचन हनुमान मन्दिर वाराणसी" class="wp-image-11283" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/संकट-मोचन-हनुमान-मन्दिर-वाराणसी.jpg 353w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/संकट-मोचन-हनुमान-मन्दिर-वाराणसी-195x300.jpg 195w" sizes="auto, (max-width: 353px) 100vw, 353px" /><figcaption>संकट मोचन हनुमान मन्दिर वाराणसी</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">त्रिदेव मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">संकट मोचन हनुमान मन्दिर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है त्रिदेव मन्दिर जिसकी बनावट और भव्यता देखते ही बनती है यहाँ सबसे पहले आप अपने जूता चप्पल उतार के मन्दिर के अन्दर प्रवेश करे मंदिर के अन्दर की साफ सफाई बहुत ही बढ़िया है मंदिर परिसर के अन्दर का रख रखाव बनावट प्रतिमाये सभी उत्कृष्ट है शाम के समय लाइटिंग में इस मन्दिर की सुन्दरता और भी ज्यादा बढ़ जाती है यह मंदिर मुख्य रूप से रानी दादी सती देवी  , खाटू श्याम और हनुमान जी को समर्पित है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="530" height="430" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Tridev-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg" alt="Tridev Mandir Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11268" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Tridev-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah.jpg 530w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/Tridev-Mandir-Banaras-Me-Ghumne-ki-Jagah-300x243.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 530px) 100vw, 530px" /><figcaption>त्रिदेव मन्दिर </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading"> श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify">त्रिदेव मंदिर के पास ही स्थित है बनारस का एक और प्रसिद्ध मन्दिर जिसे हम श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर के नाम से जानते है यह मन्दिर मुख्य रूप से भगवान राम को समर्पित है इस मन्दिर के अन्दर आपको एक अध्यात्मिक सी अनुभूति होगी इस मन्दिर की दीवारों पर राम चरित मानस लिखी हुई है यदि आप मन्दिर के ऊपरी मंजिल पर जाते हो तो वहां आपको रामायण के चित्र दिखाई देते है जो की बहुत ही सजीव लगते है इस मंदिर का नाम तुलसी दास के नाम पर श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस मन्दिर में जैसे ही आप प्रवेश करोगे आपको राम भक्ति का एह्सास होगा बहुत ही शांत देवीय उर्जा से भरा हुआ यह मन्दिर <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong> में काफी लोकप्रिय है इस मन्दिर में आप श्री राम के अलावा श्री कृष्ण के जीवन की कई पेंटिंग्स देख सकते है और यहाँ पर अन्य देवी देवताओ की प्रतिमाये भी है मंदिर के बाहर बना गार्डन भी आप देख सकते है मंदिर परिसर में आपको काल भैरव , रामजी लक्ष्मणजी सीताजी, राधा कृष्ण जी , भगवान शंकर जी , गणेश जी के दर्शन का लाभ मिलता है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="430" height="471" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-सत्यनारायण-तुलसी-मानस-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर वाराणसी" class="wp-image-11282" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-सत्यनारायण-तुलसी-मानस-मन्दिर-वाराणसी.jpg 430w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/श्री-सत्यनारायण-तुलसी-मानस-मन्दिर-वाराणसी-274x300.jpg 274w" sizes="auto, (max-width: 430px) 100vw, 430px" /><figcaption>श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर वाराणसी</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">दुर्गा कुण्ड मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर से थोड़ा सा आगे जाने पर आपको एक लाल रंग का मन्दिर दिखाई देगा यही बनारस का प्रसिद्ध दुर्गा मन्दिर है यहाँ पर भक्त माँ दुर्गा के दर्शन हेतु आते है इस मंदिर परिसर में माँ दुर्गा की एक दिव्य मूर्ति स्थापित है इस मन्दिर का निर्माण अठारवी शताब्दी में बंगाल की एक रानी ने करवाया था ऐसी मान्यता है कि इस मन्दिर में जो माँ दुर्गा की मूर्ति है वह अपने आप ही प्रकट हुई थी |</p>



<p class="has-text-align-justify">दुर्गा मंदिर में एक कुण्ड भी है जिसे दुर्गा कुण्ड कहते है और इस सम्पूर्ण मन्दिर परिसर में कई और भी मन्दिर है जैसे श्री सिद्ध हनुमान विष्णु  कल्कि मन्दिर , शंकर जी का मन्दिर  , राधा कृष्ण मन्दिर तो आप यहाँ आक्र माँ दुर्गा के दर्शन का लाभ जरूर ले |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="855" height="391" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दुर्गा-कुण्ड-मन्दिर-वाराणसी.jpg" alt="दुर्गा कुण्ड मन्दिर वाराणसी" class="wp-image-11274" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दुर्गा-कुण्ड-मन्दिर-वाराणसी.jpg 855w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दुर्गा-कुण्ड-मन्दिर-वाराणसी-300x137.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/दुर्गा-कुण्ड-मन्दिर-वाराणसी-768x351.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 855px) 100vw, 855px" /><figcaption>दुर्गा कुण्ड मन्दिर </figcaption></figure>
</div>


<p><strong>विशेष नोट &#8211; </strong> संकट मोचन हनुमान मन्दिर , त्रिदेव मन्दिर , श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर , दुर्गा कुण्ड मन्दिर यह सभी मन्दिर एक लाइन से आस पास ही है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">खिड़किया घाट या नमो घाट &#8211; Banaras Me Ghumne ki Jagah</h4>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी में राजघाट के समीप ही एक नए घाट  का निर्माण कार्य गति पर है जिसका नाम खिड़किया घाट या नमो घाट है यह एक बेहद ही अलग तरीके का सुन्दर घाट है यह आदिकेशव घाट के समीप बना हुआ है खिडकिया घाट पर नमस्कार मुद्रा की तीन प्रतिमाये आकर्षण का केंद्र है यह घाट बनारस का उभरता हुआ पर्यटन स्थाल है तो यह गंगा घाट <strong>बनारस में घूमने की जगह</strong> में लोकप्रिय हो रहा है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">सारनाथ बनारस का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">वाराणसी से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है सारनाथ जो की एक बौद्ध स्थल है भगवान् बुद्ध के जीवन से सम्बंधित यह पावन क्षेत्र भी बनारस में एक बढ़िया पर्यटन स्थल है वैसे सारनाथ हिन्दू , बौद्ध और जैन धर्म का पवित्र स्थल है यहाँ पर सारंगनाथ महादेव का मन्दिर है और जैन धर्म के ग्यारहवे तीर्थंकर श्रेयांसनाथ जी की तपोस्थली है  सारनाथ इसलिए यह जैन धर्म में भी लोकप्रिय है |</p>



<p class="has-text-align-justify">सारनाथ में आप तिब्बती मन्दिर , चौखंडी स्तूप , धमेख स्तूप , अशोक स्तम्भ , मूल्गंध कुटी विहार , धर्मराजिका , स्तूप , डियर पार्क , थाई मन्दिर आदि स्थल जरूर देखे कोशिश करे कि आप यहाँ समय लेकर आये सारनाथ घूमने की अधिक जानकारी के लिये नीचे क्लिक करके पढ़े &#8211; <br><a href="https://safarjankari.com/places-to-visit-in-sarnath-hindi-me/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">सारनाथ में घूमने की समस्त जानकारी </a></p>



<p class="has-text-align-justify">यह तो हमने आपको <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong> के जाने माने पर्यटन स्थलों के बारे में बताया इनके अलावा और भी जगहों पर जा सकते है जिनके नाम हम नीचे दिए दे रहे है &#8211; <br>अलमगीर मस्जिद पंचगंगा घाट के पास <br>काशी धाम संग्राहलय बूंदी परकोटा घाट के पास <br>लाल खान का मकबरा राजघाट <br>गुरुद्वारा श्री गुरु नानक देव जी गुरुबाग <br>सैंट मेरी केथेड्रल चर्च  कैंट<br>बाबा कीनाराम <br>डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद घाट<br>दरभंगा घाट<br>शीतला घाट<br>अहिल्याबाई घाट<br>भारतेन्दु हरिश्चंद उद्यान <br>गौदोलिया मार्केट<br>विश्वनाथ गली<br>वाराणसी फन सिटी वाटरपार्क<br>आनंद पार्क दुर्गाकुण्ड आनंदबाग भेलूपुर <br>नेहरु पार्क कैन्ट<br>शहीद उद्यान नगर निगम सिगरा </p>



<p class="has-text-align-justify">लिखते ही रहेंगे ऐसे तो <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah </strong>की लिस्ट बहुत बड़ी है हर घाट पर मन्दिर है बनारस की गलियों में मन्दिर है आप बस घूमते रहिये दर्शन करते रहिये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">वाराणसी की मार्केट क्या क्या ख़रीदे </h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये अब बात करते है बनारस की जानी मानी बाजारों की और आप क्या क्या बनारस से खरीद सकते है </p>



<h5 class="wp-block-heading">गौदोलिया से दशाश्वमेध घाट की तरफ की मार्किट </h5>



<p class="has-text-align-justify">जब आप गौदोलिया से दशाश्वमेध की तरफ आयेंगे तो रास्ते में आपको साड़ी सूट , कंगन चूड़ियाँ , पूजा पाठ की सामग्री , सैडल आदि सामान आप खरीद सकते है और यही आप स्ट्रीट फ़ूड का मजा भी ले सकते है |<br>और इधर ही आपको विश्वनाथ गली भी मिलेगी जहाँ भी आप जाना न भूले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="477" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-का-ह्रदय-स्थल-गौदोलिया.jpg" alt="Gaudoliya Banaras Me Ghumne ki Jagah" class="wp-image-11288" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-का-ह्रदय-स्थल-गौदोलिया.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-का-ह्रदय-स्थल-गौदोलिया-300x286.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>बनारस का ह्रदय स्थल गौदोलिया</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">ठठेरी बाज़ार </h5>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप साड़ियाँ खरीदना चाहते हो तो आप ठठेरी बाजार की और रुख कर सकते है यहाँ पर साड़ियो की होलसेल मार्किट है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">दालमंडी मार्किट</h5>



