Vrindavan me ghumne ki jagah – वृन्दावन कैसे पहुंचे कहाँ रुके क्या देखे
Vrindavan me ghumne ki jagah वृन्दावन में घूमने की जगह की बात करे तो यहाँ पर आपको मन्दिर मिलेंगे , यमुना घाट मिलेंगे वृन्दावन श्रीकृष्ण भगवान से जुड़ा हुआ एक ऐसा धार्मिक स्थल है जहाँ आप जाओगे तो भगवान श्रीकृष्ण में रम जाओगे |
यहाँ पर तो हर बात में जैसे एक्सक्यूज मी की जगह पर भी राधे राधे बोला जाता है किसी को संबोधन करना हो तो भी राधे बोलकर किया जाता है वृन्दावन मथुरा शहर से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है , वृन्दावन में अत्यधिक श्रद्धालु आते है यहाँ के मन्दिरों में आपको हमेशा भीड़ दिखाई देगी |
यह बोल सकते है की वृन्दावन भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओ को सहेजे हुये एक धार्मिक स्थल है इसीलिए यहाँ आपको ज्यादातर मन्दिर श्रीकृष्ण राधा बलराम के मिलेंगे | वृन्दावन में आपको अनेको मंदिर , गौशालाये , धर्मशालाये , वृधाश्रम मिल जायेंगे | वृन्दावन के हर एक कण में राधा कृष्ण है इस पोस्ट में हम सिर्फ वृन्दावन के मंदिरों की बात करेंगे |
विष्णु पुराण , हरिवंश पुराण , श्रीमद्भागवत में भी वृन्दावन का उल्लेख मिलता है | यदि हम वृन्दावन को राधा कृष्ण की नगरी कहे तो यह गलत नहीं होगा , भगवान श्रीकृष्ण ने इसी स्थल पर प्रेम करना सिखाया था |
Vrindavan me ghumne ki jagah – वृन्दावन में घूमने की जगहे
दोस्तों वृन्दावन की कण कण में राधा-कृष्ण के मन्दिर है आप यकीन नहीं करोगे इस जगह पर इतने ज्यादा मन्दिर है की गिनना मुश्किल होगा आज की इस पोस्ट में हम आपको वृन्दावन के महत्वपूर्ण मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे उससे पहले एक दो और बाते कर लेते है |
वृन्दावन कैसे पहुंचे
वृन्दावन आना बहुत ही आसान है सबसे पहले आपको मथुरा आना होगा और मथुरा कैसे आना है यह आप मेरी Mathura me Ghumne ki Jagah – कैसे पहुंचे कहाँ रुके शॉपिंग की जानकारी में पढ़ सकते है वैसे आपको बता दू मथुरा शहर देश के लगभग सभी जगहों से रेल , रोड द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है |
अब जब आप मथुरा आ जाए तब मथुरा में किसी भी ऑटो वाले से टेम्पो वाले से बोल दे वो आपको वृन्दावन पहुंचा देगा यदि आप अपनी खुद की गाडी से तब तो टेंशन की कोई बात ही नहीं है मथुरा से वृन्दावन महज 12-13 किलोमीटर होगा |
यदि आप हवाई जहाज से यहाँ आने का मन बना रहे तो आपको बता दू यहाँ का निकटतम एअरपोर्ट खेरिया आगरा में है जो वृन्दावन से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर होगा |
