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	<title>Hill Station Archives - SAFAR JANKARI</title>
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	<description>भारत के पर्यटन स्थलों की जानकारी -Travel Blog in Hindi</description>
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		<title>टनकपुर में घूमने की जगहें &#8211; Tanakpur Tourist Places की A to Z जानकारी</title>
		<link>https://safarjankari.com/tanakpur-tourist-places-ki-a-to-z-jankari-hindi-me/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Oct 2021 08:10:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
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		<category><![CDATA[शारदा घाट टनकपुर]]></category>
		<category><![CDATA[श्री सिद्धबाबा मन्दिर नेपाल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>टनकपुर एक टाउन है जो की उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले में आता है यहाँ घूमने के लिये आपको माँ पूर्णागिरि मन्दिर , शारदा घाट , श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर, श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर मिलेंगे इसके अलावा टनकपुर  से थोड़ी ही दूरी पर नेपाल के कंचनपुर जिले में ब्रम्हदेव नाम के स्थल पर बाबा सिद्धनाथ का मन्दिर है और घूमने की बात करे तो यहाँ से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर सिखों का पवित्र स्थल श्री गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब है  &#124;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>टनकपुर</strong> एक टाउन है जो की <a href="https://safarjankari.com/tag/uttarakhand/">उत्तराखण्ड</a> राज्य के चम्पावत जिले में आता है यहाँ घूमने के लिये आपको माँ पूर्णागिरि मन्दिर , शारदा घाट , श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर, श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर मिलेंगे इसके अलावा <strong><em>टनकपुर</em></strong>  से थोड़ी ही दूरी पर <a href="https://www.welcomenepal.com/">नेपाल</a> के कंचनपुर जिले में ब्रम्हदेव नाम के स्थल पर बाबा सिद्धनाथ का मन्दिर है और घूमने की बात करे तो यहाँ से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर सिखों का पवित्र स्थल श्री गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब है  |</p>



<p class="has-text-align-justify">अच्छा यहाँ पर शारदा नदी में राफ्टिंग का भी लुत्फ़ उठा सकते हो , यहाँ पर बूम नाम की जगह पर आप राफ्टिंग की सेवा पा सकते है  और Tanakpur में एक झील भी है जिसे श्यामलाताल कहते है |</p>



<h2 class="wp-block-heading">टनकपुर के बारे में </h2>



<p class="has-text-align-justify">वैसे तो <strong>टनकपुर</strong> माँ पूर्णागिरि मन्दिर के लिये ही जाना जाता है लेकिन इस पवित्र मन्दिर के अलावा भी यहाँ कुछ पर्यटन स्थल है जहाँ आप जा सकते हो सबसे पहले आप जान लो की यह स्थल  चम्पावत जिले  के अन्तर्गत आता है यहाँ एक सरकारी बस अड्डा है और एक रेलवे स्टेशन भी है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> यहाँ की मार्केट भी ठीक ठाक है जहाँ आपके काम का सब सामान आसानी से मिल जायेगा , यहाँ पे ढेर सारे होटल धर्मशालाये रेस्टोरेंट भी उपलब्ध है जिससे आपको ठहरने और खाने पीने की यहाँ कोई मुश्किल नहीं होगी |</p>



<p class="has-text-align-justify">आपको एक जानकारी और दिए दे रहे है स्वामी विवेकानंद जी 20 जनवरी 1901 को <strong><em>टनकपुर</em></strong>  आये थे और एक किराने की दूकान पर रात्रि विश्राम किया था स्वामी जी के साथ स्वामी शिवानंद , स्वामी सदानद , स्वामी विरजानन्द और लाला गोविन्द शाह भी थे |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे टनकपुर </h4>



<p class="has-text-align-justify">यह एक जानी पहचानी जगह है तो यहाँ आपके लिए रेल सड़क वायु तीनो माध्यम खुले हुए हो आपको जिस भी माध्यम से ठीक लगे आप उसी साधन से आये  हमने अपनी पिछली पोस्ट Maa Purnagiri में <strong>टनकपुर </strong>पहुँचने की समस्त डिटेल्स दे दी है आप वहां जाकर आप पढ़ सकते हो अरे छोड़ो  मै आपको अपनी पिछली पोस्ट से लेके यही कॉपी किये दे रहा हूँ &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">हवाई मार्ग से </h5>



<p>यदि आप हवाई मार्ग मतलब हवाई जहाज से <strong><em>टनकपुर</em></strong>  आना चाहते हो तो आप जान लो यहाँ का निकटतम एअरपोर्ट पन्तनगर है जो की यहाँ से लगभग 100 किलोमीटर दूर होगा और पन्तनगर से आपको यहाँ के लिए टैक्सी आदि मिल जाएँगी |</p>



<h5 class="wp-block-heading">रेल मार्ग  से </h5>



<p>यदि आप ट्रेन द्वारा यहाँ आना  चाहते हो आप को बता दे की<strong> टनकपुर</strong> में एक रेलवे स्टेशन है जिसका कोड TPU है इस रेलवे स्टेशन पे कई ट्रेन है एक ट्रेन दिल्ली से भी टनकपुर आती है बाकी एक है वो लखनऊ बरेली होते हुए<strong><em> टनकपुर</em></strong>  जाती है तो आप देख ले आपके शहर से यहाँ की कोई सीधी ट्रेन है या नहीं है तो कोई दिक्कत ही नहीं यदि नहीं है तो आप के आसपास के किसी शहर जैसे दिल्ली , लखनऊ , पीलीभीत , बरेली , प्रयागराज , गाजियाबाद , मुरादाबाद आदि तक अगर ट्रेन हो आप यहाँ आ जाये फिर यहाँ से आप <strong><em>टनकपुर</em></strong>  की ट्रेन ले सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="700" height="495" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/टनकपुर-रेलवे-स्टेशन.jpg" alt="टनकपुर रेलवे स्टेशन" class="wp-image-10650" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/टनकपुर-रेलवे-स्टेशन.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/टनकपुर-रेलवे-स्टेशन-300x212.jpg 300w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /><figcaption>टनकपुर रेलवे स्टेशन</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">सड़क मार्ग से </h5>



<p>यह शहर  बहुत ही अच्छी तरह से भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है दिल्ली लखनऊ जैसे शहरो से तो आपको सीधी बस मिल जाएगी और आप अपने साधन से भी बड़ी ही आसानी से यहाँ आ सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">मैंने दिल्ली से <strong>टनकपुर</strong> की जो बस चलती है उसके किराये की बात नहीं की थी दिल्ली की बात करे तो वहां के ISBT आनंद विहार वाले बस स्टैंड से टनकपुर के लिए दिन भर बसे जाती है जिनका किराया महज रूपये 415 है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कहाँ रुके | Where to Stay in Tanakpur in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">किसी भी तरह की यहाँ रुकने की कोई परेशानी नहीं है इस स्थल पर बहुत सी धर्मशालाये है जिनकी लोकेशन की बात करे तो ज्यादातर धर्मशाला शारदा घाट के समीप है कुछ एक अच्छे होटल भी यहाँ मौजूद है  यदि आपका बजट बढ़िया है तो आप होटल में भी रुक सकते है लेकिन मेरे हिसाब से यहाँ पर लोग ज्यादा ठहरते नही सभी श्रद्धालु शारदा घाट में स्नान करके माँ पूर्णागिरि निकल जाते है लेकिन कुछ हमारी तरह ऐसे घुमक्कड़ होते है जिनके शहर की मार्किट शहर के लोकल टूरिस्ट स्पॉट में भी रूचि होती है इस प्रकार के लोग यहाँ रुकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कब जाये &#8211; Best Months For Tanakpur Visit</h4>



<p>यह एक ऐसी जगह है जहाँ आप साल भर जा सकते है लेकिन गर्मी यहाँ भी पड़ती है तो बेहतर की मई जून में यहाँ जाने से बचे अगर आपको गर्मी सताती हो तो वरना छुट्टियां तो मई जून में ही होती है बरसात के मौसम में भी अगर ज्यादा जरूरी न हो तो न जाय क्यूंकि माँ पूर्णागिरि पहाड़ पे है और पहाड़ बरसात में थोडा रूठ जाते है |<br></p>



<h4 class="wp-block-heading">टनकपुर के पर्यटन स्थल | Tanakpur Tourist Places in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">अब हम आपको यहाँ के सभी पर्यटन स्थल के बारे में बताने वाले है जिनमे कुछ पर्यटन स्थल <strong>टनकपुर</strong> टाउन में ही है बाकी कुछ थोड़ी दूरी पर है लेकिन मेरा ये मानना है कि जब आप यहाँ आ ही गये है तो क्या पास क्या दूर जो भी टूरिस्ट स्पॉट उधर नजदीक में हो घूम डालिये तो आइये घूमते है अब<strong> Tanakpur Tourist Places<em> </em></strong>&#8211;</p>



<h5 class="wp-block-heading">शारदा घाट</h5>



<p class="has-text-align-justify">शारदा नदी पे बना एक घाट जिसे शारदा घाट कहते है यहाँ स्नान करना बड़ा पुण्य का काम है यह स्थल <strong>टनकपुर</strong> रेलवे स्टेशन से समीप ही है आप यहाँ पैदल ही जा सकते है यहाँ पर एक सुन्दर सा घाट बना हुआ है जहाँ आप स्नान कर सकते हो |</p>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ आपको चेंजिंग रूम भी देखने को मिल जायेंगे जो महिला श्रधालुओ के लिए टनकपुर नगर पालिका ने बनवाये है जो कि एक बढ़िया बात है , घाट के सामने ही हरे भरे पहाड़ है अब आप जरा सोचो  कल कल करती माँ शारदा और सामने हरे हरे पहाड़ कितना सुन्दर द्रश्य होगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">शारदा घाट प्रांगण में कुछ छोटे छोटे मन्दिर बने हुए है जिनमे शारदा मैया का मन्दिर , शनि देव का मन्दिर प्रमुख है अच्छा इस घाट पे मुंडन भी होते है और मुंडन संस्कार के लिए एक बरामदा सा यहाँ बना है , शारदा घाट पे आपको लैया वाला प्रसाद भी मिल जायेगा तो आप सबसे पहले इस घाट पे स्नान करे उसके बाद ही अन्य जगहों पर जाए |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="751" height="418" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/शारदा-घाट-टनकपुर.jpg" alt="शारदा घाट टनकपुर" class="wp-image-10652" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/शारदा-घाट-टनकपुर.jpg 751w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/शारदा-घाट-टनकपुर-300x167.jpg 300w" sizes="(max-width: 751px) 100vw, 751px" /><figcaption>शारदा घाट टनकपुर</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर  </h5>



<p class="has-text-align-justify">इस मन्दिर की <strong><em>टनकपुर</em></strong>  में अत्यधिक मान्यता है माँ पूर्णागिरि के भक्तो की यह तपस्थली हुआ करता था इस मंदिर का शिवलिंग प्राकृतिक है इस मन्दिर प्रांगण में आपको श्री राधा कृष्ण मन्दिर , श्री शीतला माता मंदिर , श्री दुर्गा माता मंदिर , श्री संतोषी माता मंदिर और एक बरामदा जिसमे आप निशुल्क विश्राम कर सकते है देखने को मिल जायेगा यहाँ पर बेंच वगैरह भी है यह पवित्र मन्दिर आपको शारदा घाट से पहले ही रास्ते में मिलेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify"> आगे यहाँ की पौराणिक कहानी की बात करे तो चमपवत के सौज और धोन गाँव के तीन बब्राम्हणों को एक सपना आया और उस सपने में महादेव ने उन ब्राम्हणों को बताया की महादेव शारदा , बूम और कांकड़ घाट के भंवर में फसे है तो जब वे ब्राम्हण वहा गए तो उन्हें सच में एक शिवलिंग वहा फंसा मिला फिर क्या था ब्राम्हण बंधु उसे निकलकर टनकपुर ले आये और विश्राम करने के लिए उस दिव्य पंचमुखी शिवलिंग को एक स्थान पर रख दिया फिर उसके बाद जब वो लोग चले और शिवलिंग को उठाया तो वो शिवलिंग उठा ही नहीं बस जहाँ पर यह शिवलिंग रखा था वही पे आज  श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर  स्थित है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="552" height="506" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-पंचमुखी-महादेव-मन्दिर-टनकपुर.jpg" alt="श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर टनकपुर" class="wp-image-10653" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-पंचमुखी-महादेव-मन्दिर-टनकपुर.jpg 552w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-पंचमुखी-महादेव-मन्दिर-टनकपुर-300x275.jpg 300w" sizes="(max-width: 552px) 100vw, 552px" /><figcaption>श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर टनकपुर</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर</h5>



<p class="has-text-align-justify">शारदा घाट के ही समीप स्थित है बजरंग बली का एक बहुत ही पवित्र मन्दिर जिसकी वहां के स्थानीय लोगो में बहुत ज्यादा मान्यता है यहाँ लोग अपनी मन्नते लेकर आते है इस मन्दिर का नाम है श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर तो यहाँ भी आप दर्शन जरूर करे काफी साफ़ सुथरा मन्दिर है और बहुत ही सुन्दर हनुमान जी की प्रतिमा बनी हुई है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="574" height="404" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-बालाजी-धाम-हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-टनकपुर.jpg" alt="श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर टनकपुर" class="wp-image-10654" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-बालाजी-धाम-हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-टनकपुर.jpg 574w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-बालाजी-धाम-हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-टनकपुर-300x211.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/श्री-बालाजी-धाम-हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-टनकपुर-130x90.jpg 130w" sizes="auto, (max-width: 574px) 100vw, 574px" /><figcaption>श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर टनकपुर</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-red-color">तो अब</mark> <mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-red-color">आपने शारदा घाट देख लिया  श्री पंचमुखी महादेव मन्दिर मन्दिर देख लिया  श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर  देख लिया ये तीनो ही आसपास ही है आप आराम से पैदल इन जगहों को घूम सकते हो अब थोडा आगे चलते है |</mark></p>



<h5 class="wp-block-heading">बूम राफ्टिंग पॉइंट </h5>



<p class="has-text-align-justify">जी हां वही राफ्टिंग जो आपने ऋषिकेश में देखि होगी उसी तरह की राफ्टिंग <strong><em>टनकपुर</em></strong>  में शारदा नदी में होती है यह मुख्य शहर से लगभग 8-10 किलोमीटर दूर पूर्णागिरि रोड पर ही बूम रेंज में होती है यदि आप राफ्टिंग करना चाहते हो तो यहाँ जरूर जाए यहाँ पर नाईट कैम्प की भी व्यवस्था है नाईट कैम्प मतलब खुले आसमान के नीचे एक कैम्प में आप रात गुजारे , बूम रेंज में ही एक मंदिर है जिसका नाम बूम मन्दिर श्री आद्य शक्ति पीठ है यहाँ भी आप दर्शन कर सकते हो |</p>



<h5 class="wp-block-heading">माँ पूर्णागिरि मन्दिर</h5>



<p class="has-text-align-justify">माँ पूर्णागिरि धाम<strong>  <strong>Tanakpur Tourist Places</strong> </strong> का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला टूरिस्ट स्पॉट है टनकपुर के नाम से लोग पूर्णागिरि को ही जानते है यह ,यह मन्दिर पहाड़ो पर बना है जहाँ का रास्ता बहुत ही ज्यादा नैसर्गिक सुन्दरता को लपेटे हुए है श्री पूर्णागिरि धाम 108 शक्तिपीठो में से एक शक्तिपीठ है और इसकी उत्तर भारत में अत्यधिक मान्यता है यहाँ श्रधालुओ का तांता साल भर लगा रहता है यहाँ जाने के लिए आपको 3 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">तो इस पावन धाम की अधिक जानकारी के लिए आप नीचे क्लिक करे और सारी जानकारी पढ़ ले |<br><a href="https://safarjankari.com/maa-purnagiri-yatra-ki-a-to-z-jankari/">Maa Purnagiri Yatra ki A to Z Jankari – माँ पूर्णागिरि मन्दिर कैसे जाये कहा ठहरे</a></p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="358" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ke-do-Raste.jpg" alt="Maa Purnagiri Mandir ke do Raste" class="wp-image-10610" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ke-do-Raste.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ke-do-Raste-300x269.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">श्री सिद्धबाबा मन्दिर कंचनपुर नेपाल </h5>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ की मान्यता है की जब तक सिद्धबाबा के दर्शन न कर लो तब तक माँ पूर्णागिरि के दर्शन अधूरे माने जाते है तो आपको बता दे की श्री सिद्धबाबा का यह मन्दिर <strong>टनकपुर &#8211; नेपाल</strong> के बॉर्डर को पार करके नेपाल के कंचनपुर जिले में ब्रम्हदेव नाम की जगह पर स्थित है , यहाँ पर आने के लिए सबसे पहले आपको टनकपुर / शारदा बैराज आना होगा फिर शारदा नदी पर बने पुल को पार करके आप नेपाल की सीमा में प्रवेश करोगे | </p>



<p>वहां आपकी आईडी देखि जाएगी उसके बाद आप या तो पैदल या फिर वहां मोटर साईकिल वाले १० रूपये प्रति व्यक्ति लेकर आपको ब्रम्हदेव की बाजार के पास छोड़ देंगे | ब्रम्हदेव की इस बाजार से सिद्ध बाबा का मन्दिर नजदीक ही है यहाँ आप का मन हो तो शौपिंग भी कर सकते है खैर आइये अब करिए श्री सिद्ध बाबा के दर्शन , सिद्ध बाबा मंदिर परिसर में  एक विष्णु जी का भी मन्दिर है साथ में ही कुछ प्राचीन मंदिर भी है आप सभी के दर्शन कर ले  | </p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/सिद्धबाबा-मन्दिर-ब्रम्हदेव-नेपाल.jpg" alt="सिद्धबाबा मन्दिर ब्रम्हदेव नेपाल" class="wp-image-10616" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/सिद्धबाबा-मन्दिर-ब्रम्हदेव-नेपाल.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/सिद्धबाबा-मन्दिर-ब्रम्हदेव-नेपाल-267x300.jpg 267w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>सिद्धबाबा मन्दिर ब्रम्हदेव नेपाल</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">श्यामलाताल </h5>



<p class="has-text-align-justify">मुख्य शहर<strong><em> टनकपुर </em></strong> से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर एक बहुत ही शांत और मनोरम जगह है जहाँ आपको एक प्राकृतिक झील दिखाई देती है इस जगह का रख रखाव उत्तम नहीं है यहाँ साफ़ सफाई का भी अभाव देखने को मिल जाता है इस  झील  के  काले नीले पानी में आप नौका विहार भी कर सकते है , इस झील के अलावा यही पर <a href="https://www.culturalindia.net/reformers/vivekananda.html" target="_blank" rel="noreferrer noopener">स्वामी विवेकानन्द</a> जी का आश्रम स्थित है जिसकी स्थापना सन 1913 में की गई थी |</p>



<p class="has-text-align-justify">श्यामलाताल में आपको बहुत ही तरह के गुलाब के पौधे मिल जायेंगे , श्यामलाताल से आपको हिमालय भी देखने को मिलता है कुल मिलाकर यदि आपको किसी शांत जगह की तलाश है तब तो आप श्यामलाताल चलो ,  <strong>Tanakpur Tourist Places</strong>  में अब यह स्थल भी फेमस हो रहा है  |</p>



<h5 class="wp-block-heading">श्री गुरुद्वारा नानकमता साहिब </h5>



<p class="has-text-align-justify">यह एक बहुत ही पवित्र और मान्यता वाला गुरुद्वारा है  जो की<strong><em> टनकपुर</em></strong>  से 40 किलोमीटर की दूरी पर है टनकपुर से खटीमा फिर खटीमा से नानकमत्ता आप जा सकते है वैसे Tanakpur से नानकमत्ता के लिए सीधी बस भी मिल जाएगी ये जो नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारा है इसके कैम्पस में एक पवित्र सरोवर है एक पवित्र पीपल का पेड़ है और यहाँ की हर एक जगह बहुत ही सुन्दर बनाइ गई है  मुख्य गुरुद्वारा पूरा सफ़ेद  संगमरमर से बना है  |</p>



<p class="has-text-align-justify">नानकमत्ता में एक झील भी है जिसे नानक सागर के नाम से जानते है यहाँ आप बोटिंग का मजा ले सकते और सच बता रहा हु नानक सागर में आपको बहुत ही बढ़िया व्यू मिलेंगे खासकरके सनसेट यदि आप नेचर फोटोग्राफी के शौक़ीन है तो आप नानक सागर जरूर आये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/नानकमत्ता-टनकपुर-के-समीप.jpg" alt="नानकमत्ता टनकपुर के समीप" class="wp-image-10651" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/नानकमत्ता-टनकपुर-के-समीप.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/नानकमत्ता-टनकपुर-के-समीप-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>नानकमत्ता टनकपुर के समीप</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Nanak-Sagar-Near-tanakpur-tourist-places.jpg" alt="Nanak Sagar Near tanakpur tourist places" class="wp-image-10649" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Nanak-Sagar-Near-tanakpur-tourist-places.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Nanak-Sagar-Near-tanakpur-tourist-places-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Nanak-Sagar-Near-tanakpur-tourist-places-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">नानकमत्ता में रहने के लिए श्री हरगोबिन्द सराय है जहाँ आप मात्र 100 रूपये में एक रूम पा जाओगे इसके अलावा यदि खाने की बात करे तो यहाँ लंगर चला करता है जिसमे आप निशुल्क पेट भर भोजन कर सकते हो |</p>



<p class="has-medium-font-size">नानकमत्ता की सम्पूर्ण जानकारी के लिए नीचे क्लिक करे &#8211;<br><a href="https://safarjankari.com/gurudwara-shree-nanakmatta-sahib-darshan-ki-jankari/">गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब कैसे पहुँचे कहाँ रुके क्या-क्या देखे भोजन आदि की जानकारी</a></p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-red-color">दोस्तों ज्यादातर लोग माँ पूर्णागिरि दर्शन करने <strong>टनकपुर </strong>आते है और मातारानी के दर्शन करके वापस अपने घर लौट जाते है लेकिन मेरी मानिये तो आप सिर्फ एक दिन एक्स्ट्रा लेके आइये और सबसे पहले टनकपुर शहर में ही शारदा घात पर स्नान करिए फिर श्री बालाजी धाम हनुमान गढ़ी मन्दिर और श्री पंचमुखी महादेव मंदिर के दर्शन करे फिर निकल पड़िये माँ पूर्णागिरि धाम की और वहां रास्ते में प्राकृतिक मनोरम द्रश्यो को निहारते हुए मातारानी के दर्शन करिए  अब निकल पड़िये टनकपुर बैराज और जाइये नेपाल स्थित श्री सिद्धबाबा के दर्शन करने |</mark></p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"><mark style="background-color:rgba(0, 0, 0, 0)" class="has-inline-color has-vivid-red-color">इसके बाद यदि आपको राफ्टिंग का शौक है तो आप बूम रेंज जाइये यदि आपको झील देखने का मन हो तो श्यामलाताल जाइये ये आपकी रूचि पर है कही का न मन हो तो इन दोनों जगहों में से कही न जाइये आपकी मर्जी लेकिन आपको <strong>टनकपुर</strong> से 40 किलोमीटर दूर नानकमत्ता जरूर जाना चाहिए अगर आप वहां गये तो वहां के गुरूद्वारे , नानक सागर आपको बहुत ही पसंद आयेंगे |</mark></p>



<p>टनकपुर में घूमने से सम्बन्धित प्रश्न </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456035655"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टनकपुर कहा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">टनकपुर  उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456096107"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टनकपुर क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">टनकपुर माता पूर्णागिरि मन्दिर के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456140946"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टनकपुर कौन से राज्य में पड़ता है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">उत्तराखण्ड</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456194519"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बरेली से टनकपुर की दूरी कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 113 किलोमीटर </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456242634"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बरेली से टनकपुर के लिये कौन सी ट्रेन है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"> बरेली से टनकपुर के लिये त्रिबेनी एक्सप्रेस  ट्रेन है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456292847"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; लखनऊ से टनकपुर के लिये कौन सी ट्रेन है</strong> <p class="schema-faq-answer">त्रिबेनी एक्सप्रेस </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456353850"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; पीलीभीत से टनकपुर की दूरी कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 62 किलोमीटर </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662456388674"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टनकपुर में कौन सी नदी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">शारदा नदी </p> </div> </div>



<p>हमने इस पोस्ट में आपको <strong>Tanakpur Tourist Places</strong> की सारी जानकारी दो तो यही आपको <strong>टनकपुर</strong> की यह पोस्ट पसंद आई हो तो कमेन्ट करके बताये |</p>
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		<title>Maa Purnagiri Yatra ki Jankari &#8211; माँ पूर्णागिरि मन्दिर कैसे जाये कहाँ रुके</title>
		<link>https://safarjankari.com/maa-purnagiri-yatra-ki-a-to-z-jankari/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 13 Oct 2021 12:09:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Natural]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain]]></category>
		<category><![CDATA[Shaktipeeth]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Maa Purnagiri 108 शक्ति पीठो में से एक है और हिन्दू धर्म में अत्यधिक पूज्यनीय है यह स्थल उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले के  टनकपुर शहर  में है , यहाँ हम आपको माँ पूर्णागिरी के दर्शन से जुड़ी हुई हर एक बात बतायेंग जैसे यहाँ तक कैसे पहुंचे , यहाँ कहाँ ठहरे , क्या क्या दर्शन करे , प्रसाद कहाँ ले , चढ़ाई का रास्ता कैसा है , भोजन की क्या व्यवस्था है  , दर्शन की टाइमिंग क्या है , टनकपुर से यहाँ जाने का रास्ता , माता रानी के अलावा अन्य देखने वाली जगहे आदि &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>Maa Purnagiri </strong>108 शक्ति पीठो में से एक है और हिन्दू धर्म में अत्यधिक पूज्यनीय है यह स्थल<a href="https://safarjankari.com/tag/uttarakhand/"> उत्तराखण्ड </a>राज्य के चम्पावत जिले के  <a href="https://www.euttaranchal.com/tourism/tanakpur.php" target="_blank" rel="noreferrer noopener">टनकपुर</a> शहर  में है , यहाँ हम आपको माँ पूर्णागिरी के दर्शन से जुड़ी हुई हर एक बात बतायेंग जैसे यहाँ तक कैसे पहुंचे , यहाँ कहाँ ठहरे , क्या क्या दर्शन करे , प्रसाद कहाँ ले , चढ़ाई का रास्ता कैसा है , भोजन की क्या व्यवस्था है  , दर्शन की टाइमिंग क्या है , टनकपुर से यहाँ जाने का रास्ता , माता रानी के अलावा अन्य देखने वाली जगहे आदि |</p>