<p class="has-text-align-justify">यह बनारस की एक ऐसी बाजार है जहाँ आपको जरूरत का हर एक सामान सही दाम पर मिल जायेगा यहाँ पर बहुत ही ज्यादा भीड़ होती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इनके आलावा वाराणसी में गोलघर , लहुराबीर, लंका की तरफ भी शापिंग कर सकते हो |</p>



<h4 class="wp-block-heading">Things To Do In Varanasi &#8211; वाराणसी में क्या क्या करे </h4>



<ul class="wp-block-list"><li>दशाश्वमेध घाट या किसी अन्य घाट पर गंगा स्नान </li><li>प्रमुख मन्दिरों जैसे बाबा विश्वनाथ मन्दिर , माँ अन्नपूर्णा मन्दिर , श्री काल भैरव मन्दिर , संकट मोचन हनुमान मन्दिर , दुर्गा मन्दिर , तुलसी मानस मन्दिर , नया काशी विश्वनाथ मन्दिर , रामनगर का किला , सारनाथ , भारत माता मन्दिर के दर्शन करे |</li><li>दशाश्वमेध घाट या डाक्टर राजेन्द्र प्रसाद घाट की शाम की गंगा आरती और असी घाट की सुबह की गंगा आरती </li><li>असी घाट पर सुबह ए बनारस </li><li>नाव द्वारा घाट की सैर मतलब नौका विहार </li><li>बनारसी फ़ूड का मजा </li><li>बनारस की मार्किट में घूमना </li><li>गंगा के घाट पर बैठना </li></ul>



<p>हमने आपको <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah </strong>के बारे में बताया और बहुत सी घूमने वाली जगहे बता दी लेकिन यदि आप के पास समय कम है यह आप बनारस के प्रमुख प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट ही देखना चाह रहे हो तो अब हम आपको नीचे प्रमुख प्रमुख टूरिस्ट पॉइंट के नाम दिये दे रहा हूँ जिन्हें आप जरूर घूमें &#8211; </p>



<ul class="wp-block-list"><li>श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर और सम्पूर्ण कारीडोर </li><li>माँ अन्नपूर्णा देवी </li><li>माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ </li><li>गौदोलिया मार्केट</li><li>दशाश्वमेध घाट</li><li>मणिकर्णिका घाट</li><li>श्री काल भैरव मन्दिर</li><li>नया काशी विश्वनाथ मन्दिर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय</li><li>संकट मोचन हनुमान मन्दिर</li><li>दुर्गा कुण्ड मन्दिर</li><li>असि घाट</li><li>रामनगर </li><li>सारनाथ </li></ul>



<p>बनारस घूमने से सम्बन्धित महत्वपूर्ण प्रश्न </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663844500513"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस किस राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बनारस उत्तर प्रदेश राज्य में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663844527252"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; वाराणसी क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">वाराणसी बनारस भारत का एक पुराना शहर है यह अपनी संस्कृति के लिये प्रसिद्ध है गंगा नदी के लिये प्रसिद्ध है श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रसिद्ध है देखा जाय तो बनारस अपने गंगा घाटो और मंदिरों के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663844664938"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस को और किन नामो से जानते है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बनारस के एनी नाम वाराणसी और काशी है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663844698338"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस कब जाना चाहिये बनारस जाने का बेस्ट टाइम कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बेस्ट तो ठंडी ही है अक्टूबर से लेकर फरवरी मार्च तक |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663844818634"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस घूमने के लिये कितने दिन चाहिये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">वैसे तो आप बनारस को दिनों में बांध नहीं सकते है लेकिन फिर भी यदि आप बनारस के सिर्फ प्रमुख स्थलों को देखना चाहते है तो कम से कम दो दिन आप बनारस को जरूर दे |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663844957918"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस के प्रमुख मन्दिर कौन से है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री काशी विश्वनाथ मंदिर , माँ विशालाक्षी मंदिर , श्री काल भैरव मंदिर , संकट मोचन हनुमान मंदिर , दुर्गा मंदिर , त्रिदेव मंदर , सत्यनारायण तुलसी मानस मंदिर , माँ अन्नपूर्णा मंदिर , नया वाला काशी विश्वनाथ मंदिर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845064515"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस के प्रमुख घाट कौन कौन से है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दशाश्वमेध घाट , मणिकर्णिका घाट , असि घाट |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845132050"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस में कौन सा ज्योतिर्लिंग है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845216146"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस में टेढ़ा मन्दिर कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">मणिकर्णिका घाट पर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर है जिसकी बनावट टेढ़ी है इसीलिये इसे टेढ़ा मंदिर कहते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845323658"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस में माँ अन्नपूर्णा मंदिर कहाँ पर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप ही माँ अन्नपूर्णा मंदिर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845384426"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; वाराणसी स्थित माता विशालाक्षी मंदिर के बारे में बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">वाराणसी स्थित माता विशालाक्षी मंदिर एक शक्तिपीठ है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845564144"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस में महाशमशान क्या है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">मणिकर्णिका घाट को महाशमशान कहा जाता है क्यूंकि यहाँ दाह संस्कार हुआ करते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845699858"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; वाराणसी का मणिकर्णिका घाट क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">इसे महाशमशान कहा जाता है यहाँ दाह संकार बहुत ही ज्यादा होते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845766428"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस के श्री काल भैरव मंदिर के बारे में बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer">काल भैरव को बनारस का कोतवाल कहते है इनकी अनुमति के बिना बनारस में न कोई आता है न जाता है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845841758"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस में घूमने की जगहे बताइए ? <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong> Bataiye ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बनारस में आप यहाँ के मंदिर , गंगा घाट , यहाँ की गलियां घूम सकते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663845983615"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस का प्रसिद्ध हनुमान मंदिर कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">संकट मोचन हनुमान मन्दिर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663912820096"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस का भारत माता मन्दिर क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">क्यूंकि भारत माता मन्दिर का उद्घाटन महात्मा गाँधीजी ने किया था , स्वंत्रतता सेनानी बाबू शिव प्रसाद गुप्ता ने इस मंदिर को बनवाया था इस मंदिर में बना भारत का नक्शा बड़ा ही भव्य है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913140326"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; वाराणसी का असि घाट क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">असि घाट पर सूर्यास्त और सूर्योदय देखना मन को लुभाता है इस घाट पर सुबह सुबह सुबह ए बनारस का कार्यक्रम होता है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913243095"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; वाराणसी में लोलार्क कुण्ड कहा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लोकार्क कुण्ड बनारस में असि घाट के आगे तुलसी घाट के समीप है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913362014"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; नया काशी विश्वनाथ मन्दिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बनारस के बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय कैम्पस में |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913417750"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस में श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मन्दिर किस भगवान को समर्पित है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">भगवन राम को |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913488749"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न -खिड़किया घाट या नमो घाट क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"> खिडकिया घाट पर नमस्कार मुद्रा की तीन प्रतिमाये आकर्षण का केंद्र है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913562411"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; सारनाथ क्या है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बनारस से 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सारनाथ एक बौद्ध स्थल है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913619334"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस का ह्रदय स्थल किसे कहते है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">गौदोलिया को |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663913685234"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बनारस की प्रसिद्ध मार्किट कौन कौन सी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">गौदोलिया मार्किट , ठठेरी बाज़ार , दालमंडी मार्किट , गोलघर , लहुराबीर आदि |</p> </div> </div>



<p>हमने आपको बनारस शहर के पर्यटन से सम्बन्धित बहुत सी जानकारियां दी <strong>Banaras Me Ghumne ki Jagah</strong> की पोस्ट आपको कैसी लगी कमेन्ट करके अवश्य बताये |<br></p>
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		<title>महाकालेश्वर उज्जैन भस्म आरती बुकिंग कैसे करे कम्प्लीट गाइड</title>
		<link>https://safarjankari.com/booking-for-bhasma-aarti-in-mahakaleshwar-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 23 Jul 2019 18:05:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Travel Tips]]></category>
		<category><![CDATA[SaptPuri]]></category>
		<category><![CDATA[Travel Guide]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>चलिए अब बात करते है एक बेहद की खास आरती का जो की भोलेनाथ के लिए महाकालेश्वर मन्दिर में आयोजित की जाती है इस आरती को हम भस्म आरती के नाम से जानते है , पौराणिक कथा के अनुसार एक बलवान राक्षस था दूषण जिसने उज्जैन में अत्यंत कोहराम मचाकर रखा था भोले बाबा ने इसका वध किया और इसके बाद दूषण के शरीर की राख से अपना श्रृंगार किया तब से भस्म आरती की परम्परा शुरू हो गई  महाकालेश्वर भस्म आरती सुबह 4 बजे आयोजित की जाती है &#124;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग </strong>की यह पोस्ट उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मन्दिर के बारे में है  सबसे पहले बात करते है महाकालेश्वर मंदिर की जो की मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन नगर में क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है यह पवित्र मन्दिर भगवान शिव के<a href="https://safarjankari.com/12-jyotirlinga-naam-hindi/"> 12 ज्योतिर्लिंगों</a> में से एक है |</p>



<p>महाकालेश्वर मन्दिर में रोज हजारो की संख्या में शिव भक्त आते है और अपने ईष्ट देव देवो के देव महादेव के महाकाल रूप के दर्शन करते है | भगवान शिव की महिमा सच  में अपरम्पार है उज्जैन महाकाल की नगरी है यहाँ का महाकालेश्वर मन्दिर हिन्दुओ की आस्था का प्रतीक है <strong>भस्म आरती की बुकिंग कैसे करे</strong> यही यहाँ पर बताया जायेगा |</p>