अब यदिआपका इरादा ट्रेन द्वारा आने का है तो निकटतम मुख्य रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है जहाँ से वृन्दावन की दूरी 15 किलोमीटर है |
अगर आपका इरादा रोड से आने का तो आपको बता दू वृन्दावन NH 2 पर स्थित है तो आप बड़ी आसानी से यहाँ तक रोड से आ सकते है
अब आप वृन्दावन तक तो आ गए अब आप Vrindavan me ghumne ki jagah को घूमने के लिए कोई साधन का इस्तेमाल करेंगे तो यहाँ आपको सबसे बेस्ट ई रिक्शा या ऑटो रहते है कई मंदिर एक दूसरे के समीप है तो वहां आप पैदल जा सकते है |
वृन्दावन में जगह जगह बेरिकेटिंग रहती है तो यहाँ के लिए लोकल के ई-रिक्शा और ऑटो बेस्ट है |
वृन्दावन में कहाँ रुके – Where to Stay in Vrindavan in Hindi
यह भी एक बेहतरीन प्रश्न रहता है कि आखिर वृन्दावन में किस जगह पर रुका जाये देखिये मुझे तो वृन्दावन दो हिस्से में बटा हुआ लगा एक नया वृन्दावन जिधर प्रेम मन्दिर है और दूसरा पुराना वृन्दावन जिधर श्री बांके बिहारी मन्दिर है |
अब यदि आप प्रेम मंदिर की तरफ रहने का मन बनाते हो तो प्रेम मंदिर के बिकुल समीप केशव धाम रोड पर कई धर्मशालाए है होटल्स भी है और मल्टीलेवल कार पार्किंग के पास भी कई धर्मशालाये है होटल भी ऐसे ही श्री बांके बिहारी मंदिर के पास भी तमाम रहने की सुविधाए हर बजट के विकल्प आपको वृन्दावन में मिल जायेंगे |
ठहरने की विस्तृत जानकारी और कई बढ़िया धर्मशालाओ की जानकारी के लिए आप मेरी यह Cheap and Best Dharamshala in Vrindavan – वृन्दावन की बेस्ट धरमशाला पोस्ट जरूर पढ़े |
अब बात करते है Vrindavan me ghumne ki jagah के बारे में वृन्दावन में ज्यादातर मंदिर ही है हम यहाँ पर अपनी जानकारी के अनुसार आपको मन्दिर बता रहे है –
प्रेम मंदिर
आप वृन्दावन आते हो तो प्रेम मंदिर तो जाना ही है यह मंदिर बेहद विशाल बेहद खूबसूरत बेहद भव्य है यह मंदिर मुख्य रूप से राधा कृष्ण और सीता राम को समर्पित है इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन को जीवंत कराती अत्यधिक सुन्दर झांकियां मुर्तिया आदि दिखाई देंगी |
प्रेम मंदिर की दीवारों पर राधा कृष्ण के जीवन को दर्शाती पेंटिंग बनी हुई है बाकी मंदिर की वास्तुकला का तो कोई जवाब ही नहीं है जैसे ही शाम होती है मंदिर की लाइट्स जलती है तब मंदिर और भी सुंदर प्रतीत होने लग जाता है |
प्रेम मन्दिर वृन्दावन के दर्शन से जुड़ी हुई समस्त जानकारी दर्शन का समय आदि के लिए यहाँ क्लिक करे |