<p class="has-text-align-justify">तो दोस्तों कुल मिलकर मैंने बहुत की मेहनत करके यह पोस्ट तैयार की है जिससे की यदि आपको भविष्य में कभी भी  <strong>Maa Purnagiri</strong>  माँ पूर्णागिरि मंदिर आना हो तो आप को इस पोस्ट से  काफी सहूलियत होगी |</p>



<h2 class="wp-block-heading">माँ पूर्णागिरि मन्दिर ( Maa Purnagiri ) के बारे में </h2>



<p class="has-text-align-justify">उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले के टनकपुर नाम के शहर में अन्नपूर्णा शिखर पे  माता रानी का यह पवित्र धाम स्थित है यह नेपाल की सीमा से समीप है  इस मन्दिर की आराध्य देवी महाकाली माँ है कहने का तात्पर्य यह है की पूर्णागिरि मन्दिर में देवी महाकाली की  पूजा अर्चना की जाती है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> इसके अलावा आपको बता दे यही से काली नदी भी निकलती है जो की आगे जाकर शारदा नदी के नाम से जानी जाती है तो देखा जाय तो यह क्षेत्र धार्मिक के साथ साथ मनमोहक प्राकृतिक द्रश्यो से आच्छादित है |</p>



<p class="has-text-align-justify">आप थोडा सा समय निकालकर यहाँ अवश्य आये और आकर माँ पूर्णागिरी के दर्शन करे और प्रकृति की ख़ूबसूरती को बेहद ही नजदीक से जाने Maa Purnagiri Darshan से सम्बन्धित समस्त जानकारी आपको यहाँ मिल जाएगी तो आइये शुरू करते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे पूर्णागिरि मन्दिर &#8211; How to reach Maa Purnagiri Mandir in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">आप कही भी जाते हो सबसे पहले आपके मन में यही आता है आखिर जाए कैसे बस का क्या रूट है ट्रेन का क्या है हवाई जहाज का क्या है इसके बाद उस स्थल का लोकल ट्रांसपोर्ट कैसा है तो आप निश्चिन्त रहे आपकी सभी समस्याओ का समाधान नीचे है |</p>



<p class="has-text-align-justify">माता पूर्णागिरि के दिव्य दर्शन हेतु आपको उत्तराखण्ड में स्थित टनकपुर नाम की जगह पर आना होगा और फिर टनकपुर से मुख्य मन्दिर दूरी लगभग 22 किलोमीटर की है जिसमे से आपको  लगभग 3 किलोमीटर की चढ़ाई पैदल करनी होगी तो आइये सबसे पहले  जान लेते है टनकपुर पहुचने के तरीके &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">हवाई मार्ग से </h5>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप हवाई मार्ग मतलब हवाई जहाज से माँ पूर्णागिरि  के दर्शन करना चाहते हो तो आप जान लो यहाँ का निकटतम एअरपोर्ट पन्तनगर है जो की टनकपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर होगा और पन्तनगर से आपको टनकपुर के लिए टैक्सी आदि मिल जाएँगी |</p>



<h5 class="wp-block-heading">रेल मार्ग  से </h5>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप ट्रेन द्वारा <strong><em>Maa Purnagiri</em></strong>  के दर्शन करना चाहते हो आप को बता दे की टनकपुर में एक रेलवे स्टेशन है जिसका कोड TPU है इस रेलवे स्टेशन पे कई ट्रेन है एक ट्रेन दिल्ली से भी टनकपुर आती है बाकी एक है वो लखनऊ बरेली होते हुए टनकपुर जाती है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> आप देख ले आपके शहर से यहाँ की कोई सीधी ट्रेन है या नहीं है तो कोई दिक्कत ही नहीं यदि नहीं है तो आप के आसपास के किसी शहर जैसे दिल्ली , लखनऊ , पीलीभीत , बरेली , प्रयागराज , गाजियाबाद , मुरादाबाद आदि तक अगर ट्रेन हो आप यहाँ आ जाये फिर यहाँ से आप टनकपुर की ट्रेन ले सकते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">सड़क मार्ग से </h5>



<p class="has-text-align-justify">टनकपुर बहुत ही अच्छी तरह से भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है दिल्ली लखनऊ जैसे शहरो से तो आपको सीधी बस मिल जाएगी और आप अपने साधन से भी बड़ी ही आसानी से यहाँ आ सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब ये तो बात हो गई टनकपुर तक आने की अब ये जानिए कि टनकपुर से माँ पूर्णागिरि मन्दिर तक कैसे जाया जाय &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">टनकपुर से माँ पूर्णागिरि मन्दिर तक कैसे पहुंचे &#8211; How to reach Maa Purnagiri Temple from Tanakpur</h5>



<p class="has-text-align-justify">अब आप टनकपुर आ गए तो आपको टनकपुर रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से बड़ी ही आसानी से शेयर्ड जीप मिल जायेगी जो आपको ठूलीगाड नाम की जगह तक ले जाएगी उसके बाद आपको दूसरी जीप मिलेगी जो आपको टुन्यास तक लेकर आएगी अब टुन्यास वही जगह है जहाँ से माँ पूर्णागिरि की लगभग 3 किलोमीटर की चढ़ाई शुरू होती है कभी कभी आपको टनकपुर से टुन्यास की सीधी जीप भी मिल सकती है इन जीप से जाने का किराया लगभग 60-70 रूपये प्रति व्यक्ति हो सकता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इसके अलावा आप अपने साधन से भी टुन्यास तक आ सकते हो रोड  सही है कही कही पे थोड़ी सी गड़बड़ है यदि आप एक कुशल ड्राईवर है तो आप आ सकते है | ठूलीगाड से टुन्यास (यही से आपको पैदल चढ़ाई करनी है ) की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है | </p>



<p class="has-text-align-justify">अब जो ये 3 किलोमीटर की चढ़ाई है इसमें भी थोड़ी दूर जाकर आपको दो रास्ते दिखाई देंगे दोनों ही बढ़िया है बस एक रास्ते में सीढियां ज्यादा है दूसरे में कम और दोनों ही रास्ते आगे जाकर एकमे मिल जाते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="358" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ke-do-Raste.jpg" alt="Maa Purnagiri Mandir ke do Raste" class="wp-image-10610" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ke-do-Raste.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ke-do-Raste-300x269.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>Maa Purnagiri Mandir ke do Raste Dusra Dahini Taraf hai </figcaption></figure>
</div>


<p><strong>माँ पूर्णागिरी मन्दिर तक आने का बेस्ट तरीका </strong></p>



<p class="has-text-align-justify">सबसे पहले ट्रेन या बस या अपने साधन से टनकपुर आ जाओ अब टनकपुर से बेहतर रहेगा की आप शेयर्ड जीप के माध्यम से ठूलीगाड फिर टुन्यास आओ फिर यहाँ से पैदल चढ़ाई करो और आगे जाकर कम सीढियों वाले रास्ते को चुने जो की आपके दाहिनी तरफ होगा |</p>



<h4 class="wp-block-heading">माता पूर्णागिरि मन्दिर यात्रा में रुके कहाँ &#8211; Where to stay in Mata Purnagiri Tanakpur in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये रुकने की यहाँ बहुत सारी जगहे है आप टनकपुर में ही रुक सकते हो टनकपुर में ढेर सारी धर्मशालाये होटल उपलब्ध है इसके अलावा आप ऊपर जाकर माता रानी के समीप भी रुक सकते है जब आप चढ़ाई शुरू करेंगे तो रस्ते में आपको ढेर सारी प्रसाद की दुकाने दिखाई देंगी और हर एक प्रसाद की दुकान में आपको रुकने की ,  स्नान करने की सेवा निशुल्क मिल जाएगी इसके बदले आप उसी दुकान से प्रसाद खरीदना होगा जिसकी कीमत 50 रूपये से शुरू हो जाएगी वैसे यहाँ आपको 151 , 250 , 500 , 2100 ऐसे रेट बतायेंग लेकिन आप मोलभाव करके अपने हिसाब से प्रसाद ले लीजिये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="375" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ki-Dharmshala.jpg" alt="Maa Purnagiri Mandir ki Dharmshala" class="wp-image-10611" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ki-Dharmshala.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-ki-Dharmshala-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>Maa Purnagiri Mandir ki Dharmshala</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">पूर्णागिरी मन्दिर यात्रा में भोजन की व्यवस्था </h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये टनकपुर तो टाउन है वहा आपको हर प्रकार का भोजन मिल जायेगा लेकिन हम यहाँ पे बात कर रहे ऊपर भोजन की व्यवस्था के बारे में तो आप निश्चिन्त रहे आपको पैदल चढाई के दौरान ढेर सरे होटल मिल जायेंगे जहाँ आप भोजन कर सकते हो |</p>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ की एक औसत थाली की कीमत लगभग 70-80 रूपये होती है जिसमे आपको चार रोटी दाल सब्जी चावल मिल जायेगा इसके अलावा आपको जगह जगह पे और भी खाने पीने जैसे चाय मैगी कोल्डड्रिंक  जैसे अन्य विकल्प भी  मिल जायेंगे |</p>



<h4 class="wp-block-heading">Maa Purnagiri Mandir ke Raste Ke Anya Mandir &#8211; पूर्णागिरि मन्दिर के रस्ते में पड़ने वाले अन्य प्रसिद्ध मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">अब आपको दर्शन करते है माँ पूर्णागिरि रास्ते में पड़ने वाले ऐसे मन्दिरों के बारे में जिनके बिना आपकी यात्रा अधूरी मानी जायेगी &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">टुन्यास का भैरव मन्दिर</h5>



<p class="has-text-align-justify">टुन्यास जी ये वही जगह जहाँ से आपको यात्रा प्रारंभ करनी है यही पे भैरव बाबा का एक मन्दिर है जिसके आपको दर्शन करने है और हा जब <strong><em>Maa Purnagiri</em></strong> के दर्शन कर ले उसके बाद जब आप वापसी करे तब भैरव बाबा के दर्शन अवश्य करे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="370" height="493" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/भैरव-मन्दिर-टुन्यास.jpg" alt="भैरव मन्दिर टुन्यास" class="wp-image-10615" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/भैरव-मन्दिर-टुन्यास.jpg 370w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/भैरव-मन्दिर-टुन्यास-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 370px) 100vw, 370px" /><figcaption>भैरव मन्दिर टुन्यास</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">झूठे का मन्दिर </h5>



<p class="has-text-align-justify">जो भी भक्त माँ पूर्णागिरी के दर्शन हेतु आता है उसे झूठे का मन्दिर में दर्शन करने हेतु अवश्य जाना चाहिए यह आपको चढ़ाई करते समय रास्ते में ही दिखेगा यहाँ पे रुककर दर्शन कर ले , झूठे  का मन्दिर के पास से ही चढ़ाई के दोनों रास्ते एक में मिल जाते है और यही से सिर्फ एक ही रास्ता ऊपर की और जाता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="375" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/झूठे-का-मन्दिर-माँ-पूर्णागिरि-मंदिर.jpg" alt="झूठे का मन्दिर माँ पूर्णागिरि मंदिर" class="wp-image-10614" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/झूठे-का-मन्दिर-माँ-पूर्णागिरि-मंदिर.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/झूठे-का-मन्दिर-माँ-पूर्णागिरि-मंदिर-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>झूठे का मन्दिर माँ पूर्णागिरि मंदिर</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">काली मन्दिर रामबाड़ा</h4>



<p class="has-text-align-justify">रामबाड़ा नाम की जगह पे स्थित है माँ काली का मन्दिर यहाँ से मुख्य मंदिर लगभग एक किलोमीटर ही रह जाता है आप यहाँ रुके और माता महाकाली के दर्शन करे फिर आप ऊपर की और जाए , यहाँ मैंने देखा प्रसाद स्वरुप काले वस्त्र में लिपटी हुई खिचड़ीऔर नारियल गोला लोग माँ काली को अर्पण कर रहे थे  |</p>



<p class="has-text-align-justify">देखिये पूर्णागिरि माँ के रस्ते में आपको ये तीन मन्दिर पड़ेंगे भैरव मन्दिर , झूठे का मन्दिर , काली मन्दिर आपको इन तीनो मन्दिर के दर्शन करने है इसके अलावा की जगह-जगह पर रास्ते में भगवान की प्रतिमाये बनी है दान पेटी रखी है आप का मन हो तो आप दर्शन कर सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Mahakali-Mandir-Near-Maa-Purnagiri.jpg" alt="Mahakali Mandir Near Maa Purnagiri" class="wp-image-10613" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Mahakali-Mandir-Near-Maa-Purnagiri.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Mahakali-Mandir-Near-Maa-Purnagiri-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>Mahakali Mandir Near Maa Purnagiri</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">माता रानी के धाम की यात्रा से सम्बन्धित अन्य उपयोगी जानकारियां </h5>



<p class="has-text-align-justify">सबसे पहले यह जान ले की जो <strong>Maa Purnagiri</strong> की चढ़ाई का रास्ता है बेहद ही मनमोहक है आप जैसे जैसे ऊपर चढ़ेंगे तो आपको बहुत ही हरे भरे पेड़ दिखाई देंगे जो निश्चित तौर से आपको तरोताजा कर देंगे आप चढ़ाई कम सीढ़ी वाले रास्ते से करे तो आपको बहुत ही अच्छे प्राकृतिक व्यू देखने को मिलेंगे यहाँ आपके फोटो वगैरह भी बहुत ही बेहतरीन आयेंगे और आपको यात्रा का मजा भी आएगा , रास्ता में धूप से बचाव हेतु टिन शेड है और किसी प्रकार के हादसे से बचाव हेतु जालियां लगी हुई है  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="300" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-Ka-rasta.jpg" alt="Maa Purnagiri Mandir Ka rasta" class="wp-image-10609" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-Ka-rasta.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Mandir-Ka-rasta-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>Maa Purnagiri Mandir Ka rasta</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">आपको चढ़ाई के दौरान रास्ते में जगह जगह में धर्मशालाए , प्रसाद की दुकाने , होटल , खिलौनों की दूकान , सिन्दूर कड़े चूड़ी कंगन लैया भगवान की फोटो प्रतिमाये ब्रेसलेट माला जैसी सैकड़ो दुकाने मिलेंगी जहाँ आपको यदि शॉपिंग करनी हो तो आप कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">आपको दर्शन नंगे पैर करने होते अब इसका ये मतलब नहीं कि आपको पूरी 3 किलोमीटर की चढ़ाई नंगे पैर करनी है देखिये मुख्य मन्दिर से थोड़ी ही दूरी पे हमको अपने चप्पल जूते उतार देने होते है यही से एकदम खड़ी चढ़ाई शुरू हो जाती है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Pravesh-Dwar.jpg" alt="Maa Purnagiri Pravesh Dwar" class="wp-image-10612" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Pravesh-Dwar.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/Maa-Purnagiri-Pravesh-Dwar-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>Maa Purnagiri Pravesh Dwar</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">यदि आपके पास बैग है तो बैग लेके यात्रा करने में आप परेशान हो सकते हो इसका विकल्प यही है आप चढ़ाई शुरू कर दो जब आपको बैग से दिक्कत महसूस हो तो वही पे जो भी प्रसाद की दूकान हो वही पे विश्राम करे नहा धो ले बैग जमा करके प्रसाद लेके अपने जूते चप्पल वही पे उतार के अपनी आगे की यात्रा माँ के जयकारो के साथ  आरंभ करे |</p>



<p class="has-text-align-justify">दोस्तों सबसे पहले आप <strong>Maa Purnagiri</strong> के दर्शन करे फिर वापसी करते समय माता महाकाली के दर्शन करे फिर झूठे का मंदिर के दर्शन टुन्यास स्थित भैरव बाबा के दर्शन जोकि यात्रा का अन्तिम पड़ाव है | यदि आप भीड़ भाड़ से डरते हो तो आप रात में ही दर्शन कर ले रात में भीड़ कम रहती है |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/mata-vaishno-devi-ki-kahani-history-of-vaishno-devi-temple/">Mata Vaishno Devi Ki Kahani – History of Vaishno Devi Temple</a><br><br><a href="https://safarjankari.com/shri-naina-devi-temple-himachal-pradesh-ki-jankari/">Shri Naina Devi Temple Himachal Pradesh Ki Jankari</a><br><br><a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%b2%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%88%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a4%be/">ललिता देवी मन्दिर नैमिषारण्य जहाँ पूरी होती है हर मनोकामना</a></p>



<p class="has-text-align-justify">आपको रास्ते में काली नदी भी दिखाई देगी जैसे ठूलीगाड में आपको काली नदी और हरे भरे पहाड़ एक साथ दिखाई देते है जो की बहुत ही मनोरम लगता है निसन्देह प्रकृति से सुन्दर कुछ भी नहीं होता है | शारदीय नवरात्रि में यहाँ पर एला लगता है जिसमे अत्यधिक भीड़ होती है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री सिद्धबाबा मन्दिर ब्रम्हदेव कंचनपुर नेपाल</h4>



<p class="has-text-align-justify">ऐसी मान्यता की <strong>Maa Purnagiri</strong> दर्शन के लाभ तभी मिलते है जब आप माँ के दर्शन के बाद नेपाल के कंचनपुर जिले में स्थित श्री सिद्धबाबा के दर्शन न कर ले तो अब आप का अगला पड़ाव श्री सिद्धबाबा मन्दिर होना चाहिए यहाँ आने के लिए आपको टनकपुर से शारदा  बैराज आना होगा जो की आप ई रिक्शा से आ सकते है फिर आपको बैराज को पैदल ही पार करना होगा इसके बाद पड़ेगी नेपाल की चेक पोस्ट जहाँ आप आधार कार्ड या अन्य कोई आईडी दिखाके आगे जाओगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब आग आप चाहो तो श्री सिद्धबाबा मन्दिर तक पैदल जाओ या तो फिर वही आपको मोटसाइकिल वाले मिल जाते है जो प्रति व्यक्ति 10 रूपये लेकर आपको मुख्य बाजार तक छोड़ देते है वहां से मन्दिर पास में ही है रास्ते में नेपाल के लोगो के होटल है दुकाने है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> यहाँ अपनी भारतीय करेन्सी भी चलती है आप इस बाजार को देखते हुये आ जाइये श्री सिद्धबाबा मन्दिर परिसर में  जहाँ आप विष्णु मन्दिर , प्राचीन अखण्ड सिद्ध धुना , प्राचीन कुवां , श्री सिद्ध बाबा मन्दिर के दर्शन करिए और परिसर में हरा भरा पार्क है आप वहा बैठ सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/सिद्धबाबा-मन्दिर-ब्रम्हदेव-नेपाल.jpg" alt="सिद्धबाबा मन्दिर ब्रम्हदेव नेपाल" class="wp-image-10616" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/सिद्धबाबा-मन्दिर-ब्रम्हदेव-नेपाल.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/10/सिद्धबाबा-मन्दिर-ब्रम्हदेव-नेपाल-267x300.jpg 267w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>सिद्धबाबा मन्दिर ब्रम्हदेव नेपाल</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">कब जाए माँ पूर्णागिरी धाम </h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये यहाँ आप दर्शन हेतु कभी भी आ सकते है लेकिन गर्मियों में यहाँ भी गर्मी ही पड़ती बस ऊपर जहाँ माता का मुख्य मन्दिर है वहा हलकी सी ठण्ड लगती है बाकी टनकपुर में गर्मी ही रहती है बरसात में यहाँ जाने से आप बचाव करे क्यूंकि पहाड़ बरसात में थोडा खतरनाक हो जाते है यदि आपको ज्यादा भीड़ भाद पसन्द नहीं है तो यहाँ आप नवरात्र के समय ना जाए क्यूंकि उस समय यहाँ भीड़ होती है मेरे हिसाब से तो बरसात में यहाँ जरूरी न हो तो जाने से बचे बाकि कभी भी जाए |</p>



<p>माता पूर्णागिरि मंदिर टनकपुर से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438304953"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; माता पूर्णागिरि मंदिर कहाँ पर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">उत्तराखण्ड राज्य के चम्पावत जिले के टनकपुर नाम के शहर में अन्नपूर्णा शिखर पे  माता पूर्णागिरि का यह पवित्र धाम स्थित है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438377699"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; माँ पूर्णागिरि मन्दिर की आराध्य देवी कौन है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">माँ पूर्णागिरि मन्दिर की आराध्य देवी महाकाली माँ है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438461447"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; माँ पूर्णागिरि धाम में कौन सी नदी बहती है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">काली नदी जो आगे जाकर शारदा नदी कहलाती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438525167"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टनकपुर से माँ पूर्णागिरि का मुख्य मन्दिर  की दूरी कितने किलोमीटर की है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">टनकपुर से माँ पूर्णागिरि का मुख्य मन्दिर  की दूरी लगभग 22 किलोमीटर की है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438609175"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; माता पूर्णागिरि में कितने  किलोमीटर की चढ़ाई पैदल करनी होगी ?</strong> <p class="schema-faq-answer">आपको  लगभग 3 किलोमीटर की चढ़ाई पैदल करनी होगी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438652328"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211;  <strong>Maa Purnagiri</strong> kis rajya me hai ?</strong> <p class="schema-faq-answer"> <strong>Maa Purnagiri</strong> Uttarakhand rajy me hai </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438689055"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टनकपुर से माँ पूर्णागिरि मन्दिर तक कैसे पहुंचे ? </strong> <p class="schema-faq-answer">आपको टनकपुर रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से बड़ी ही आसानी से शेयर्ड जीप मिल जायेगी जो आपको ठूलीगाड नाम की जगह तक ले जाएगी उसके बाद आपको दूसरी जीप मिलेगी जो आपको टुन्यास तक लेकर आएगी अब टुन्यास वही जगह है जहाँ से माँ पूर्णागिरि की लगभग 3 किलोमीटर की चढ़ाई शुरू होती है कभी कभी आपको टनकपुर से टुन्यास की सीधी जीप भी मिल सकती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438890776"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Maa Purnagiri Mandir ke Raste Ke Anya Mandir kaun kaun se hai ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Tunyas ka Bhairav Mandir<br/>Jhuthe ka Mandir<br/>Kali Mandir Rambada</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662438967337"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; टुन्यास का भैरव मंदिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">टनकपुर में जहाँ से माता पूर्णागिरि की पैदल यात्रा शुरुहोती है उसी जगह का नाम टुन्यास है और वही पर भैरव मंदिर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662439044758"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झूठे का मंदिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झूठे का मंदिर माँ पूर्णागिरि के पैदल मार्ग में पड़ता है यहाँ आप दर्शन जरूर करे |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662439143024"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; पूर्णागिरि धाम जाने का बेस्ट मौसम कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">यहाँ अप बरसात में ना जाये तो बेहतर है बाकी किसी मौसम में जा सकते है बेस्ट की बात करे तो हलकी सर्दी वाले महीने बेस्ट होते है |</p> </div> </div>



<p>तो दोस्तों मैंने ऊपर आपको टनकपुर स्थित माँ पूर्णागिरि मन्दिर यात्रा की ढेर सारी जानकारी दी इसके अलावा भी आपके  मन में कोई भी सवाल हो तो आप मुझसे पूछ सकते  है ,  <strong>Maa Purnagiri</strong>  अप सभी को स्वस्थ रखे |</p>
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		<title>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah  &#8211; उत्तराखण्ड में घूमने की जगह</title>
		<link>https://safarjankari.com/uttarakhand-me-ghumne-ki-jagah/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 May 2021 14:28:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Natural]]></category>
		<category><![CDATA[प्राकृतिक जगहें]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain]]></category>
		<category><![CDATA[Nature]]></category>
		<category><![CDATA[Panch Prayag]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah की बात करे तो देव भूमि उत्तराखण्ड में घूमने के लिए आपके पास ढेर सारे विकल्प मौजूद है इस प्रदेश में आप प्रकृति की अद्भुत सुन्दरता देखने को पाओगे इसके अलावा यहाँ पर तमाम जाने माने मन्दिर , गुरुद्वारा , चर्च , मस्जिद , पार्क , ट्रेक , रोमांच भी पाओगे &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> की बात करे तो देव भूमि <a href="https://knowindia.gov.in/states-uts/uttarakhand.php" target="_blank" rel="noreferrer noopener">उत्तराखण्ड</a> में घूमने के लिए आपके पास ढेर सारे विकल्प मौजूद है इस प्रदेश में आप प्रकृति की अद्भुत सुन्दरता देखने को पाओगे इसके अलावा यहाँ पर तमाम जाने माने मन्दिर , गुरुद्वारा , चर्च , मस्जिद , पार्क , ट्रेक , रोमांच भी पाओगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">कहने का तात्पर्य बस इतना है की आपको देवभूमि <a href="https://safarjankari.com/tag/uttarakhand/">उत्तराखंड</a> में केदारनाथ बाबा , बद्रीनाथ धाम , हेमकुण्ड साहिब जैसी धार्मिक जगहे भी मिलेंगी वही नैनीताल भीमताल कौसानी रानीखेत अल्मोड़ा औली चोपता मसूरी धनोल्टी जैसी जगहे भी है जहा आप झीले , झरने , पहाड़ , हरियाली का अनन्द ले सकते है वही गंगोत्री यमुनोत्री देवप्रयाग हरिद्वार जैसे स्थल भी है जहाँ आप पावन नदियों में स्नान कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इसके आलावा यदि आपको रोमांच पसंद हो तो आप ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग का मजा ले सकते हो वही नैनीताल तरफ आपको और भी साहसिक गेम्स देखने को मिलेंगे , आपको बर्फ देखनी हो तो ठण्डी के मौसम में औली चोपता धनोल्टी में आप यह सुख भी ले सकते हो |</p>