<p> यहाँ दर्शन करने के लिए भारत के कोने कोने से लोग आते है और घंटो लाइन में लगकर महादेव के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाते है आपको कभी भी समय मिले तो इस पावन नगरी में आकर बाबा महाकाल के दर्शन अवश्य करे  |</p>



<h2 class="wp-block-heading">महाकाल की भस्म आरती &#8211; <strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग</strong> कैसे करे </h2>



<p>चलिए अब बात करते है एक बेहद की खास आरती का जो की भोलेनाथ के लिए महाकालेश्वर मन्दिर में आयोजित की जाती है इस आरती को हम <strong>भस्म आरती</strong> के नाम से जानते है , पौराणिक कथा के अनुसार एक बलवान राक्षस था दूषण जिसने उज्जैन में अत्यंत कोहराम मचाकर रखा था |</p>



<p> भोले बाबा ने इसका वध किया और इसके बाद दूषण के शरीर की राख से अपना श्रृंगार किया तब से भस्म आरती की परम्परा शुरू हो गई  <strong>महाकालेश्वर भस्म आरती  </strong>सुबह 4 बजे आयोजित की जाती है |</p>



<p>&nbsp;सोचने वाली बात है आखिर ये भस्म आरती क्यों तो आपको बता दे सम्पूर्ण संसार का एकमात्र सच विनाश ही है और विनाश के देव भी शिवजी है , विनाश&nbsp; होने के बाद सबको राख में मिलना है इसीलिए भगवान शिव को पसंद है यह भस्म आरती |</p>



<p>चलिए बात करते है की आखिर<strong> महाकाल की भस्म आरती </strong> के लिए भस्म बने कैसे जाती है तो सुनिए  दोस्तों गाय के गोबर से बने कंडे  और अमलताश , पीपल , बड , शमी , बेर और पलाश की लकड़िया इन सबको एक साथ मंत्रोउच्चारण करते हुए जलाया जाता है |</p>



<p>इस प्रकार बनी भस्म को एक साफ़ कपडे से छान लेते है इस छानी हुई भस्म से होती है <strong>महाकालेश्वर भस्म आरती</strong> वैसे कहा जाता पहले भस्म आरती शमशान में जलने वाली चिता की राख से की जाती थी |</p>



<p> <strong>महाकाल भस्म आरती </strong> में शामिल होना  सच में एक सुखद अनुभव होता है इस आरती की शुरुआत सुबह 4 बजे से होती है सबसे पहले भोले बाबा पर जल चढ़ाया जाता है इसके बाद शास्त्रों के नियमो से बाबा को स्नान कराया जाता है इसके बाद होता है महाकाल का भस्म से श्रृंगार मौका मिले दोस्तों तो जरूर शामिल हो इस दिव्य अलौकिक आरती में |</p>



<p><strong> महाकाल की भस्म आरती के कुछ नियम</strong> &#8211; </p>



<ul class="wp-block-list"><li>महिलाओ को&nbsp; <em>महाकालेश्वर भस्म आरती&nbsp; </em>में&nbsp; शामिल होने के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है वाही पुरुषो को धोती पहननी है |</li><li>मोबाइल , बेल्ट इत्यादि वस्तुये आप अपने होटल के कमरे में रखकर आये या तो मंदिर परिसर में ही जमा करवा दे क्यूंकि ये वस्तुए यहाँ आप नहीं ले जा सकते है |</li><li>जब भस्म आरती की जाती है उस समय महिलाओ को घूँघट डालना भी अनिवार्य रहता है |</li></ul>



<h4 class="wp-block-heading">महाकालेश्वर <strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग </strong> </h4>



<p>इस दिव्य आरती में शामिल होने के लिए आपको थोड़ी सी मेहनत तो अवश्य करनी होगी वैसे इस पोस्ट के माध्यम से मै आपकी ये मुश्किल बहुत हद तक कम कर दूंगा चलिए सबसे पहले ये जान लीजिये की<strong> महाकालेश्वर <strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग </strong></strong>आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से करवा सकते हो |</p>



<p>अब जो उज्जैन के स्थानीय लोग है उनके पास दोनों विकल्प है चाहे वो मंदिर प्रशाशन की वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग करवा ले या फिर मंदिर प्रशाशन में बने काउन्टर से ऑफलाइन बुकिंग करवा ले और बाहरी लोगो के लिए मेरे हिसाब से तो ऑनलाइन बुकिंग का ही विकल्प बढ़िया है |</p>



<p><strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग के लिए जरूरी दस्तावेज &#8211; </strong></p>



<p>जितने भी लोग आरती में शामिल होना चाहते है उनके फोटोग्राफ और एक आई-डी प्रूफ यदि सबकी फोटोग्राफ नहीं है तो जो आवेदन करने आया है उसकी फोटोग्राफ तो होनी ही चाहिए वैसे सबके फोटोग्राफ हो तो ज्यादा बढ़िया रहता है |</p>



<p>यह भी पढ़े &#8211;</p>



<ul class="wp-block-list"><li><a href="https://safarjankari.com/konark-surya-mandir-hindi-me/">Konark Sun Temple कोणार्क सूर्य मंदिर की सम्पूर्ण जानकारी</a></li><li><a href="https://safarjankari.com/tirupati-balaji-online-darshan-booking-kaise-kare/">तिरुपति बालाजी के स्पेशल दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी</a></li></ul>



<h4 class="wp-block-heading">ऑफलाइन माध्यम से महाकाल की भस्म आरती की बुकिंग कैसे करे Offline Booking for Mahakal Bhasma Aarti</h4>



<p>भस्म आरती का काउन्टर मंदिर के प्रान्गड़ में ही बना हुआ है यहाँ आप सबसे पहले अपना आधार कार्ड दिखाकर फॉर्म ले लीजिये जो आपको 10:30 बजे से मिलता है अब इस फॉर्म को भरकर और इस फॉर्म के साथ आई-डी प्रूफ की फोटोकॉपी लगाकर भस्म आरती काउन्टर पर जमा करना होता है |</p>



<p>महाकाल की भस्म आरती की ऑफलाइन बुकिंग आप सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे के मध्य करा सकते है , वर्तमान में  नंदी हाल से सिर्फ 100 व्यक्तियों को  और बेरीकेट्स से सिर्फ 500 व्यक्तियों को दर्शन की अनुमति है |</p>



<p>अगर आपको भस्म आरती की स्वीकृति मिल गई है तो आपको शाम को लगभग 7 बजे एक मेसेज प्राप्त होगा अब आपको फिर अपना आधार कार्ड या जो आई डी लगे हो उसका ओरिजिनल ले जाये और अपना मेसेज दिखाए अब आपको भस्म आरती काउंटर से एक टोकन मिल जायेगा अब आप आराम से जाकर सो जाइये क्यूंकि सुबह जल्दी ही आपको आरती के लिए पहुचना है रात के करीब 2 बजे <em><strong>महाकाल की भस्म आरती</strong></em>  के लिए मंदिर का गेट खोल दिया जाता है |</p>



<p>आप  <strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग </strong>का अपना टोकन और आई-डी प्रूफ और जलाभिषेक के लिए ताम्बे के लोटे में जल अवश्य ले ले बाकि ड्रेस code मैंने बता ही दिया आपका आरती का टोकन यहाँ देखा जायेगा उसके बाद आपको अन्दर प्रवेश मिल जायेगा जाइये बैठिये देखिये महाकाल को और इन्तजार करिए अलौकिक भस्म आरती का |</p>



<h5 class="wp-block-heading"><strong>महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग</strong> कैसे करे &#8211; Online Booking for Bhasma Aarti</h5>



<p>आनलाइन माध्यम से<strong> उज्जैन भस्म आरती बुकिंग </strong>बहुत ही आसान है आप बड़ी आसानी से यह बुकिंग करवा सकते हो , आइये शुरू करते है बुकिंग करना &#8211; </p>



<ol class="wp-block-list"><li><em><strong><strong>महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग</strong></strong></em>  के  लिए  आप सबसे पहले मन्दिर प्रशासन की वेबसाइट <a href="http://dic.mp.nic.in/ujjain/mahakal/default.aspx">http://dic.mp.nic.in/ujjain/mahakal/default.aspx</a> पर जाना है उसके बाद आपको Home मेनू के पास Bhasma Aarti का menu दिखाई देगा वहां पर आप जैसे ही माउस ले जाओगे आपको दो विकल्प दिखाई देंगे |<br><br>पहला <em>Bhasmarti Booking</em> और दूसरा <em>BhasmAarti Help</em> , मेरा सुझाव यही है की पहले आप <em>BhasmAarti Help​</em> वाले विकल्प में जाकर सारे नियम जान ले उसके बाद <em>Bhasmarti Booking</em> वाले लिंक पर क्लिक करे नीचे दिया गया स्क्रीनशॉट देखिये |</li></ol>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/07/Mahakaleshwar-bhasma-aarti-booking.jpeg" alt="उज्जैन भस्म आरती बुकिंग "/></figure>



