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	<title>झांसी पर्यटन Archives - SAFAR JANKARI</title>
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	<description>भारत के पर्यटन स्थलों की जानकारी -Travel Blog in Hindi</description>
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	<title>झांसी पर्यटन Archives - SAFAR JANKARI</title>
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		<title>ओरछा धाम और बरुआसागर की घुमक्कड़ी के मेरे किस्से</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 Apr 2022 15:40:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[यात्रा वृतांत]]></category>
		<category><![CDATA[Nature]]></category>
		<category><![CDATA[Yatra Vritant]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[ओरछा धाम]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आपने मेरे साथ झाँसी को घूमा और रात में आकर मै अपने होटल रूम में सो गया सुबह 6 बजे  उठकर और नहा धोकर ओरछा जाने के लिये रेडी हो गया वही सीपरी से ऑटो में बैठकर सुबह के सात बजे मै झांसी के बसड्डे पर था वहां जानकारी की तो पता चला की ओरछा के लिये  टेम्पो जाते है  तो बस मै देर न करते हुये टेम्पो मै बैठ लिया &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>ओरछा धाम</strong> जो की मध्य प्रदेश में है हमारी पिछली पोस्ट <a href="https://safarjankari.com/jhansi-trip-ka-yatra-vritant/">झांसी महारानी लक्ष्मीबाई का शहर की घुमक्कड़ी का यात्रा वृतान्त</a> में आपने मेरे साथ <a href="https://www.britannica.com/place/Jhansi">झाँसी</a> को घूमा और रात में आकर मै अपने होटल रूम में सो गया सुबह 6 बजे  उठकर और नहा धोकर ओरछा जाने के लिये रेडी हो गया वही सीपरी से ऑटो में बैठकर सुबह के सात बजे मै झांसी के बसड्डे पर था वहां जानकारी की तो पता चला की ओरछा के लिये  टेम्पो जाते है  तो बस मै देर न करते हुये टेम्पो मै बैठ लिया |</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ओरछा धाम</strong> यहाँ एक बार आकर देखिये आपको अच्छा लगेगा </h2>



<p class="has-text-align-justify">जब मै टेम्पो में बैठा था तो टेम्पो में सिर्फ मै ही बैठा था और टेम्पो भरने में लगभग 50 मिनट लग गए क्यूंकि सुबह-सुबह सवारियां कम ही थी खैर टेम्पो चल पड़ा और टेम्पो की गति के साथ मै फिर से <strong><em>ओरछा धाम</em></strong>  ऐसा होगा वहा रूम जो मिलेगा वो कैसा होगा बेतवा नदी कैसी होगी राम राजा सरकार मन्दिर कैसा होगा तरह तरह के जिज्ञासा वाले प्रश्नों की  उत्तरों की एक  धुंधली-धुंधली तस्वीर  मन में बन रही थी |</p>



<p class="has-text-align-justify">झांसी से <strong>ओरछा धाम </strong>तक का रास्ता बढ़िया था जल्द ही टेम्पो ने मुझे ओरछा उतार दिया था जहाँ पर मै उतरा सामने एक गेट था जानकारी की तो मालूम हुआ थोडा पैदल चलो आगे ही श्री राम राजा सरकार मन्दिर और किला है बस मैंने टांगा अपना पिट्ठू बैग और रास्ते को निहारते हुये आगे बढ़ लिया रास्ते में तमाम होटल गेस्ट हाउस दिखाई दे रहे थे मन तो किया चलो यही कही रूम ले लिया जाय लेकिन फिर सोचा चलो एक बार देख ले मेरी जानकारी में यहाँ पर एक धर्मशाला भी है जो की श्री राम राजा मन्दिर परिसर में है |</p>



<p class="has-text-align-justify">लेकिन भूख लग आई थी तो मैंने एक दुकान में चाय और ब्रेड के पकोड़ो का नाश्ता किया स्वाद कोई बेहतर नहीं था लेकिन ठीक-ठाक था फिर आगे आकर मुझे श्री राम राजा सरकार मन्दिर का गेट दिखाई दिया और इसी मन्दिर के सामने ही ओरछा का किला भी है और  राम राजा मन्दिर के पास ही चतुर्भुज मन्दिर भी है अब जो मुख्य रोड से एक गली श्री राम राजा सरकार मन्दिर की और गई थी मै उसमे चल दिया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="499" height="412" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-ओरछा-धाम.jpg" alt="श्री राम राजा सरकार मन्दिर ओरछा धाम" class="wp-image-11147" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-ओरछा-धाम.jpg 499w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-ओरछा-धाम-300x248.jpg 300w" sizes="(max-width: 499px) 100vw, 499px" /><figcaption>श्री राम राजा सरकार मन्दिर </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">इस गली में आपको होटल रहने वाले खाने पीने के और खेल खिलौनों की दुकाने और धार्मिक सामान की दुकाने दिखाई देंगी  आगे मन्दिर परिसर में जैसे ही आप एंट्री करोगे सामने तो मंदिर जाने के लिए रास्ते और चप्पल जूता स्टैंड है यदि आपको भूख लगी हो तो यही पर दो तीन दुकाने है जहाँ आप पुड़ी सब्जी रायता का स्वाद चख सकते है बाकी मन्दिर परिसर में तमाम प्रसाद की फूल की दुकाने है जहाँ आप चाहो तो प्रसाद ले लो  ऐ परिसर में मान के चलो मेला सा लगा रहता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="677" height="307" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राजा-राम-मन्दिर-परिसर-ओरछा-धाम.jpg" alt="श्री राजा राम मन्दिर परिसर ओरछा धाम" class="wp-image-11146" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राजा-राम-मन्दिर-परिसर-ओरछा-धाम.jpg 677w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राजा-राम-मन्दिर-परिसर-ओरछा-धाम-300x136.jpg 300w" sizes="(max-width: 677px) 100vw, 677px" /><figcaption>श्री राजा राम मन्दिर परिसर </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">अब मैंने अपने जूते उतारे और  बिना प्रसाद लिए अपना बैग टाँगे ही चल पड़ा श्री राम राजा के दर्शन हेतु जनवरी २०२२ थी तो कोरोना के मद्देनजर भीड़ ज्यादा नहीं थी मैंने मुख्य गेट को प्रणाम किया और मुख्य मन्दिर में प्रवेश कर गया रामजी के भजन की गूँज से यहाँ पर एक दिव्य  वातावरण था सकारात्मका प्रचुर मात्रा में यहाँ पर थी मेरे भी रोम रोम में बस श्रीराम की भक्ति समाई जा रही थी फिर लाइन में लगकर मैंने राम राजा के दर्शन किये मै श्रीराम के दर्शन कर खुद को धन्य समझ रहा था |</p>