<h3 class="wp-block-heading">अब जानते है Uttarakhand me Ghumne Ki jagah का वर्गीकरण</h3>



<p>देवताओं की भूमि कहे जाने वाले उत्तराखण्ड को दो मण्डलो में बात दिया गया है जीने नाम कुमायूं और गढ़वाल है और इन्ही दोनों मण्डलो में उत्तराखण्ड के समस्त जिले और <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> आती है आइये अब आपको यह भी बता दे की कौन सा जिला किस मण्डल में आता है <br><br><strong>कुमाऊ मण्डल </strong>&#8211;  बागेश्वर , चम्पावत , अल्मोड़ा, नैनीताल , पिथोरागढ़ और उधमसिंह नगर |<br><br><strong>गढ़वाल मण्डल</strong> &#8211; रुद्रप्रयाग , तिहरी गढ़वाल, पौढ़ी गढ़वाल , देहरादून , हरिद्वार , उत्तरकाशी , चमोली |<br><br>अब आप समझ गये होंगे की उत्तराखण्ड का कौन सा जिला किस मण्डल में आता है आइये अब बात करते है <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> के बारे में जिसके अन्तर्गत हम सम्पूर्ण उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों को कवर करेंगे |</p>



<h4 class="wp-block-heading">उत्तराखण्ड में घूमने की जगहे </h4>



<p class="has-text-align-justify">वैसे तो आप पूरे के पूरे उत्तराखण्ड को घूमिए तो आपको मजा ही आएगा परन्तु आज इस पोस्ट में हम आपको कुछ खास खास जगाहोके बारे में बताएँगे &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">देहरादून </h5>



<p class="has-text-align-justify">इस शहर का नाम आपने जरूर सुना होगा क्यूंकि यह उतराखंड की राजधानी है निसंदेह इस शहर में आपको पर्यटन के लिए बहुत कुछ मिल जाएगा |</p>



<p>देहरादून के लिये आपको भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरो से ट्रेन मिल जाएगी इसके अलावा यहाँ एक एअरपोर्ट भी है जिसका नाम जॉलीग्रांट एअरपोर्ट है |<br><br>इस शाहर में घूमने के इए आपको टपकेश्वर महादेव मन्दिर , सहस्त्रधारा , मालसी मृग विहार , राबर्स केव , लच्छीवाला , मिंद्रोलिंग मठ , फेन वेल्ली , तपोवन मन्दिर , जोनल म्यूजियम आदि है यह सभी पर्यटन स्थल अत्यधिक सुन्दर है आपको यहाँ जरूर जाना चाहिये , यहाँ आपको प्राकृतिक सुन्दरता के साथ साथ मन्दिर भी देखने  को मिलेंगे और आप जब भी देहरादून आये तो साथ में मसूरी और धनोल्टी भी जा सकते है आगे इन दोनों जगहों के बारे में भी बताऊंगा |</p>



<h5 class="wp-block-heading">पहाड़ो की रानी मसूरी </h5>



<p>यदि आप एक प्रकृति प्रेमी है आपको पहाड़ पसंद है तो आ जाइए आप मसूरी जो की हिमालय की गोद में स्थित है यह भारत का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है , मसूरी देहरादून से महज 35 किलोमीटर ही है और देहरादून से तमाम सरकारी और प्राइवेट बसे मिल जाएँगी , रहा सवाल रुकने का तो यह एक बड़ा पर्यटन स्थल है तो यहाँ आपको बहुत से होटल मिल जायेंगे आप अपने बजट के अनुसार होटल ले सकते है |<br><br>मसूरी में घूमने के लिये आप गन हिल जा सकते है जो की एक ऊँची छोटी है यहाँ से आप हिमालय का नजारा ले सकते हो इसके आलावा आप केम्पटी फाल जा सकते है जो की एक सुन्दर झरना है , आप लेकमिस्ट जाकर वहां की कृत्रिम झील में नौका विहार कर सकते हो , आप मसूरी झील भी जा सकते हो , लाल टिब्बा आप जरूर जाइये यहाँ से आपको गगनचुम्बी पहाड़ दिखाई देंगे , बौद्ध धर्म का तिब्बती मन्दिर भी यहाँ का प्रमुख पर्यटन स्थल है इसके साथ साथ आप भत्ता फाल , मुनिसिपल गार्डेन या कम्पनी गार्डेन , क्लाउड एंड भी जा सकते हो |</p>



<h5 class="wp-block-heading">धनोल्टी </h5>



<p>यह बेहतरीन पर्यटन स्थल मसूरी से लगभग 60 किलोमीटर और देहरादून से 36 किलोमीटर ही है इस जगह पर आपको सुन्दरता के साथ साथ गज़ब की शांति का अभाष होगा यहाँ आपको प्रकृति से रूबरू होने का मौका मिलता है , यह भी एक जाना मन पर्यटन स्थल है तो हटेल आदि आसानी से मिल जायेंगे और यहाँ आना भी आसान है आपको देहरादून या मसूरी या ऋषिकेश हरिद्वार से बसे भी मिल जाएँगी , <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> में धनोल्तो बेहद खास है |<br><br>धनोल्टी आये तो आप ईको पार्क जरूर घुमे यहाँ के देवदार के पेड़ और हरियाली आपका मन मोह लेगी इसके अलावा एप्पल ओर्चार्ड रिसोर्ट में आप ताज़े फलो का स्वाद लेना न भूले , धनोल्टी का प्रमुख धार्मिक स्थल सुरकंडा देवी मन्दिर है यहाँ आप अवश्य जाये , अगर आप एडवेंचर के शुखीं है तो शिशिर गंगधार जाकर देखे आपको मजा आ जायेगा इन सबके आलावा धनोल्टी में आप कही भी घुमो आपको मजा ही आएगा |</p>



<p>ऋषिकेश </p>



<p>अगर <strong><em>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</em></strong> की बात हो तो योगनगरी ऋषिकेश का ज़िक्र होगा ही यह ऐसा पर्यटन स्थल है जो योग के लिए जाना जाता है धर्म के लिए जाना जाता है , प्राकृतिक सुन्दरता के लिए जाना जाता है , राफ्टिंग जैसे साहसिक खेलो के लिए जाना जाता है , यहाँ पहुंचना अत्यन्त आसान है तमाम शहरो से यहाँ के लिए सीधी ट्रेन है और यदि आपके शहर से ऋषिकेश की कोई सीधी ट्रेन नहीं है तो आप हरिद्वार आके ऋषिकेश आ जाइये |<br><br>यहाँ रुकने की तो कोई दिक्कत ही नहीं है होटल तो बहुत से है उसके अलावा आपको ऋषिकेश में ढेर सारी सुव्यवस्थित सस्ती धर्मशालाए भी मिल जायेंगी जहाँ आप आराम से रुक सकते हो |<br><br>इस शहर में घूमने के लिए आप गंगा नदी पर बने राम झुला , लक्ष्मण झुला , जानकी झुला की और जा सकते है राम झूले के पास आपको परमार्थ निकेतन , गीता भवन , चौरासी कुटिया जा सकते हो , त्रिवेणी घाट पर जाकर गंगा स्नान करे , ऋषि कुण्ड , भारत मन्दिर भी देखे , भूतनाथ मंदिर , त्रयम्बकेश्वर मंदिर देखे फिर नीलकंठ महादेव के दर्शन करे |<br><br><a href="https://safarjankari.com/ram-jhula-ke-aas-paas-ke-parytan-sthal/">राम झूला के आसपास के पर्यटन स्थल</a>   <br><br>ऋषिकेश से थोड़ी ही दूरी पर स्थित माँ कुंजापुरी देवी का मन्दिर है यहाँ भी आप अवश्य जाइये , नीरगढ़ और पटना  और गरुण चट्टी वाटरफाल भी आप जा सकते हो आप दो तीन दिन यहाँ जरूर रुके गंगा आरती परमार्थ निकेतन की देखे त्रिवेणी घाट की देखे बहुत ही मजा आएगा आपको ऋषिकेश में |<br></p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="400" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/परमार्थ-निकेतन-आश्रम-ऋषिकेश.jpg" alt="राम झूला के समीप परमार्थ निकेतन" class="wp-image-2073" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/परमार्थ-निकेतन-आश्रम-ऋषिकेश.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/परमार्थ-निकेतन-आश्रम-ऋषिकेश-300x171.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">हरिद्वार </h5>



<p>यह एक ऐसा धार्मिक स्थान है जहाँ हर साल लाखो की संख्या में पर्यटक आते है और पावन माँ गंगा में डूबुकी लगाते है , हरिद्वार में कुम्भ का मेला भी लगता है , हरिद्वार उत्तराखंड का एक जाना मन शहर है और यहाँ आने के लिए आपको भारत के लगभग सभी प्रमुख शहरो से ट्रेन मिल जाएँगी तो यहाँ आना अत्यंत आसान है |<br><br>हरिद्वार में ठहरने की भी किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है यहाँ आपको तमाम होटल और धर्मशालाए मिल जाएँगी , धर्मशालाओ में आप रुकोगे तो आपको काफी सस्ता पड़ेगा |<br>यहाँ घूमने के लिए बहुत स्थल है जैसे गंगा के घाट जिनमे हरी की पौड़ी , चंडी घाट,  कनखल का घाट प्रमुख है इसके आलावा आप मनसा देवी मंदिर , चंडी दक्ष महादेव मंदिर , भारत माता मन्दिर, माया देवी मन्दिर, पायलट बाबा आश्रम , सप्तऋषि आश्रम , भूमा निकेतन , माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर , तुलसी मानस मंदिर , शिवानन्द धाम , इण्डिया टेम्पल , पावन धाम , पारद शिवलिंग , शांतिकुंज आदि जगहों पर जा सकते हो |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80/">हरिद्वार दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे </a></p>



<p></p>



<h5 class="wp-block-heading">देवप्रयाग </h5>



<p class="has-text-align-justify">उत्तराखंड के पञ्च प्रयाग में से एक देवप्रयाग टीहरी गढ़वाल जिले में आता है इस स्थल पर आप नदियों और पहाड़ो के सुन्दर द्रश्य देख पाओगे , देवप्रयाग आप ऋषिकेश से आ सकते हो लगभग ७० किलोमीटर पड़ेगा , यहाँ घूमने के ज्यादा स्थल तो नहीं है फिर भी आप यहाँ पर दशरथशिला , भागीरथी और अलकनंदा का  संगम , रघुनाथ मंदिर , चन्द्रबदनी मंदिर आदि स्थल देख सकते है |<br></p>



<h5 class="wp-block-heading">उत्तराखंड के चार धाम </h5>



<p>गंगोत्री , यमुनोत्री , केदारनाथ , बद्रीनाथ ये उत्तराखण्ड के चार धाम है जहाँ की अत्यन्त श्रद्धालु दर्शन हेतु आते है इन चारो धाम की सुन्न्द्रता देखते ही बनती है गज़ब का अलौकिक सा माहोल रहता है , <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> में इन धामों को जरूर शामिल करे |<br><br>गंगोत्री माँ गंगा का उद्गम स्थल है यही से माँ गंगा हिमालय से निकलती है यहाँ का सबसे प्रमुख मंदिर गंगोत्री मंदिर है यह स्थान सर्दियों में बर्फ से ढक जाता है यहाँ आने के लिए आपको हरिद्वार ऋषिकेश से बस मिल जाएगी आप जब भी गंगोत्री आये तो हरसिल , डोडी ताल , केदार ताल , दयार बुग्याल , नादाँ वन तपोवन , गोमुख आदि जरूर जाए ये सभी जगहे अनेको प्राकृतिक द्रश्यो से भरी है |</p>



<p>अब हम बात करते है यमुनोत्री की यहाँआने के लिये आपको  सबसे पहले हनुमान चट्टी आना होगा फिर वहां से ट्रेक करके आप यमुनोत्री आएँग , यह स्थान यमुना नदी का उद्गम स्थल है , यहाँ आप गर्म कुण्ड के जल से स्नान करे जो की यमुनोत्री मंदिर के पास ही है यहाँ से 7 किलोमीटर दूर जानकी चट्टी आप जा सकते हो |<br><br>बद्रीनाथ धाम तो लगभग सबने ही सुना होगा यह हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र स्थल है यहाँ  जाने के लिए आपको शुरुआत हरिद्वार या ऋषिकेश से करनी होगी हरिद्वार से बद्रीनाथ धाम लगभग 325 किलोमीटर की दूरी पर होगा , बद्रीनाथ में रुकने के लिए आपको तमाम होटल मिल जायेंगे , यहाँ आप जब भी जाये तो यहाँ की पान्ह्क शिलाओ के दर्शन जरूर करे , यहाँ बने तप्त कुण्ड में स्नान भी करे अब आप नारद कुण्ड , चरण पादुका , माना गाँव , भीम पुल , शेष नेत्र जैसे स्थल भी देख सकते है |</p>



<p>केदारनाथ महादेव का दिव्य स्थान जहाँ का धार्मिक महत्त्व और नैसर्गिक सुन्दरता हर किसी को बुलाती रहती है वैसे तो यह स्थल रुद्रप्रयाग जिले में आता है और यह 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है आप यहाँ भी हरिद्वार या ऋषिकेश से बस के द्वारा जा सकते है हरिद्वार से सोनप्रयाग और सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड तो आप वहां से जा सकते हो उसके बाद की यात्रा आपको पैदल / खच्चर / पिट्ठू से  ही करी होगी  यहाँ सबसे पहले तो आप भोले बाबा के अलौकिक दर्शन करे फिर आप गौरीकुंड , वासुकी ताल भी जा सकते है |<br><br>केदारनाथ मंदिर से 4 किलोमीटर की दूरी पर चोखादो ताल इसे गाँधी ताल भी कहते है यहाँ भी आप जा सकते हो |<br><br>त्रियुगीनारायण मंदिर गौरीकुंड से १० किलोमीटर की दूरी पर है आप यहाँ भी दर्शन हेतु जा सकते है |<br><br>केदारनाथ से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उखीमठ भी आप जा सकते है जब  केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हो जाते है तो उनकी पूजा उखीमठ में की जाती है |<br><br>देवरिया ताल भी यहाँ से  महज 60 किलोमीटर की दूरी पर है और वासुकी ताल भी आप जा सकते हो |<br><br>नोट &#8211; ध्यान से ये चारो छोटे धाम के कपाट खुलने की जानकारी करके ही यहाँ जाए |</p>



<h5 class="wp-block-heading">उत्तराखण्ड के पञ्च प्रयाग </h5>



<p class="has-text-align-justify">प्रयाग शब्द का मतलब नदियों के संगम से होता है तो उत्तराखंड में पांच ऐसे पवित्र स्थल है जहाँ ये संगम हुये है इनको है आइये इनके बारे में भी जान लिया जाय &#8211; </p>



<h6 class="wp-block-heading">देवप्रयाग </h6>



<p>देवप्रयाग के बारे में हम ऊपर बता ही चुके है <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> में ये समस्त प्रयाग बड़े ही खास है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">रुद्रप्रयाग </h6>



<p class="has-text-align-justify">इस स्थल पर मंककिनी और अलकनंदा नदियों का संगम होता है यह स्थल हरिद्वार से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर है , रुद्रप्रयाग संगम से महज ३ किलोमीटर की दूरी पर कोटेश्वर मन्दिर है जहाँ आपको जरूर दर्शन हेतु जाना चाहिए इसके अलावा आप रुद्रनाथ मन्दिर और अगस्त्मुनिजैसे स्थलों पर भी जा सकते है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">कर्णप्रयाग </h6>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ पर अलकनंदा और पिंडर नदियों का संगम होता है , ऋषिकेश से कर्णप्रयाग की दूरी लगभग 173 किलोमीटर है , रुद्रप्रयाग से कर्णप्रयाग की दूरी मात्र ३३ किलोमीटर है यहाँ देखने के लिए आप उमा मंदिर , कर्ण मंदिर , आदि बद्री मन्दिर जा सकते है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">नंदप्रयाग </h6>



<p class="has-text-align-justify">इस स्थल पर अलकनंदा और नंदाकिनी नदी का संगम होता है , नंदप्रयाग कर्णप्रयाग से महज २० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यहाँ के मुख्या मंदिरों में आप गोपाल मंदिर और चंडिका मंदिर है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">विष्णुप्रयाग </h6>



<p class="has-text-align-justify">इस  स्थल पर विष्णुगंगा और अलकनंदा नदी का संगम होता है , नंद्प्रयाग से विष्णुप्रयाग की दूरी 70 किलोमीटर है , यहाँ से 40 किलोमीटर की दूरी पर बद्रीनाथ धाम स्थित है |<br><br><a href="https://safarjankari.com/panch-prayag-ki-samast-jankari/">Panch Prayag Ki Samast Jankari yahan se padhiye </a></p>



<h5 class="wp-block-heading">पञ्च केदार </h5>



<p class="has-text-align-justify">पञ्च केदार मतलब भगवान शिव के पांच पवित्र मन्दिर जो उत्तराखण्ड में स्थित  है ये उत्तराखण्ड के काफी उंचाई पर स्थित शिव मंदिर है इनमे केदारनाथ , तुंगनाथ , रुद्रनाथ , मदमहेश्वर और कल्पेश्वर है |<br><br>केदारनाथ के बारे में हम आपको पहले ही बता चुके  है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">तुंगनाथ </h6>



<p>यह पवित्र शिव मन्दिर रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है इस मंदिर की वास्तुकला देखते ही बनती है , यह स्थल चोपता क्षेत्र में आता है , ऋषिकेश से यहाँ की दूरी लगभग 210 किलोमीटर है यहाँ आप तुंगनाथ मंदिर देखे फिर मंदिर से आगे लगभग 3 किलोमीटर पर चंद्रशिला शिखर है वहां भी आप ट्रेक कर सकते है |<br><br>यहाँ पहुचने के लिए आपको चोपता आना होगा वहां से आप तुंगनाथ मंदिर की और जा सकते है , तुंगनाथ मंदिर का ट्रेक बड़ा ही शनदार है और दिसंबर जनवरी में यहाँ आपको बर्फ भी देखने को मिलती है | चोपता भी एक जाना माना हिल स्टेशन है यहं भी आप घूम सकते हो |</p>



<h6 class="wp-block-heading">रुद्रनाथ महादेव </h6>



<p class="has-text-align-justify">भगवान शिव का यह मन्दिर चमोली जनपद में स्थित है यह मंदिर गोपेश्वर केदारनाथ रोड पर स्थित है , यहाँ जाने के लिए आपको सबसे पहले गोपेश्वर आन अहोगा फिर गोपेश्वर से रुद्रनाथ की यात्रा शुरू होती है , यहाँ की यात्रा में आपको बुग्याल कई प्रसिद्ध मंदिर मिलते है यह यात्रा बेहद ही रोचक होती है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">मदमहेश्वर </h6>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ आने के लिए आपको उखीमठ आना होगा फिर उखीमठ से ऊनिआना गाँव और यहाँ से से लगभग 21 किलोमीटर का ट्रेक करना पड़ता है जिसमे आपको प्रकृति के सुन्दर नज़ारे देखने को मिलते है , यह रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">कलपेश्वर</h6>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ आपको भोलेनाथ की जटा के दर्शन होते है जो की एक चट्टान सी है यह चमोली जिले में है यहाँ आने के लिए आपको हेलंग आना होगा फिर वहां से ट्रेक करके आप इस मन्दिर तक अ सकते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">पञ्च बद्री</h5>



<p class="has-text-align-justify">उत्तराखण्ड में भगवान विश्वु के पांच धाम है जिसमे बद्रीनाथ मन्दिर , ध्यान बद्री ,वृद्ध बद्री , योग बद्री , भविष्य बद्री है बद्रीनाथ धाम के बारे में हम आपको बहा ही चुके है <strong><em>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</em></strong>  में इन बद्री को शामिल करना आवश्यक था |<br><br>योग  ध्यान बद्री जिला चमोली में आता है और यह अलाक्नान्दनादी के किनारे गोविन्द घाट पर बना है यह पांडूकेश्वर नाम की जगह पर है यहाँ भगवान् विष्णु ध्यान की मुद्रा में है |<br><br>भविष्य बद्री भी चमोली जिले में है और यह बद्री जोशीमठ के पास सुभई गाँव में है यहाँ विष्णु जी के नरसिंह रूप की पूजा की जाती है यहाँ आने के लिए आप सबसे पहले जोशीमठ आये फिर सलधर फिर सलधर से 6 किलोमीटर का ट्रेक करके जाए भविष्य बद्री और दर्शन करे |<br><br>वृद्ध बद्री जोशीमठ से लगभग 7 किलोमीटर  दूरी पर स्थित है  नाम के अनुसार इस जगह विष्णु जी की पूजा वृद्ध रूप में की जाती है मतलब बूढ़े रूप में , यह साल के बारह महीने खुला रहता है |<br><br>आदिबद्री यह स्थान कर्णप्रयाग से लगभग 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">श्री हेमकुण्ड साहिब चमोली जिला </h5>



<p>श्री हेमकुण्ड साहिब सिख समुदाय का एक बहुत ही पवित्र स्थल है यह चमोली जिले में है यह एक गुरुद्वारा है यह एक बहुत ही सुन्दर गुरुद्वारा है जिसके किनारे पर एक झील भी है , यह स्थल श्रधालुओ के लिए समूचे साल न खुलकर सिर्फ मई से ओक्टूबर के मध्य ही खुलता   है क्यूंकि बाकी के दिनों में अत्यधिक बर्फ पड़ने के कारण यहाँ की यात्रा कठीन हो जाती है |<br>यहाँ अप लक्ष्मण मन्दिर , कागभुसंडी ताल , भीम पुल , पांडूकेश्वर आदि देख सकते हो यहाँ तक आने के लिए आपको सबसे पहले जोशीमठ तक आना होगा फिर वहां से आपको गोविन्द घाट आना होगा अब गोविन्द घाट से आपको २० किलोमीटर ट्रेक करके हेमकुण्ड साहिब तक आना ओगा |</p>



<h5 class="wp-block-heading">औली </h5>



<p class="has-text-align-justify">औली एक ऐसा नाम जिसे आजकल के घुमक्कड़ बहुत ही पसंद करते है क्यूंकि यहाँ आप प्रकृति को बहुत ही पास से देखते है यहाँ आप बर्फ का भरपूर मजा ले सकते है और आइस स्कीइंग यहाँ से बेहतर शायद  ही आप कही और पाए औली में आप क़वारी बुग्याल , गुरसो बुग्याल , चिनाल झील , छन्ना कुंड , सेल्धार , आदि देख सकते हो |<br>यहाँ तक आने के लिए आपको सबसे पहले जोशीमठ आना होगा जोशीमठ से आप औली रोपवे के द्वारा जाइएगा |</p>



<h5 class="wp-block-heading">जोशीमठ </h5>



<p class="has-text-align-justify">आप देख रहे उत्तराखंड के कई पर्यटन स्थलों को केंद्र जोशीमठ ही है तो आपको जोशीमठ के आसपास के और भी टूरिस्ट सोत बता देते है यहाँ आपको बहुत सारे मठ और मंदिर मिलेंगे और ये स्थल ही बाद्रिनाथ का प्रवेश दार है जोशीमठ चमोली जिले में है नरसिंह मंदिर , ज्योतिरमठ , नंदा देवी राष्टीय उद्यान आप देख सकते हो |</p>



<h5 class="wp-block-heading">फूलो की घाटी</h5>



<p>यह बेहद की खूबसूरत स्थान चमोली जनपद में है और यहाँ आप जोशीमठ से आ सकते हो |</p>



<h5 class="wp-block-heading">कोटद्वार </h5>



<p class="has-text-align-justify">कोटद्वार उत्तराखण्ड राज्य के पौढ़ी गढ़वाल जिले में स्थित है यहाँ का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिद्धबली हनुमान मन्दिर है जो की खोह नदी के किनारे पर है यह एक बहुत सुन्दर स्थल है इसके अलावा यहाँ से 15 किलोमीटर की दूरी पर कण्वाआश्रम है यहाँ भी आप जा सकते है यहाँ आप बड़ी ही आसानी से आ सकते है यह सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है यह स्थान हरिद्वार से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">लैंसडाउन </h5>



<p class="has-text-align-justify">कोटद्वार से लगभग 38 किलोमीटर की दूरी पर लैंसडाउन नाम का एक हिल स्टेशन है जो की टिप एन टॉप के लिए फेमस है यहाँ आपको भीड़ बहुत कम दिखेगी तो आप जीवन में कभी यहाँ का भी प्लान बनाये यह हिल स्टेशन <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> में लोकप्रिय हो रही है  |</p>



<h5 class="wp-block-heading">नैनीताल </h5>



<p class="has-text-align-justify">भारत का एक जाना माना हिल स्टेशन नैनीताल जो की उत्तराखंड राज्य में है यह वाकई में झीलों का शहर है यहाँ घुमने के लिए ढेर सारे विकल्प है यहाँ का सबसे पास का रेलवे स्टेशन काठगोदाम है और काठगोदाम से नैनीताल लगभग 35 किलोमीटर है , यहाँ के मुख्य पर्यटन स्थल में नैना झील , नैना देवी मंदिर , सातताल, जू , रामनगर , रामगढ , भीमताल , माल रोड , हनुमान गढ़ी , मुक्तेश्वर , नौकुचियाताल , थोड़ी दूरी पर कैंची धाम आदि है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">रानीखेत</h5>



<p class="has-text-align-justify">काठगोदाम रेलवे स्टेशन रानीखेत की दूरी महज लगभग 80 किलोमीटर है यहाँ आपको देवदार और चीड़ के ऊँचे ऊँचे पेड़ दिखाई देंगे जो वाकई में बेहद ही खूबसूरत है एक प्रकृति प्रेमी क लिए रानीखेत एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट है यहाँ के मुख्य पर्यटक स्थल चौबटिया , दूनागिरी , गोल्फ का मैदान , शीतला खेत , चिलियानौला , मजखाली , द्वाराहाट , धोलिखेत आदि है यहाँ आने के लिए सबसे पहले आपको काठगोदाम आना होगा फिर काठगोदाम से आप रानीखेत बस , टैक्सी आदि साधनों से पहुँच सकते हो , रानीखेत अल्मोड़ा जिले में है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">अल्मोड़ा </h5>