<p>2. अब आपके सामने एक केलिन्डर जैसा खुलेगा जिसमे तारीखे होंगी इस केलिन्डर में कुछ तारीखे NA होंगी जिसका मतलब है की वे खाली नहीं है कुछ पर लिखा होगा &#8220;<em>This Date is block due to&#8230;..</em>&#8221; इसका मतलब ये वो तारीखे जो किन्ही कारणवश उपलब्ध नहीं है बाकि की तारीख आपके के लिए उपलब्ध रहेंगी |<br><br> वैसे सच बताये यहाँ पर थोडा आपको दिक्कत का सामना करना पड़ेगा क्यूंकि बहुत अच्छे तरीके से समझ नहीं आता है की कौन सी तारीखे <strong>महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग</strong> के लिए उपलब्ध है खैर कोई नहीं आप क्लिक करके देख लीजियेगा वैसे मैंने जो बुकिंग करी थी उसमे तो साफ़ साफ़ लिखा की इस तरीक को इतनी सीट उपलब्ध है | </p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/07/महाकालेश्वर-भस्म-आरती.jpeg" alt="महाकालेश्वर उज्जैन भस्म आरती बुकिंग "/></figure>



<p>3. अब आपके सामने जो पेज खुल के आया है यही <strong><strong>महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग</strong></strong> का सबसे महत्वपूर्ण चरण है इसमें सबसे पहले जो व्यक्ति आवेदन कर रहा है ( चाहे वो<em> महाकालेश्वर भस्म आरती</em> में शामिल हो या न हो ) उसका नाम , मोबाइल नंबर , ईमेल आई डी , पता , भस्म आरती की दिनांक ( दिनांक जो आपने सेलेक्ट की थी वही लिखी हुई आएगी |<br><br> यदि आपको बदलना हो तो आप यही पर इसी केलिन्डर से बदल भी सकते हो ) इतना भरने के बाद आवेदक को अपनी फोटो और आई-डी प्रूफ भी अपलोड करने होंगे आप चाहे तो अपने कंप्यूटर / लैपटॉप / मोबाइल से सेलेक्ट करके अपलोड कर सकते है अन्यथा यहाँ पर वेब कैमरा का भी विकल्प उपलब्ध है आप दोनों तरीको से फोटो और आई-डी प्रूफ अपलोड कर सकते है |</p>



<p>आई-डी प्रूफ में आप आधार कार्ड , बैंक पासबुक , ड्राइविंग लाइसेंस , ऑफिस आई-डी , पैन कार्ड , वोटर कार्ड , भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल कर सकते है ध्यान दे आपको अपने आई-डी प्रूफ़ का नंबर भी मंदिर प्रशाशन की वेबसाइट पर भरना होगा |<br><br> अच्छा आपको फोटो और आई-डी प्रूफ सिर्फ jpeg/jpg फॉर्मेट में ही अपलोड करने है ( फोटो या आई-डी प्रूफ पर जैसे ही माउस ले जायेंगे तो आपको दिख  जायेगा की ये फाइल jpeg है या नहीं अन्यथा आप फाइल की प्रॉपर्टी में जाकर Type of File में भी देख सकते है )  |</p>



<p>अब आपको श्रधालुओ की डिटेल्स भरनी है इसमें उन श्रधालुओ की डिटेल्स भरनी है जो <strong>महाकाल की भस्म आरती</strong>  में शामिल होना चाहते हो समस्त श्रधालुओ का नाम , उम्र , आवेदक से रिश्ता (Relation) , आई-डी प्रूफ़ , आई-डी प्रूफ नंबर भरना है और फोटो और आई-डी प्रूफ को अपलोड  भी करना है ये काम समस्त श्रधालुओ (जिनको भस्म आरती में शामिल होना है ) के लिए करना है |</p>



<p>नोट &#8211; ध्यान दे जिस व्यक्ति ने आवेदन किया&nbsp; है उसको ऊपर Applicant Name इत्यादि में अपनी डिटेल्स भरनी ही साथ साथ नीचे Devotee Name में भी अपनी डिटेल्स भरनी होगी |</p>



<p>यदि आपके साथ ओई छोटा बच्चा है तो आप उसका नाम डाले और आवेदक से रिश्ता डाले बाकि आप खाली छोड़ सकते है , चलिए <strong><strong>महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग</strong></strong> में आगे बढ़ते है और Permission Name सेलेक्ट करना है इसमें आपको भस्म आरती मंडपम , कार्तिकेय मंडपम , गनपति मंडपम , नन्दी मंडपम में से कोई एक सेलेक्ट करना है |<br><br>मेरे हिसाब से नन्दी मंडपम से सबसे बढ़िया आरती दिखाई देती है बाकी जिसमे सीट उपलब्ध हो आपको सेलेक्ट वही करना है इसके बाद <em>Check Availability</em> पर क्लिक करे और देखे नीचे <em>Availabale</em> लिखकर आएगा और आपका अमाउंट जो की 100 रूपये पर व्यक्ति है अगर आपको Available लिखा हुआ दिखे तो तुरंत ही <em>Submit</em> के बटन पर क्लिक करे |</p>



<p>आप नीचे दिया हुआ स्क्रीनशॉट अच्छे से देखे आपको बहुत कुछ समझ में आ जायेगा |</p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/07/Mahakaleshwar-Bhasm-Aarti-Booking-kaise-kare-1024x391.jpeg" alt="उज्जैन भस्म आरती बुकिंग "/></figure>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/07/Mahakaleshwar-Bhasm-Aarti-Booking-hindi-me-1024x469.jpeg" alt="महाकाल की भस्म आरती "/></figure>



<p>4.  जैसे ही आपने <em>Submit</em> पर क्लिक किया आपके सामने एक पेमेन्ट गेटवे की विंडो ओपन होगी इसमें सबसे पहले आपको पेमेन्ट मेथड (जैसे VISA , MasterCard इत्यादि ) चुनना है उसके बाद आपको Continue के बटन पर क्लिक करना है |</p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/07/महाकालेश्वर-भस्म-आरती-बुकिंग.jpeg" alt="महाकाल की भस्म आरती "/></figure>



<p>5. अब आपको अपने डेबिट , क्रेडिट कार्ड या जो भी पेमेन्ट मेथड है उसका डिटेल्स भरना है जैसे कार्डधारक का नाम , कार्ड नंबर , एक्सपायरी डेट , इत्यादि ये मैंने आपको वीसा वाले डेबिट कार्ड के सन्दर्भ में बताया है बाकि पेमेन्ट मेथड में भी लगभग यही जानकारी मागी जाएगी अब आपको <em>Continue</em> बटन पर क्लिक करके पेमेन्ट कम्पलीट करना है इसके बाद आपके मोबाइल पर बैंक की तरफ से code आएगा वो डालकर अपना पेमेन्ट कन्फर्म करे |</p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/07/महाकालेश्वर-भस्म-आरती-ऑनलाइन-बुकिंग.jpeg" alt="महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग"/></figure>



<p>6. जैसे ही आपका पेमेन्ट कन्फर्म हो जायगा आवेदक के  मोबाइल पर महाकालेश्वर मंदिर प्रशाशन की तरफ से एक SMS आएगा जिसमे सारी जानकारी दी हुई होगी और आपके सामने एक रसीद आ जाएगी जिसका आप प्रिंटआउट जरूर ले ले क्यूंकि यह रसीद आपको उज्जैन ले जानी होगी |<br><br>अच्छा यह भस्म आरती की रसीद हर श्रद्धालु के लिए अलग अलग होगी इसमें बार कोड के आलावा श्रद्धालु का नाम , फोटो , उम्र , आई डी प्रिन्ट होगा , बधाई हो अपने <strong>महाकालेश्वर भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग</strong> की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली है अब आप <strong>महाकाल की भस्म आरती</strong> देखने के लिये तैयार रहे   |</p>



<p>महाकालेश्वर <strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग</strong> से सम्बंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659025918149"><strong class="schema-faq-question">मै महालेश्वर की भस्म आरती में कैसे शामिल हो सकता हूँ ?</strong> <p class="schema-faq-answer">आपको महाकेल्श्वर की भस्म आरती में शामिल होने के लिये ऑनलाइन यह ऑफलाइन मोड से इस आरती की बुकिंग करवानी पड़ेगी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659026057593"><strong class="schema-faq-question">भस्म आरती की बुकिंग कैसे करे ?</strong> <p class="schema-faq-answer">भस्म आरती की बुकिंग आप उज्जैन जाकर महाकालेश्वर मन्दिर के ट्रस्ट ऑफिस से कर सकते है या फिर अपने आप अपने घर से ऑनलाइन कर सकते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659027326675"><strong class="schema-faq-question">महाकाल की भस्म आरती कब होती है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">महाकाल भस्म आरती सुबह 4 बजे से होती है |  </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659027552690"><strong class="schema-faq-question">भस्म आरती की भगवान के लिये की जाती है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">भस्म आरती भगवान शिव के लिये की जाती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659027671122"><strong class="schema-faq-question">शिवलिंग पर भस्म क्यों चढ़ायी जाती है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">कहा जाता है की भोले बाबा वैरागी है उनको भस्म प्रिय है इसीलिए शिवलिंग पर भस्म अर्पण की जाती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659027773482"><strong class="schema-faq-question">महाकाल की भस्म आरती महिलाओ को क्यों नहीं देखनी चाहिये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ऐसा नहीं है कि महिलाओ को भस्म आरती देखने की अनुमति नहीं है बस एक नियम है की जब कोई भी महिला महाकाल की भस्म आरती देखे तो वह घूंघट कर ले क्यूंकि उस समय शिव निराकार रूप में होते है तो इस निराकार रुपी के दर्शन महिलाओ को नहीं करने चाहिए |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659027974068"><strong class="schema-faq-question">भस्म आरती क्या है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">एक आरती जो भगवान शिव को जगाने हेतु की जाती है आजकल जो भस्म आरती होती है उसमे कपिला गाय के गोबर से बने कंडे , शमी , अमलताश , बड , पलाश , बेर , पीपल की लकडियो को जलाकर बनी भस्म का इस्तेमाल होता है |</p> </div> </div>