<p class="has-text-align-justify">फिर यहाँ और भी देवी देवताओ के मन्दिर थे उन सबके दर्शन किये एक जगह लिखा हुआ था महाप्रसाद तो वहा गया देखा कि मुख्य मंदिर के अन्दर महाप्रसाद मिल रहा था तो यह महाप्रसाद 25 रूपये का 60रूपये का और 120 रूपये का था मैंने 25 वाला लेने का मन बनाया पहले एक काउन्टर पर जाकर 25 रूपये का टोकन लिया फिर जाकर महाप्रसाद लिया जिसमे दो लड्डू एक पान का बीड़ा और एक इत्र की कली थी अब मुझे <strong>ओरछा धाम</strong> रुकने का भी जुगाड़ करना था तो मै बाहर आकर <strong>श्री राम राजा धर्मशाला</strong> की खोज करने लगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="400" height="405" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg" alt="श्री राम राजा मन्दिर का महाप्रसाद - Orchha Tourist Places" class="wp-image-10982" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद-296x300.jpg 296w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>श्री राम राजा मन्दिर का  महाप्रसाद</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">खोज मेरी जल्दी ही  समाप्त हो गई क्यूंकि यह धर्मशाला मन्दिर परिसर में ही थी जैसे ही आप मुख्य रोड से मंदिर वाली गली में घुसेंगे और जहाँ पर मंदिर का मुख्य द्वार होगा उसके बाई और तो पुड़ी की दूकान है और दाई और आप सीधा चले जाओ तो आपको <strong>श्री राम राजा धर्मशाला</strong> दिखाई देगी मै अन्दर गया तो पता चला की एक रूम 100 रूपये का है लेकिन उसमे बाथरूम बाहर जाना पड़ेगा मैंने कहा ओके जी कोई दिक्कत नहीं अकेले इन्सान को 100 रूपये में रूम मिल जा रहा था और क्या चाहिए |</p>



<p class="has-text-align-justify">वैसे इस धर्मशाला में अटैच वाशरूम वाले भी रूम है लेकिन मैंने 100 रूपये वाला रूम लिया था आइये आपको धर्मशाला के बारे में बता यह एक खुली सी विशाल धर्मशाला है जहाँ आपको अच्छा लगेगा पानी पीने के लिए वाटर कूलर लगा है  रूम के बाहर बड़ा सा आंगन है कमरे भी ठीक ठाक औसत दर्जे के है अत्याधुनिक सुविधाये यहाँ आपको नहीं मिलेंगी हां जो इनके कामन टॉयलेट है वो गंदे थे बस यही बात थोड़ी अखरी थी खैर मैंने फोर्मैलिटी पूरी करके कमरे की चाभी ली और आया रूम में बैग उतारा जूते उतारे और लेट गया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="549" height="630" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-धर्मशाला-ओरछा-धाम.jpg" alt="श्री राम राजा धर्मशाला ओरछा धाम" class="wp-image-11150" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-धर्मशाला-ओरछा-धाम.jpg 549w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-धर्मशाला-ओरछा-धाम-261x300.jpg 261w" sizes="auto, (max-width: 549px) 100vw, 549px" /><figcaption>श्री राम राजा धर्मशाला </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">20 मिनट आराम करने के बाद बाहर आया और फिर से मंदिर परिसर में ही भ्रमण करने लगा मुझे दो ऊँची ऊँची मीनारे दिखाई दे रही थी उनके पास गया तो पुरातत्व विभाग का बोर्ड लगा देखा तो जानकारी मिली कि ये <strong>सावन भादो पिलर</strong> है इन मीनारों के नीचे से सुरंग बनी है जिससे पहले राजपरिवार के लोग किले से <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर </strong>तक आया करते है फिलहाल तो सुरंगे बंद करवा दी गई |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब मुझे यह <strong><em>ओरछा धाम  </em></strong>बहुत ही  खूबसूरत लग रहा था क्यूंकि <strong>सावन भादो पिलर</strong> के पास से  <strong>श्री राम राजा मंदिर </strong>और <strong>चतुर्भुज मन्दिर </strong>की भव्यता एक साथ दिखाई दे रही थी खैर मै इन दोनों पिलर से थोडा आगे बढ़ा रास्ते में सब दुकाने ही थी छोटा मोटा मेला सा लगा था बच्चो के खिलौनों की दुकाने पूजा सामग्री की दुकाने आदि सजी हुई थी थोड़ी ही दूरी पर श्री हरदौल बैठक आ गई  मै उत्सुकता वश यहाँ आ गया यहाँ पर बाग़ सा था जिसमे ढेरो पेड़ पौधे लगे थे हरियाली थी ठण्डा था और बाग़ के बीच में एक चबूतरा बना था जिसे ही <strong>श्री हरदौल बैठका</strong> कहते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब ये <strong>श्री हरदौल बैठका</strong> क्या है और श्री हरदौल कौन थे यह सब जानने के लिये आप हमारी पोस्ट <a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/">ओरछा का इतिहास | श्री राम राजा मन्दिर की कहानी | राजा हरदौल की कहानी</a> जरूर पढ़े खैर आपको बता दे हरदौल राजा वीर सिंह देव के सबसे छोटे पुत्र थे बुन्देलखण्ड के स्थानीय लोग राजा हरदौल की पूजा करते है<strong> हरदौल बैठका</strong> पर राजा हरदौल की बहुत ही सुन्दर प्रतिमा बनी है मैंने भी राजा हरदौल के दर्शन किये और वापस आ गया फिर <strong>चतुर्भुज मन्दिर </strong>की उत्कृष्ट बनावट को निहारता रहा यह भगवान विष्णु को समर्पित एक बहुमंजिला भव्य मन्दिर है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg" alt="श्री हरदौल बैठका ओरछा" class="wp-image-10984" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>श्री हरदौल बैठका ओरछा</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">मैंने यहाँ पर फोटो शोटो ली और अब कहाँ की घुमक्कड़ी की  जाए ये सोचने लगा तब तक दिमाग में आया की बरुआसागर चले क्या आपको बता दे <strong>बरुआसागर</strong> झांसी जिले में है और आप <strong>ओरछा धाम</strong> से भी बरुआसागर जा सकते हो फिर क्या था पैदल पैदल आ गया टेम्पो स्टैण्ड के पास और जानकारी की तो बताया गया या तो बुक करके जाओ या फिर एक टिगेला तक जाने वाले टेम्पो में बैठो फिर टिगेला से <strong>बरुआसागर </strong>तक का टेम्पो मिल जायेगा मै फटाफट टिगेला वाले टेम्पो में बैठा और फिर टिगेला से <strong>बरुआसागर</strong> टेम्पो में बैठकर आ गया बरुआसागर जो की झाँसी से 21 किलोमीटर है |</p>