<p class="has-text-align-justify">यह खुद एक जिला है और काठगोदाम से लगभग 83 किलोमीटर की दूरी पर है यहाँ आप कथोदम से बस या टैक्सी लेके जा सकते हो यहाँ के मुख्य पर्यटन स्थलों में चितई मंदिर , डिअर पार्क , मम्यूजियम , कसार देवी प्रमुख है |<br><br>इसके अलावा अल्मोड़ा के आसपास भी ढेरो पर्यटन स्थल है जिन्हें हम नीचे बता रहे है &#8211; <br>अल्मोड़ा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर जागेश्वर है |<br>अल्मोड़ा से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है बिनसर है |<br>प्राकृतिक सौन्दर्यता से ओत प्रोत कोसी अल्मोड़ा से महज 13 किलोमीटर की दूरी पर है |<br>बैजनाथ जो की एक उत्रुष्ट मंदिरों की श्रंखला है यह अल्मोड़ा से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर है |<br>बागेश्वर भी एक जाना माना पर्यटन स्थल है जो की अल्मोड़ा से मात्र 90 किलोमीटर की दूरी पर है |</p>


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<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/05/Uttarakhand_me_Ghumne_Ki_jagah.jpg" alt="" class="wp-image-10471" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/05/Uttarakhand_me_Ghumne_Ki_jagah.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/05/Uttarakhand_me_Ghumne_Ki_jagah-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2021/05/Uttarakhand_me_Ghumne_Ki_jagah-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">कौसानी </h5>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ की नैसर्गिक सुन्दरता देखते ही बनती है महात्मा गाँधीजी ने कौसानी को धरती का स्वर्ग कहा है यहाँ पर्यटन के बहुत से विकल्प नहीं है लेकिन आप यहाँ आये यहाँ रहे मजा आ जायेगा , कौसानी अल्मोड़ा से 50 किलोमीटर की दूरी पर है यहाँ के मुख्य पर्यटन केंद्र पन्त संग्रहालय , अनासक्ति आश्रम है इसके अलावा कौसानी से 20 किलोमीटर की दूरी पर पिनाकेश्वर है जो की ट्रेकिंग के लिए बेस्ट है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">माँ पूर्णागिरी मन्दिर टनकपुर </h5>



<p class="has-text-align-justify">यह धार्मिक स्थल चम्पावत जिले में है , माँ पूर्णागिरी देवी का मंदिर अन्नपूर्ण शिखर पे है और यह 108 सिद्धपीठो में से एक है यहाँ नवरात्र में अताधिक भीड़ होती है यहाँ आने के लिए आपको सबसे पहले टनकपुर आना होगा टनकपुर एक रेलवे स्टेशन है नै दिल्ली से टनकपुर की दूरी लगभग 330 किलोमीटर है और टनकपुर से यह मंदिर 22 किलोमीटर की दूरी पर है जिसे आप जीप द्वारा जा सकते है बस आपको लगभग 3 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करके माँ तक पहुचना होगा |<br>यहाँ से अप नेपाल के महेन्द्रनगर में स्थित सिद्ध बाबा जा सकते है और टनकपुर में आप शारदा घाट जा सकते है यदि आपको राफ्टिंग का शौख है तो आप बूम राफ्टिंग सन्टर भी जा सकते हो, <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> में माँ के इस धाम का जिक्र बेहद जरूर है  |</p>



<h5 class="wp-block-heading">पिथोरागढ़ </h5>



<p class="has-text-align-justify">पिथोरागढ़ उत्तराखण्ड राज्य का एक जिला है और यहाँ भी पर्यटन के ढेर सारे विकल्प मौजूद है यहाँ आप सीढीनुमा खेत देखने को पाओगे यहाँ का नजदीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर है जो की यहाँ स लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर है यहाँ के मुख्य पर्यटन केंद्र थल केदार ध्वज , चन्दाक आदि है इसके आलावा इसके आसपास भी कुह जाने माने टूरिस्ट पॉइंट है  जिन्हें भी आप जान ले तो बेहतर है |<br><br>पिथोरागढ़ से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है बेरीनाग यहाँ  आप हरे भरे चाय के बागन और हिमालय के ऊँचे पहाड़ देख सकते हो |<br><br>गंगोली हाट नाम की जगह पिथोरागढ़ से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर है |<br><br>नेपाल की सीमा से लगा हुआ धारचूला पिथोरागढ़ से 100 किलोमीटर की दूरी पर है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">मुन्सियारी </h5>



<p class="has-text-align-justify">यह हिल स्टेशन पिथोराढ़ में स्थित है बहुत से लोग इसे उत्तराखण्ड का छोटा कश्मीर कहते है यहाँ के मुख्य पर्यटन स्थल पंचाचूली चोटी , महेश्वरी कुण्ड , बिरथी फाल , नंदा देवी मंदिर , कालामुनी मंदिर , बैतूली धार, दरकोट है काठगोदाम से मुन्सियारी लगभग 275 किलोमीटर की दूरी पर है और टनकपुर से 285 किलोमीटर है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">पातळ भुवनेश्वर </h5>



<p class="has-text-align-justify">पिथोरागढ़ से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है पाताल भुवनेश्वर है जहा बनी गुफाये देखते ही बनती है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">चम्पावत</h5>



<p class="has-text-align-justify">यह जिला उत्तराखण्ड राज्य में है यहाँ के मुख्य पर्यटन स्थल ग्वाल देवता , लोहाघाट , लोहाघाट से 40 किलोमीटर पर पंचेश्वर जगह है जो की चमू मंदिर के लिए प्रसिद्ध है , मायावती आश्रम भी आप जा सकते हो | इसके आलावा गुरुद्वारा रीटा साहिब , आदित्य मंदिर , एबट माउंट भी आप जा सकते हो |</p>



<h5 class="wp-block-heading">केदारकंठा</h5>



<p class="has-text-align-justify">केदारकंठा ट्रेकिंग के शौखीन लोगो के लिये एक उत्तम विकल्प है यह उत्तरकाशी जिले में है यहाँ आने के लिए आपको सांकरी गाँव आना होगा सांकरी गाँव आप देहरादून से आ सकते है फिर यहाँ से आप केदारकंठा का ट्रेक शुरू करेंगे यह सर्दियों में भी खुला रहता है यहाँ के लिए आप गाइड कर ले तो ज्यादा सही रहेगा गाइड आपको सांकरी से मिल जायेंगे |</p>



<h5 class="wp-block-heading">श्रीनगर </h5>



<p class="has-text-align-justify">अरे ये श्रीनगर जम्मू कश्मीर वाला नहीं है भैया ये उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल जनपद का एक टाउन है जो की एक पर्यटन केंद्र है यह जगह अलकनंदा नदी के किनारे पर है यह पर्यटन स्थल ऋषिकेश से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर है |</p>



<h6 class="wp-block-heading">निष्कर्ष </h6>



<p>मैंने इस लेख में <strong><em>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</em></strong> के कई पर्यटन स्थल का जिक्र किया है लेकिन फिर भी अभी भी ढेरो पर्यटन केंद्र जो की उत्तराखंड में होंगे यहाँ आप नहीं पाएंगे क्यूंकि मेरे हिसाब से तो पूरा उत्तराखण्ड ही घूमने वाला है मेरी जानकारी में जो  जो था मैंने यहाँ लिख दिया और भी बहुत से टूरिस्ट स्पॉट जैसे न्यू टिहरी , पौढ़ी , चंबा , जिम कार्बेट , चकराता , कानाताल , पंगोत  आदि भी देखने लायक है |<br><br>खैर कोई नहीं आप सब कमेन्ट करके इस लिस्ट में और भी टूरिस्ट स्पॉट जोड़ दे जिससे जो भी यह लेख पढ़े फिर आपका कमेन्ट पढ़े तो उसे और भी ज्यादा <strong>Uttarakhand me Ghumne Ki jagah</strong> की जानकारी हो जाय धन्यवाद |</p>



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		<title>नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश दर्शन की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे कहाँ रुके</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2020 17:37:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Himachal Ke Paryatan Sthal]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain]]></category>
		<category><![CDATA[Shaktipeeth]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Shri Naina Devi Temple 51 शक्तिपीठो में से एक है और यह पवित्र मन्दिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है यहाँ के बारे में यह कहा जाता है कि यह वही स्थल है जहाँ पर माता सती के नेत्र गिरे थे , नवरात्र में इस स्थान पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है &#124;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"><strong>नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश</strong> <a href="https://safarjankari.com/list-of-51-shakti-peeth-hindi-me/">51 शक्तिपीठो</a> में से एक है और यह पवित्र मन्दिर हिमाचल प्रदेश के <a href="https://www.britannica.com/place/Bilaspur-Himachal-Pradesh-India" target="_blank" rel="noreferrer noopener">बिलासपुर</a> जिले में है यहाँ के बारे में यह कहा जाता है कि यह वही स्थल है जहाँ पर माता सती के नेत्र गिरे थे , नवरात्र में इस स्थान पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है |</p>



<h2 class="wp-block-heading"> नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश बिलासपुर जिला &#8211; Naina Devi Ka Mandir</h2>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">नयना देवी मन्दिर के बारे में मुझे सबसे अच्छी बात ये लगी कि यह हिन्दू धर्म और सिख धर्म दोनों के लिए ही पवित्र स्थल है यहाँ आप जब जाओगे तो देखोगे यहाँ हिन्दू और सिक्ख दोनों ही बहुतायत संख्या में आते है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">अच्छा <strong>नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश<em> </em></strong>की  शिवालिक श्रंखला की एक पहाड़ी पर स्थित है इसलिये यहाँ के प्राकृतिक नज़ारे भी बड़े लुभावने है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">पौराणिक कथा के अनुसार जब माता सती ने अपना अंत कर लिया था तब भोलेनाथ अत्यधिक क्रोधित हो गये थे माता सती के शव को उठाकर ताण्डव करने लगे थे  जिससे काफी नुक्सान हो रहा था |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"> इसीलिये विष्णु जी ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित कर दिया था जिससे माता के शरीर के अंग प्रथ्वी पर कई जगह पर गिरे इस स्थान पर  माँ के नेत्र गिरे थे इसीलिये <strong>Naina Devi Ka Mandir</strong> एक शक्तिपीठ भी है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश कैसे पहुंचे</h4>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">जैसा की पहले ही बताया है कि यह मन्दिर बिलासपुर जिले में स्थित है जो की चंडीगढ़ से 110 किलोमीटर है , अम्बाला शहर से लगभग 140 किलोमीटर है |</p>



<ul class="has-medium-font-size wp-block-list"><li>यदि आप वायुमार्ग से यहाँ आना चाहते है तो सबसे बढ़िया विकल्प चंडीगढ़ है आप पहले चंडीगढ़ पहुंचे फिर वहां से आप बस या टैक्सी करके नयना देवी तक पहुँच सकते है |</li><li>यदि आप रेल मार्ग से आना चाहते है तो आपको बता दे यहाँ का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन आनन्दपुर साहिब है लेकिन हो सकता है की आपके शहर से आनंदपुर साहिब के लिए कोई सीधी ट्रेन न हो तो आप देख लीजिये कि क्या आपके शहर से चंडीगढ़ या  अम्बाला के लिए कोई सीधी ट्रेन है जरूर होगी आप ट्रेन से चंडीगढ़ या अम्बाला पहुच जाए फिर वहां से अप बस या टैक्सी से <strong>नैना देवी मंदिर बिलासपुर</strong> आ सकते है |</li><li>यदि आप सड़क मार्ग से आना चाहते है तो आपको बता दे की पंजाब और हिमांचल प्रदेश के लगभग सभी जगहों से यहाँ से लिए अच्छी सड़के उपलब्ध है |</li></ul>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">बेस्ट और सस्ता तरीका &#8211; सबसे पहले आप चंडीगढ़ या अम्बाला पहुचो ट्रेन से फिर वहां से पैसेंजर ट्रेन आती है आनंदपुर साहिब तक आप आनंदपुर साहिब आ जाओ फिर आनंदपुर साहिब से आप बस या टैक्सी करके नयना देवी आ सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कहाँ रुके &#8211; Dharamshala in Naina Devi</h4>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">आप <strong>नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश</strong> में रुकने की जरा सी भी चिंता न करे पहले आपको बता दूँ की यहाँ आप जब भी दर्शन करने आये तो एक रात रुकिए जरूर क्यूंकि थकान काफी हो जाती है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"> सबसे पहले आपको मुफ्त धर्मशाला <strong>Dharamshala in Naina Devi</strong> के बारे में बता दे धरमशाला को यहाँ सराय बोलते है , नयना देवी मन्दिर के समीप ही एक पटियाला धर्मशाला है जो की निशुल्ल्क है आप यहाँ रुक सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">अब बात करते है नयना देवी मन्दिर ट्रस्ट की ऐसी सराय के बारे में जो की बहुत ही कम शुल्क पर आपको अच्छी सुविधाए देती है जिनके नाम है मात्री आंचल , मात्री छाया और मात्री शरण |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">मात्री आंचल सराय में AC रूम 600 का NON AC रूम 400 का और साधारण रूम 250 का है वही मात्री शरण सराय में AC रूम में 600 का और Non AC 400 का है एक रूम में तीन लोग रुक सकते है और एक व्यक्ति एक्स्ट्रा भी रुक सकता है जिसका अलग से 50 रूपये और देना होगा |</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="250" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Dharamshala_in_Naina_Devi.jpg" alt="Dharamshala in Naina Devi Bilaspur" class="wp-image-2773" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Dharamshala_in_Naina_Devi.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Dharamshala_in_Naina_Devi-300x136.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>Dharamshala in Naina Devi Bilaspur</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">श्री नयना देवी मन्दिर का लंगर</h5>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">मन्दिर ट्रस्ट की तरफ से यहाँ लंगर की भी व्यवस्था है एक अलग से भवन बना हुआ है जिसमे एक साथ अधिकतम 500 व्यक्ति लंगर ग्रहण कर सकते है आप जब भी यहाँ आये एक बार लंगर अवश्य ग्रहण करे क्यूंकि इस प्रसाद में देवी माँ का आशीर्वाद होता है |</p>



<p class="has-medium-font-size">यह भी पढ़े &#8211; <br><a href="https://safarjankari.com/indian-historical-places-in-hindi/">भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों की सूची </a><br><a href="https://safarjankari.com/hanumat-dham-shahjahanpur-travel-guide-hindi/">दुःखहरता विशालकाय हनुमत धाम शाहजहांपुर की सम्पूर्ण जानकारी </a></p>



<h4 class="wp-block-heading">About Shri Naina Devi Temple in Hindi &#8211; नयना देवी मन्दिर के बारे में</h4>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">अब चलते है माँ के दर्शन करने देखिये मुख्य मन्दिर तक पहुँचने के लिए आपके दो विकल्प है एक सीढियों से चढ़कर दूसरा रोपवे से यदि आप पैदल जाना चाहते है तो निश्चिन्त रहिये ये रास्ता ज्यादा लम्बा नहीं है आप आराम से जा सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">आप ध्यान रखे की कार पार्किंग जहा होती है उसके सामने से जाए तो आपको लगभग 200 सीढियां चढ़नी पड़ेंगी |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">आप यहाँ रजिस्ट्रेशन काउंटर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा ले हालाँकि बहुत से लोग रजिस्ट्रेशन कराते ही नहीं |</p>



<h5 class="wp-block-heading">नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश में रोपवे की टाइमिंग </h5>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">देखिये रोपवे का कुछ समय है चलिए देख लीजये अच्छा यहाँ रोपवे को रस्से का मार्ग या रज्जू मार्ग  भी कहा जाता है  &#8211; <br>मार्च से सितम्बर &#8211; सुबह 8 बजे शाम 7 बजे तक <br>अक्टूबर &#8211; सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक <br>दिसम्बर से फरवरी &#8211; सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक </p>



<h5 class="wp-block-heading">श्री नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश में रोपवे का शुल्क </h5>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">एक वयस्क का एक तरफ का जाने का टिकट 110 रूपये है और दोनों तरफ का 170 रूपये  है , बच्चो का कुछ सस्ता टिकट है और विकलांग के लिए यह टिकट बिलकुल मुफ्त है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">नयना देवी मन्दिर परिसर की जानकारी</h5>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">सच में <strong><em>नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश</em></strong>  पहुंचकर आपको एक देवीय उर्जा का एहसास होगा जैसे ही आप मन्दिर देखोगे बस देखते ही रह जाओगे अब आप चप्पल जूता स्टैंड पर अपने जूते चप्पल उतार दे |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"> प्रसाद आदि के लिये यहाँ पर कई दुकाने मिल जाएँगी और मंदिर के समीप ही एक मन्दिर न्यास द्वारा संचालित दुकान भी है जहाँ आपको काफी किफ़ायती पैसो में प्रसाद शुद्ध घी से बनी मिठाइयाँ , बेसन के लड्डू , नारियल , मेवा आदि मिल जायेगा | </p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size"> संगमरमर से बने इस  भव्य मन्दिर का मुख्य मार्ग चांदी से बना हुआ है जिसमे देवताओं की अत्यधिक सुन्दर नक्खाशी की गई है जो की देखते ही बनती है , मुख्य द्वार के दाहिनी तरफ आप देखोगे तो आपको भगवान हनुमान और गणेश जी की प्रतिमाये बनी दिखाई देंगी और शेर की दो प्रतिमाये भी बनी है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">मन्दिर के गर्भ मतलब मुख्य मन्दिर में तीन पिंडिया है जिनके आप दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाइये दाहिनी और नयना देवी की मुख्य मूर्ती है जिसमे आप माँ के नेत्र के दर्शन कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">बीच में नयना देवी दो नेत्र के रूप में है जो की सोने के बने है अब बाई और गणेश जी की प्रतिमा है , अब बाहर आकर मन्दिर की परिक्रमा जरूर करे | </p>



<h5 class="wp-block-heading">माँ नयना देवी मन्दिर परिसर के अन्य धार्मिक स्थल </h5>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">दोस्तों आप माँ के दर्शन करने के बाद कुछ अन्य स्थलों के भी दर्शन करे &#8211; </p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">मन्दिर परिसर में बना पीपल का पेड़ यह अत्यधिक पवित्र माना जाता है इसके दर्शन भी जरूर करे कहाँ जाता है की इस वृक्ष की पूजा करने से आपकी मनोकामनाए पूरी होती है , पीपल के वृक्ष के समीप स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के भी दर्शन करे |</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="320" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Peepal_Ka_Ped_Naina_Devi_Ka_Mandir.jpg" alt="Peepal Ka Ped Naina Devi Ka Mandir" class="wp-image-2774" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Peepal_Ka_Ped_Naina_Devi_Ka_Mandir.jpg 650w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Peepal_Ka_Ped_Naina_Devi_Ka_Mandir-300x148.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>Peepal Ka Ped Naina Devi Ka Mandir</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">यहाँ का प्राचीन हवन कुण्ड जिसके बारे में कहा जाता है की इस हवन कुण्ड की राख को कभी बाहर नहीं निकाला जाता अब यह राख कहा जाती है माँ नयना देवी ही जाने  , गुरु गोविन्द सिंह जी ने इस हवन कुण्ड में हवन किया था |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">हवन कुण्ड के समीप ही एक छोटा सा मन्दिर है जिसमे श्री गणेश और हनुमान जी की प्रतिमाये है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">अब आप श्री नैना देवी की गुफा के भी दर्शन कर ले यह गुफा 70 फिट की है यह एक प्राचीन गुआ है और बहुत ही संकरी है यहाँ अन्दर माँ नयना देवी की प्रतिमा है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">कोला वाला टोबा वैसे तो यह  कमल के फूल के लिए जाना जाता है इसके अलावा यहाँ एक पवित्र तालाब है जिसमे लोग स्नान करके माँ नयना देवी के दर्शन करते है वैसे बहुत से लोग खप्पर महिषासुर नाम के स्थल  ( जो की मुख्य मन्दिर के समीप ही है ) पर भी स्नान करते है   |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">ये सब तो मैंने आपको मन्दिर परिसर या समीप के कुछ धार्मिक स्थल बताये अब आपको बता दे की मुख्य मंदिर अत्यधिक ऊंचाई पर है तो वहां से बेहतरीन प्राकृतिक द्रश्य भी आप देख सकते है और गोविंदसागर झील भी ऊपर से काफी सुन्दर दिखाई देता है |</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="300" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Shri_Naina_Devi_Temple_Himachal_Pradesh.jpg" alt="नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश" class="wp-image-2776" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Shri_Naina_Devi_Temple_Himachal_Pradesh.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2020/04/Shri_Naina_Devi_Temple_Himachal_Pradesh-300x150.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /></figure>
</div>


<p>माता नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश से सम्बन्धित प्रश्न </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660386415582"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश में कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660386481597"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; नैना देवी मन्दिर में कितनी सीढियां है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">नैना देवी मन्दिर में कार पार्किंग के पास से जाने पर आपको लगभग 200 सीढियां चढ़नी होंगी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660386599817"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; नैना देवी मन्दिर कौन से जिले में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660387041812"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; चंडीगढ़ से नैना देवी मन्दिर की दूरी कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">चंडीगढ़ से नैना देवी मन्दिर की दूरी लगभग 105 किलोमीटर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660387111043"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; नैना देवी मन्दिर बिलासपुर कैसे पहुंचे ?</strong> <p class="schema-faq-answer">सबसे पहले आप चंडीगढ़ आ जाओ फिर यहाँ से टैक्सी लेकर श्री नैना देवी मंदिर बिलासपुर आ जाओ या तप आप देख लो कि आनंदपुरसाहिब के लिये कोई ट्रेन हो तो आप सीधे आनंदपुर साहिब आ जाओ यहाँ से नैना देवी मंदिर महज 20 किलोमीटर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660387676013"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; श्री नयना देवी मन्दिर बिलासपुर में कहाँ रुके ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री नयना देवी मन्दिर बिलासपुर में रुकने की फिकर मत करिए आपको मन्दिर के समीप ही बजट में सराय मिल जाएगी यदि आप निशुल्क रुकना चाहते है तो पटियाला धर्मशाला में रुक सकते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660387871955"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; श्री नयना देवी मन्दिर बिलासपुर कब जाये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री नयना देवी मन्दिर बिलासपुर जाने का बेस्ट टाइम अप्रैल से अक्टूबर का है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1660389836288"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; आनंदपुर साहिब और Naina Devi Ka Mandir के बीच की दूरी कितनी हिया ?</strong> <p class="schema-faq-answer">आनंदपुर साहिब और Naina Devi Ka Mandir के बीच की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है |</p> </div> </div>



<h6 class="wp-block-heading">निष्कर्ष </h6>



<p>श्री नयना देवी मन्दिर एक अद्भुत मन्दिर है यहाँ का वातावरण सच में अलौकिक है यहाँ से <a href="https://www.researchgate.net/figure/Map-of-Shivalik-region-in-Himachal-Pradesh-and-Haryana_fig2_281741717" target="_blank" rel="noreferrer noopener">शिवालिक</a> श्रंखला की पहाड़ियां देखो तो यही लगता है हम <a href="https://safarjankari.com/best-16-hill-station-india/">हिल स्टेशन</a> पर है</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">हमने <strong>नैना देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश </strong>के बारे में लगभग सारी जानकारी जैसे यहाँ कैसे पहुचे , <strong>Dharamshala in Naina Devi</strong> आदि आप को दे दी है इसके अलावा यदि आपके पास कोई जानकारी हो तो कमेंट जरूर करे |</p>
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		<title>Top 5 टॉय ट्रेन भारत की , इनका मज़ा ले भारत की इन चुनिन्दा जगहों पर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Dec 2019 18:00:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Maharastra]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>टॉय ट्रेन में यात्रा करने का अपना एक अलग ही मजा है प्रकृति की असीम सुन्दरता को पास से महसूस करना हो देखना हो तो एक बार Toy Train में जरूर बैठे इस पोस्ट में हम आपको इसी विशिष्ट प्रकार की ट्रेन के बारे में विस्तार से बताएँगे वैसे ऐसी अद्भुत ट्रेन आपको भारत के कुछ चुने हुये हिल स्टेशन पर देखने को मिल जायेगी&#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>टॉय ट्रेन</strong> में यात्रा करने का अपना एक अलग ही मजा है प्रकृति की असीम सुन्दरता को पास से महसूस करना हो देखना हो तो एक बार <em><a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Mountain_railways_of_India" target="_blank" rel="noreferrer noopener" aria-label="Toy Train (opens in a new tab)">Toy Train</a></em> में जरूर बैठे इस पोस्ट में हम आपको इसी विशिष्ट प्रकार की ट्रेन के बारे में विस्तार से बताएँगे वैसे ऐसी अद्भुत ट्रेन आपको भारत के कुछ चुने हुये <a href="https://safarjankari.com/hill-station/">हिल स्टेशन</a> पर देखने को मिल जायेगी|</p>



<h2 class="wp-block-heading">टॉय ट्रेन  क्या होती है &#8211; What is Toy Train in Hindi</h2>



<p class="has-text-align-justify">भारत में हिल स्टेशन पर<strong> <em>टॉय ट्रेन</em></strong>  देखी जा सकती है लेकिन यह आपको सभी हिल स्टेशन पर नहीं दिखाई देगी कुछ चुनी हुई जगहों पर भी आप<em> </em> इसका आनंद ले पायेंगे , ये एक कम दूरी की ट्रेन है जो लगभग 100-150 किलोमीटर की दूरी को ही कवर करती है और इनकी स्पीड भी अत्यन्त कम होती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">जैसा आपको पता ही है की <strong> टॉय ट्रेन</strong> हिल स्टेशन पर चलती है तो जाहिर सी बात है की ये ट्रेन कभी आपको हरे भरे जंगलो के बीच से ले जायेगी या कभी किसी सुरंग में घुस जाएगी जहाँ घनघोर अँधेरा हो या कभी किसी ऊँचे पुल को पार करे कहने का तात्पर्य बस इतना सा था की यदि आप इस ट्रेन का सफ़र कर रहे है तो आप पहाड़ो को एकदम से पास से महसूस कर सकेंगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">अच्छा बच्चो को तो  <strong>टॉय ट्रेन</strong> में बहुत ही अच्छा लगता है वैसे बच्चे क्या मजा तो बड़ो को भी बहुत आता है , कुछ की बनावट भी बहुत ही बढ़िया होती है मेरी मानिये तो किसी सपने से कम नहीं होता है इस तरह की ट्रेन में सफ़र करना चलिये अब आपको ये बताया जाये की इन खास तरीके की ट्रेन का लुत्फ़ आप कहाँ कहाँ ले सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की टॉय ट्रेन  &#8211; Darjeeling Himalayan Toy Train in Hindi</h4>