श्री श्री कृष्ण बलराम मन्दिर इस्कान मंदिर
प्रेम मंदिर के समीप ही आप श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर को देखने को पाएंगे जो की इस्कान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है यदि आप वृन्दावन जाते है तो इस मंदिर में आपको जरूर जाना चाहिए यह मंदिर भी बहुत ही भव्य है | इस्कान मंदिर सफ़ेद संगमरमर से बना हुआ है इस मंदिर में विदेशी पर्यटक अत्यधिक आते है |
यह मंदिर मुख्य रूप से श्रीकृष्ण और उनके भाई बलराम को समर्पित है , श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर परिसर में तीन मंदिर है एक श्रीकृष्ण जी का दूसरा श्री बलराम जी का तीसरा श्री चैतन्य प्रभु और नित्यानंद जी का , इस मंदिर में भी श्री कृष्ण की लीलाओ को प्रदर्शित करने वाले चित्र बनाए गये है |
इस्कान मंदिर में गेस्ट हाउस भी है रेस्टोरेंट भी है गौशाला भी है निसंदेह यह कहा जा सकता है कि Vrindavan me ghumne ki jagah की लिस्ट में इस मंदिर को शामिल करना ही है |

माँ वैष्णो देवी धाम वृन्दावन
माँ वैष्णो देवी धाम वृन्दावन में जब आप प्रेम मंदिर से छटीकरा की तरफ आओगे तब पड़ेगा यह मंदिर कटरा के माँ वैष्णो देवी धाम का ही प्रतिरूप है और इस मंदिर की भव्यता आप यहाँ आकर ही देख पाओगे |
इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण है यहाँ बनी माँ दुर्गा जी की एक प्रतिमा जो लगभग 140 फीट ऊँची है और अत्यधित आकर्षक है इस प्रतिमा में माँ शेर पर बैठी है माँ ने साडी पहन राखी है और हाथो में हथियार यह प्रतिमा दूर से ही दिखाई देती है |
इसी के पास हनुमान जी की भी एक बेहद सुन्दर प्रतिमा बनाई गई है जिसकी उंचाई लगभग ३२ फीट है इस प्रतिमा में हनुमान जी गदा लिए है और माँ को नमस्कार करने की मुद्रा में बैठे हुए है , मंदिर परिसर में एक सुन्दर फव्वारा बना हुआ है |
इस मंदिर में एक आर्टिफिशियल गुफा भी बनाई है जिसमे आप जरुर जाये इसके अलावा मुख्य मंदिर की दीवारों पर हिन्दू देवी देवताओ की मूर्तिया पेंटिंग आदि बनी हुई है | दोस्तों Vrindavan me ghumne ki jagah वाली लिस्ट में आप माँ वैष्णो देवी धाम को भी अवश्य शामिल करे |

श्री प्रियाकांत जू मन्दिर
श्री प्रियाकांत जू मंदिर माँ वैष्णो देवी धाम के समीप ही है यह मंदिर मुख्य रूप से श्री राधा कृष्ण को समर्पित है , यह मंदिर कमल के फूल के आकार में बना हुआ है और इस मंदिर के संस्थापक श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज है |
वृन्दावन में घूमने की जगह में प्रियाकांत जू मन्दिर एक महत्वपूर्ण मंदिर है मुख्य मंदिर के दोनों और पानी के सरोवर बनाये गये है और चारो कोनो पर मंदिर बने है जो की हनुमान जी , गणेश जी , शिवजी और निम्बार्क भगवान के है | श्री प्रियकांत जू मंदिर भी एक सुन्दर मंदिर है आप यहाँ भी जा सकते है |

अक्षय पात्र मन्दिर चंद्रोदय मन्दिर
यह मंदिर श्री प्रियकांत जू मंदिर के आगे ही बना हुआ है यह मंदिर बहुत ही विशाल क्षेत्र में बना हुआ है इस मंदिर प्रांगण में बहुत बड़ी रसोई है जो प्रतिदिन हजारो स्कूली बच्चो को भोजन उपलब्ध कराती है ,अक्षय पात्र मंदिर में ही चंद्रोदय मन्दिर बन रहा है यह विश्व का सबसे ऊँचा मंदिर होगा |
अक्षय पात्र मंदिर परिसर में चंद्रोदय मन्दिर का मॉडल रखा हुआ है जिसे आप देख सकते है , चंद्रोदय मन्दिर में फव्वारे , पार्क सेल्फी पॉइंट आदि बन गया है बाकी अभी यह मंदिर निर्माणाधीन है यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है |
श्री बांके बिहारी मन्दिर
श्री बांके बिहारी मंदिर वृन्दावन का सबसे प्रमुख मन्दिर है और यह मुख्य बाज़ार में ही स्थित है यहाँ पर भक्तो की संख्या अत्यधिक रहती है यह मंदिर स्वामी हरिदास जी से जुड़ा हुआ है जो की भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त थे , श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रधालुओ को श्री कृष्ण और राधा जी के विग्रह के दर्शन होते है यहाँ की मूर्ति बहुत ही मनमोहक है वृन्दावन में घूमने की जगह में यह मंदिर सबसे ज्यादा धार्मिक महत्त्व रखता है |
श्री बांके बिहारी मंदिर में जो मूर्ति है वह त्रिभंगीमुद्रा में है त्रिभंगी मुद्रा का अर्थ है तीन स्थान से शरीर का मुड़ा हुआ होना इस मंदिर का एक और नियम है यहाँ पर थोड़ी थोड़ी देर पर पर्दा डाल दिया जाता है कहते है कि श्री बांके बिहारी जी की छवि इतनी सम्मोहक है कि यदि कोई उन्हें थोड़ी देर देख ले तो वह उनकी सुन्दरता को देखकर अपनी चेतना खो सकता है |