<p class="has-text-align-justify">जहाँ टेम्पो वाले ने उतरा वही पे <strong>बरुआसागर </strong>की सुप्रसिद्ध मिठाई की दुकान <strong>न्यू पाण्डेय मिष्ठान भण्डार</strong> था जहाँ के देशी घी के रसगुल्ले सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड में प्रसिद्ध है मैंने इनके रसगुल्ले को चखा काफी बड़ा और स्वादिष्ट था रसगुल्ला अब मेरा अगला पड़ाव था <strong>बरुआसागर झील और झरना</strong> अब निकल पड़ा जानकारी मिली की थोडा सा दूर है टेम्पो से निकल जाओ मैंने कहा ठीक बैठा ऑटो में आ गया  बरुआसागर के पास और पैदल पैदल आगे बढ़ने लगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी.jpg" alt="बरुआसागर झरना झाँसी" class="wp-image-10933" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>बरुआसागर झरना</figcaption></figure>
</div>


<p><a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/">बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे क्या क्या देखे Baruasagar Fort </a></p>



<p class="has-text-align-justify">थोड़ी ही दूरी पर झरना तो दिखाई दिया लेकिन पानी बहुत कम था तो झरने में तो मजा आया नहीं अब झील की तरफ बढ़ चला जिसका रास्ता तमाम मंदिरों से होकर था और सीढियों से ऊपर जाकर झील थी झील क्या एक डैम था ऊपर आया तो मन प्रसन्न हो गया   बेहद ही खूबसूरत नजारा था चारो तरफ दूर दूर तक पानी ही दिखाई दे रहा था वहां एक स्थानीय से जानकारी की तो मालूम हुआ की जब डैम में पानी ज्यादा हो जाता है तब पानी नीचे छोड़ दिया जाता है यही पानी आगे जाकर झरना बन जाता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">खैर मुझे यह झील पसंद आई अच्छा  जो झील का रास्ता था उसमे एक दो छोटे छोटे झरने थे कई कुण्ड थे जिनमे पवित्र जल था हर एक  कुंड का अपना अलग महत्त्व था अब मै बरुआसागर किले को देखने आ गया जो की झरने से थोड़ी दूरी पर है और यह किला उंचाई पर बना है यह ज्यादा बड़ा तो नहीं है लेकिन यदि आप <strong>बरुआसागर</strong> आये तो किले को भी जरूर देखे किले के ऊपर से <strong>बरुआसागर झील </strong>दिखती है किले की शिल्पकला बढ़िया है मै थोड़ी देर किले के ऊपर से बरुआसागर झील के पानी को देखता रहा फिर वहां से निकल पड़ा थोड़ी ही दूरी पर <strong>जराय का मठ</strong> था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="699" height="453" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील.jpg" alt="बरुआसागर झील" class="wp-image-10934" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील.jpg 699w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 699px) 100vw, 699px" /><figcaption>बरुआसागर झील</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify"><strong>जराय का मठ</strong> मुझे तो थोडा थोडा खजुराहो के मंदिरों की तरह लगा फिलहाल मस्ट विजिट प्लेस है इसके अलावा<strong> बरुआसागर</strong> में माँ मंसिल दरबार भी जा सकते है अब शाम होने को थी मै फटाफट निकला और टेम्पो टेम्पो करते हुये आ गया <strong>ओरछा धाम</strong> और धर्मशाला ले  रूम में फिर से आधे घंटे विश्राम करके कपडे बदले लोवर पहना और फिर निकल पड़ा शाही छतरियो की तरफ जो की <strong>बेतवा नदी</strong> के किनारे पर है मै रूम से टहलता हुआ पैदल ही बेतवा नदी के किनारे बनी इन छतरियो तक आ गया अब यहाँ का जो नजारा था क्या ही कहू बस मुझे तो ओरछा से प्यार हो गया था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/ओरछा-धाम.jpg" alt="ओरछा धाम" class="wp-image-11143" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/ओरछा-धाम.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/ओरछा-धाम-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">सामने बेतवा नदी और किनारे पर बनी<strong> शाही छतरियां</strong> जो सचमुच शाही ही थी यहाँ पर आप राफ्टिंग का भी लुत्फ़ उठा सकते है मेरा यहाँ से उठने का मन ही नहीं हो रहा था यहाँ पर एक I LOVE ORCHHA लिखा हुआ सेल्फी पॉइंट भी था हमने टशन में फोटो वोटो लिये और अब अँधेरा हो रहा था अँधेरा तो हो रहा था लेकिन इस जगह की ख़ूबसूरती अब और बढ़ रही थी जैसे ही इन <strong>शाही छतरियो </strong>में लाईटे जलने लगी इन छतरियो में तो चार चाँद लग गए अब तो और मै वहां से उठ नहीं पा रहा था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/बेतवा-नदी-के-किनारे-ओरछा-धाम.jpg" alt="बेतवा नदी के किनारे ओरछा धाम" class="wp-image-11144" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/बेतवा-नदी-के-किनारे-ओरछा-धाम.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/बेतवा-नदी-के-किनारे-ओरछा-धाम-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>बेतवा नदी के किनारे </figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="828" height="474" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg" alt="शाही छतरियां - Orchha Tourist Places" class="wp-image-10979" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg 828w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-300x172.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px" /><figcaption>शाही छतरियां शाम के समय </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">खैर 8:30 हो रहा था भूख भी लग रही थी तो मै अपने रूम / श्री राम राजमंदिर की और आ गया वही पर एक और मंदिर था जानकी जू मंदिर मैंने इस मन्दिर में जानकी माँ के सुन्दर दर्शन किये और एक होटल से दो आलू के पराठे पैक कराये और रूम में आकर खाये उसके बाद जो सुबह <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> में महाप्रसाद लिया था उसका एक लड्डू खाया गज़ब का स्वाद था इस महाप्रसाद में अब मोबाइल उठाया और यार दोस्तों परिवार वालो से बात करते करते सो गया सुबह 7 बजे नींद खुली |</p>