<h5 class="wp-block-heading"><strong>Toy Train from New Jalpaiguri To Darjeeling</strong> in Hindi</h5>



<p class="has-text-align-justify">दार्जिलिंग की यह ट्रेन समूचे विश्व मे प्रसिद्ध है , न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग के बीच की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है और यह <em style="font-weight: bold;">दार्जिलिंग</em> <em><strong>टॉय ट्रेन</strong></em>  इन दोनों पर्यटन स्थलों के बीच चलती है इसी ट्रेन को सन 1999 में वर्ल्ड हेरिटेज साईट का अवार्ड भी मिला चुका है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस ट्रेन का आन्तरिक डिजाईन भी बढ़िया है , इस ट्रेन की मध्यम गति से आप अपने आपको प्रकृति की गोद में पाते हो , यह <em>टॉय ट्रेन </em>अपने मनोरम द्रश्यो की वजह से समूचे भारत भर में पर्यटकों के बीच काफी प्रसिद्ध है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">Ghoom To Darjeeling Toy Train in Hindi</h5>



<p class="has-text-align-justify"><br>आप कभी भी दार्जिलिंग जाये तो इस ट्रेन में जरूर बैठे अच्छा <strong>दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे </strong>में अब कई तरह की टॉय ट्रेन चलती है चलिये एक नज़र डाल ली जाय &#8211; </p>



<p class="has-text-align-justify">आजकल <strong>जॉय राइड</strong> भी काफी चर्चा में है जिसमे आपको <em>दार्जिलिंग से घूम </em> की राउंड ट्रिप का मजा मिलता है इस <em>जॉय राइड</em>  की अच्छी बात यह है की यह बतासिया में 10 मिनट और घूम में 30 मिनट रूकती है तो आप उतरकर प्रकृति की सुन्दरता को अपने कैमरे में भी कैद कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>Ghoom To Darjeeling Toy Train</strong> की बुकिंग आप IRCTC की वेबसाइट से कर सकते है या फिर दार्जिलिंग रेलवे स्टेशन से भी कर सकते है आपको अब भी समस्या हो तो आप दार्जिलिंग पहुँच कर वहां के किसी भी टूर ऑपरेटर से टिकट बुक करवा सकते हो आपको दार्जिलिंग में हर जगह यह सुविधा मिल जायेगी|</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/12/टॉय_ट्रेन_भारत_की.jpg" alt="टॉय ट्रेन" class="wp-image-2344" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/12/टॉय_ट्रेन_भारत_की.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/12/टॉय_ट्रेन_भारत_की-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/12/टॉय_ट्रेन_भारत_की-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>भारत की टॉय ट्रेन</figcaption></figure>



<p class="has-text-align-justify">देखा आपने<em> दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे</em>  में आप कई तरह की <strong>टॉय ट्रेन</strong> (जैसे <strong>Ghoom To Darjeeling Toy Train</strong>, <strong>Toy Train from New Jalpaiguri To Darjeeling</strong>) का मजा ले सकते हो जिनमे से <em>दार्जिलिंग से घूम </em>वाली <em>जॉय राइड </em>और न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग के बीच की <em>toy train </em>ज्यादा प्रचिलित है बाकी एक जंगल सफारी नाम से भी ट्रेन है जो सीजनल है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><br><strong>विशेष टिपण्णी</strong> &#8211; ट्रेन बुकिंग के लिये यदि आपको कोई भी दिक्कत हो तो सबसे बेहतर है आप दार्जिलिंग के अपने होटल या किसी भी टूर एजेंट से बोलकर बुक करवा ले और रोमांचक सफ़र का मजा ले |</p>



<h4 class="wp-block-heading">नेरल माथेरन महाराष्ट्र की <strong>टॉय ट्रेन</strong> &#8211; Matheran Hill Railway Toy Train In Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">नरेल और माथेरन महाराष्ट्र के दो विख्यात हिल स्टेशन है और इन्ही दोनों हिल स्टेशन के बीच यह <strong>टॉय ट्रेन</strong>  चलती है यह विशेष रूप से पुलों और मोड़ो के लिए जानी जाती है , वैसे माथेरन मुम्बई से मात्र 80 किलोमीटर लगभग होगा , यह सफ़र भी आपका ऐसा होगा जिसे आप कभी भी भूल नहीं पाओगे , असीमित प्रकृति की ख़ूबसूरती को यह ट्रेक समेटे हुये है  |</p>



<p> <strong>Matheran Hill Railway Toy Train</strong></p>



<p class="has-text-align-justify">नेरल और माथेरन के बीच की दूरी लगभग 21 किलोमीटर है यहाँ भी आपको दो तरह के रूट मिलेंगे एक तो नेरल  माथेरन  वाला दूसरा माथेरन से अमन लॉज , इसमें किसी भी तरह से कोई भी एडवांस बुकिंग नहीं होती है आपको टिकट बुक करने के लिए नेरल स्टेशन पर ट्रेन चलने के 45 मिनट पहले पहुँच कर टिकट खरीदनी होगी |</p>



<h5 class="wp-block-heading"> Matheran Hill Railway Toy Train Fare in Hindi</h5>



<p class="has-text-align-justify">अगर हम <strong>नेरल माथेरन टॉय ट्रेन के टिकट के शुल्क</strong>  की बात करे तो यह सेकंड क्लास का 75 रूपये है जबकि बच्चो का 45 रूपये है अगर फर्स्ट क्लास से जाना चाहते है तो वयस्क का टिकट  380 रूपये  का है वही बच्चो का 180 रूपये है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कालका शिमला हिमांचल प्रदेश की टॉय ट्रेन &#8211; Kalka Toy Train in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">शिमला भारत का एक पापुलर पर्यटन स्थल है बहुत से लोग यहाँ जाना चाहते और फिर अगर आपको शिमला जाने का मौका <strong>टॉय ट्रेन</strong> से मिल जाये तो सोचिये सोने पे सुहागा यह ट्रेन लगभग 96 किलोमीटर का सफ़र  तयं करती है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> <strong>Kalka Toy Train</strong> को लगभग 5-6 घंटे लग जाते है कालका से शिमला तक आने में , कालका चंडीगढ़ के समीप ही है जो असली घुमक्कड़ है वो शिमला आने के लिये इसी ट्रेन का चुनाव करते है और हिमान्चल प्रदेश की सुन्दर वादियों के बीच से होते हुये शिमला आते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">Kalka Toy Train Fare in Hindi</h5>



<ul class="wp-block-list"><li>कालका शिमला एन जी पैसेंजर सुबह 3:30 बजे किराया 25 रूपये</li><li>शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस सुबह 05:45 बजे  किराया 50 रूपये </li><li>कालका शिमला एन जी एक्सप्रेस सुबह 06:20 बजे किराया 50 रूपये </li><li>हिमालयन क्वीन दोपहर 12:10 बजे किराया 25 रूपये </li></ul>



<p class="has-text-align-justify">ये सारे किराये जनरल डिब्बे के है आप बड़े आराम से कालका में टिकट खरीद सकते है और शिमला के बर्फीले पहाड़ो को करीब से देख सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">नीलगिरी माउंटेन रेलवे तमिलनाडु &#8211; Nilgiri Toy Train in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">फिल्म दिलसे अभिनेता शाहरुख़ खान गाना  <strong>चल छैयां  छैयां </strong> कुछ याद आया गाना तो देखा होगा न देखा हो तो देख लीजिये ये मश्हूर गाना  इसी <em>टॉय ट्रेन</em>  पर फिल्माया गया है यह <strong>Nilgiri Toy Train </strong>भी <a aria-label="यूनेस्को हेरिटेज साईट (opens in a new tab)" href="https://whc.unesco.org/en/list/944/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">यूनेस्को हेरिटेज साईट</a> में शामिल है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> इस ट्रेन की स्पीड बहुत धीमी है , <strong><em>नीलगिरी  माउंटेन रेल</em> </strong> का ट्रेक लगभग 46 किलोमीटर का है जो की मेट्टूपलायम (कोयम्बटूर) शहर और उदगमंडलम (ऊटी) को जोड़ता है बीच में एक अत्यंत प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुन्नूर भी पड़ता है तो ऊटी की यात्रा के दौरान आप इस रोमांचकारी टॉय ट्रेन का भी मजा ले सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">इस ट्रेक पर ट्रेन काफी धीमी गति से चलती है यकीन मानिये कही कही पर तो इसका ये हाल होता है की आप चलती ट्रेन से उतरकर दुबारा चढ़ सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify has-medium-font-size">यह भी पढ़े &#8211; <br><a href="https://safarjankari.com/konark-surya-mandir-hindi-me/">कोणार्क सूर्य मन्दिर कैसे पहुचे कहा रुके आदि की सम्पूर्ण जानकारी </a><br> <a href="https://safarjankari.com/mata-vaishno-devi-helicopter-booking-kaise-kare/">जम्मू के कटरा स्थित माता  वैष्णो देवी में  हेलीकाप्टर बुकिंग कैसे करे</a></p>



<p class="has-text-align-justify"><br> <strong><em>नीलगिरी माउंटेन रेलवे</em> </strong>की मेट्टूपलायम (कोयम्बटूर) शहर और उदगमंडलम (ऊटी) ट्रेन की टाइमिंग सुबह 7 बजे की है और 12 बजे यह ऊटी पंहुच जाती है , अगर हम <strong>Nilgiri Toy Train</strong><em><strong> </strong>की बुकिंग</em> की बात करे तो आप IRCTC की वेबसाइट से बुक कर सकते है या फिर  मट्टूपालयम पंहुच कर भी टिकट बुक कर सकते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading"><strong>Nilgiri Toy Train</strong> Fare in Hindi</h5>



<p class="has-text-align-justify">अगर किराये पर नज़र डाले तो इसका किराया जनरल का मात्र 15 रूपये है दृतीय श्रेणी का 40 रूपये और प्रथम श्रेणी का 205 रूपये है जैसा बजट हो वैसा आप टिकट ले और नीलगिरी पर्वतमाला को करीब से महसूस करे |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कांगड़ा वेली रेलवे हिमांचल प्रदेश &#8211; Kangra Toy Train in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify"> <strong>Kangra Toy Train</strong> पठानकोट ( पंजाब ) और जोगिंदरनगर (हिमांचल प्रदेश ) के मध्य चलती है यह भी नेरो गेज पर ही चलती है इस ट्रेक पर पड़ने वाले चाय के बगान आपको आकर्षित करेंगे यह सबसे अधिक दूरी वाली पहाड़ी ट्रेन  है जो की 164 किलोमीटर की दूरी को कवर करती है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> यह ट्रेन प्रकृति प्रेमियों के साथ साथ धार्मिक पर्यटकों  के लिये भी खास है क्यूंकि इस ट्रेक में कई ऐसे पड़ाव है जहाँ से आप जवालादेवी मंदिर , माँ चिंतापुर्णी मंदिर , काँगड़ा मंदिर , चामुंडा देवी मंदिर जा सकते हो साथ ही धर्मशाला और मैकडोलगंज भी इसी रूट पर पड़ते है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><br><strong>Kangra Toy Train</strong> के टिकट की बुकिंग आप IRCTC की वेबसाइट या फिर पठानकोट में कर सकते हो |</p>



<h5 class="wp-block-heading">हिल स्टेशन पर चलने वाली टॉय तरीन से सम्बन्धित प्रश्न </h5>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659367946599"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; How Many Toy Trains are There in India ? भारत में कितनी टॉय ट्रेन है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">भारत में 5 तरह की टॉय ट्रेन है &#8211; <br/>दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की टॉय ट्रेन  &#8211; Darjeeling Himalayan Toy Train<br/>नेरल माथेरन महाराष्ट्र की टॉय ट्रेन &#8211; Matheran Hill Railway Toy Train<br/>कालका शिमला हिमांचल प्रदेश की टॉय ट्रेन &#8211; Kalka Toy Train<br/>नीलगिरी माउंटेन रेलवे तमिलनाडु &#8211; Nilgiri Toy Train<br/>कांगड़ा वेली रेलवे हिमांचल प्रदेश &#8211; Kangra Toy Train </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659372588372"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Kangra Toy Train के बारे में बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>Kangra Toy Train </strong>पठानकोट ( पंजाब ) और जोगिंदरनगर (हिमांचल प्रदेश ) के मध्य चलती है यह भी नेरो गेज पर ही चलती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659372656860"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Nilgiri Toy Train के बारे में बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>Nilgiri Toy Train </strong>तमिलनाडु में ऊटी की तरफ चलती है यह ट्रेन मेट्टूपलायम (कोयम्बटूर) शहर और उदगमंडलम (ऊटी) को जोड़ती है बीच में एक अत्यंत प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुन्नूर भी पड़ता है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659372840197"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Kalka Toy Train के बारे में बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>Kalka Toy Train </strong>कालका और शिमला के मध्य चलती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659372843437"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Matheran Hill Railway Toy Train के बारे में बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>Matheran Hill Railway Toy Train</strong> महारष्ट्र के नरेल और माथेरान के मध्य चलती है माथेरान की मुंबई से दूरी महज 80 किलोमीटर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659372846156"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211;  Darjeeling Himalayan Toy Train के बारे में बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Darjeeling Himalayan Toy Train न्यू जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग के बीच की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है और यह <em style="font-weight: bold;">दार्जिलिंग</em> <em><strong>टॉय ट्रेन</strong></em>  इन दोनों पर्यटन स्थलों के बीच चलती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659373117260"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Ghoom To Darjeeling Toy Train  के बारे में बताये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Ghoom To Darjeeling Toy Train के सफ़र को जॉय राइड कहा जाता है यह ट्रेन घूम से दार्जीलिंग के मध्य चलती है |</p> </div> </div>



<h6 class="wp-block-heading">Conclusion &#8211; निष्कर्ष </h6>



<p class="has-text-align-justify"> भारत के ये अलग अलग पांच जगहों की <strong>टॉय ट्रेन</strong> सच में भारत पर्यटन के लिये एक बहुमूल्य खजाना है जो भी व्यक्ति इस प्रकार की ट्रेन के बारे में जानकारी रखता है वो अवश्य इनकी सैर करना चाहेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">आप सोचिये आप <em>Toy Train</em> में बैठे है और आपकी ट्रेन कहीं  हरे भरे <a aria-label="पेड़ो (opens in a new tab)" href="https://www.britannica.com/plant/tree" target="_blank" rel="noreferrer noopener">पेड़ो</a> के बीच से निकलती है तो कहीं दूर दूर तक फैले प्रकृति की हरियालो को समेटे चाय के बागान से ट्रेन निकलती है  इतना कुछ रोमांच लिये होता है इनका सफ़र , तो कोशिश करिये और ऊपर दिए गये किसी जगह का यात्रा का प्लान बना डालिये | </p>
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		<title>राम झूला ऋषिकेश के आसपास के पर्यटन स्थल RamJhula Rishikesh</title>
		<link>https://safarjankari.com/ram-jhula-ke-aas-paas-ke-parytan-sthal/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Nov 2019 18:21:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Beach]]></category>
		<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Natural]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Ganga River]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[ऋषिकेश में घूमने की जगह]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>राम झूला ऋषिकेश का सबसे खास पर्यटन स्थल है क्यूंकि इसी जगह पर आपको ऋषिकेश के कई जाने माने पर्यटन स्थल मिल जायेंगे जैसे परमार्थ निकेतन , स्वर्ग आश्रम , चौरासी कुटिया , ऋषिकेश का मिनी गोवा , गीता भवन  तो देखा इतने सारे टूरिस्ट स्पॉट आपको इसी प्रसिद्ध झूले के पास मिल जायेंगे ऋषिकेश को लोग तपोभूमि के नाम से भी जानते है , ऋषिकेश उत्तराखण्ड के देहरादून जिले में आता है इस  झूला के आसपास का प्राकृतिक सौन्दर्य देखते ही बनता है यह स्थल हरिद्वार से लगभग 25 किलोमीटर है इस पोस्ट के माध्यम से हम राम झूला के आसपास के समस्त दार्शनिक स्थलों के बारे में जानेंगे &#124;</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/ram-jhula-ke-aas-paas-ke-parytan-sthal/">राम झूला ऋषिकेश के आसपास के पर्यटन स्थल RamJhula Rishikesh</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>राम झूला</strong> ऋषिकेश का सबसे खास पर्यटन स्थल है क्यूंकि इसी जगह पर आपको ऋषिकेश के कई जाने माने पर्यटन स्थल मिल जायेंगे जैसे <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Parmarth_Niketan" target="_blank" rel="noopener noreferrer"><em>परमार्थ निकेतन</em></a> , <em>स्वर्ग आश्रम</em> , <em>चौरासी कुटिया </em>, ऋषिकेश का मिनी <a href="https://safarjankari.com/goa-me-ghumne-ki-jagah/">गोवा</a> , <em>गीता भवन</em>  तो देखा इतने सारे टूरिस्ट स्पॉट आपको इसी प्रसिद्ध झूले के पास मिल जायेंगे |</p>



<h2 class="wp-block-heading">राम झूला ऋषिकेश के आसपास के पर्यटन स्थल</h2>



<p> ऋषिकेश को लोग तपोभूमि के नाम से भी जानते है , ऋषिकेश उत्तराखण्ड के देहरादून जिले में आता है इस  झूला के आसपास का प्राकृतिक सौन्दर्य देखते ही बनता है यह स्थल हरिद्वार से लगभग 25 किलोमीटर है इस पोस्ट के माध्यम से हम <strong>राम झूला</strong> के आसपास के समस्त दार्शनिक स्थलों के बारे में जानेंगे |</p>



<h5 class="wp-block-heading">राम झूला कैसे पहुचे How to Reach Ram Jhula in Hindi</h5>



<p>देखिये <strong>राम झूला</strong> तक आने के लिए आपको सबसे पहले ऋषिकेश आना होगा और ऋषिकेश रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से यह सुन्दर स्थल महज 4-5 किलोमीटर की दूरी पर है आपको ऑटो-टेम्पो आदि मिल जायेंगे अब ऋषिकेश कैसे आना है इसका भी उल्लेख किये दे रहा हु &#8211; </p>



<p><br>~ यदि आप वायुमार्ग से ऋषिकेश आना चाहते है तो आपको बता दे यहाँ का निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रान्ट एअरपोर्ट देहरादून है जो की <strong>RamJhula Rishikesh </strong>से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है इसका IATA कोड DED है एअरपोर्ट से आपको यहाँ के लिए बड़ी आसानी से साधन मिल जायेंगे |</p>



<p><br>~ यदि आप रेल मार्ग से यहाँ पहुचना चाहते है तो आपको बता दू यहाँ एक रेलवे स्टेशन भी है परन्तु ट्रेन का आवागमन बहुत ही कम होता है फिर भी चिन्ता न करे यहाँ का नजदीकी मुख्य रेलवे स्टेशन हरिद्वार जंक्शन है जहा के लिए हर शहर से ट्रेन उपलब्ध है आप पहले देवभूमि हरिद्वार आइये फिर हरिद्वार से आपको बस , टेम्पो मिल जायेगा |</p>



<p><br>~ यदि आप सड़क मार्ग से यहाँ पहुचना चाहते है तो अच्छी बात है यह स्थल बहुत ही अच्छी तरह से सड़कमार्ग से जुड़ा हुआ है देल्ही से यहाँ के लिए नियमित बस चलती है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">राम झूला कब जाये &#8211; Beast Time to visit RamJhula Rishikesh in Hindi</h5>



<p>यहाँ के मौसम की बात करे तो वैसे तो आप इस स्थल पर कभी भी जा सकते है परन्तु बरसात में जाने से बचे क्यूंकि बरसात में यहाँ का जल स्तर अधिक होता और दूसरा मई जून की छुट्टियों में जाने से बचे क्यूंकि इस समय यहाँ भीड़ अत्यधिक होती है तो मेरे हिसाब से सितम्बर से लेकर अप्रेल तह यहाँ जाइये |&nbsp;</p>



<h5 class="wp-block-heading">राम झूला के बारे में &#8211; About Ram Jhula in Hindi</h5>



<p>इस झूले को शिवानन्द झूला भी कहा जाता क्यूंकि यह झूला शिवानन्द आश्रम के सामने बना हुआ है आप मान के चलिए गंगा जी के इस पार शिवानन्द आश्रम और दुसरे पार स्वर्ग आश्रम इन दोनों पवित्र आश्रमों को जोड़ता है |</p>



<p>इस झूले पर दोपहिया वाहन भी चलते है जब आप <strong>राम झूला</strong> पर चलते हो तब यह हिलता हुआ प्रतीत होता है सच में एक बेहद उत्कृष्ट उदहारण है यह विज्ञानं की तकनीकी का दूर-दूर से लोग इसे देखने आते है |</p>



<p>जब आप <strong>राम झूला</strong> पर होते हो तो झूले से नीचे देखोगे तो पावन माँ गंगा कलकल करती हुई बहती हुई दिखाई देती है जो की सच में अत्यंत सुन्दर लगता है ऊपर से हरे भरे पहाड़ बस आँखों को सकून मिल जाता है |</p>



<p>आप कभी भी ऋषिकेश आये तो कृपया <strong>राम झूले</strong> के दर्शन अवश्य करे क्यूंकि इस झूले पर से माँ गंगा और हरियाली से भरे  पहाड़ देखना एक रोमांचकारी अनुभव है |</p>



<p> हरे भरे पहाड़ो के कारण गंगा जी का जल भी हरे रंग का दिखाई देता है और यहाँ गंगा जी का पानी इतना साफ है की आप देखोगे तो सोचोगे चलो यार यही स्नान कर लिया जाय |</p>



<p>चलिए अब थोडा उन स्थलों के बारे में बात हो जाय जो <strong>RamJhula Rishikesh </strong> के समीप ही है आप पैदल पैदल  घूम सकते हो &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">शिवानन्द आश्रम ऋषिकेश &#8211; Ram Jhula me Ghumne ki Jagah</h5>



<p><strong>राम झूला</strong> के समीप ही शिवानन्द आश्रम है जो की पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है यह अपनी चिकित्सा के लिए ज्यादा प्रसिद्ध है इस आश्रम के आयुर्वेदिक दवाखाना है और एक आंख का अस्पताल भी इसके अलावा यहाँ योग भी सिखाया जाता है बाकी शिवानन्द आश्रम गंगा नदी के किनारे हरे भरे हिमालय की तलहटी में बना एक बेहद खूबसूरत स्थल है |</p>



<p>यह भी पढ़े &#8211; <a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80/">हरिद्वार दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी</a></p>



<h5 class="wp-block-heading">परमार्थ निकेतन ऋषिकेश &#8211; Ram Jhula me Ghumne ki Jagah</h5>



<p><em>परमार्थ निकेतन</em>  ऋषिकेश का सबसे बड़ा आश्रम है यहाँ की गंगा आरती देखते ही बनती है वैसे यह आश्रम अत्यंत भव्य है एक तो यहाँ के प्राकृतिक नज़ारे आश्रम के आगे गंगा तट और पीछे हरा-भरा हिमालय ऐसा नज़ारा जो आपको विवश कर देगा कि यहाँ कुछ पल बिताये |</p>



<p><strong><em>परमार्थ निकेतन</em> आश्रम</strong> में ठहरने की उत्तम व्यवस्था है , जैसे ही आप आश्रम के अन्दर जाओगे आपको सामने हिमालय दिखाई देगा और अन्दर एक से बढ़कर एक मुर्तिया दिखेंगी निकेतन में श्री हनुमान मन्दिर , वेंकटेश्वर मन्दिर , कन्याकपरामेश्वरी मन्दिर , गोमतीश्वर गणेश मन्दिर , श्री गुरुदेव समाधी मन्दिर आदि स्थित है |</p>



<p><br><strong>परमार्थ निकेतन</strong> <strong>ऋषिकेश</strong>  में आप महासरस्वती जी जी झांकी , पंचमुखी महादेव की झांकी , विराट भगवान् की झांकी , शीशे का मन्दिर भी देख सकते है इसके आलावा यहाँ एक गौशाला भी है और एक गुरुकुल स्कूल भी है और दूसरी तरफ परमार्थ का ही गंगा घाट है जो की बहुत सुन्दर है |</p>



<p> घाट के सामने गंगा नदी में बनी विशाल शिवजी की मूर्ती आकर्षण का केंद्र है तो दोस्तों कभी भी आप <strong>राम झूला</strong> देखने आये तो <em>प<strong>रमार्थ निकेतन</strong></em>  जाना कदापि न भूले |</p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/परमार्थ-निकेतन-आश्रम-ऋषिकेश.jpg" alt="राम झूला के समीप परमार्थ निकेतन"/><figcaption>परमार्थ निकेतन ऋषिकेश</figcaption></figure>



<h5 class="wp-block-heading">गीता भवन ऋषिकेश &#8211; Geeta Bhavan RamJhula Rishikesh</h5>



<p><strong><em>गीता भवन</em>  ऋषिकेश</strong>  की एक धार्मिक जगह है जो की <strong>राम झूला</strong> के समीप ही है यहाँ भी आप जा सकते है इस परिसर की कैन्टीन काफी प्रसिद्ध है यहाँ शुद्ध शाकाहारी भोजन एवं मिठाइयाँ उचित दामो पर मिल जाती है |</p>