श्री राधा वल्लभ महाराज मन्दिर
श्री राधा वल्लभ महाराज मन्दिर श्री बांके बिहारी जी मंदिर के समीप ही है यह मंदिर श्री राधा वल्लभ जी को समर्पित है इस मंदिर की स्थापना श्री हरिवंश जी ने की थी यह एक पुराना मंदिर है वृन्दावन में इस मंदिर की मान्यता अत्यधिक है इसलिय आप भी Vrindavan me ghumne ki jagah वाली लिस्ट में इस मंदिर को जरुर शामिल कर ले |

श्री मदन मोहन मंदिर
श्री मदन मोहन मंदिर का इतिहास काफी पुराना है यह यह सोलवही शताब्दी का मंदिर है इसे राधा मदन मोहन मंदिर भी कहते है , यह मंदिर मुख्य रूप से मदन मोहन जी को समर्पित है जो भगवान श्रीकृष्ण का ही रूप है यह मंदिर कालिया घाट पर स्थित है |
श्री राधा दामोदर मंदिर
श्री राधा दामोदर मंदिर वृन्दावन में स्थित है कहते है यहाँ पर एक शिला में श्रीकृष्ण और उनकी गाय के पैर के निशान है , इस मंदिर में श्रीकृष्ण की पूजा दामोदर के रूप में की जाती है इस मंदिर की स्थापना जीव गोस्वामी जी द्वारा की गई थी |
श्री राधा दामोदर मंदिर की चार परिक्रमा को गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा के समकक्ष माना जाता है इस मंदिर में भगवान दामोदर के बाई ओर श्री राधा रानी और दाई ओर श्री ललिता सखी की मूर्तियाँ है |
निधिवन राज निज महल
वृन्दावन में निधिवन एक बहुत ही जाना माना मंदिर है यह मंदिर श्री बांके बिहारी मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर होगा यहाँ मान्यता है कि रात में श्रीकृष्ण और राधा जी और गोपियों की रास लीला होती है इसीलिए रात में किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर में रुकने की अनुमति नहीं है |
इस मंदिर परिसर में तुलसी के पौधे बहुतायत संख्या में लगे हुए है निधिवन में जो वृक्ष लगे हुए है कहा जाता है यह सभी गोपिया ही है जो रात में अपने असली भेष में प्रकट हो जाती है , निधिवन के अन्दर एक मंदिर भी है जिसे रंगमहल के नाम से जाना जाता है रंग महल में भगवान श्रीकृष्ण विश्राम करते है |
स्वामी हरिदास जी की निधिवन में साधना स्थली रही है निधिवन में ही स्वामी जी की समाधी भी है यहाँ ललिता कुंड भी है निधिवन वृन्दावन में घूमने की जगह की लिस्ट में अवश्य रहता है |

श्री राधा रमण मन्दिर
निधिवन के बिलकुल समीप में स्थित है एक अत्यंत पुराना मंदिर श्री राधा रमण मंदिर इस मंदिर में मुख्य रूप से श्री कृष्ण के रूप राधा रमन की पूजा की जाती है इस मंदिर के संस्थापक गोपाला भट्ट गोस्वामी जी है |
पागल बाबा मंदिर
पागल बाबा मंदिर वृन्दावन का एक बेहद विशाल बेहद अलौकिक मंदिर है यहाँ आपको जरूर आना है इसे लीलाधाम भी कहते है यह ९ मंजिला मंदिर है इस मंदिर प्रांगण में एक पार्क है एक सरोवर है इस मंदिर की वास्तुकला अद्भुत है , इस मंदिर में विद्युत चालित झाकियां भी है |
पागल बाबा मंदिर की अधिक जानकारी के लिए आप यह लेख पढ़ सकते है – Pagal Baba Mandir Vrindavan | पागल बाबा मन्दिर वृन्दावन की जानकारी

शाहजी मंदिर
निधिवन के ही समीप स्थित है शाहजी मंदिर इसमें जो स्तम्भ बने है वो घुमावदार है इसीलिए इस मंदिर को टेढ़े खम्भे वाला मंदिर भी कहा जाता है यह अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है इस मंदिर में बना बसन्ती कक्ष अत्यंत सुंदर है इस मंदिर का निर्माण लखनऊ के दो व्यापारी कुंदन लाल शाह और फुन्दन लाल शाह ने करवाया था आप समय निकालकर इस मंदिर में भी आये |
चीर घाट
चीर घाट वृन्दावन का एक अति प्रसिद्ध घाट है मान्यता के अनुसार इसी घाट पर भगवान श्री कृष्ण के गोपियों के वस्त्र चुराकर पेड़ पर टांग दिए थे जिस वरख पर कपडे टंगे थे वह वट वृक्ष आज भी इस घाट पर है |