<p class="has-text-align-justify">तो फ्रेश होकर नहा धोकर सबसे पहले <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> के दर्शन किये फिर निकल गया लक्ष्मी नारायण मन्दिर की इस मंदिर की शिल्पकला अद्भुत है यह मन्दिर क्या एक महल सा लगता है यह मंदिर मुख्य रूप से माँ लक्ष्मी को समर्पित है और यहाँ की चित्रकारी बहुत सुन्दर है यहाँ दर्शन करके मै सीधे ओरछा के किले के गेट पर आया टिकट ली और शुरू हो गया यह भव्य किला का टूरिज्म सबसे पहले मै <strong>जहाँगीर महल</strong> गया जहाँ पड़ी बेंच पर बैठकर इस महल को निहारता रहा |</p>



<p class="has-text-align-justify">आपको बता दे <strong>जहाँगीर महल</strong> राजा वीर सिंह देव ने जहाँगीर के सम्मान में बनवाया था यह महल वर्गाकार है और इस महल में आप बालकनी , गुम्बद , कमरे जगह जगह पर बनी नक्खाशी देख सकते है हर एक चीज की बनावट काबिलेतारीफ है मै बड़ा इत्मीनान से <strong>जहाँगीर महल</strong> घूम रहा था मै जीने से ऊपर भी गया वहां के भी नज़ारे देखे जहाँगीर महल के दूसरे गेट से जब मै बाहर निकला तो मुझे ऊँट खाना दिखाई दिखाई दिया जो की एक ऊँचे से चबूतरे पर बना हुआ है यहाँ ऊँट बांधे जाते होंगे अब मै इस ऊँट खाने के पास से नीचे उतरा तो सामने <strong>राय प्रवीण महल</strong> था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg" alt="जहाँगीर महल ओरछा" class="wp-image-10970" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg 650w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>जहाँगीर महल</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">लगे हाथो इस महल की भी घुमक्कड़ी कर ली यह भी एक बेहतरीन शिल्प कला का उदहारण है राय प्रवीण एक कुशल नृत्यांगना कुशल गायक और बहुत ही सुन्दर ही तो यह महल राजा इन्द्रजीत ने राय प्रवीण के लिए बनवाया था दो मंजिल के इस महल का उद्यान भी काफी हरा भरा था अब यहाँ से आगे तीन दासियों का मंदिर , पंचमुखी महादेव मंदिर , राधिका बिहारी मंदिर , बनवासी मंदिर देखा फिर वापस आकर जहाँगीर महल से होते हुये <strong>राजा महल</strong> की तरफ आया |</p>



<p class="has-text-align-justify">राजा महल भी ओरछा किला काम्प्लेक्स का  एक खूबसूरत महल है इस महल में भी आपको काफी समय लगेगा क्यूंकि एक तो यह बड़ा है ऊपर से अत्यंत सुन्दर तो फोतोबाजी भी करोगे न एक और बात जो किले में साउंड एंड लाइट शो होता है वह <strong>राजा महल </strong>में ही आयोजित किया जाता है | <strong>राजा महल </strong>के बाद अब मै किले को अलविदा कर रहा था और अलविदा करते करते तोपखाना भी देख लिया आप ढेर सारा समय लेकर आये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-महल-ओरछा-धाम.jpg" alt="राजा महल ओरछा धाम" class="wp-image-11145" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-महल-ओरछा-धाम.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-महल-ओरछा-धाम-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>राजा महल </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">देखिये यदि आप कबड्डी खेलना चाहते हो तो तब तो आधा घंटे में सारे महलों के पाले को छूकर आप आ जाओ लेकिन यदि आप बुंदेलखंड स्थापत्य कला , राजपूत स्थापत्य कला को महसूस करना चाहते तो आप यहाँ सकून के साथ घूमिये और यहाँ कम से कम 3 घंटे बिताइए फोटो वोटो लीजिये इस किला परिसर में पप्री वेडिंग शूट खूब होते है अब मै <strong><em>ओरछा धाम</em></strong>  से विदा लेने वाला था तब तक मन किया क्यों न एक बार फिर राम राजा के दर्शन हो जाए तो लो आ गए फिर से राम दरबार में दर्शन करे और इस बार निकल लिए मंदिर के दूसरे गेट से |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब दूसरे गेट से एक रोड पर टहल रहे थे तो एक और  मन्दिर दिखाई दिया जो की पहाड़ी पर काफी उंचाई पर बना था अब ये कौन सा मन्दिर है उत्सुकतावश मै सरपट मन्दिर की और दौड़ लिया और ऊपर एक छोटी सी लड़की थी जो मन्दिर की देखरेख करने वाले की बिटिया थी उससे जानकारी करी तो वो बिटिया बताई ये माँ संतोषी का मंदिर है यह मंदिर भी खूबसूरत था मैंने संतोषी माँ के दर्शन किये फिर आपको बताऊ इस मन्दिर से जो व्यू मिल रहे थे वाह |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी – Orchha Tourist Places </a></p>