<p>इसके आलावा आयुर्वेदिक दवाइयां और कपडे भी आप यहाँ खरीद सकते हो वैसे गीता भवन जब भी जाये तो लक्ष्मीनारायण मन्दिर के दर्शन अवश्य करे अरे हा किताबो की दुकान तो भूल ही गया <strong><em>गीता भवन</em> </strong> में गीता प्रेस की किताबो की दुकान भी है जहाँ आपको बहुत सी किताबे मिल जाएँगी |</p>



<p><strong> गीता भवन</strong> में भी ठहरने की उचित व्यवस्था है कुल मिलकर आप इसे अनदेखा नहीं कर सकते है यहाँ भी जरूर जाये |</p>



<h5 class="wp-block-heading">स्वर्ग आश्रम ऋषिकेश </h5>



<p>काली कमली वाले बाबा के सम्मान में स्वर्ग आश्रम का निर्माण किया गया था यह आश्रम <strong>राम झूला</strong> के पास ही है स्वर्ग आश्रम परिसर में अनेको मन्दिर है , मेरे जानकारी की हिसाब से तो इस झूला को पार करने का बाद सारा क्षेत्र ही स्वर्ग आश्रम में ही आता है इसी क्षेत्र में ही तमाम आश्रम , रेस्टोरेन्ट , दुकाने आदि मौजूद है |</p>



<p>यह भी पढ़े &#8211; <a href="https://safarjankari.com/triveni-sangam-allahabad-ke-parytan-sthal/">Triveni Sangam Allahabad ke Parytan Sthal – प्रयागराज पर्यटन</a></p>



<h5 class="wp-block-heading">गंगा बीच / मिनी गोवा बीच ऋषिकेश </h5>



<p>प्राकृतिक सौन्दर्य का अद्भुत नजारा आपको देखना हो तो <strong>राम  झूला</strong> को पार करके स्वर्ग आश्रम तक आइये फिर जो रास्ता लक्ष्मण झूला की तरफ जाता है उधर चलिए बस थोड़ा सा ही चलने पर आपको गंगा घाट दिखाई देगा जो की एक रमणीक घाट है |</p>



<p> इस घाट के आगे ही <strong>गंगा बीच</strong>  है , इस परिसर में ऊपर बेंच पड़ी हुई है आप आराम से बेंच पर बैठे और सामने माँ गंगा को बहते हुए देखे साथ-साथ सामने हरे भरे पहाड़ो से भी रूबरू हो यह स्थल इतना शांत और सुन्दर है की यहाँ आप घंटो बैठ सकते है |</p>



<p>अच्छा <strong>गंगा बीच</strong> शब्द का इस्तेमाल मैंने इसलिए किया क्यूंकि जब आप इस जगह नीचे गंगा जी के समीप जाओगे तो  आपको बालू ही बालू मिलेगी और नदी में बड़े बड़े पत्थर जो एक बीच का अभाष कराता है यहाँ लोग बालू पर बैठकर सनबाथ लेते है और स्वच्छ जल से स्नान का भी मजा लेते है आप यहाँ भी अवश्य आये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/मिनी-गोवा-ऋषिकेश.jpg" alt="मिनी गोवा  राम झूला ऋषिकेश में घूमने की जगह "/><figcaption>मिनी गोवा ऋषिकेश</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/गंगा-बीच-राम-झूला.jpg" alt="गंगा बीच राम झूला ऋषिकेश "/><figcaption>गंगा बीच राम झूला</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">चौरासी कुटिया ऋषिकेश  &#8211; Beatles आश्रम</h5>



<p>जब आप <strong>राम झूला</strong> पार करके गीता भवन , परमार्थ निकेतन देखते हुए आगे जायेंगे तो उसी पैदल मार्ग पर आगे आपको <strong>वानप्रस्थ आश्रम</strong> और<strong> वेद निकेतन</strong> दिखाई देगा और इसके आगे चलने पर आपको <strong>चौरासी कुटिया</strong> के दर्शन होंगे |</p>



<p>अरे कुल मिलाके यह जो रास्ता है सुन्दर है क्यूंकि आप समझ लीजिये आपको गंगा किनारे गंगा जी को देखते हुए ही चलना है अच्छा <em>चौरासी कुटिया</em> को <strong><em>बीटल्स आश्रम</em>  </strong>के नाम से भी जाना जाता है अब ये बीटल्स का मतलब जान लेते है बीटल्स ब्रिटेन के  एक पॉप बैंड ग्रुप का नाम था जो आध्यात्मिक ज्ञान को सीखने भारत आये और इस स्थल पर रुके |</p>



<p>अच्छा ये आश्रम महर्षि महेश योगी जी का आश्रम है और <strong><em>बीटल्स आश्रम</em> </strong> राजाजी टाइगर रिज़र्व वन क्षेत्र के अन्तर्गत आता है यहाँ एक प्रवेश शुल्क भी निर्धारित है जो भारतीयों के लिये 150 रुपये प्रति व्यक्ति है और विदेशियों के लिए 600 प्रति व्यक्ति है यहाँ आप सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक ही जा सकते है |</p>



<p><strong><em>चौरासी कुटिया</em>  </strong>के भीतर बना आनन्द भवन सचमुच एक असाधारण संरचना है , अच्छा इस <em>बीटल्स आश्रम</em>  परिसर में चौरासी कुटिया एक अजीबो गरीब ईमारत है इसमें एक गलियारा बना हुआ है जहाँ छोटे छोटे 84 कक्ष है जैसे ही ये गलियारा समाप्त होता है आपके सामने एक मनमोहक द्रश्य आ जाता है जहा आप एक ऊँचे मंच पर जब जाओगे तो वहा से आपको गंगा जी और ऋषिकेश दिखाई देगा |</p>



<p>अच्छा <em>चौरासी कुटिया</em>&nbsp; की दीवारों पर बनी सुन्दर आकृतियाँ भी देखते ही बनती है तो आप <strong>राम झूला</strong> ही देखकर वापस न हो जाये इस अनोखे शांत आश्रम को भी अवश्य देखे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/11/चौरासी-कुटिया-beatles-ashram.jpg" alt="बीटल्स आश्रम RamJhula Rishikesh"/><figcaption>चौरासी कुटिया बीटल्स आश्रम ऋषिकेश</figcaption></figure>
</div>


<h6 class="wp-block-heading">खरीददारी और खानपान &#8211; Street Food And Shopping in Rishikesh in Hindi</h6>



<p>जब आप <strong>राम झूला</strong> से गीता भवन परमार्थ की तरफ बढ़ते हो तो जो रास्ता है वह दुकानों और रेस्टोरेंटो से भरा पड़ा हुआ है खरीददारी के लिए यहाँ कई विकल्प है आप आयुर्वेदिक औषधियाँ , किताबे , ऊनी कपडे , पर्स -बैग , शाल और भी तरह तरह के सामान आप देख सकते हो ,  |</p>



<p>अच्छा खानपान के लिए भी यहाँ कई अच्छे&nbsp; रेस्टोरेन्ट है जहाँ आपको हर एक प्रकार का भोजन मिल जायेगा , यहाँ जगह जगह पर रामफल बिक रहा था उत्सुकतावश हमने उसे ख़रीदा और खाया तो बढ़िया स्वाद लगा बस बीज ज्यादा होते है तो आप रामफल भी खा सकते है बाकी आप यहाँ से स्वच्छ निर्मल गंगा जल भी अपने घर ले जा सकते है |</p>



<p><strong>राम झूला ऋषिकेश से सम्बन्धित प्रश्न </strong></p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659273579248"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; राम झूला कहाँ पर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">राम झूला उत्तराखण्ड राज्य के ऋषिकेश में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659273647119"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; RamJhula Rishikesh की खासियत क्या है ? राम झूला क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">यह झूला एक पुल है जो गंगा नदी को पार करने के काम आता है फ़िलहाल तो यह ऋषिकेश का एक लैंडमार्क बन गया है यहाँ पर अनेको मन्दिर , आश्रम , स्ट्रीट फ़ूड के विकल्प , शापिंग  के पोईन्ट है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659273834352"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; राम झूला कब बना था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">सन 1986</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659273894032"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; राम झूला के आसपास आप क्या क्या देख सकते है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">शिवानन्द आश्रम , परमार्थ निकेतन , गीता भवन , मिनी गोवा बीच , बीटल्स आश्रम , वानप्रस्थ आश्रम आदि <strong>RamJhula Rishikesh </strong>के समीप है  |</p> </div> </div>



<h6 class="wp-block-heading">Conclusion &#8211; निष्कर्ष</h6>



<p>बस इतना ही कहना चाहूँगा मन की शान्ति चाहिये तो सोचिये मत बैग पैक करिये और <a href="https://www.lonelyplanet.com/india/uttarakhand-uttaranchal/rishikesh" target="_blank" rel="noopener noreferrer">ऋषिकेश</a> आइये यहाँ आपको प्रकृति की नैसर्गिक सुन्दरता के दर्शन होंगे बाकी यह स्थल योग और आध्यात्म के लिए देश विदेश में विख्यात है |</p>



<p> <strong>राम झूला</strong> के आसपास के घाट एकदम साफ़ सुथरे रहते है व्यक्तिगत रूप से तो मुझे राम झूला के आसपास का स्थान अत्यधिक मनमोहक लगा तो आप यहाँ जरूर आये |</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/ram-jhula-ke-aas-paas-ke-parytan-sthal/">राम झूला ऋषिकेश के आसपास के पर्यटन स्थल RamJhula Rishikesh</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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		<title>हरिद्वार दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी कैसे पहुंचे कहाँ रुके कहाँ घूमे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Oct 2019 19:05:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[Ganga River]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain]]></category>
		<category><![CDATA[Shaktipeeth]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>हरिद्वार दर्शन करना सच में एक दिव्य अनुभव है इस शहर के लिए कई बाते है जैसे हरिद्वार सप्तपुरियो में से एक है , हरिद्वार चार धाम यात्रा का प्रवेश मार्ग है , हरिद्वार में शक्तिपीठ भी है , हरिद्वार का प्राचीन नाम मायापुरी था , हरिद्वार में कुम्भ के मेले का आयोजन होता है , यह पवित्र शहर भगवान विष्णु और भगवान शिव की नगरी है जब यहाँ पहुचे तो हमने जो समझा उस हिसाब से हरिद्वार आधुनिक मन्दिर प्राचीन मन्दिर एक से बढ़कर एक गंगा घाट और भव्य आश्रमों का मिश्रण है &#124;</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80/">हरिद्वार दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी कैसे पहुंचे कहाँ रुके कहाँ घूमे</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>हरिद्वार दर्शन</strong> करना सच में एक दिव्य अनुभव है इस शहर के लिए कई बाते है जैसे हरिद्वार सप्तपुरियो में से एक है , <a href="https://www.lonelyplanet.com/india/uttarakhand-uttaranchal/haridwar" target="_blank" rel="noopener noreferrer">हरिद्वार</a> चार धाम यात्रा का प्रवेश मार्ग है , हरिद्वार में शक्तिपीठ भी है , हरिद्वार का प्राचीन नाम मायापुरी था , हरिद्वार में कुम्भ के मेले का आयोजन होता है |</p>



<h2 class="wp-block-heading">हरिद्वार दर्शन &#8211; हरिद्वार में घूमने की जगह &#8211; हरिद्वार पर्यटन स्थल</h2>



<p> यह पवित्र शहर भगवान विष्णु और भगवान शिव की नगरी है जब यहाँ पहुचे तो हमने जो समझा उस हिसाब से हरिद्वार आधुनिक मन्दिर प्राचीन मन्दिर एक से बढ़कर एक गंगा घाट और भव्य आश्रमों का मिश्रण है |</p>



<p>देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध यह शहर अपने आप में एक धर्म ग्रन्थ है , माँ गंगा जी यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है और हो भी क्यों न हरी की पौडी जैसे पवित्र घाट इसी धरा पर है वही दूसरी तरफ माँ मनसा देवी माँ चंडी देवी जैसी देविया भी इसी धरा पर है जो अपने भक्तो की मन्नते पूरा करती है |</p>



<p> वही शांतिकुंज जैसे आश्रम भी हरिद्वार में अपना ज्ञान बिखेर रहे है और कनखल में दक्ष महादेव मन्दिर जैसे पवित्र मन्दिर <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> में मुख्य भूमिका निभाते है , <strong>हरिद्वार पर्यटन स्थल</strong> में बहुत सी धार्मिक जगहे है  |</p>



<h5 class="wp-block-heading">हरिद्वार कैसे पहुचे  &#8211; How To Reach Haridwar in Hindi</h5>



<p>हरिद्वार उत्तराखण्ड राज्य का एक जनपद है जिसकी भारत की राजधानी नई दिल्ली से दूरी लगभग 214 किलोमीटर है , इस शहर में पहुचना अत्यन्त आसान है भारत के हर एक प्रमुख शहर से तीर्थ नगरी हरिद्वार के लिए साधन उपलब्ध है |</p>



<p><br>~ यदि आप हरिद्वार वायुमार्ग से जाना चाहते है तो हम आपको बता दे यहाँ का सबसे नजदीकी एअरपोर्ट जॉली ग्रान्ट एअरपोर्ट है जो की देहरादून में स्थित है एअरपोर्ट की हरिद्वार से दूरी लगभग 40 किलोमीटर है और एअरपोर्ट से आपको तमाम साधन जैसे टैक्सी या बस आपको मिल जायेंगे , जॉली ग्रांट एअरपोर्ट का IATA कोड DED है |</p>



<p><br>~ यदि आप हरिद्वार रेलमार्ग से आना चाहते है तो हरिद्वार शहर में रेलवे स्टेशन है जहाँ देश भर के लगभग सभी प्रमुख जिलो से ट्रेन चलती है आप बड़े आराम से ट्रेन से यहाँ पहुच सकते है |</p>



<p><br>~ यदि आप <strong><em>हरिद्वार दर्शन</em></strong>  सड़क&nbsp; मार्ग से करना चाहते है तो आपको बता दे की यह शहर बहुत ही अच्छी तरह से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है कई शहरी जैसे लखनऊ , दिल्ली , मथुरा , शिमला , देहरादून से यहाँ के लिए नियमित बसे उपलब्ध है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">हरिद्वार दर्शन करने का उचित समय &#8211; Best Time to Haridwar Visit in Hindi</h5>



<p>वैसे तो <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> आप साल भर में किसी भी समय कर सकते है लेकिन फिर भी यहाँ बारिश और गर्मी की छुट्टियों मतलब मई जून में जाने से बचे कुल मिलाके आप यहाँ मई जून जुलाई अगस्त इन महीनो में जाने से बचे |</p>



<p>अच्छा गर्मी की छुट्टी में हम आपको इसलिये मना कर रहे है क्यूंकि उस समय यहाँ पर अत्यधिक भीड़ होती है तो जब भीड़ है तब असुविधा जरूर होगी तो आप कोशिश करे सितम्बर अक्टूबर नवम्बर फरवरी मार्च अप्रेल में जाये हमने दिसम्बर और जनवरी इसलिये छोड़े है क्यूंकि इन महीनो में यहाँ सर्दी बहुत पड़ती है&nbsp;</p>



<h5 class="wp-block-heading">हरिद्वार दर्शन में ठहरे कहा &#8211; Where To Stay In Haridwar in Hindi &#8211;  Haridwar me Kaha Ruke</h5>



<p><strong>हरिद्वार दर्शन</strong> को लेकर लोग बहुत ही ज्यादा परेशान रहते है ठहरने के लिए&nbsp; होटल कहाँ&nbsp; ले कैसा ले आदि तो सबसे पहले तो हम कहेंगे आप धर्मशाला खोजिये वैसे रेलवे स्टेशन के समीप अनगिनत धर्मशालायें है जहाँ आपको 500 रुपये में&nbsp; एक बढ़िया कमरा मिल जायेगा |</p>



<p> शांतिकुंज ठहरने के लिए एक अच्छा विकल्प है&nbsp; रेलवे स्टेशन के समीप गुजराती समाज धर्मशाला , मुल्तान भवन , के के रेणुका धर्मशाला है बाकी भूपतवाला में भी कई धर्मशालाए है निष्काम सेवा ट्रस्ट, तायल धर्मशाला , अग्रवाल भवन आदि| </p>



<h4 class="wp-block-heading">हरिद्वार दर्शन के प्रमुख पर्यटन स्थल &#8211; Best Places to Visit in Haridwar in Hindi</h4>



<p>हमने ऊपर यह जानकारी कर ली की यहाँ कैसे और कब आये और कहाँ रुके अब यह जानेंगे की यहाँ आकर कहा-कहा घूमने जाये कहाँ कहाँ <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> करने जाये हम यहाँ आपको क्रम से सभी <strong>हरिद्वार पर्यटन स्थल</strong> बताने की कोशिश करेंगे &#8211;&nbsp;</p>



<h5 class="wp-block-heading">हरी की पौड़ी &#8211; Hari Ki Paudi Haridwar in Hindi</h5>



<p><strong>हरी की पौड़ी हरिद्वार</strong> का सबसे मुख्य गंगा घाट है हमारी माने तो आप जब भी देवभूमि हरिद्वार दर्शन को आये तो सबसे पहले हरी की पौडी घाट पर जाकर गंगा स्नान कर अपने को शुद्ध करे , इस स्थल को ब्रम्हकुण्ड भी कहते है मान्यता है की यहाँ भगवान विष्णु स्वयं स्नान करने आते थे हालाँकि हरी की पौडी के पास एक विष्णु घाट भी है |</p>



<p><strong>हरी की पौड़ी हरिद्वार</strong> पर शाम को होने वाली <em>गंगा आरती</em>&nbsp; में अवश्य शामिल हो क्यूंकि गंगा आरती हरिद्वार के हरी की पौडी घाट क एकअलग अनुभव है जिसे देख आप भक्ति भाव में खो जायेंगे शाम को श्रद्धालु गंगा नदी में दिए जलाकर छोड़ते है ये दिए गंगा जी में बहते हुए बड़े मनोरम दिखलाई देते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/हरी-की-पौड़ी-हरिद्वार-दर्शन.jpg" alt="हरिद्वार दर्शन हरी की पौड़ी गंगा घाट"/><figcaption>हरी की पौड़ी</figcaption></figure>
</div>


<p>अच्छा <strong>हरी की पौड़ी हरिद्वार</strong> आकर आप गंगा मन्दिर भी अवश्य जाए यह मन्दिर घाट के समीप ही बना हुआ है आप हरी की पौड़ी घाट पर घंटो बैठकर माँ गंगा के स्वच्छ जल को निहार सकते है हमारे अनुसार आप सुबह यहाँ सुबह गंगा स्नान करे और दुबारा शाम को आकर गंगा आरती के दर्शन करे |</p>



<p><strong>हरी की पौड़ी हरिद्वार</strong>  के नजदीक ही आप <strong>भीमगोड़ा</strong> नामक स्थल पर भी जा सकते है कहा जाता है की जब पाण्डव भीम की पत्नी द्रौपदी को प्यास लगी थी और आसपास किसी प्रकार का कोई पीने लायक पानी नहीं था तब भीम जी ने अपने घुटनों को टेका जिसे उस जगह एक गड्ढा हो गया और उसमे से पानी निकलने लगा तो आप यहाँ भी जा सकते है |</p>



<p><strong>विष्णु घाट</strong> भी <strong>हरिद्वार पर्यटन</strong> स्थल का एक मुख्य आकर्षण का केंद्र है मान्यता है कि इस घाट पर स्वयं भगवान विष्णु जी ने स्नान किया था यह भी हरी की पौडी घाट से थोड़ी ही दूरी पर है इस घाट से आप पैदल पैदल गंगा के किनारे ठहलते हुए <em>हरी की पौड़ी</em> पहुच सकते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">माँ मनसा देवी मन्दिर &#8211; Maa Mansa Devi Mandir Haridwar</h5>



<p><strong>हरिद्वार दर्शन</strong> का सबसे ज्यादा मुख्य धार्मिक स्थल और माँ मनसा देवी की अनुकम्पा का जीता जागता उदहारण है यह मन्दिर जो की बिलवा पर्वत पर है , यहाँ जाने के लिए हमारे पास दो साधन है एक तो पैदल मार्ग और दूसरा उड़न खटोला आपकी जैसी श्रद्धा वैसे जाये |</p>



<p>अच्छा पैदल मार्ग भी दो तरह का है एक में सीढियां बहुत ही ज्यादा है लेकिन दूरी कम और दुसरे रास्ते में सीढियां कम है परन्तु दूरी ज्यादा है , इन रास्तो में आपको प्रसाद की दुकाने खाने पीने की दुकाने और बैठने के लिए भी व्यवस्था है यहाँ आपको बन्दरों से थोडा सा सतर्क रहना चाहिए |</p>



<p>मनसा देवी पार्वती का ही रूप है जिसका शाब्दिक अर्थ इच्छा होता है अपने नाम के अनुरूप माँ मनसा अपने भक्तो की मनसा मतलब इच्छा को पूरा करती है , माँ मनसा देवी को कश्यप ऋषि की पुत्री और नाग वासुकी की बहन बताया गया है |</p>



<p>अच्छा माँ मनसा देवी मन्दिर प्रांगण में माँ वैष्णवी देवी मन्दिर , चामुंडा देवी मन्दिर , श्री पशुपतिनाथ आदि मन्दिर है , यहाँ आप लहंगा पहन के फोटो भी खिचवा सकते हो लहंगा आपको फोटो स्टूडियो वाले ही उपलब्ध कराते है और यह लहंगा कुछ अलग सा होता है |<br><br>माँ मनसा देवी मन्दिर में श्रद्धालु अपनी इच्छा का एक धागा यहा स्थित एक पवित्र पेड़ में बांध देते है और इच्छा पूरी होने पर इसे खोलने भी आते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/मनसा-देवी-हरिद्वार.jpg" alt="माँ मनसा देवी मन्दिर से हरिद्वार दर्शन"/><figcaption>माँ मनसा देवी मन्दिर से हरिद्वार दर्शन</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">चंडी देवी मन्दिर &#8211; हरिद्वार में घूमने की जगह </h5>



<p>यह मन्दिर नील पर्वत पर है और यहाँ तह पहुचने के लिए आपको मनसा देवी की ही भान्ति दो साधन है एक पैदल मार्ग और दूसरा उड़न&nbsp; खटोला जिसे रोपवे भी कहा जाता है चंडी देवी मन्दिर परिसर में अन्नपूर्णा देवी मन्दिर , जय माँ भद्र काली मन्दिर , काल भैरव&nbsp; मन्दिर , संकट मोचन हनुमान मन्दिर एवं अन्य छोटे छोटे&nbsp; मन्दिर भी है |</p>



<p>माँ चंडी देवी से थोड़ी ही चढ़ाई पर माँ अंजना देवी मन्दिर है यहाँ भी आप अपना मत्था टेक ले इस मन्दिर परिसर में नागेश्वर शिव मन्दिर , संतोषी माता मन्दिर , हनुमान जी मन्दिर है अच्छा यहाँ से आपको नील पर्वत का एक बेहतरीन सुन्दर नज़ारा दिखाई पड़ता है जो की हरिद्वार दर्शन करने आये पर्यटकों को बड़ा लुभाता है , माँ अंजना हनुमान जी की माता थी |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/माँ-चंडी-देवी-हरिद्वार-मन्दिर.jpg" alt="माँ चंडी देवी हरिद्वार में घूमने की जगह"/><figcaption>माँ चंडी देवी</figcaption></figure>
</div>


<h6 class="wp-block-heading">माँ मनसा देवी माँ चंडी देवी के लिए उड़न खटोला रोपवे का शुल्क</h6>



<p>आप हरिद्वार दर्शन में माँ मनसा देवी और माँ चंडी देवी तो जरूर जायेंगे अच्छा इन दोनों पवित्र मंदिरों में रोपवे की व्यवस्था भी है बस आपके साथ यदि छोटे बच्चे है तो उड़न खटोले पर बच्चो को पकड़ कर बैठे |</p>



<p> उड़न खटोले से हरिद्वार शहर और माँ गंगा देखना एक रोमांचकारी अनुभव है , चलिए अब शुल्क देख लिया जाय माँ मनसा देवी और चंडी देवी का एक संयुक्त टिकट 314 रुपये का है जिसमे आप दोनों देवियों के दर्शन रोपवे से कर पाओगे |</p>



<p>यदि आप सिर्फ चंडी देवी की रोपवे का टिकट चाहते है तो यह 193 रुपये का है वैसे माँ मनसा देवी की अपेक्षा माँ चंडी देवी की चढ़ाई ज्यादा है तो हो सके तो आपप चंडी देवी में रोपवे का टिकट अवश्य ले |</p>



<h5 class="wp-block-heading">माया देवी मन्दिर &#8211; हरिद्वार पर्यटन स्थल</h5>



<p><strong>माया देवी मन्दिर हरिद्वार</strong> का अत्यंत प्राचीन मन्दिर है और यह एक शक्तिपीठ भी है आप <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> को कभी&nbsp; भी आये देवी माया के दर्शन अवश्य करे यह स्थल हरिद्वार रेलवे स्टेशन से 2-3 किलोमीटर ही होगा |</p>



<p> यहाँ की कहावत है की माँ सती के इस मन्दिर में भक्तो की सारी मन्नते पूरी&nbsp; होती है , मन्दिर प्रांगण में बहुत से शिवलिंग बने हुये है और एक कान्हा जी का सुन्दर झुला है इसके अलावा एक अत्यंत बड़ा सा त्रिशूल भी है , अच्छा एक स्थानीय व्यक्ति के अनुसार चंडी देवी , मनसा देवी और माया देवी को मिलाकर एक त्रिभुज का निर्माण होता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/माया-देवी-मन्दिर-शक्तिपीठ-हरिद्वार.jpg" alt="हरिद्वार दर्शन माया देवी मन्दिर"/><figcaption>माया देवी मन्दिर हरिद्वार का शक्तिपीठ</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">सप्तऋषि आश्रम &#8211; हरिद्वार में घूमने की जगह </h5>



<p>यह पवित्र स्थल भारत के सात ऋषियों के लिए जाना जाता है यह एक शान्त और धार्मिक स्थल है , कहा जाता है कि प्राचीन काल में सात ऋषिवर ( भारद्वाज , विश्वामित्र , अत्री , वशिष्ठ , कश्यप , गौतम , जमदग्नि ) इसी जगह पर पूजा पाठ करते थे |</p>