<h6 class="wp-block-heading">Conclusion | निष्कर्ष</h6>



<p>भारत के सात सप्तपुरियो में से एक <a href="https://en.wikivoyage.org/wiki/Ujjain" target="_blank" rel="noopener noreferrer">उज्जैन</a> का महाकालेश्वर मन्दिर और इसमें होने वाली <strong>महाकाल की भस्म आरती</strong>  वाकई में अद्भुत है यह आरती मात्र इसी मन्दिर में की जाती है दूर दूर से लोग इस आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन आते है |</p>



<p> <strong>उज्जैन भस्म आरती बुकिंग </strong>आप ऑफलाइन एवं ऑनलाइन मोड द्वारा कर सकते है मैंने आपको विस्तार से पूरी प्रक्रिया समझा दी अब थोडा प्रयास आप भी करे क्यूंकि कही न कही ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया एक बार में होती नहीं आपको दो तीन बार प्रयास करना पड सकता है  |</p>
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		<title>अयोध्या में घूमने की जगह &#8211; कहाँ रुके खानपान खरीददारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 10 Jun 2019 17:30:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[SaptPuri]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>राम जन्मभूमि अयोध्या की सम्पूर्ण जानकारी है इस पोस्ट में आप अयोध्या में क्या क्या देखे कहा रुके कैसे पहुचे सब बताया गया है  </p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/ram-janmbhumi-ayodhya-me-ghumne-ki-jagahe/">अयोध्या में घूमने की जगह &#8211; कहाँ रुके खानपान खरीददारी</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading">अयोध्या में घूमने की जगह</h2>


<p><strong>अयोध्या में घूमने की जगह</strong> में राम जन्मभूमि , हनुमान गढ़ी , कनक भवन , राजा दशरथ महल , राम की पैड़ी , सरयू नदी प्रमुख है  </p>
<p><strong>राम जन्मभूमि अयोध्या</strong>  में दर्शन के लिए दूर दूर से भक्त आते रहते है , अयोध्या <a style="font-family: 'Open Sans', serif; font-size: 24px; text-align: justify;" href="https://safarjankari.com/tag/uttar-pradesh/">उत्तर प्रदेश</a> के  <a style="font-family: 'Open Sans', serif; font-size: 24px; text-align: justify;" href="https://en.wikipedia.org/wiki/Faizabad" target="_blank" rel="noopener noreferrer">फैजाबाद</a> जिले ( जो की अब बदल दिया गया है फैजाबाद जिले का नाम अब अयोध्या है ) में स्थित है यह अपने धार्मिक महत्त्व के लिए प्रसिद्ध  है |</p>

<p>अयोध्या में श्री राम का जन्म हुआ था इस कारण इस स्थल का महत्त्व अत्यधिक है परन्तु कुछ विवाद के चलते यहाँ पर अभी भी कही न कही विकास की कमी है लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सारे विवाद ख़तम हो चुके है |</p>
<p>आप लोग इस लेख की मदद से अयोध्या के बारे में बहुत कुछ जान पाएंगे जैसा की आप लोग जानते है लगभग सारे पावन स्थल किसी न किसी नदी के किनारे बसे हुए है तो इसी क्रम में आपको अवगत करा दे की अयोध्या सरयू नदी के किनारे पर बसा है और यहाँ की सरयू आरती भी प्रसिद्ध है |</p>

<p>अच्छा कुछ काम की बाते और बता दी जाय <strong> श्री राम जन्मभूमि<em>अयोध्या में घूमने की जगह </em></strong>के लगभग सारे स्थान पास में ही है आप पैदल या रिक्शे से घूम सकते है आपको वहां लोकल गाइड भी मिल जायेंगे आप चाहे तो ले सकते है लेकिन थोडा सतर्क रहियेगा बाकी यहाँ के स्थानीय लोग अच्छे है हेल्पफुल भी है |</p>

<h4>अयोध्या कैसे पहुँचा जाय &#8211; How to reach Ayodhya</h4>

<p>अयोध्या भारत के सभी सड़क एवं रेल मार्ग से अच्छी तरह से  जुड़ा हुआ है और यहाँ पहुचना बहुत ही आसान है हमने आपको नीचे अयोध्या की भारत के कुछ खास शहरों से दूरी बताई हुई है &#8211; </p>

<ul>
<li>अयोध्या की नयी दिल्ली से दूरी &#8211; 667 किमी लगभग</li>
<li>
<p>अयोध्या की मुंबई  से दूरी – 1511  किमी लगभग</p>
</li>
<li>
<p>अयोध्या की कोलकात्ता से दूरी – 885   किमी लगभग</p>
</li>
<li>
<p>अयोध्या की चेन्नई  से दूरी – 2054   किमी लगभग</p>
</li>
<li>अयोध्या की लखनऊ से दूरी &#8211; 135 किमी लगभग</li>
<li>अयोध्या की फैजाबाद से दूरी &#8211; 7 किमी लगभग</li>
</ul>

<p>वायु मार्ग से अयोध्या पहुचने के लिए आपको चौधरी चरण सिंह एअरपोर्ट अमौसी लखनऊ आना होगा फिर लखनऊ से आप अपनी सुविधानुसार ट्रेन या कार हायर करके या फिर बस से बड़ी आसानी से अयोध्या पहुँच सकते है |</p>

<p>रेल मार्ग से अगर आप रेलवे से अयोध्या जाना चाहते है तो आप जानकारी कर ले की आपके शहर से क्या कोई ट्रेन सीधी अयोध्या जाती है अगर सीधी ट्रेन जाती है तो बिना सोचे आप उस ट्रेन से<em><strong> राम जन्मभूमि अयोध्या</strong></em>  के दर्शन  करने  पहुचे यदि आपके शहर से कोई सीधी ट्रेन अयोध्या के लिए नहीं है तब भी चिंता की कोई बात नहीं है लखनऊ के लिए तो लगभग सारे शहरों से ट्रेन मिल ही जाएगी आप लखनऊ तक ट्रेन से आइये फिर तो लखनऊ से अयोध्या के लिए तमाम साधन है |</p>

<p>सड़क मार्ग अयोध्या लगभग सभी शहरों से जुड़ा हुआ है तो आप यहाँ आसानी से सड़क मार्ग से पहुँच सकते है |</p>

<h4>अयोध्या में कहा ठहरा जाय &#8211; Where to stay in Ayodhya</h4>

<p>श्रीमान जी आप आये है <b><i> श्री राम जन्मभूमि अयोध्या </i></b><i>के दर्शन  </i> को तो कम से कम एक रात तो इस  पवित्र भूमि  पर रुकना बनता है न ,  विवाद के चलते यहाँ अत्याधुनिक सुविधाओ वाले होटल तो नहीं है परन्तु बजट होटल और कई धर्मशालाए यहाँ पर है आप चाहे तो बड़े आराम से यहाँ रुक सकते और हा फैजाबाद और लखनऊ में आपको समस्त सुविधाओ वाले आधुनिक होटल मिल जायेंगे |</p>
<p>मेरा व्यक्तिगत सुझाव यह है की आप धर्मशाला में रुके अपना पैसा बचाये और अयोध्या की संस्कृति से परिचित हो  वैसे यह मेरा व्यक्तिगत सुझाव है आपको धर्मशालाओ में हो सकता की सुविधा अच्छी न मिले , लेकिन फिर भी आप बिडला धर्मशाला , जानकी महल जाकर देख ले ये सस्ते और ठीक ठाक विकल्प है यहाँ आपको बड़े ही आराम से 500 रूपये में साफ़ सुथरे रूम्स  मिल जायेंगे |</p>

<h4>भोजन की व्यवस्था</h4>

<p>यहाँ आपको तमाम रेस्टोरेंट , भोजनालय मिल जायेंगे आप अपने Budget के अनुसार कही भी भोजन कर सकते है , कई धर्मशालाये आपको ठहरने के साथ साथ भोजन भी देती है धर्मशालाओ का भोजन बहुत ही सस्ता और स्वादिष्ट होता है आप भोजन के लिए धर्मशाला भी देख सकते है |</p>

<p>अब जब भोजन की बात चली ही है तो कनक रसोई का जिक्र भी जरुरी था तो आपको बताना चाहूँगा इस रसोई को कनक भवन ट्रस्ट चलाता है यहाँ आपको बिना लहसुन प्याज का खाना और नाश्ता बहुत की किफायती दामो में मिल जाता है आप यहाँ अच्छा भोजन  ( माफ़ कीजिये इसको भोजन की बजे प्रसाद कहना ज्यादा उचित रहेगा ) कम पैसे में कर सकते है यहाँ थाली का मूल्य महज  60 रूपये है |</p>

<p>यह भी पढ़े &#8211; <a href="https://safarjankari.com/sapta-puri-7-holy-city-of-hinduism/">Sapt Puri 7 Important Religious Places in India</a></p>

<p><a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80/">हरिद्वार दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी</a> </p>

<h4>Places to see in Ayodhya in Hindi &#8211; राम जन्मभूमि अयोध्या में घूमने की जगह</h4>

<p>आप जैसे ही अयोध्यानगरी में प्रवेश करते है आपको बस मंदिर ही मंदिर दिखाई देने लगते है  सच में  <i>अयोध्या मन्दिरों </i> की नगरी है , रंग बिरंगे मंदिर अयोध्या की शान को बढ़ाते है प्रत्येक मंदिर की बनावट सच में उत्कृष्ट है चलिए दोस्तों आपको कराते है <b> अयोध्या में घूमने की जगह</b>  एक  बार सच्चे ह्रदय से बोलिए जय श्री राम &#8211; </p>