<p class="has-text-align-justify">इस मंदिर से आपको <strong>चतुर्भुज मन्दिर</strong> और <strong>श्री राम राजा मन्दिर</strong> के बहुत ही आकर्षक व्यू दिखाई दे रहे थे तो यदि आप के पास समय हो तो आप माँ संतोषी के मन्दिर भी हो ले  मुझे अभी ओरछा अभयारण्य जाना था लेकिन शाम होने को थी और मुझे आज दतिया भी निकलना था तो फिर मैंने अभ्यारण्य का प्लान कैंसल किया और निकल पड़ा दतिया की और अब दतिया कैसे क्या घूमा अगली पोस्ट में बताऊंगा फिलहाल मेरी ओरछा धाम की यात्रा बहुत ही अच्छी रही |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="403" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg" alt="संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो Orchha Tourist Places" class="wp-image-10985" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg 900w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-300x134.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-768x344.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /><figcaption>संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>


<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663230012223"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; ओरछा धाम कौन से राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा धाम  मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663230099816"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; ओरछा धाम से सम्बन्धित यात्रा वृतान्त बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">पोस्ट को शुरू से पढिये |</p> </div> </div>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/orchha-dham-aur-baruasagar-ka-yatra-vritant-hindi/">ओरछा धाम और बरुआसागर की घुमक्कड़ी के मेरे किस्से</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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		<title>जिला झांसी महारानी लक्ष्मीबाई का शहर की घुमक्कड़ी का यात्रा वृतान्त</title>
		<link>https://safarjankari.com/jhansi-trip-ka-yatra-vritant/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 15 Apr 2022 15:18:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[यात्रा वृतांत]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Yatra Vritant]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://safarjankari.com/?p=11122</guid>

					<description><![CDATA[<p>झांसी शहर की मेरी घुमक्कड़ी के मजेदार किस्सों को पढिये लखनऊ से झाँसी का मेरा सफ़र साबरमती ट्रेन से शुरू हुआ था जो की रात 11 बजे लखनऊ से चलती है<br />
झांसी जिसका नाम सुनते ही रानी लक्ष्मीबाई की वीरता याद आ जाती है मन में एक कुलबुलाहट सी हुआ करती थी कि एक बार झाँसी देखे वहां का किला देखे जहाँ से रानी लक्ष्मीबाई कूदी थी वह स्थल देखे खैर एक दिन मन में आया और लखनऊ से यहाँ की सीट रेलगाड़ी में बुक कर ली अकेले की तो अब मै अकेला ही झांसी घूमने जा रहा था और ये बात है जनवरी २०२२  की है &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>जिला झांसी</strong> जिसका नाम सुनते ही रानी लक्ष्मीबाई की वीरता याद आ जाती है मन में एक कुलबुलाहट सी हुआ करती थी कि एक बार <a href="https://safarjankari.com/place-to-visit-in-jhansi-hindi-me/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">झाँसी</a> देखे वहां का किला देखे जहाँ से रानी लक्ष्मीबाई कूदी थी वह स्थल देखे खैर एक दिन मन में आया और लखनऊ से यहाँ की सीट रेलगाड़ी में बुक कर ली अकेले की तो अब मै अकेला ही झांसी घूमने जा रहा था और ये बात है <a href="https://www.britannica.com/topic/January" target="_blank" rel="noreferrer noopener">जनवरी </a>२०२२  की है |</p>



<p class="has-text-align-justify">मेरी ट्रेन लखनऊ से रात के ग्यारह बजे की थी मै तय समय से पहले ही लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर था खैर ट्रेन राईट टाइम थी ट्रेन आई मैंने अपनी सीट ढूंढ़ी और बैठ गया अब थोड़ी ही देर बाद ट्रेन लखनऊ को बाय बाय बोल रही थी यकीन मानिये ये एक सुखद अनुभव होता है जब आप कही घूमने जा रहे हो ट्रेन में बैठे और ट्रेन चल दे  अच्छा मेरी ट्रेन साबरमती एक्सप्रेस थी जिसकी टाइमिंग लखनऊ चारबाग में 11 बजे है और यह ट्रेन <strong><strong>झांसी</strong></strong> सुबह 5 बजे पहुँच जाती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">खैर  यह जो ट्रेन का सफ़र  होता है उसमे भी बड़ा मजा आता है उत्सुकता होती है जैसे मुझे थी कि <strong><em>जिला झांसी</em></strong>  कैसा होगा रेलवे स्टेशन कैसा होगा प्लेटफ़ार्म नम्बर एक किधर होगा ऑटो कहा मिलेगा होटल कैसा मिलेगा आदि आदि खैर यही सब सोचते सोचते मुझे पता नहीं कब झपकी आ गई हालाँकि यह झपकी कोई ज्यादा नहीं थी थोड़ी ही देर में आँख खुल गई थी  और मै उरई रेलवे स्टेशन पर था अगला स्टेशन झाँसी ही था |<br><br>साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन लखनऊ से चलती है और उन्नाव , कानपुर , पोखरायां , कालपी , उरई  रुकते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई ( झाँसी ) रेलवे स्टेशन आ जाती है मै करीब सवा 5 बजे<strong> जिला झांसी</strong> के रेलवे स्टेशन पे था हलकी हलकी बरसात हो रही थी झाँसी का रेलवे स्टेशन काफी साफ़ सुथरा था खैर थोड़ी देर मै रेलवे स्टेशन पर बैठा रहा की सुबह हो जाय और बारिश कम हो जाय लेकिन यार दिल नही माना और हलकी हलकी बरसात की फुहार में ही मै बाहर आ गया और पैदल ही चल दिया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="420" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/वीरांगना-लक्ष्मीबाई-रेलवे-स्टेशन-झांसी.jpg" alt="वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन जिला झांसी" class="wp-image-11135" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/वीरांगना-लक्ष्मीबाई-रेलवे-स्टेशन-झांसी.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/वीरांगना-लक्ष्मीबाई-रेलवे-स्टेशन-झांसी-300x210.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/वीरांगना-लक्ष्मीबाई-रेलवे-स्टेशन-झांसी-130x90.jpg 130w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन झांसी</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">अब थोड़ी  सी बात झाँसी रेलवे स्टेशन अरे माफ़ करियेगा झाँसी रेलवे स्टेशन का नाम अब वीरांगना लक्ष्मीबाई हो गया है जैसे ही  मै ट्रेन से उतरा झांसी का रेलवे स्टेशन देख कर मन प्रसन्न हो गया मैंने सबसे पहले तो वीरांगना लक्ष्मीबाई लिखे हुए बोर्ड के पास सेल्फी ली ,  बहुत ही उत्तम साफ़ सफाई थी बुन्देलखण्ड के इतिहास को बैनर के माध्यम से रेलवे स्टेशन पर ही दर्शाया गया था फिर आप जैसे ही रेलवे स्टेशन से बाहर आते हो सामने ही एक लहराता तिरंगा और वीरांगना लक्ष्मीबाई की प्रतिमा दिखाई देती है जो की देशभक्ति की लहर पैदा कर देती है बाकी <strong><em><strong>झांसी</strong></em></strong>  का रेलवे स्टेशन बाहर से भी सुन्दर है खासकर रात में जब रंग बिरंगी रौशनी में आप इस स्टेशन को देखेंगे तो मजा आ जायेगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="751" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/झांसी-का-रेलवे-स्टेशन.jpg" alt="जिला झांसी का रेलवे स्टेशन" class="wp-image-11129" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/झांसी-का-रेलवे-स्टेशन.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/झांसी-का-रेलवे-स्टेशन-180x300.jpg 180w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>झांसी का रेलवे स्टेशन</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन के सामने मतलब एकदम सामने कोई होटल नहीं है ना ही खाने पीने की कोई ठिये है आपको थोडा आगे जाना होगा आप चाहे तो चित्रा चौराहे की तरफ जाए या फिर इलाईट की तरफ मै निकल लिया था चित्रा चौराहे की तरफ और समय था सुबह के 6 हलकी बरसात थी तो रोड पे सन्नाटा था लगभग समस्त दुकाने बंद थी बस एक पान पुडिया का खोखा खुला दिखाई दिया तो उससे होटल के बारे में पूछा तो जानकारी मिली की चित्रा चौराहे के आसपास होटल है कुछ मुख्य रोड पे है और कुछ गलियों में है खैर मै आगे बढ़ा |</p>