<p> सप्त ऋषि आश्रम के बारे में एक और पौराणिक कथा है कि यहाँ पर सातों ऋषियों को पूजा करने में कोई दिक्कत न हो इसीलिए माँ गंगा ने अपने आप को सात धाराओ में विभाजित कर लिया था |</p>



<p>आश्रम परिसर में कई मन्दिर है जिनके आप दर्शन कर सकते है लेदेके देखा जाय तो यहा आप अवश्य जाये , <strong>हरिद्वार पर्यटन स्थल</strong> का यह स्थल भी पर्यटकों को अपनी और खींच लेता है |</p>



<p>यह भी पढ़े &#8211;&nbsp;<br><a href="https://safarjankari.com/allahabad-me-ghumne-ki-jagah/">Triveni Sangam Allahabad ke Parytan Sthal – प्रयागराज पर्यटन</a></p>



<p><a href="https://safarjankari.com/ram-janmbhumi-ayodhya-me-ghumne-ki-jagahe/">अयोध्या दर्शन की सम्पूर्ण जानकारी Ayodhya Darshan</a>&nbsp;</p>



<h5 class="wp-block-heading">भारत माता मन्दिर &#8211; हरिद्वार पर्यटन स्थल </h5>



<p>मैंने अपने जीवन काल में अभी तक जितने मन्दिर देखे न सबमे <em>भारत माता मन्दिर </em> एक अनूठा मन्दिर है कभी भी आप <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> को जाये तो इस मन्दिर के दर्शन अवश्य करे , <em>भारत माता मन्दिर</em>  हमें अपने देश भारत से बहुत ही अच्छी तरफ से रूबरू कराता है |</p>



<p> यह 6 खंडो में बना हुआ है जिसमे आप अलग &#8211; अलग खण्ड पर अलग अलग महापुरुषों , भगवान के दर्शन कर पाओगे कुल मिलाके भारत माता मन्दिर धर्म , देश , संस्कृति आदि का मिश्रण है |</p>



<p>यहाँ आपको लिफ्ट का टिकट लेना है जो की मात्र 2 रुपये का और आप लिफ्ट से सबसे उपरी खण्ड पर पहुँच जाओगे फिर आप एक एक खण्ड को अच्छी तरह देखते हुए नीचे आते जाओगे यहाँ सफाई भी उत्तम है |</p>



<p><strong>हरिद्वार पर्यटन स्थल </strong> &#8211;<a href="https://safarjankari.com/bharat-mata-mandir-haridwar-ek-anokha-mandir/">Bharat Mata Mandir Haridwar A Complete Guide</a></p>



<h5 class="wp-block-heading">माता वैष्णो देवी गुफ़ा मन्दिर ( माता लाल देवी मन्दिर ) &#8211; हरिद्वार का दर्शनीय स्थल </h5>



<p>भारत माता मन्दिर से कुछ ही दूरी पर स्थित यह मन्दिर जम्मू के कटरा में स्थित माँ वैष्णो देवी की तर्ज पर बनाया गया है परन्तु यहाँ की गुफाये आर्टिफीसियल है फिर भी इस मन्दिर के दर्शन आप अवश्य करे यहाँ आपको 12 ज्योतिर्लिंग और हाथी मत्था की चढ़ाई देखने को मिलेगी |</p>



<p>इसके अलावा यहाँ आप माता को चढाने के लिए हलवा प्रसाद ले सकते है जो की आपको 10 रुपये में एक दोंना मिल जायेगा , इस गुफ़ा मन्दिर में आपको अमरनाथ गुफ़ा के भी दर्शन मिल जायेंगे , <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> की लिस्ट में इस मन्दिर का नाम भी लिख ले |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/वैष्णोदेवी-गुफ़ा-मन्दिर-हरिद्वार.jpg" alt="हरिद्वार में घूमने की जगह माँ वैष्णो देवी गुफा मन्दिर"/><figcaption>माँ वैष्णो देवी गुफ़ा मन्दिर</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">भूमा निकेतन &#8211; हरिद्वार में घूमने की जगह </h5>



<p>माता वैष्णो देवी गुफा मन्दिर से थोड़ी ही दूरी पर उसी रोड पर एक और साफ़ सुथरा भव्य स्थल है जिसे लोग भूमा निकेतन कहते है <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> में यह स्थल भी खास है&nbsp; यहाँ यदि आप मोबाइल ले जाना चाहते है तो आपको गोसेवा के लिए 31 रुपये का दान देना होगा |</p>



<p> इस पवित्र स्थल पर हमें 108 शालिग्राम दिखे जिन्हें हमने जीवन में पहली बार देखा था भूमा निकेतन में भी गुफा है वैसे इस स्थल की झांकिया देखते ही बनती है खासकर भगवान कृष्ण के जीवन काल की झांकियां आपका मन मोह लेंगी |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/भूमा-निकेतन-हरिद्वार-दर्शन.jpg" alt="भूमा निकेतन हरिद्वार में घूमने की जगह"/><figcaption>भूमा निकेतन हरिद्वार दर्शन</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">तुलसी मानस मन्दिर ( श्रीराम मन्दिर ) </h5>



<p>भूमा निकेतन से जैसे ही आप थोड़ा आगे जाओगे आपको एक बेहद भव्य मन्दिर दिखाई देगा जो की भगवान श्री राम का है यह मन्दिर देखते ही बनता है गज़ब की नक्खाशी की गई है यहा इस मन्दिर के झूमर सच में भव्यता को प्रदर्शित करते है |</p>



<p> अच्छा राम मन्दिर की सबसे अच्छी बात कि इस मन्दिर की दीवारों पर रामायण की चौपाईयां लिखी हुई है <strong>हरिद्वार में घूमने की जगह</strong>  में राम मन्दिर का एक विशेष महत्त्व है |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/श्रीराम-मन्दिर-हरिद्वार.jpg" alt="हरिद्वार दर्शन श्री राम मन्दिर"/><figcaption>श्रीराम मन्दिर</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">शिवानन्द धाम</h5>



<p>अब आप श्री राम मन्दिर से थोड़ा और आगे जायेंगे तो आपको <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> का अगला पड़ाव&nbsp; शिवानन्द धाम दिखाई देगा यह प्रसिद्ध धाम झाँकियो के लिए जाना जाता है यह भी गुफाये और अन्य गुफ़ा वाले मंदिरों की अपेक्षा शिवानन्द धाम की गुफ़ा में अंधेरा ज्यादा रहता है&nbsp;|</p>



<p> यहाँ टिकट भी&nbsp; है जो की मात्र 5 रुपये का है , शिवानन्द धाम की गुफाओ में आपको बाण गंगा , बाबा बर्फानी अमरनाथ , माता अर्धकुमारी योनी गुफ़ा में भोलेनाथ आदि पावन स्थल दर्शन करने को मिल जायेंगे |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/शिवानन्द-धाम-हरिद्वार-दर्शन.jpg" alt="शिवानन्द धाम हरिद्वार का दर्शनीय स्थल "/><figcaption>शिवानन्द धाम हरिद्वार</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">इण्डिया टेम्पल -हरिद्वार पर्यटन स्थल का एक धार्मिक जगह </h5>



<p>भगवान श्री साकेत बिहारी ट्रस्ट द्वारा संचालित इण्डिया टेम्पल भी झाकियों के लिए जाना जाता है  यहाँ की चलती फिरती झाकियां आपका मन मोह लेंगी अच्छा इस मन्दिर में कोई भी गुफ़ा नहीं है |</p>



<p> इण्डिया टेम्पल में भंडारा , गो सेवा , बिजली एवं सफाई , अन्न क्षेत्र के नाम पर एक ३ रुपये का टिकट भी है यह मन्दिर बिलकुल शिवानन्द धाम के समीप है हरिद्वार दर्शन के लिए आप इण्डिया टेम्पल को भी महत्त्व दे |</p>



<figure class="wp-block-image is-style-default"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/इंडिया-टेम्पल-हरिद्वार-दर्शन.jpg" alt="इंडिया टेम्पल हरिद्वार दर्शन"/><figcaption>इंडिया टेम्पल</figcaption></figure>



<h5 class="wp-block-heading">पावन धाम / कांच का मन्दिर / शीश महल</h5>



<p><strong>हरिद्वार दर्शन</strong> को आये है और पावन धाम ना जाये यह तो बेईमानी सी होगी सच में एक अद्भुत , अविस्मरणीय स्थल है पावन धान इसे आप कांच मन्दिर और शीश महल नाम से भी जानते हो पूरा मन्दिर कांच का बना एक साफ़ सुथरा स्थल है |</p>



<p>यहाँ बना हुआ&nbsp; योध्या अर्जुन का रथ ( जिसके सारथी श्री कृष्ण भगवान थे ) बहुत ही सुन्दर है यहाँ आप आये देखिये इसकी भव्यता पावन धाम में चारो तरफ कांच ही कांच है तो आपको अपने प्रतिबिम्ब बहुतायत दिखाई देंगे सेल्फी के शौक़ीन लोगो के लिये भी यह स्थल बढ़िया है |</p>



<p><br>पावन धाम से निकलकर थोडा सा आगे जायेंगे तो एक और दिव्य एवं भव्य स्थल है वहां आपको राम सेतु के पत्थर के दर्शन हो जायेंगे जो की पानी में तैरता हुआ दिखाई देगा जबकि इसका वजन 21 किलो 800 ग्राम है |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/पावन-धाम-कांच-का-मन्दिर-हरिद्वार.jpg" alt="पावन धाम कांच का मन्दिर हरिद्वार पर्यटन स्थल"/><figcaption>पावन धाम कांच का मन्दिर हरिद्वार</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">दक्ष महादेव मन्दिर &#8211; हरिद्वार पर्यटन स्थल का एक धार्मिक स्थल </h5>



<p>हरिद्वार के कनखल में स्थित यह एक प्राचीन मन्दिर है जो की पूर्ण रूप से शिव जी को समर्पित है यहाँ भक्तो का ताँता लगा रहता है मन्दिर परिसर में ही&nbsp; &nbsp;रेस्टोरेन्ट , प्रसाद की दुकाने , खिलोनो की दुकाने , बच्चो के झूले आदि है |</p>



<p>यह मन्दिर दक्ष प्रजापति मन्दिर और दक्षेश्वर महादेव मन्दिर नाम से भी जाना जाता है , कनखल भोलेनाथ की ससुराल है यही पास में एक गंगा घाट भी है जहाँ आप स्नान के लिए जा सकते है <strong>हरिद्वार में घूमने की जगह</strong> में दक्ष महादेव के इस प्राचीन मन्दिर का उल्लेख होना अति आवश्यक था |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/दक्ष-महादेव-मन्दिर-हरिद्वार-दर्शन.jpg" alt="दक्ष महादेव मन्दिर हरिद्वार दर्शन"/><figcaption>दक्ष महादेव मन्दिर</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">हरिहर आश्रम ( पारद शिवलिंग और रुद्राक्ष का पेड़ )</h5>



<p>हरिहर आश्रम एक पवित्र और शांत जगह है यहाँ आप श्री पारदेश्वर महादेव मतलब पारद शिवलिंग के दर्शन कर सकते हो इसके अलग इस आश्रम परिसर में एक दिव्य रुद्राक्ष का पेड़ भी है जिसके चारो और 12 ज्योतिर्लिंग बने हुए है |</p>



<p> इनके आलावा इस परिसर में श्री महा मृत्युन्जय मन्दिर जो की बड़ा ही शानदार बना हुआ है इस मन्दिर में एक नंदी जी की बड़ी सी प्रतिमा भी है , अच्छा यहाँ के मुख्य आकर्षण प्रद शिवलिंग का वजन लगभग 150 किलो है पारद शिवलिंग और रुद्राक्ष का पेड़ <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> का अहम् हिस्सा है | </p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/पारद-शिवलिंग-हरिहर-आश्रम.jpg" alt="पारद शिवलिंग हरिहर आश्रम हरिद्वार पर्यटन स्थल"/><figcaption>पारद शिवलिंग हरिहर आश्रम</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">पायलट बाबा आश्रम &#8211; हरिद्वार पर्यटन स्थल</h5>



<p>पायलट बाबा का आश्रम हरिहर आश्रम से थोड़ी ही दूरी पर है ब्याक्तिगत रूप से कहू तो मुझे यह अत्यंत भव्य आश्रम लगा एकदम शांत वातावरण में स्थित यह आश्रम शहर के शोर शराबे से दूर है और यहाँ की प्रतिमाये , झाकियां सच में अद्भुत है |</p>



<p>  यदि आपके पास समय हो तो एक दो घंटे के लिए इस आश्रम में भी आये , महायोगी पायलट बाबा आश्रम हरिद्वार में लगी भारत माता और महादेव की प्रतिमा सच में देखने लायक है वैसे तो पूरा आश्रम ही शानदार प्रतिमाओ से सुसज्जित है |</p>



<p>यहाँ आप जब भी आये कृपया एक कोई भी आई डी प्रूफ साथ में लाये और गर्मियों में यहाँ सुबह 7 से 12 बजे तक और दोपहर&nbsp; 2 बजे से शाम 6 बजे तक ही आये वही सर्दियों में सुबह 8 बजे से 12 बजे तक और फिर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक ही आये |</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/पायलट-बाबा-आश्रम-हरिद्वार.jpg" alt="पायलट बाबा आश्रम हरिद्वार दर्शन"/><figcaption>पायलट बाबा आश्रम हरिद्वार</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">शान्तिकुंज</h5>



<p>पण्डित श्री राम शर्मा जी की देन है गायत्री परिवार का मुख्यालय शांतिकुंज यह एक बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है और यह स्थल ऋषिकेश मार्ग पर है जो लोग धार्मिक है वो इस स्थल पर अवश्य जाये शांतिकुंज में लोगो को रहने का मुफ्त में व्यवस्था और यहाँ के मुख्य आकर्षण अखण्ड ज्योती , गायत्री माता का मन्दिर है |</p>



<p> यहाँ रोजाना अध्यात्म से सम्बंधित तरह तरह के शिविर आयोजित होते रहते है कुल मिलकर हमारे अनुसार यहाँ जीवन जीने की कला सिखाई जाती है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">हरिद्वार की खरीददारी और खानपान &#8211;  Best Food Shopping in Haridwar in Hindi</h4>



<p>आये है <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> को लो जी बात करने लगे खरीददारी की ये तो गलत बात अरे भाई हम है घुमक्कड़ तो जिस शहर जाते ज्यादा से ज्यादा उसके बारे में जानने की कोशिश करते है आइये खरीददारी की बात हो जाए देखिये |</p>



<p>हरिद्वार की लगभग बाजारे हरी की पौडी के इर्द गिर्द ही है यहाँ की मुख्य बाजारों में बड़ा बाज़ार , अपर रोड बाज़ार , मोती बाज़ार है अच्छा एक और मार्किट है जहाँ आप जा सकते है वो है कनखल की बाज़ार&nbsp; इन सारी बाजारों में आपको शाल , लकड़ी से बने खिलोने या सजावटी सामान , कपडे , स्वेटर , पूजा का सामान आदि उचित दामो पर मिल जायेगा कृपया मोलभाव जरूर करे |</p>



<p>अब खानपान तो आप कोशिश करे <strong>हरिद्वार </strong> में पूरी सब्जी जरूर खाए आप हरी की पौड़ी पर मोहन जी पूरी वाले या चोटीवाला रेस्टोरेंट में यह स्वाद ले सकते है , यहाँ लस्सी जरूर पिए और पौडी पर ही मथुरा जी की प्राचीन लाल पेडे की दूकान है वहा से पेडे अवश्य ले |</p>



<p> अपर रोड पर कोतवाली के सामने भगवती छोले भण्डार के यहाँ छोला भटूरा अवश्य चखे , जैन चाट भण्डार की आयुर्वेदिक चाट जरूर खाये|</p>


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<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/10/हरी-की-पौड़ी-स्ट्रीट-फ़ूड.jpg" alt="हरी की पौड़ी स्ट्रीट फ़ूड"/><figcaption>हरी की पौड़ी स्ट्रीट फ़ूड</figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">Itinerary &#8211; यात्रा कार्यक्रम &#8211; हरिद्वार कैसे घूमे</h5>



<p>आपको हमने <strong><strong>हरिद्वार में घूमने की जगह</strong></strong> के लगभग समस्त दार्शनिक स्थलों के बारे में ऊपर बता ही दिया है अब&nbsp; हम आपके लिए एक यात्रा कार्यक्रम भी बना रहे जिसमे हम सुबह से यात्रा की शुरुआत करेंगे आप जब भी पहुचे उस हिसाब से अपना प्लान बनाइएगा यहाँ से आपको कुछ सहयोग जरूर मिल जायेगा &#8211;&nbsp;</p>



<p><em><strong>पहला दिन</strong></em> &#8211; सबसे पहले आप हरी की पौड़ी आ जाये यहाँ गंगा स्नान करे और पास में ही स्थित भीमगोड़ा , विष्णु घाट , माया देवी मन्दिर के दर्शन करे इतना कर लेने के बाद आप मनसा देवी रोपवे काउंटर पर आकर माँ मनसा देवी और माँ चंडी देवी का संयुक्त टिकट लेकर दोनों देवियों के दर्शन करे |</p>



<p>इतने में आपको दोपहर के 2-3 बज जायेंगे अब आप अपने होटल / धर्मशाला में आकर कुछ खा पीकर आराम करे , इसके बाद आप शाम को 5 बजे दुबारा हरी की पौडी आये और गंगा आरती में शामिल हो गंगा आरती देखने के बाद आप वही बड़ा बाज़ार और अपर रोड की शौपिंग करे और वही के स्ट्रीट फ़ूड का लुत्फ़ ले फिर जब थक जाए तब अपने रूम पर जाकर आराम करे और सो जाये |</p>



<p><em><strong>दूसरा दिन</strong></em> &#8211; चलिए नहा धो के नाश्ता करके <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> को तैयार हो जाइये और चाहे तो ऑटो बुक कर ले या शेयर्ड ऑटो से जाये हम आपको जो लिस्ट दे रहे है वो सब मन्दिर लाइन से ही है एक के दर्शन करे तुरंत दुसरे मन्दिर में जाये&nbsp; </p>



<p><br>शांति कुंज &#8211; सप्त ऋषि आश्रम &#8211; भारत माता मन्दिर &#8211; माँ वैष्णो देवी गुफ़ा मन्दिर &#8211; भूमा निकेतन &#8211; श्री राम मन्दिर &#8211; शिवानन्द धाम &#8211; इण्डिया टेम्पल &#8211; पावन धाम<br>इतना सब देखने के बाद&nbsp; आप खा पीकर अपने रूम पर जाकर आराम करे , अब शाम को आप कनखल जाए वहां दक्ष महादेव मन्दिर , पायलट बाबा आश्रम , हरिहर आश्रम ( पारद शिवलिंग और रुद्राक्ष पेड़ ) देखिये |</p>



<p>इसके अलावा भी हरिद्वार में कई मन्दिर और आश्रम है यदि आपके पास समय हो तो आप और भी जगहों पर जाये वैसे मेरे हिसाब से असली घुमक्कड़ी वही जो पूरा शहर घूमे|</p>



<p><strong>हरिद्वार में घूमने की जगह से सम्बन्धित प्रश्न </strong>&#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659243778158"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार किस राज्य में है </strong> <p class="schema-faq-answer">हरिद्वार उतराखण्ड राज्य में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659243809902"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार में कौन सी नदी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">हरिद्वार में गंगा नदी है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659243841661"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार का सबसे प्रमुख घाट कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"> हरिद्वार का सबसे प्रमुख घाट हरि की पौड़ी है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659243902334"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार कब जाना चाहिये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">आप साल भर में कभी भी हरिद्वार दर्शन को आ सकते है लेकिन मेरा व्यक्तिगत सुझाव यही रहेगा कि आप यहाँ भीसण गर्मी में आने से बचे तो सितम्बर अक्टूबर नवम्बर फ़रवरी मार्च बेस्ट है | बाकी सितम्बर से लेकर मई तक आप यहाँ आ सकते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244151811"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">हरिद्वार हिन्दू धर्म का एक पवित्र स्थल है यहाँ हरि की पौड़ी जैसे पवित्र घाट है पुराने मन्दिर है माँ गंगा है कुम्भ भी यहाँ होता है इन्ही कारणों से हरिद्वार प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244273895"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार की यात्रा कैसे करे ?</strong> <p class="schema-faq-answer">यहाँ हर प्रकार के साधन मौजूद है आप अपने बजट के हिसाब से ऑटो , ई रिक्शा , कार से घूम सकते है कहाँ कहाँ घूमना है यह मैंने पोस्ट में बताया हुआ है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244414949"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार में कहाँ ठहरे ?</strong> <p class="schema-faq-answer">अरे क्यों परेशां है आप आइये तो सही यहाँ आपको ढेरो होटल ढेरो धर्मशालाए मिलजाएँगी आप अपने बजट के हिसाब से देख कर कोई भी साफ सुथरी जगह को बुक कर लेंगे |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244534102"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; चंडी देवी की चढ़ाई कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 3 किलोमीटर और हम किसी बीमार व्यक्ति को  यह यह चढ़ाई करने की सलाह नहीं देंगे यहाँ पर उड़न खटोला की व्यवस्था है आप उससे भी जा सकते है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244635941"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; मनसा देवी की चढ़ाई कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 800 सीढियां है यहाँ भी रोपवे की व्यवस्था है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244730819"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दिल्ली से हरिद्वार जाने में कितना समय लगता है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 4-5 घंटे </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244852710"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; लखनऊ से हरिद्वार जाने में कितना समय लगता है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 10-11 घन्टे </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659244944815"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; क्या दिल्ली से हरिद्वार के लिये कोई ट्रेन है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">कोई क्या बहुत सी ट्रेन्स है आपको फिकर करने की जरूरत नहीं बहुत सी ट्रेन्स है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659245072057"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार से मनसा देवी कैसे जाये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">आप हरिद्वार रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से ऑटो बुक करे उसे बोल दे की मनसा देवी जाना है वप आपको उस स्थल पर उतार देगा जहाँ से मनसा देवी की पैदल यात्रा या रोपवे यात्रा शुरू होती है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659245262872"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार में देखने के लिये क्या क्या है ? हरिद्वार पर्यटन स्थल कौन कौन से है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">हरी की पौडी , माँ मनसा देवी मन्दिर , माँ चंडी देवी मन्दिर , भारत माता मन्दिर , पावन धाम , वैष्णो देवी मंदिर , शांतिकुंज  , शिवानन्द धाम , दक्ष महादेव मन्दिर , पायलट बाबा आश्रम , इण्डिया टेम्पल , हरिहर आश्रम , सप्तऋषि आश्रम आदि |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1659245497680"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; हरिद्वार से शांतिकुंज किनती दूर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 6 किलोमीटर है ऋषिकेश की तरफ जाओ तब शांतिकुंज पड़ता है |</p> </div> </div>



<h5 class="wp-block-heading">निष्कर्ष</h5>



<p> यह देवभूमि मायापुरी हरिद्वार मन्दिरों , गंगा के घाटो , आश्रमों की नगरी है और पूज्यनीय स्थल है यहाँ आपका ज्यादा खर्चा भी नही होता क्यूंकि यहाँ रुकना सस्ता है करण यहाँ बहुत सारी धर्मशालाओ का होना है |</p>



<p>हमने आपको <strong>हरिद्वार दर्शन</strong> से सम्बंधित लगभग समस्त जानकारी मुहैया करने का प्रयास किया है बहुत से पर्यटन के केंद्र हमारे द्वारा कवर नही हो पाए कृपया इसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं |</p>



<p> स्वच्छ गंगा स्नान के लिए हरिद्वार एक बढ़िया विकल्प है तो क्या सोच रहे बना लीजिये मन और आइये <strong>हरिद्वार में घूमने की जगह</strong> की यह पोस्ट यदि आपको पसंद आई हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों में शेयर जरूर करे |</p>
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		<title>Best Hill Station of India &#8211; भारत के  16 मुख्य हिल स्टेशन</title>
		<link>https://safarjankari.com/best-16-hill-station-india/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 07 Jan 2019 08:44:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hill Station]]></category>
		<category><![CDATA[Mountain]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://safarjankari.com/?p=263</guid>

					<description><![CDATA[<p>आज हम बात कर रहे भारत के हिल स्टेशन Hill Station of India की यहाँ के पहाड़ी इलाके अत्यंत लुभावने है सबसे मजेदार बात हमारे देश की है कि यहाँ पर आपको हर प्रकार के हिल स्टेशन देखने को मिल जायेंगे  यदि आप झरने झील के शौक़ीन है तो आपको यहाँ बहुत ही मनभावन झरने झील देखने को मिलेंगे , यदि आप बर्फ़बारी के शौक़ीन है तो आपके यहाँ बर्फ़बारी वाली पहाड़ियां भी देखने को मिलेंगी &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<h2 class="wp-block-heading">Best Hill Station of India- भारत के 16 प्रमुख लोकप्रिय हिल स्टेशन</h2>



<p><strong>Best Hill Station of India</strong> की बात करे तो आज हम आपको भारत के १६ प्रमुख <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Hill_station">हिल स्टेशन</a> की जानकारी देंगे , यहाँ के <strong><a href="https://safarjankari.com/historical-places/">पहाड़ी</a> इलाके</strong> अत्यंत लुभावने है सबसे मजेदार बात हमारे देश की है कि यहाँ पर आपको हर प्रकार के हिल स्टेशन देखने को मिल जायेंगे  यदि आप झरने झील के शौक़ीन है तो आपको यहाँ बहुत ही मनभावन झरने झील देखने को मिलेंगे , यदि आप बर्फ़बारी के शौक़ीन है तो आपके यहाँ बर्फ़बारी वाली पहाड़ियां भी देखने को मिलेंगी |</p>