श्री गोविन्द देव मन्दिर
यह मंदिर वृन्दावन का एक पुराना मंदिर है यह हवेलीनुमा बना हुआ है श्री गोविन्द देव मंदिर सात मंजिल का था लेकिन औरंगजेब ने इसे तुडवा दिया था अब इस मंदिर में सिर्फ तीन मंजिल है इस मंदिर को आमेर के शासक राजा मान सिंह ने बनवाया था यह लाल बलुआ पत्थरो से बना एक भव्य मंदिर है यह मंदिर मुक्य रूप से श्रीकृष्ण ( गोविन्द जी ) को समर्पित है |
जब आप श्री रंगनाथ मंदिर के दर्शन हेतु आओगे तो बस यह मंदिर वही पर आपको मिल जायेगा दोनों मंदिर आसपास ही है |

श्री रंगनाथ मंदिर या रंगजी मंदिर या सोने के खम्भे वाला मंदिर
वृन्दावन का यह एक बेहद प्रसिद्ध मंदिर है श्री रंगनाथ मन्दिर वृंदावन का एक प्राचीन मन्दिर है जो की भगवान श्री रंगनाथ को समर्पित है यह मन्दिर द्रविड़ शैली में बना हुआ अत्यंत भव्य मन्दिर है इसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे हम दक्षिण भारत के किसी मन्दिर में आ गए है |
आपको बता दे कि इस मंदिर में आपको देखने के लिए कई मंदिर कई झांकियां मिलेंगी तो आप यहाँ समय लेकर आइयेगा इस मंदिर की विस्तृत जानकारी के लिए यह लेख पढ़े – रंगनाथ मन्दिर वृंदावन दर्शन की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे, टिकट,प्रसाद आदि
विशेष नोट – गोविन्द देव जी मंदिर और श्री रंगनाथ मंदिर आसपास ही है Vrindavan me ghumne ki jagah की लिस्ट में आप इन दोनों मंदिर को अवश्य रखियेगा |

गोपेश्वर महादेव मन्दिर
गोपेश्वर महादेव मंदिर वृन्दावन में श्री रंगनाथ मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है इस मंदिर में महादेव का एक स्त्री की भांति 16 श्रृंगार किया जाता है आपको बता दे इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ एक गोपी के रूप में विराजमान है |
कात्यानी शक्तिपीठ मन्दिर
वृन्दावन में स्थित कात्यानी शक्तिपीठ मन्दिर माता सती को समर्पित एक शक्तिपीठ है मान्यता है कि माता सती के यहाँ पर केश गिरे थे माता कात्यानी श्री कृष्ण भगवान की कुलदेवी है |
श्री कृष्ण प्रणामी परमधाम का कांच मंदिर
श्री रंगनाथ मंदिर से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर भूतेश्वर रोड पर पड़ता है श्री कृष्ण प्रणामी परमधाम जिसे कांच मंदिर भी कहते है इस मंदिर में कांच की बहुत सी सुंदर कारीगरी की गई है इस मंदिर की दीवारों पर छतो पर कांच से श्री कृष्ण के जीवन की लीलाओ के चित्रों को बनाया गया है तो यदि आपके पास समय है तो इस मंदिर में दर्शन हेतु अवश्य आये |

उपर मैंने आपको ढेरो मन्दिर बताये है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वृन्दावन में सिर्फ इतने ही मंदिर है यहाँ बहुत से ऐसे प्रसिद्ध मंदिर है जिनकी मुझे जानकारी नहीं थी मै वहां तक जा नहीं पाया कुछ और मंदिर के नाम आपको दिए दे रहा हु अगर समय हो तो आप इन मंदिर के भी दर्शन अवश्य करे |
- जयपुर मन्दिर भूतेश्वर रोड पर
- श्री राधा गोपीनाथ जी मन्दिर केशी घाट के समीप
- राधा गोकुलानंद मंदिर केशी घाट के पास
- केशी घाट
- सेवा कुंज राधा वल्लभ मंदिर रोड पर
- कालियादेह घाट
- गोदा विहार मंदिर
- नया रंगजी मन्दिर