<p class="has-text-align-justify">एक दो होटल दिखे लेकिन उनमे सब सोते दिखाई दिये तब तक झांसी की सुप्रसिद्ध बसंत यादव की चाय की दुकान दिखी जहाँ मैंने चाय की चुस्की ली निसंदेह चाय बेहतरीन थी थकान कम हो गई अब एक नयी उर्जा से आगे बढ़ा और एक गली में एक होटल देख वहां एक कमरा लिया और सामन रखके लेट गया तुरंत ही नींद आ गई जब नींद खुली तो सुबह के 9 बज रहे थे अब फटाफट नहा धो के रेडी हो गया और आ गया बाहर अब बारी थी घुमक्कड़ी की सबसे पहले जाना था मुझे मेजर ध्यान चंद की प्रतिमा की और और यहाँ जाने के लिये सीपरी बाजार से ऑटो मिल गया जिसने मुझे मेजर ध्यान चंद की प्रतिमा के समीप उतार दिया |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब थोडा सा पैदल चलने के बाद आ गई सीढियां इन सीढियों के माध्यम से ही मेजर ध्यान चंद की प्रतिमा तक जाना था आपको बता दू यह प्रतिमा एक पहाड़ी पर है और काफी ऊंचाई पर है सीढियां चढ़ते चढ़ते आप थक जायेंगे रास्ते में गन्दगी भी है  आखिरकार मै प्रतिमा तक आ गया था बहुत ही विशाल और भव्य प्रतिमा बनी हुई है जिसमे ध्यान चंद जी को हॉकी खेलते हुए दिखाया गया है यही पे I LOVE JHANSI लिखा हुआ एक बोर्ड है जो की इस तरह से लगाया है की इसकी फोटो लेना बड़ा कठिन काम है |</p>



<p class="has-text-align-justify">जहाँ पर यह प्रतिमा है यहाँ से <strong>जिला झांसी</strong> का बेहतरीन व्यू मिलता है तो मैंने भी देर न करते हुए एक आध फोटो व्यू की और अपनी सेल्फी के साथ व्यू की ले डाली यहाँ पर  धूप और बरसात से बचाव के लिए प्रशासन ने एक बरामदा सा बनवाया और इस बरामदे में बैठने के लिये सीट भी है  खैर अब मै यहाँ से  वापसी कर रहा था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="571" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मेजर-ध्यान-चंद-प्रतिमा-झांसी.jpg" alt="मेजर ध्यान चंद प्रतिमा झांसी" class="wp-image-11036" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मेजर-ध्यान-चंद-प्रतिमा-झांसी.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मेजर-ध्यान-चंद-प्रतिमा-झांसी-236x300.jpg 236w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>मेजर ध्यान चंद प्रतिमा</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">भूख जोरो की लगी थी तो अब मै सीपरी बाज़ार आकर वृन्दावन स्वीट्स रेस्टोरेंट में बैठ गया  थोड़ी सी पेट पूजा की फिर बसन्त यादव की चाय के पास दो प्राचीन मंदिर है दोनों आमने सामने है नाम है श्री श्री १००८ गोपाल जी का मंदिर और श्री श्री १००८ रघुनाथ जी का मंदिर यहाँ मैंने दर्शन किये फिर अपने रूम आकर आधे घंटे आराम करके निकल पड़ा चित्रा चौराहे से पंचतंत्र पार्क की तरफ यह पार्क चौराहे के पास ही था |</p>