<p>चलिए शुरुआत करते है और जान लेते है की हिल स्टेशन किसे कहते है <u>What is Hill Station of India ,</u><b> </b> – Hill Station मतलब पहाड़ी इलाका ये काफी ऊँचाई पर स्थित होते है इनको देखकर आपको एक अलग शांन्ति की अनुभूति होगी | </p>



<p>भारत में बहुत सी पर्वत श्रंखलाये है यहाँ आपको हिमालय की ऊँची ऊँची चोटियां देखने को मिलेंगी तो दूसरी और आप देखेंगे विंध्यांचल – सतपुड़ा की पहाड़िया तो एक और आप पाएंगे अरावली की पहाडियां | चलिए अब आज हम लोग भारत की कुछ सुन्दर हिल स्टेशनो (<strong>Best Hill Station of India</strong>) के बारे में जानते है आप कभी भी अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर इन जगहों पर अवश्य जाये –&nbsp;&nbsp;</p>



<h4 class="wp-block-heading">नैनीताल A beautiful and Best Hill Station of India</h4>



<p>यह एक छोटा सा शहर है जो उत्तराखंड राज्य में तीन और से पहाडियों से घिरा हुआ है इसको झीलों का शहर कहा जाता है | नैनीताल भी एक लोकप्रिय <strong>Best</strong> <strong>Hill Station of India</strong> है जो की हिमालय को गोद में स्थित है नैनीताल की झीलों का हरा रंग साफ़ बताता है की इस शहर में कितनी हरियाली होगी सच में लाजवाब है नैनीताल |</p>



<p><b>नैनीताल के पर्यटन स्थल</b> – नैनी झील , भीम ताल , नौकुचियातल , सातताल , नैना पीक , हनुमान गढ़ी मंदिर , नैना देवी मंदिर , स्नो व्यू , वेधशाला , सुनिए दोस्तों <strong>Best</strong> <strong>Hill Station of India </strong>में श्रीनगर तो बेस्ट का बेस्ट है&nbsp; |</p>



<p><b>कैसे पहुचे </b></p>



<p>यदि आप वायुमार्ग से जाना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पंतनगर है यहाँ से नैनीताल की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है पन्तनगर से आपको टैक्सी मिल जाएँगी |</p>



<p>यदि आप रेलवेमार्ग से जाना चाहते है तो <b>Nainital </b>का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है फिर आप बस या टैक्सी बुक करके मसूरी नैनीताल पहुच सकते है |</p>



<p>यदि आप <strong>Best</strong> <strong>Hill Station of India </strong>नैनीताल सड़कमार्ग से  जाना चाहते है तो भारत के कई प्रमुख शहरों से नैनीताल के लिए बसे मिल जाएँगी |</p>



<h4 class="wp-block-heading">लेह A Adventures Best Hill Station of India</h4>



<p>लेह लद्दाख का एक क्षेत्र है और यह जम्मू कश्मीर राज्य में आता है प्रकति प्रेमियों के लिए लेह को स्वर्ग का दर्जा देना निरर्थक नहीं होगा यहाँ पर चारो तरफ प्रकति की हरियाली देखते ही बनती है |</p>



<p><strong>लेह के प्रमुख पर्यटक स्थल </strong>– लेह महल , जोरावर का किला , शंकर गोपा मठ , हेमिंग्स गोम्पा मठ , शे बौद्ध मठ , थिन्कसे मठ , लेह मस्जिद , अल्ची मठ , माथो मठ लेह , कलि मंदिर , शांति सतूप लेह , स्टॉक प्लेस म्यूजियम , गुरुद्वारा पत्थर साहिब , कारगिल |</p>



<p><strong>कैसे पहुचे</strong><br>लेह तक जाने के मुख्यता दो रास्ते है एक मनाली होकर जाता है दूसरा श्रीनगर होकर जाता है |<br>यदि आप वायुमार्ग से जाना चाहते हो तो लेह तक वायुमार्ग से भी आ सकते है यहाँ पर कुशोक बकुला रिंपोचे एअरपोर्ट है परन्तु यहाँ सीमित शहरों से ही उड़ाने भरी जाती है , भारत के कई प्रमुख शहरो से लेह के लिए उड़ाने भरी जाती है |</p>



<p><br>यदि आप रेलमार्ग से जाना चाहते है तो कोई भी सीधा रास्ता तो नहीं परन्तु आप जम्मू तक पहुच सकते है क्यूंकि जम्मू बड़ा रेलवे स्टेशन है यहाँ तक भारत के तमाम शहरों से ट्रेन आती है और जम्मू से लेह  सड़क मार्ग द्वारा बस या टैक्सी बुक करके पहुच सकते है |</p>



<p>यदि आप सड़क मार्ग <strong>Best Hill Station of India लेह </strong>से जाना चाहते है तो आपको बड़े आराम से जम्मू , श्रीनगर , दिल्ली , मनाली इत्यादी शहरों से जम्मू कश्मीर स्टेट ट्रांसपोर्ट या हिमांचल प्रदेश स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसे मिल जाएगी आप टैक्सी बुक करके भी पहुच सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>श्रीनगर A Heaven Hill Station Of India</strong></h4>



<p><br>डल झील यहाँ का सबसे प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है , <a href="https://en.wikipedia.org/wiki/Srinagar" target="_blank" rel="noopener noreferrer">श्रीनगर</a> को आप देखकर रोमांचित हो उठेंगे इतना दिलकश प्राकृतिक नजारा शायद ही आपको कही और देखने को मिले | ऊँचे ऊँचे सुन्दर वृक्ष , बर्फ की चादर ओढ़े पहाड़िया झेलम नदी के मनोरम दृश्य बस देखते ही बनते  है मन तो करता है बस यही रह जय हमेशा श्रीनगर में आप डल झील में हाउसबोट का लुत्फ़ ले सकते है |</p>



<p><br><strong>श्रीनगर के पर्यटन स्थल</strong> – सिन्थान चोटी,खीर भवानी मंदिर , बेताब घटी , पत्थर मस्जिद , शाह हमदान मस्जिद , हजरतबल दरगाह , गुलमर्ग , पहलगाम , मार्तण्ड सूर्य मंदिर |</p>



<p><br><strong>कैसे पहुचे</strong> – यह जम्मू से लगभग 320 किलोमीटर की दूरी पर है |<br><em>यदि आप वायुमार्ग</em> से जाना चाहते है तो तो श्रीनगर में हवाई अड्डा है और भारत के कई शहरो से यहाँ उड़ाने भरी जाती है |<br><em>यदि आप रेल मार्ग</em> से आना चाहते तो पहले आप जम्मू आये जम्मू से श्रीनगर आप बस से पहुच सकते है श्रीनगर में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं यहाँ का सबसे नज्दीखी रेलवे स्टेशन जम्मू है |<br><em>यदि आप सड़क मार्ग</em> से जाना चाहते है तो आपको बड़े आराम से जम्मू , श्रीनगर , दिल्ली , मनाली अत्यादी शहरों से जम्मू कश्मीर स्टेट ट्रांसपोर्ट या हिमांचल प्रदेश स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसे मिल जाएगी आप टैक्सी बुक करके भी पहुच सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>शिमला</strong></h4>



<p><br>शिमला  हिमांचल प्रदेश राज्य में स्थित है वैसे तो पूरा हिमांचल प्रदेश अपनी खूबसूरती के लिए पुरी दुनिया में जाना जाता है परन्तु यहाँ हम बात शिमला की करेंगे शिमला भारत के प्रसिद्ध हिल स्टेशनो में से एक है यहाँ पर आपको हिमालय पर्वत की चोटियों के मनभावन नज़ारे देखने को मिलेंगे | अगर बात करे रोमांच की तो शिमला <em><strong>Best Hill Station of India</strong></em> में आप गोल्फ खेल सकते हो , शिपिंग कर सकते हो , ट्रैकिंग का भी मजा लिया जा सकता है |</p>



<p><strong>शिमला में पर्यटन के केंद्र</strong> – चाडविक फ़ाल , दरंघाती अभ्यारण्य , तारादेवी मंदिर , समर हिल्स , दी शिमला स्टेट म्यूजियम , कुकरी , चैल, जाखू हिल |</p>



<p><br><strong>कैसे पहुचे</strong><br><em>यदि आप वायुमार्ग</em> से जाना चाहते है तो शिमला में जुब्बरहट्टी एअरपोर्ट है यहाँ से चंडीगढ़ , दिल्ली से कई उड़ाने भरी जाती है |<br><em>यदि आप रेलवेमार्ग</em> से जाना चाहते है तो शिमला के नजदीक कालका एक बड़ा स्टेशन है जहा से भारत के कई शहरो से ट्रेने जाती है फिर कालका से शिमला के लिए छोटी रेलवे लाइन है |<br>यदि आप सड़क मार्ग से जाना चाहते तो आप जा सकते है शिमला दिल्ली से ३५० किलोमीटर लगभग और चंडीगढ़ से ११८ किलोमीटर लगभग की दूरी पर है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>मनाली</strong></h4>



<p><br>मनाली की शिमला से दूरी लगभग २८० किलोमीटर है यह शहर भी चारो तरफ से पहाडियों से घिरा हुआ है चारो तरफ प्रकति की हरियाली आँखों को तरोताजा कर देती ऐसा लगता है जैसे शरीर की थकान मानो कोसो दूर चली गई हो |</p>



<p><strong>मनाली के पर्यटन स्थल</strong> – व्यास कुंद , हदिम्बा देवी , जोगिनी झरना . व्यास झरना , वशेस्वर महादेव मंदिर , झोलांग घाटी |<br><strong>कैसे पहुचे</strong><br>जब भी आप शिमला जाय संभव हो तो उसी ट्रिप में ही समय निकलकर मनाली घूम आइये शिमला से तमाम साधन आपको मिल जायेंगे |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>दार्जिलिंग</strong></h4>



<p><br>दार्जिलिंग  चाय के बड़े बड़े और सुन्दर बागानों के लिए जाना जाता है यह पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है जब आप दूर से यहाँ के चाय के बागन देखेंगे तो आपको ऐसा प्रतीत होगा जैसे धरती पर हरे रंग की अत्यंत सुन्दर चादर बिछी हो इतनी हरियाली शायद ही अपने पहले कही देखी हो यहाँ आके आँखों को अद्भुद सुकून मिलेगा |</p>



<p>दार्जिलिंग जो एक <strong>Best Hill Station of India</strong> है ये अपने मठो के लिए भी प्रसिद्ध है | दार्जिलिंग &nbsp;को <strong style="color: black; font-family: Mangal, serif; font-size: 13.5pt;">पहाड़ो की रानी Queen of Hills</strong>&nbsp;नाम से भी संबोधित किया जाता है | चाय के बागानों के आलावा यहाँ पर आपको बर्फीले पहाड़ , ऊँचे ऊँचे वृक्ष , झील झरने भी देखने को मिलेंगे | दार्जिलिंग का सबसे बड़ा आकर्षण यहाँ की <em style="color: black; font-family: Mangal, serif; font-size: 13.5pt;">टॉय ट्रेन TOY TRAIN</em> है जो आपको दार्जिलिंग की सुन्दरता से रूबरू कराती है |</p>



<p><strong>दार्जिलिंग के पर्यटन स्थल</strong><br>टाइगर हिल , जापानी मंदिर , सेंथल झील , घूम मठ , शाक्या मठ , हिमालय हिंदी भवन , सिंगला , बतासिया लूप , रॉक गार्डन विक्टोरिया वाटरफाल |<br><strong>कैसे पहुचे</strong><br><em>यदि आप वायुमार्ग</em> से जाना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बागडोगरा सिलीगुड़ी में है यहाँ से दार्जिलिंग मात्र लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर है |<br><em>यदि आप रेलमार्ग</em>  से जाना चाहते है तो आपको जलपाईगुडी रेलवे स्टेशन पहुचना होगा यहाँ से आपको तमाम साधन मिल जायेंगे |<br><em>यदि आप सड़कमार्ग</em> से जाना चाहते है तो आपको पहले तो सिलीगुड़ी आना होगा फिर वहा से दार्जिलिंग  के लिए आपको साधन मिल जायेंगे |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>ऊटी A Delightful Hill Station Of India</strong></h4>



<p><br>तमिलनाडु राज्य में नीलगिरी पर्वत चोटियों के मध्य स्थित है यहाँ की सबसे सुन्दर झील ऊटी झील है जहाँ के नज़ारे आपको आनंदभाव से भर देंगे यहाँ आप नाव की सैर करके झील की सुन्दरता को और नजदीक से देख सकते है यहाँ विदेशी पर्यटकों का जमावड़ा साल भर लगा रहता है यहाँ पर आप मोटर बोट , पैडल बोट , फिशिंग का अनुभव ले सकते है | ऊटी  <strong>Best Hill Station of India</strong> की नैसर्गिक सुन्दरता हर किसी को अपनी और आकर्षित करती है |</p>



<p><br><strong>ऊटी के पर्यटन स्थल</strong> &#8211; बोटानिकल गार्डन , लैम्बस रॉक , कोडानाडू व्यू पॉइंट , कालहट्टी झरना , अपर भवानी झील , ईको रॉक , रोज गार्डन , दोबाबेत्ता |</p>



<p><strong>कैसे पहुचे</strong><br>यदि आप वायुमार्ग से जाना चाहते है तो अपको यहाँ के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा कोयम्बटूर आना होगा यहाँ से आप ऊटी टैक्सी बुक करके या बस से जा सकते है |</p>



<p>यदि आप रेलमार्ग  से जाना चाहते है तो आपको पहले मेट्टूपलयम रेलवे स्टेशन आना होगा फिर आप ऊटी टैक्सी बुक करके या बस से जा सकते है | </p>



<p>यदि आप सड़कमार्ग  से जाना चाहते है तो ऊटी के लिए आपको तमिलनाडु के लगभग सभी शहरों से बस मिल जाएगी |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>कुन्नूर</strong></h4>



<p><br>कुन्नूर भी एक खूबसूरत <strong>Best Hill Station of India </strong>है और ये भी  भी <a href="http://www.tamilnadutourism.org/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">तमिलनाडु</a> राज्य में स्थित है और ध्यान देने वाली बात यह है की ये ऊटी से कुछ ही दूरी पर है तो आप एक ही यात्रा के दौरान ऊटी और कुन्नूर दोनों हिल स्टेशन घूम सकते है अच्छा दोस्तों एक और मजेदार बात यहाँ भी आपको <strong>टॉय ट्रेन Toy Train</strong> मिल जाएगी जो आपको कुन्नूर से ऊटी ले जाएगी और इन दोनों हिल स्टेशन की नैसर्गिक प्राकृतिक सुन्दरता के आपको दर्शन कराएगी बहुत ही रोचक अनुभव होता है |<br><strong>कुन्नूर के प्रमुख पर्यटन स्थल</strong> &#8211; सिम पार्क , डॉलफिन नोज व्यू पॉइंट , डूग किला , गुएर्नेसे टी फैक्ट्री है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>शिलांग The Abode of Clouds Hill Station of India</strong></h4>



<p><br>शिलांग मेघालय राज्य की राजधानी है मेघालय मतलब मेघो का आलय या यू कहे मेघो का घर , शिलांग एक बहुत ही खूबसूरत शहर है इसको पूर्व के स्कॉटलैंडनाम से भी जाना जाता है जैसे ही आप यहाँ पहुचोगे सारी थकावट आपकी गायब हो जाती है आप यही सोचने को मजबूर हो जायेंगे’ की क्या इतने भी सुन्दर शहर है अपने देश में |</p>



<p>यहाँ नजदीक में ही चेरापूंजी है यदि आपके पास समय है तो आप आप चेरापूंजी के मनोहर द्रश्य देखना न भूले | चेरापूंजी  भारत में सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र है यहाँ झरनों की कलकल करती आवाज आपको अपनी और आकर्षित कर लेगी |<br><strong>शिलांग के पर्यटन स्थल</strong> &#8211;<br>शिलांग व्यू पॉइंट , वार्डस लेक , मावफलांग सैकरेड फारेस्ट , केथराल और कथोलिक चर्च , एंगलीकेन सिमेंट्री चर्च , बटरफ्लाई म्यूजियम आल सैट चर्च , डॉन बोस्को सेन्टर मावलिननाँग वॉटरफॉल . एलिफंट वॉटरफॉल |<br><strong>कैसे पहुचे</strong><br><em>यदि आप वायुमार्ग</em>  से जाना चाहते है तो शिलांग का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा गुवाहाटी है और गुवाहाटी से आगे का सफ़र आपको बस या कार से करना होगा |<br><em>यदि आप  <strong>Best Hill Station of India </strong></em>शिलोंग<em>रेलमार्ग</em>  से जाना चाहते है तो शिलांग का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन भी गुवाहाटी है और गुवाहाटी से आगे का सफ़र जो की लगभग 104 किलोमीटर का है आपको बस या कार से करना होगा |<br><em>यदि आप सड़कमार्ग</em>  से जाना चाहते है तो आपको गुवाहाटी से शिलांग के लिए बस मिल जाएगी |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>माउंट आबू Lush Green Hill Station of India</strong></h4>



<p><br>यह शहर राजस्थान का एकलौता हिल स्टेशन है यहाँ आपको अरावली पर्वत देखने को मिल जायेंगे वैसे तो राजस्थान अपने वैभवशाली इतिहास , संस्कृति के लिए विश्व विख्यात  है परन्तु इन सब के मध्य माउंट आबू एक अलग पहचान बनाये हुए है , अन्य हिल स्टेशनों  की तरह माउंट आबू में भी प्रकति के हरे भरे नजारे , स्वच्छ झीले देखने को मिलेंगी इस हिल स्टेशन की एक और खास बात है की यह एक प्रसिद्ध अध्यात्मिक स्थल भी है इसे अर्बुदरान्य भी कहा जाता है |<br><strong>माउन्ट आबू के पर्यटन स्थल</strong> &#8211;<br>सनसेट पॉइंट , नवकी झील , टोक रोक , अचलगढ़ , दिलवरा जैन मंदिर , गोमुख मंदिर , ब्रम्हकुमारी शांति पार्क , अलाव गुरु शिखर |<br><strong>कैसे पहुचे</strong><br><em>यदि आप वायुमार्ग</em> से जाना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर है फिर आप बस या टैक्सी बुक करके माउंट आबू पहुच सकते है |<br><em>यदि आप रेलमार्ग </em> से जाना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन आबू रोड है जो की माउंट आबू से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर  है |<br>यदि आप सड़कमार्ग से जाना चाहते है तो माउंट आबू <strong>Best</strong> <strong>Hill Station of India </strong>राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>मसूरी</strong></h4>



<p><br>यह उत्तराखंड राज्य में स्थित हिमालय पर्वत से घिरा हुआ एक रोचक और सुखकर हिल स्टेशन है इसे <b>पहाडो की रानी</b> भी कहा जाता है | मसूरी के जलप्रपात बहुत लुभावने है यहाँ के लगभग सभी जलप्रपात वृक्षों से घिरे हुए है यहाँ देवदार के ऊँचे ऊँचे वृक्ष अत्यंत आकर्षक लगते है चारो तरह प्रकृति की हरियाली देखने को मिलती है | <br><strong>मसूरी के पर्यटन स्थल</strong><br>&#8211; गन हिल , मसूरी झील , संतरा देवी मंदिर , म्युनिसिपल गार्डन , केम्पटी फ़ाल , लेक मिस्ट , झड़ीपानी फ़ाल , भत्ता फ़ाल , कैमल्स बेक रोड , नाग देवता मंदिर  |</p>



<p><br><strong>कैसे पहुचे</strong><br><em>यदि आप वायुमार्ग</em>  से जाना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा देहरादून है फिर आप बस या टैक्सी बुक करके मसूरी ( जो की देहरादून से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर है ) पहुच सकते है |<br><em>यदि आप रेलवेमार्ग</em> से जाना चाहते है तो मसूरी (<strong>Best Hill Station of India</strong>)  का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है फिर आप बस या टैक्सी बुक करके मसूरी पहुच सकते है |    <em>यदि आप सड़कमार्ग</em> से जाना चाहते है तो भारत के कई प्रमुख शहरों से देहरादून के लिए बसे चलती है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>मुन्नार</strong></h4>



<p><br>मुन्नार भी <strong>Best</strong> <strong>Hill Station of India </strong>की लिस्ट में शामिल है केरल राज्य में तीन तरफ से पहाड़ो की श्रंखलाओ से घिरा हुआ है  | यह <em style="color: black; font-family: Mangal, serif; font-size: 13.5pt;">हिल स्टेशन चाय की खेती के लिए प्रसिद्ध है</em> यहाँ आपको चाय के कई बड़े बड़े बागान देखने को मिल जायेंगे यहाँ आप हाउसबोटिंग , ट्रैकिंग , पारा ग्लाइडिंग , हाईकिंग  का शानदार आनंद ले सकते है |मुन्नार को भारत की हरी राजधानी भी कहा जाता है यह अत्यंत सुरम्य हिल स्टेशन है |</p>



<p>यहाँ की एक और खास बात है <a href="https://www.bhaskar.com/news/TRA-munnar-neelgiri-mountains-news-hindi-5508098-PHO.html" target="_blank" rel="noopener noreferrer"><strong style="color: black; font-family: Mangal, serif; font-size: 13.5pt;">नीलकुरिन्जी फूल</strong></a> जो 12 वर्षो में एक बार ही खिलता है यह फूल यहाँ पाया जाता है |</p>



<p><strong>मुन्नार के पर्यटन स्थल</strong> &#8211; राजमाला , आनामुड़ी शिखर , कोच्ची फोर्ट , मट्टूपेटी बांध , पौतेमेदू , चितीरापुरम , वांडरला अम्यूस्मेंट पार्क , गणपति मंदिर , पल्लिवासल |<br><strong>कैसे पहुचे</strong><br><em>यदि आप वायुमार्ग</em> से जाना चाहते है तो यहाँ के सबसे नजदीकी हवाई अड्डा कोच्ची और मदुरै है यहाँ से आपको मुन्नार के लिए तमाम साधन आसानी से मिल जायेंगे |<br><em>यदि आप रेलवेमार्ग</em>  से जाना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन कोच्यो और कोट्टायम  है |<br>यदि आप सड़कमार्ग  से जाना चाहते है तो <a href="https://safarjankari.com/pilot-baba-ashram-haridwar-hindi-me/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">मुन्नार</a>  भारत के सभी प्रमुख शहरो से जुडा हुआ है |</p>


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<figure class="aligncenter is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/elementor/thumbs/neelakurinji-flower-munnnar-o55jon1xrzkbtkajbpisxgl7am25ozq0iaqza6w33o.jpg" alt="Neelakurinji-Flower-Munnnar" width="260" height="457" title="Neelakurinji-Flower-Munnnar"/><figcaption>नीलकुरिन्जी फूल मुन्नार</figcaption></figure>
</div>


<p>ये तो हो गए भारत के कुछ प्रमुख <strong>Best Hill Station of India</strong> और भी बहुत से हिल स्टेशन हमारे देश में मौजूद है , मेरी जानकारी में कुछ और भी पहाड़ी क्षेत्र है जिनकी जानकारी भी संझेप में दिए दे रहा हूँ –</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>पंचगनी A Famous and Best Hill Station of India</strong></h4>



<p><br>यह महाराष्ट्र राज्य में सतारा जिले में है यहाँ आपको कृष्णा नदी के निर्मल पानी की कलकलाहt और हरे भरे वृक्ष लुभाते है पंचगनी बॉलीवुड के लिए बड़ा महत्त्व रखता है यहाँ कई फिल्मो एवं धारावाहिकों की शूटिंग होती रहती है | यहाँ का स्ट्राबेरी फेस्टिवल पुरी दुनिया में प्रसिद्ध है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>लोनावाला Green Valleys Best Hill Station of India</strong></h4>



<p>यह महाराष्ट्र राज्य में पुणे जिले में मुम्बई के निकट एक पहाड़ी इलाका है चिक्की यहाँ की सबसे मशहूर मिठाई है यहाँ भी आपको झरने , हरियाली देखने को मिल जाएगी |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>रानीखेत Greenth Hill Station of India</strong></h4>



<p>यह उत्तराखंड राज्य में अल्मोड़ा जिले में स्थित है यह अपनी हरियाली के लिए प्रसिद्ध है यहाँ आपको देवदार और चीड के जंगल मिल जायेंगे जो मनभावन है | रानीखेत के मुख्य पर्यटन स्थल शीतला खेत , धौलीखेत , हेदखन बाबा का मंदिर , मजखाली , भालू डैम आदि है | यह काठगोदाम से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>कौसानी A Dreanland Hill Station of India</strong></h4>



<p>यह उत्तराखंड राज्य में बागेश्वर जिले का एक गाँव है यहाँ के सूर्योदय को देखने पर्यटक दूर दूर से आते है इतना सुन्दर सूर्योदय भारत में और कही देखने को नहीं मिलता है यह हिल स्टेशन अत्यंत शांत है | कौसानी के मुख्या पर्यटन स्थल पिनाकेश्वर , पन्त संग्रहालय , पिडारी ग्लेशियर आदि है , यह काठगोदाम से लगभग 140 किलोमीटर की दूरी पर है |</p>



<p>दोस्तों अपने देश में इतने ही नहीं और भी बहुत से रोमांचकारी हिल स्टेशन <strong>Best Hill Station of India</strong> है जिनका मै जिक्र मै अपनी आगे की पोस्टो में करता रहूँगा वैसे गर्मियों की छुट्टी में घुमने के लिए मेरे हिसाब से हिल स्टेशन से अच्छा और कोई दूसरा विकल्प नहीं है तो आप कोशिश करे की कुछ समय अपनी व्यस्त जिदगी से निकालकर किसी <a href="https://safarjankari.com/tag/mountain/">पहाड़ी</a> जगह को दे वहा की तरोताजा <a href="https://www.britannica.com/science/climate-meteorology" target="_blank" rel="noopener noreferrer">जलवायु</a> से अपने शरीर को एक नयी ऊर्जा दे तो आज की पोस्ट यही पर समाप्त होती यदि आपका कोई सुझाव हो तो कृपया हमें COMMENT करके अवश्य बताये |</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/best-16-hill-station-india/">Best Hill Station of India &#8211; भारत के  16 मुख्य हिल स्टेशन</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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