<h5>सरयू के घाट अयोध्या दर्शन</h5>

<p>सर्वप्रथम आप पवित्र सरयू नदी में स्नान कर ले क्यूँकी मान्यता है की सरयू में स्नान करके सारे पाप धुल जाते है आप राम घाट , लक्षमण घाट , नया घाट, गुप्तार घाट इत्यादि कही भी स्नान कर सकते है और आप सरयू नदी में नौका विहार का भी आनंद उठा सकते है यहाँ तमाम नाव  वाले अपनी नौका को सजाकर रखते है और आपको १००-२०० रूपये में नाव की सैर करा देते है , ध्यान दे गर्मियों में दोपहर में नाव की सैर से बचे क्यूंकि बहुत गर्मी होती है आपको नाविक सरे घाटों के बारे में भी बता देगा  |</p>
<figure style="width: 599px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/09/नया-घाट-राम-जन्मभूमि-अयोध्या.jpg" alt="नया घाट अयोध्या में घूमने की जगह " width="599" height="336" /><figcaption class="wp-caption-text">नया घाट राम जन्मभूमि अयोध्या</figcaption></figure>
<p> </p>

<p>लक्ष्मण घाट में बने एक मन्दिर में  लक्ष्मण जी की एक 5 फु ट की मूर्ति लगी हुई है , इसके बाद स्वर्ग घाट में भगवान् शिव का बाबा नागेश्वर का मंदिर है इस घाट पर पिण्ड दान भी किया जाता है  |</p>
<p>राम की पैड़ी श्री राम जन्मभूमि अयोध्या की एक जानी मानी जगह है मेरे हिसाब से ये  सरयू के घाटों की एक श्रंखला है और यहाँ के द्रश्य बहुत ही मनोरम लगते है यहाँ अब साफ़ सफाई है अप यहाँ भी जरूर आये |</p>
<figure style="width: 800px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/09/राम-की-पैड़ी-अयोध्या.jpg" alt="राम की पैड़ी अयोध्या में घूमने की जगह " width="800" height="445" /><figcaption class="wp-caption-text">राम की पैड़ी अयोध्या</figcaption></figure>
<p> </p>

<h5>हनुमान गढ़ी अयोध्या में घूमने की जगह</h5>

<p>अब सरयू स्नान के बाद  <strong>अयोध्या में घूमने की जगह </strong> में  चलते है <em>हनुमान गढ़ी</em> की और करते है दर्शन रामभक्त संकटमोचन श्री हनुमान जी के यहाँ मान्यता है कि प्रभु श्रीराम के दर्शन से पहले हनुमान जी के दर्शन करने चाहिए |</p>
<p>सबसे पहले हम नीचे मंदिर के समीप प्रसाद की दुकानों से प्रसाद ले लेते है अब चलते है हनुमान जी के दर्शन करने यहाँ जाने के लिए आपको बहुत सारी लगभग 72  सीढिया चढ़नी पड़ती है तब होते है दर्शन बजरंगबली  के यहाँ आपको हनुमान जी की फूल मलो से सुशोभित अत्यन्त सुन्दर  प्रतिमा देखने को मिलेगी |</p>
<figure style="width: 395px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/09/हनुमान-गढ़ी-अयोध्या.jpg" alt="हनुमान गढ़ी अयोध्या में घूमने की जगह " width="395" height="600" /><figcaption class="wp-caption-text">हनुमान गढ़ी अयोध्या</figcaption></figure>
<p> </p>

<p>अयोध्या में घूमने की जगहआप बहुत ही भक्तिभाव से हनुमान जी के दर्शन करे इसके बाद पीछे के रास्ते से बहार निकल आइये और हनुमान जी की महिमा अपरम्पार है कहते है अयोध्या की सुरक्षा हेतु हनुमान जी यहाँ रहते है  , अच्छा मंगल वार को यहाँ पर अत्यधिक भीड़ होती है तो कोशिश करे की यदि आप मंगल को ही हनुमान गढ़ी के दर्शन चाहते है तो सुबह जल्दी ही पहुच जाये  |</p>

<h5>राजा दशरथ महल अयोध्या का एक प्रमुख पर्यटन स्थल </h5>

<p>अब हनुमान गढ़ी के समीप ही <em>राजा दशरथ</em> महल है आप इस प्राचीन एवं उत्कृष्ट नक्काशी को अवश्य देखे , एक बड़ा सा नक्खाशीदार किला नुमा दरवाजा और जैसे ही आप इसके अन्दर जायेंगे विशाल आंगन और सामने राम भगवान् के भजन कीर्तन सच में बहुत ही अलौकिक स्थल है  |</p>

<figure><img decoding="async" class="aligncenter" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/06/Ayodhya-Mandir-Raja-Dashrath-Mahal.jpeg" alt="अयोध्या दर्शन रजा दशरथ महल" />
<figcaption>राजा दशरथ महल अयोध्या<br />Pic Courtsey : <b> PARU SINGH</b></figcaption>
</figure>
<p> </p>

<h5>कनक भवन &#8211; अयोध्या दर्शनीय स्थल</h5>

<p><em>राजा दशरथ महल</em> के समीप ही <strong>कनक भवन</strong> है यह एक बेहद सुन्दर , गज़ब की नक्काशीदार मंदिर है यहाँ राम सीता की बहुत ही सुन्दर मूर्ति है  प्राचीन मान्यतानुसार कनक भवन रानी कैकेयी द्वारा सीताजी को मुंह दिखाई में दिया गया था है |</p>
<figure style="width: 400px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/09/कनक-भवन-श्री-राम-जन्मभूमि-अयोध्या.jpg" alt="कनक भवन अयोध्या में घूमने की जगह " width="400" height="462" /><figcaption class="wp-caption-text">कनक भवन श्री राम जन्मभूमि अयोध्या</figcaption></figure>
<p> </p>

<h6>श्री राम जन्मभूमि अयोध्या </h6>

<p>अब चलते है <strong> </strong>के प्रमुख आकर्षण रामजन्मभूमि की ओर इसी स्थान पर भगवान राम का जन्म हुआ था , विवाद के चलते यहाँ कोई भव्य मंदिर नहीं है अपितु एक तम्बू के नीचे भगवान राम की मूर्ति रखी हुई है , यहाँ दर्शन करने के लिए आपको बहुत ही संवेदनशील सुरक्षा घेरे से होकर गुजरना होता है याद रखे यहाँ आप अपने साथ रूपये पैसे प्रसाद के अतिरिक्त कुछ भी ना ले जाय , यहाँ की सुरक्षा में 40 से अधिक कैमरे लगे हुए है |</p>
<p>आपको कई बार अपनी सुरक्षा जांच करवानी पड़ेगी अच्छा तो है की आप अपना सामान अपने होटल , धर्मशाला के कमरे में रख के आये लेकिन यदि आप अपने साथ कुछ सामान लेके आ गए है तो उसे रस्ते में कही जमा कर दे बहुत सी दुकाने है प्रसाद वाली जो आपका सामान सुरक्षित रख लेती है और सरकारी लाकर भी उपलब्ध है  |</p>
<figure style="width: 638px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/09/राम-जन्मभूमि-अयोध्या-का-रास्ता.jpg" alt="राम जन्मभूमि  अयोध्या में घूमने की जगह " width="638" height="298" /><figcaption class="wp-caption-text">राम जन्मभूमि अयोध्या का रास्ता</figcaption></figure>
<p> </p>

<p>अब आपको एक संकरी सी चारो तरफ से लोहे की जालियो से बंद गली से होकर रामलला तक पहुचना होगा आपको चारो तरफ मिलेट्री के जवान नजर आएंगे सतर्क हो जाय  अब आप रामलला के समीप है आपको मुश्किल  से आधा  या एक मिनट मिलेगा दर्शन को भगवान राम को  नमन करे और बोले जय श्री राम आपने प्रभु श्रीराम को देख लिया अब आपका <em><strong>अयोध्या में घूमने की जगह</strong></em>  का सफ़र <b></b>सम्पूर्ण हुआ |</p>

<h5>भरत कुण्ड नंदीग्राम</h5>
<p>पावन नगरी अयोध्या से महज 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह पवित्र स्थल जिसे भरतकुण्ड के नाम से जाना जाता है यह नंदीग्राम में है इस स्थान को लोकल में भरतपुर भी बोला जाता है, जब भगवान् राम वनवास को निकले थे तो उनके अनुज भरत भी उनके साथ हो लिए थे तब श्रीराम ने इसी जगह पर भरत को रोका था |<br /><br />भरत ने यही पे तपस्या की थी और श्रीराम की खड़ायू को प्रतीक मानकर अयोध्या का राजकाज संभाला था , कहा जाता है राजा दशरथ ने इसी स्थान पर अपने प्राण त्याग दिए थे तो भरत ने अपने पिता के पिंड दान हेतु यही  पर एक कुण्ड बनवाया था जिसे भरत कुण्ड कहा जाता है यह स्थान अति शांत है आप <strong>राम जन्मभूमि अयोध्या</strong> घूमने जब भी आये यहाँ भी जरूर आये |</p>
<figure id="attachment_10570" aria-describedby="caption-attachment-10570" style="width: 700px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/09/भरत-कुण्ड-नंदीग्राम-अयोध्या.jpg" alt="भरत कुण्ड नंदीग्राम अयोध्या" width="700" height="315" /><figcaption id="caption-attachment-10570" class="wp-caption-text">भरत कुण्ड नंदीग्राम अयोध्या</figcaption></figure>
<p> </p>

<h5>अयोध्या के अन्य मन्दिर अयोध्या में अन्य घूमने वाली जगहे </h5>

<p>अब ये तो हो गए <strong>अयोध्या में घूमने की जगह</strong> के प्रमुख मंदिर अब यदि आपके पास समय है तो आपको कुछ और मंदिरों के बारे में बताता हूँ &#8211; </p>