<p class="has-text-align-justify"> पार्क देखा जो की बच्चो के लिए बढ़िया है और पंचतंत्र पार्क में पंचतंत्र की कहानियो की तरफ ही जगह जगह जानवरों के कार्टून की प्रतिमाये बनी है  अब यहाँ से मैंने ऑटो किया और अ गया रानी लक्ष्मी बाई पार्क इस पार्क के अन्दर गया बढ़िया शांत और हरी भरी जगह है रानी लक्ष्मीबाई की एक प्रतिमा बनी है यही पास में ही राष्टकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क भी है आप इन दोनों पार्क में घुमियेगा यहाँ ज्यादातर झाँसी के स्थानीय जागिंग करने आते है यहाँ एक ओपन जिम भी है और सबसे बढ़िया यहाँ की हरियाली  |</p>



<p class="has-text-align-justify"> इनके दोनों पार्क के समीप ही  राजकीय संग्राहलय है जहाँ<strong><em> </em>जिला झांसी</strong> से जुड़े तमाम अवशेष रखे हुये यदि आप इतिहास प्रेमी है तो इस संग्रहालय में आपको समय जरूर लगेगा  आपको बता दे रानी लक्ष्मीबाई पार्क , राष्ट्कवि मैथिलिशरण गुप्त पार्क , राजकीय संग्रहालय , झांसी का किला सब आसपास ही है राजकीय संग्रहालय देखने के बाद मै किले की तरफ बढ़ लिया और किले की विशाल दीवारे दूर से ही दिखाई दे रही थी रास्ते में डॉ वृन्दावन लाल वर्मा पार्क पड़ा जो की बढ़िया था हरा भरा सकून देने वाला लेकिन मै इस पार्क में नहीं गया|</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="520" height="390" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महारानी-लक्ष्मीबाई-पार्क-झांसी.jpg" alt="महारानी लक्ष्मीबाई पार्क झांसी" class="wp-image-11035" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महारानी-लक्ष्मीबाई-पार्क-झांसी.jpg 520w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महारानी-लक्ष्मीबाई-पार्क-झांसी-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 520px) 100vw, 520px" /><figcaption>महारानी लक्ष्मीबाई पार्क </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify"> मै किले की तरफ बढ़ रहा था दूर से किले की विशाल दीवारे और ऊपर लगा तिरंगा देशभक्ति को बढ़ा रहा था  मै बढ़ गया सीधे किले के टिकट काउंटर की तरफ 25 रूपये की टिकट लेकर आ गया किले के अन्दर जहाँ इस किले का मैप लगा था मैप की फोटो ली और समझने की कोशिश की कि कहाँ क्या है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब सबसे पहले मैंने किले के अन्दर कड़क बिजली तोप देखी जो की देखने में बढ़िया थी और चलाने में कैसी थी ये तो गुलाम गॉस खां साहब जाने क्यूंकि वही इसे इस्तेमाल करते थे इसके बाद मैआगे बढ़ा और पंचमहल देखा ऊपर जाकर कुदान स्थल मतलब जहाँ से रानी कूदी थी वह स्थल देखा यकीन करिए जब मैंने कुदान स्थल से नीचे देखा तो मेरी तो रूह काँप गई कि कैसी रानी कूदी होंगी कमाल की वीर थी रानी यही पास में झंडा बुर्ज देखा और ऊपर से शहर का बढ़िया सा व्यू लिया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="667" height="331" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/रानी-लक्ष्मी-बाई-का-किला.jpg" alt="रानी लक्ष्मी बाई का किला" class="wp-image-11132" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/रानी-लक्ष्मी-बाई-का-किला.jpg 667w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/रानी-लक्ष्मी-बाई-का-किला-300x149.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 667px) 100vw, 667px" /><figcaption>रानी लक्ष्मी बाई का किला</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">फिर नीचे आकर गुलाम गौस खां , मोती बाई , खुदा बक्श की समाधियाँ देखि फिर आ गया किले के मुख्य आकर्षण गणेश मन्दिर की तरफ कहा जाता है की दो मंजिला बने इस गणेश मन्दिर में रानी नित्य पूजा करने आती थी यह मराठा शैली में बना हुआ मन्दिर है गणेश मंदिर के पास से ही एक जीना ऊपर गया है अब मै इस जीने से ऊपर गया तो देखा यहाँ भवानी शंकर तोप राखी है अब पुनः जीने से नीचे आया था और बढ़ लिया बारादरी की तरफ जिसे रजा गंगाधर राव ने अपने भाई के लिए बनवाया था |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/jhansi-ka-kila-ghumne-ki-jankari/">झांसी का किला घूमने की समस्त जानकारी टाइमिंग प्रवेश शुल्क किले के अन्दर क्या देखे</a></p>



<p class="has-text-align-justify">कुल मिलाकर मुझे<strong> <strong>झांसी</strong></strong> की रानी का किला बहुत ही पसंद आया यहाँ आप रानी लक्ष्मीबाई की वीरता से रूबरू होते है और अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस करते है ढेर सारे फोटो क्लिक करने के बाद मेरा अगला पॉइंट था रानी महल जानकारी की तो पता लगा की ऑटो ई रिक्शा जाते है और रानी महल किले पास ही है आप पैदल भी जा सकते है तो मैंने रास्ते का मजा लेते हुये पैदल जाने का निर्णय लिया और स्थानीय लोगो से जानकारी करते करते आ गया रानी महल यहाँ पहले रानी रहा करती है यह महल बहुत ही खूबसूरत है यहाँ आप जरूर आइयेगा  |</p>



<p class="has-text-align-justify">अरे सुनिए एक और बात यही कही पे <strong><em>जिला झांसी</em></strong>  के प्रसिद्ध दाऊ के समोसे मिलते है मुझे जानकारी नहीं थी तो मै स्वाद न ले सका लेकिन आप किसी भी स्थानीय व्यक्ति से जानकारी करके  दाऊ के समोसे जरूर चखियेगा अब मै राजा गंगाधर राव की छतरी की तरफ जाने के लिए पूछताछ  करने लगा तो एक सज्जन बोले देख भाई बहुत ज्यादा दूर नहीं है मजा लेते हुए <strong><em>झाँसी</em></strong>  की सड़को को देखते हुये पैदल ही निकल जाओ या भाई बैठो रिक्शे पे सीधे जाओ मैंने पैदल विकल्प चुना |</p>