ये तो हो गये मंदिर अब बात करते है हम वृन्दावन में क्या क्या कर सकते है
Activities that we do in Vrindavan
- वृन्दावन की परिक्रमा कर सकते है
- यहाँ के प्रसिद्ध लाल पड़े का स्वाद ले सकते है
- होली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और राधाष्टमी जैसे त्यौहार मन सकते है
वृन्दावन में खरीददारी कहाँ करे – Where to shopping in Vrindavan in Hindi
वृन्दावन की सबसे प्रमुख मार्किट है लोई बाज़ार यह वृन्दावन का दिल है यहाँ आपको श्री बांके बिहारी से जुडी हुई समस्त चीजे मिल जाएँगी बाकी आप प्रेम मंदिर इस्कान मंदिर के आसपास भी खरीददारी कर सकते है इस क्षेत्र में धार्मिक वस्तुए मिल जाती है |
वृन्दावन में खाने पीने के प्रसिद्ध फ़ूड और दुकाने
मै आपको अगर अपना अनुभव बताऊ तो आपको वृन्दावन में इन ठीयो पर जरुर जाना है –
- प्रेम मंदिर के सामने चाट चौपाटी
- इस्कान मंदिर के पेडे
- मुकेश शर्मा की चाट श्री बांके बिहारी मंदिर के पास
- श्री जी लस्सी भण्डार श्री बांके बिहारी मंदिर के पास
- हीरा स्वीट्स प्रियाकांत जू मंदिर के पास
- यादव जी दूध वाले श्री रंगनाथ मंदिर के सामने

बाकी विस्तृत जानकारी के लिए आप हमारी यह पोस्ट पढ़े – Famous Food in Mathura – मथुरा वृन्दावन के प्रसिद्ध खाने-पीने के ठिये
इस पोस्ट में हमने Vrindavan me ghumne ki jagah वृन्दावन में घूमने की जगहे के बारे में विस्तृत से जानकारी दी है हालाँकि इस पोस्ट में कई गलतियाँ हुई होंगी जो की अज्ञानता वश हुई है कृपया कोई गलती हो तो कमेन्ट में बताये |
वृन्दावन भगवान श्री कृष्ण के लिए प्रसिद्ध है |
वृन्दावन में यमुना जी है |
वृन्दावन मथुरा के समीप है और मथुरा तक आने के लिए तमाम साधन है |
वृन्ददावन में अनगिनत धर्मशालाए और होटल है आप अपने बजट के अनुसार कही भी रुक सकते है |
कोई एक नाम बताना कठिन है फिर भी बेस्ट में श्री शिव कृष्ण धाम , सेठ मुरलीधर मानसिंग सदन , दिल्ली श्री धाम , तेजराम धर्मपाल ट्रस्ट , यादव भवन , श्री राधा कृष्ण धाम , सुखधाम भवन , वृंदा सेवा सदन , श्री गिरिराज सेवा सदन , श्री कृष्ण सुदामा धाम , श्री बालाजी आश्रम , फोगला आश्रम , सेठ आनंदराम जैपुरिया भवन है |
वृन्दावन में प्रेम मंदिर , इस्कान मंदिर , श्री बांके बिहारी मंदिर , निधिवन , श्री वैष्णो देवी धाम , प्रियकांत जू मंदिर , अक्षय पात्र मंदिर , श्री रंगनाथ मंदिर , श्री मदन मोहन मंदिर , शाहजी मंदिर , श्री राधा वल्लभ मंदिर , श्री राधा रमण मंदिर , केशी घाट , गोपेश्वर महादेव मंदिर , कत्यानी शक्तिपीठ , पागल बाबा मंदिर आदि है |
वृन्दावन की बेस्ट मार्किट लोई बाजार है बाकी आप प्रेम मंदिर के आसपास भी शौपिंग कर सकते है |
यहाँ पर आपको श्री बांके बिहारी मंदिर के पास श्री जी लस्सी , मुकेश शर्मा आदि बढ़िया थिए दिखेंग और प्रेम मंदिर के सामने चाट चौपाटी भी बढ़िया है |
यमुना जी