<p><strong>चार धाम मंदिर</strong> यह भी एक भव्य मंदिर है यहाँ आप चारो धाम के दर्शन करे और परिक्रमा करे |</p>

<p>अब चार धाम मंदिर के थोड़ा सा आगे जाने पर आपको <strong>मणिराम दास जी की छावनी मंदिर</strong> है यहाँ भगवान् राम पूरे परिवार सहित विराजमान है इस मंदिर को आप अवश्य देखे |</p>

<p>अब मणिराम दास जी की छावनी के सामने <strong>वाल्मीकि मंदिर</strong> है जो की अत्यन्त विशाल एवं भव्य है यहाँ की छतो और दीवारों पे नक्काशी देखते ही बनती है |</p>

<p>वाल्मीकि मंदिर के समीप ही <strong>बड़े हनुमान जी का मंदिर</strong> है यहाँ महाबली हनुमान जी की  विशाल मूर्ति स्थापित  है |</p>

<p><strong>श्री  राम मंदिर कार्यशाला</strong> यहाँ भी आप अवश्य जाय यहाँ आपको बड़े बड़े नक्काशीदार पत्थर दीखते है और प्रस्तावित श्रीराम मंदिर भी देखने को मिलेगा |</p>

<p><strong>श्री राम जन्मभूमि अयोध्या </strong>में आप<strong> मणि पर्वत</strong> भी आप देखने जा सकते है मान्यताओ अनुसार यहाँ पर जब हनुमान जी संजीवनी बूटी को लेने के लिए पूरा पर्वत लेकर आ रहे थे तो संजीवनी बूटी का कुछ अंश यहाँ गिर गया था |</p>

<p><strong>छोटी देवकाली मंदिर</strong> भी अति प्रसिद्ध अयोध्या मंदिर है यह नया घाट के समीप है इस मन्दिर के दर्शन करे फिर वही थोड़ी दूरी पर वाल्मीकि रामायण भवन , शीश भवन , राम की पैडी ( सरयू नदी के घाटों का समूह ) आदि है आपके पास यदि समय है तो आप इन समस्त स्थलों पर भी जा सकते है , <strong>छोटा देवकाली मंदिर</strong> में प्रत्येक दिन शाम को एक मनमोहक आरती की जाती है और समय समय पर भव्य आयोजन होते रहते है |</p>

<p>यदि आप राम लीला के शौक़ीन है तो आप<strong> तुलसी स्मारक</strong> जा सकते है जो की हनुमान गढ़ी के समीप है इस स्थल पर प्रतिदिन सायंकाल राम लीला का आयोजन होता है |</p>

<p>नया घाट के समीप स्थित<strong> त्रेता के ठाकुर मन्दिर</strong> भी देखने लायक है मान्यता है की जहां पर श्री राम ने अश्वमेद्य यज्ञ किया था उसी स्थान पर इस मन्दिर का निर्माण करवाया गया है |</p>

<figure><img decoding="async" class="aligncenter" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/06/Ayodhya-Darshan-Valmeeki-Ramayan.jpeg" alt="अयोध्या दर्शन वाल्मीकि रामायण भवन" />
<figcaption>वाल्मीकि रामायण भवन</figcaption>
</figure>
<p> </p>

<h4>अयोध्या के महत्वपूर्ण त्यौहार एवं मेले</h4>

<p>यहाँ का सबसे महत्वपूर्ण पर्व रामनवमी है , यहाँ नवम्बर दिसम्बर में सरयू नदी के किनारे रामायण मेला लगता है जो की अयोध्या का एक प्रसिद्ध मेला है  , यहाँ एक और मेला बड़ा प्रसिद्ध है श्रवण झूला मेला जो जुलाई अगस्त में देखने को मिलता है , अयोध्या की दीपावली भी खास होती है यदि आपको मेलो त्योहारों में अयोध्या देखना हो तो आप  <strong>राम जन्मभूमि अयोध्या</strong> के लिए ऊपर बताये गए समय पर ही आये |</p>

<h4>अयोध्या में क्या ख़रीदा जाय</h4>
<p> </p>

<p>यहाँ आप लकड़ी के बने खिलोने खरीद सकते है और भगवान की मुर्तिया भी बहुतायत मात्र में आपको मिल जाएँगी बाकी अयोध्या एक धार्मिक स्थल है तो  यहाँ पर आप को शौपिंग के लिए ज्यादा विकल्प नहीं मिलेंगे |</p>

<h6>अयोध्या का प्रसिद्ध खानपान</h6>

<p>यहाँ की मिठाई प्रसिद्ध है खासकर के लाल पेड़ा आप जब भी यहाँ जाय लाल पेड़ा जरुर खाए और यहाँ कचौरी  भी प्रसिद्ध है तो आप इन चीजो का लुत्फ़ उठा सकते है बाकि खानपान अयोध्या का वही है जो उत्तर भारत का सामान्यता होता है |</p>
<p>आप जब भी  <strong>राम जन्मभूमि अयोध्या </strong>घूमने को आये तो मौर्या जी की दही जलेबी खाना न भूलियेगा यहाँ आपको कुल्हड़ में दही जलेबी खाने का मौका मिलेगा आप चाहे तो इसी दुकान की रबड़ी &#8211; इमारती का भी स्वाद ले सकते है वैसे आपको बता दे की अयोध्या के मौर्या की दही जलेबी को नेशनल स्ट्रीट फ़ूड 2018 में शामिल किया गया था |</p>

<h6>Conclusion &#8211; निष्कर्ष</h6>

<p>दोस्तों आज हमने <strong>राम जन्मभूमि अयोध्या</strong> के बारे में समस्त जानकारी ली सच में <a href="https://www.britannica.com/place/Ayodhya" target="_blank" rel="noopener noreferrer">अयोध्या</a> भगवान् राम को पूर्ण रूप से समर्पित है यहाँ के समस्त मन्दिरों की रंग बिरंगी नक्खाशीदार और भव्य इमारते पर्यटकों को अपनी और लुभाती है |</p>
<p>सरयू नदी के घाट भी अयोध्या का मुख्य आकर्षण है सरयू आरती का भी आप अयोध्या में लुत्फ़ ले सकते है , आपसे विदा लेता हु यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों में शेयर करे |</p><p>The post <a href="https://safarjankari.com/ram-janmbhumi-ayodhya-me-ghumne-ki-jagahe/">अयोध्या में घूमने की जगह &#8211; कहाँ रुके खानपान खरीददारी</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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		<title>Sapta Puri &#124; भारत के सात ऐसे पावन स्थल जिन्हें मोक्ष दायिनी कहा जाता  है</title>
		<link>https://safarjankari.com/sapta-puri-7-holy-city-of-hinduism/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Jan 2019 14:58:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[SaptPuri]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हम आज सप्तपुरी भारत के सात प्रमुख धार्मिक स्थलो 7 important religious places in India की जानकारी करेंगे &#124; </p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/sapta-puri-7-holy-city-of-hinduism/">Sapta Puri | भारत के सात ऐसे पावन स्थल जिन्हें मोक्ष दायिनी कहा जाता  है</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading">Sapta Puri | सप्तपुरी भारत के सात प्रमुख धार्मिक स्थल</h2>



<p>भारत में बहुत से मंदिर बहुत सी मस्जिदे बहुत से गुरूद्वारे बहुत से चर्च है कहने का तात्पर्य बस इतना है कि हम भारतीय सारे धर्मो का सम्मान करते है इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए हम आज सप्तपुरी <strong>Sapta Puri</strong>&nbsp; भारत के सात प्रमुख धार्मिक स्थलो  की जानकारी करेंगे |</p>



<p>भारत वर्ष के सात पवित्र शहरो को सप्त पुरियो का नाम दिया गया है ये सात तीर्थ अयोध्या <em>AYODHYA , मथुरा <a href="https://www.lonelyplanet.com/india/uttar-pradesh/mathura" target="_blank" rel="noopener noreferrer">MATHURA</a> , हरिद्वार HARIDWAR , बनारस BANARAS , कांचीपुरम KANCHIPURAM , उज्जैन UJJAIN , द्वारका DWARKA</em> है |</p>



<p>ये सातों शहर पौराणिक मान्यतानुसार मोक्षदायक कहे गए है माना जाता है की अगर आप इन सातो पुरियो के दर्शन कर लेते है तो आपको मोक्ष की प्राप्ति होती है  तो आइये  इन सातो पवित्र तीर्थो <em><strong>Sapta Puri</strong> </em> के बारे में थोड़ी सी जानकारी ले ली जाय &#8211;</p>



<h4 class="wp-block-heading">अयोध्या ( भगवान श्री राम ) उत्तर प्रदेश </h4>



<p>अयोध्या&nbsp;<b>Sapta Puri</b> उत्तर प्रदेश के&nbsp;&nbsp;फैजाबाद जिले ( जो की अब बदल दिया गया है फैजाबाद जिले का नाम अब अयोध्या है ) में स्थित है यह अपने धार्मिक महत्त्व और भगवान श्री राम के लिए प्रसिद्ध&nbsp;&nbsp;है , अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जन्मभूमि है परन्तु यहाँ पर अभी कोई भव्य मंदिर नहीं बना है परन्तु जल्द ही आपको यहाँ एक भव्य राम&nbsp; मन्दिर देखने को मिलेगा&nbsp; |</p>



<p>वैसे अयोध्या मंदिरों की नगरी है यहां आप जैसे ही प्रवेश करते है आपको मंदिर ही मंदिर दिखाई पड़ते है कुछ मंदिर तो बड़े भव्य बने है गज़ब की नक्खाशी देखने को मिलती है यहाँ के रंग बिरंगे मंदिर एक अलग ही उत्साह बढ़ाते है अयोध्या&nbsp;&nbsp;की&nbsp;लखनऊ&nbsp;से&nbsp;दूरी 135&nbsp;किमी&nbsp;लगभग है&nbsp;|</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/ayodhya-darshan-ki-jankari/">अयोध्या दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे</a> |</p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/06/Ayodhya-Darshan-अयोध्या-दर्शन.jpg" alt="Ayodhya Darshan hindi me"/></figure>



<h4 class="wp-block-heading">मथुरा ( भगवान श्रीकृष्ण ) उत्तर प्रदेश </h4>



<p>मथुरा&nbsp;<b>Sapta Puri&nbsp;</b>उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है यह भगवन श्री कृष्णा की जन्म भूमि है यहाँ अनेको पवित्र मंदिर है ,&nbsp;वृन्दावन और गोवर्धन भी मथुरा के समीप है जो की अपनी धार्मिक आस्था के कारण बहुत प्रसिद्ध है , मथुरा भारत का एक बहुत ही पुराना शहर है पौराणिक कथाओंनुसार यहाँ कंस का शासन था जो भगवान श्री कृष्ण का मामा था |</p>



<p>मथुरा <em><strong>Sapta Puri</strong>  </em>के पर्यटन स्थलों में पागल बाबा मन्दिर , इस्कान मन्दिर , दश्रीकृष्ण जन्मभूमि मन्दिर , प्रेम मन्दिर , कंस का किला , राधा कुण्ड , द्वारकाधीश मन्दिर , गोवर्धन पहाडी , रंगजी मन्दिर, मथुरा के घाट , जय गुरुदेव आश्रम आदि प्रमुख है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">हरिद्वार ( भगवान श्रीविष्णु ) उत्तराखण्ड</h4>



<p>हरिद्वार&nbsp;<strong>Sapta Puri</strong>&nbsp;उत्तराखंड राज्य में स्थित है यह शहर पवित्र गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है यहाँ पर भारतीय महापर्व कुम्भ मेले का आयोजन भी होता है&nbsp;,&nbsp;हरिद्वार की गंगा आरती समूचे भारत में प्रसिद्ध है हरिद्वार में अनेको मंदिर है जहा हजारो की भीड़ में रोजाना श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है और गंगा नदी में स्नान करके अपने समस्त पापो से छुटकारा पाते है&nbsp;|</p>



<p>यहाँ के मुख्य दार्शनिक स्थलों में हरी की पौड़ी , भारत माता मन्दिर , माँ चंडी देवी , माँ मनसा देवी , भारत माता मन्दिर , दक्ष&nbsp; महादेव मंदिर , पावन धाम , पपारद शिवलिंग , माया देवी मंदिर है |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80/">हरिद्वार दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे</a> |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/01/Sapta_Puri_7_Holy_City_Of_Hinduism.jpg" alt="Sapta Puri 7 Holy City Of Hinduism"/></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">कांचीपुरम ( देवी पार्वती ) तमिलनाडु</h4>



<p>कांचीपुरम <strong>Sapta Puri</strong>  तमिलनाडु राज्य में है यह स्थान मंदिरों और सिल्क की साड़ियो के लिए प्रसिद्ध है यहाँ पर सबसे ज्यादा शिव और विष्णु अनुयायी देखने को मिल जाते है , यहाँ बहुत से प्राचीन मंदिर हो जिनको दूर दूर से लाखो की संख्या में लोग आते है |</p>



<p>अच्छा कांचीपुरम के मन्दिरों की भव्यता देखते ही बनते है यहाँ के मंदिर&nbsp; स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट जीता जागता उदहारण है , यहाँ के मंदिरों में कामाक्षी मन्दिर , कैलासनाथ&nbsp; मन्दिर , एकंबरेश्वर मन्दिर , देवराज स्वामी मंदिर प्रमुख है अगर कभी भी आपको मौका मिले तो कांचीपुरम <strong>Sapta Puri </strong>जरूर आये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">उज्जैन ( भगवान श्री शिव ) मध्य प्रदेश </h4>



<p>यह तीर्थ स्थान मध्य प्रदेश राज्य में क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है काशी की तरह यहाँ भी द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर है जो की महाकाल नाम से भी प्रसिद्ध है यहाँ भी भारतीय पर्व कुम्भ मेला का आयोजन होता है&nbsp;उज्जैन अवंतिका नाम से भी जाना जाता है यह एक महत्वपूर्ण&nbsp;<em><strong>Sapta Puri</strong></em>&nbsp; में से एक है |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/mahakaleshwar-bhasma-aarti-booking-kaise-kare/">महाकालेश्वर भस्म आरती की सम्पूर्ण जानकारी के लिये यहाँ क्लिक करे</a> |</p>



<h4 class="wp-block-heading">काशी ( भगवान श्री शिव ) उत्तर प्रदेश </h4>



<p>काशी&nbsp;<strong>Sapta Puri</strong> के कई नाम है कोई इसे बनारस कहता है तो कोई वाराणसी तो कोई काशी यह भोले बाबा की नगरी उत्तर प्रदेश जिले में है यहाँ पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ जी का विश्व विख्यात मंदिर है जो की अपनी अति प्राचीन संस्कृति को सजोये हुए है , बनारस गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है यहाँ के गंगा घाट दुनिया भर में प्रसिद्ध है |</p>



<p>यहाँ के बनारसी पान और बनारसी साड़ी तो विश्व भर में प्रसिद्ध है बनारसी पान को लेकर तो श्री अमिताभ बच्चन जी की एक फिल्म में गाना  “खई के पान बनारस वाला खुल जाय बंद अकल का ताला“ भी बड़ा प्रसिद्ध है , दूर दूर से लोग इस सप्तपुरी में  संस्कृत और हिंदी सीखने भी आते है |<br><br><a href="https://safarjankari.com/banaras-me-ghumne-ki-jagah-ki-jankari/">Banaras Me Ghumne ki Jagah – कैसे पहुंचे कहाँ रुके शापिंग की समस्त जानकारी</a></p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन.jpg" alt="बनारस रेलवे जंक्शन" class="wp-image-11289" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन-300x225.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/06/बनारस-रेलवे-जंक्शन-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>बनारस रेलवे जंक्शन</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">द्वारका ( भगवान श्रीकृष्ण ) गुजरात </h4>



<p>यह&nbsp;<em>Sapta Puri</em>&nbsp; गुजरात राज्य के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित है इस धाम को जगद मंदिर भी कहते है यह स्थान&nbsp; भगवान श्रीकृष्ण की कर्मस्थली मानी गई है जो की अरब सागर के एक द्वीप पर बसी हुई है , यहाँ पहुचने के लिए आपको अहमदाबाद जाना होगा और अहमदाबाद से तमाम साधन आपको मिल जायेंगे |</p>



<p>तो दोस्तों ये एक प्रयास था आपको हमारे देश के सुप्रसिद्ध सप्त पुरी <strong>Sapta Pur</strong><b>i</b> या मोक्ष प्राप्ति के सात तीर्थ स्थान के बारे में थोड़ी से जानकारी देने का आप को हमारी ये पोस्ट कैसे लगी COMMENT में बताये अगर आपका कोई सुझाव हो हमको अवश्य ही बताये आप यहाँ पे कमेंट करके बता सकते है या फिर CONTACT US के PAGE पर जाकर भी बता सकते है |</p>



<figure class="wp-block-table is-style-regular has-medium-font-size"><table><thead><tr><th>सप्त पुरी से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न Sapta Puri </th></tr></thead><tbody><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; सप्त पुरी क्या है ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>भारत के सात पवित्र शहर जहाँ दर्शन मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; सप्त पुरी कितने है  ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>जैसा की नाम से ही समझ आ रहा है सप्त पुरी सात है |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; सप्त पुरी कौन कौन से है  ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>अयोध्या , उज्जैन , बनारस , मथुरा , कांचीपुरम , द्वारका , हरिद्वार |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; कांची मोक्षदायिनी पुरी किस राज्य में स्थित है</strong> <strong> ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>कांची मोक्षदायिनी पुरी तमिलनाडु राज्य में स्थित है |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; मोक्ष द्वार किसे कहा जाता है   ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>हम इन सप्त पुरियो को मोक्ष द्वार कह सकते है |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; मथुरा मोक्षदायिनी पुरी किस नदी के तट पर स्थित है   ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>यमुना </td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; अयोध्या मोक्षदायिनी पुरी किस नदी के तट पर स्थित है?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>सरयू</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; सप्त पुरियो में से कौन सी पुरी एक धाम भी है   ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211;</strong> द्वारका सपूत पुरियो में से एक पुरी है और चार धाम में से एक धाम भी है |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; सप्त पुरियो में से कौन सी पुरी एक ज्योतिर्लिंग भी है   ?</strong></td></tr><tr><td><strong>उत्तर &#8211; </strong>बनारस जिसे हम काशी भी बोलते है यही एक ऐसा पुरी है जो की द्वादश क्योतिर्लिंग में से एक है यहाँ बाबा विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग है |</td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211; सप्त पुरी किन नदियों के किनारे पर है  ?</strong></td></tr><tr><td><strong>प्रश्न 1 &#8211;</strong> सप्त पुरी सात है और सभी अलग अलग नदी के किनारे पर बसे है <br>अयोध्या &#8211; सरयू नदी <br>मथुरा &#8211; यमुना नदी <br>बनारस &#8211; गंगा नदी <br>द्वारिका &#8211; गोमती नदी <br>कांचीपुरम &#8211; पलार  नदी <br>हरिद्वार &#8211; गंगा नदी <br>उज्जैन &#8211; क्षिप्रा नदी </td></tr></tbody></table></figure>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/sapta-puri-7-holy-city-of-hinduism/">Sapta Puri | भारत के सात ऐसे पावन स्थल जिन्हें मोक्ष दायिनी कहा जाता  है</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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