<p class="has-text-align-justify">थोड़ी दूर जाकर आ गया था लक्ष्मी गेट और इस गेट में ही श्री हनुमान मंदिर है इसी गेट से होकर रास्ता गया है राजा गंगाधर राव की छतरी की तरफ का इधर की सड़के थोड़ी तंग है लक्ष्मी गेट पर हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ा थोड़ी ही दूर पे महाकाली मन्दिर आ गया तो मै मंदिर  के मुख्य द्वार से अन्दर गया यहाँ ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं थी और एक दिव्य वातावरण था काफी शान्ति का यहाँ एह्सास हो रहा था मै पैदल आ रहा था तो थका था थोड़ी देर यही बैठा माँ का आशीर्वाद लिया महाकाली मंदिर का प्रांगण बड़ा सा है और पेड़ पौधे भी लगे है तो ठंडा भी रहता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="467" height="454" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/लक्ष्मी-गेट-झांसी.jpg" alt="लक्ष्मी गेट जिला झांसी" class="wp-image-11134" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/लक्ष्मी-गेट-झांसी.jpg 467w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/लक्ष्मी-गेट-झांसी-300x292.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 467px) 100vw, 467px" /><figcaption>लक्ष्मी गेट झांसी</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">अब जब मै पैदल था तो रास्ते में पड़ने वाले हर एक स्थल को देख रहा था श्री महाकाली मंदिर के पास ही श्री श्री १००८ महावीर जी मंदिर है जो सफ़ेद रंग का भव्य बना हुआ है अब मै राजा गंगाधर राव की छतरी के समीप था यहाँ पर लक्ष्मी ताल है जिसमें मरम्मत का कार्य हो रहा था मेरे ख्याल से लक्ष्मी ताल को और ज्यादा सुन्दर बनाये जाने की कोशिश की जा रही थी अब आपको बता दू राजा गंगाधर राव की छतरी की बनावट भी भव्य है इसे रानी लक्ष्मीबाई ने बनवाया था राजा गंगाधर की समाधी को एक चौकोर चबूतरे के ऊपर बनाया गया है और चारो तरफ हरियाली है एक छोटा सा जलाशय भी इसी में था लेकिन उसका पानी साफ़ नहीं था |</p>



<p class="has-text-align-justify">राजा गंगाधर की समाधी के सामने ही एक बड़ा ही खूबसूरत सफ़ेद रंग का मंदिर है जिसका नाम नवग्रह मंदिर है यहाँ भी आप दर्शन हेतु जा सकते है अब मेरा अगला पॉइंट था लक्ष्मी मंदिर जो बिलकुल राजा गंगाधर की समाधी के सामने ही था लक्ष्मी मंदिर में रानी लक्ष्मीबाई रोज पूजा करने आती थी मुख्य मंदिर तक जाने के लिये आपको सीढियों से जाना होगा यह मंदिर भी पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आता है आप लक्ष्मी मन्दिर जरूर आइयेगा तो अब मै यहाँ से निकलने की सोच रहा था और दिमाग में अगला पॉइंट था   सखी के हनुमान मन्दिर |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="681" height="447" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी.jpg" alt="राजा गंगाधर राव की छतरी" class="wp-image-11131" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी.jpg 681w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 681px) 100vw, 681px" /><figcaption>राजा गंगाधर राव की छतरी</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="481" height="361" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-में-बना-जलाशय.jpg" alt="राजा गंगाधर राव की छतरी में बना जलाशय" class="wp-image-11130" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-में-बना-जलाशय.jpg 481w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-में-बना-जलाशय-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 481px) 100vw, 481px" /><figcaption>राजा गंगाधर राव की छतरी में बना जलाशय</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">जानकारी की तो नाम तो सबने सुना था लेकिन सब यही कह रहे शहर के बाहर है ऑटो शायद ही मिले खैर मै लक्ष्मी गेट तक वापस आ गया वहां मुझे एक ई-रिक्शा वाला मिला मैंने उससे बात की वो सखी के हनुमान मन्दिर चलने के लिये तैयार हो गया अब मै और ई-रिक्शा वाला दोनों दौड़ पड़े मंदिर की ओर मतलब भर की दूरी थी और मंदिर हाईवे पर ही था लो जी रोड में सखीके हनुमान मन्दिर लिखा दिखाई दिया और मुख पे मेरे प्रसन्नता के भाव चमक उठे |</p>



<p class="has-text-align-justify">सखी के हनुमान मंदिर का <strong><strong><strong>जिला झांसी</strong></strong></strong> में बड़ा नाम सुना था जब मन्दिर पहुंचे तो देखा एक विशाल प्रांगण बाहर प्रसाद इत्यादि की दुकाने और जो मन्दिर का मुख्य गेट था वो अद्भुत था श्रीराम की धनुष लिए प्रतिमा और श्री राम के दोनों और बने थे शेर और ऊपर लहरा रहा था भगवा ध्वज राम भक्ति नस नस में घुस गई थी इतना ही देखकर , जैसे ही मन्दिर के अन्दर प्रवेश किया सामने भगवान शिव और माँ पार्वती की अत्यंत सुन्दर प्रतिमाये देखकर मन राम भक्ति के साथ साथ शिव भक्ति में भी लीन हो गया सामने ही हनुमान जी का मंदिर था और भी इस प्रांगण में कई मंदिर थे और सारे बड़े ही भव्य बनाये गए थे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="487" height="562" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/सखी-के-हनुमान-मन्दिर-झांसी.jpg" alt="सखी के हनुमान मन्दिर जिला झांसी" class="wp-image-11136" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/सखी-के-हनुमान-मन्दिर-झांसी.jpg 487w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/सखी-के-हनुमान-मन्दिर-झांसी-260x300.jpg 260w" sizes="auto, (max-width: 487px) 100vw, 487px" /><figcaption>सखी के हनुमान मन्दिर झांसी</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">अब मेरे बहुत ही सुन्दर दर्शन हो गये थे अब मैंने उसी ई-रिक्शे वाले से बोला भाई इलाइट उतार दे वो बोला अब जाओगे कहा मैंने कहा यार मन तो है सैंट जुड चर्च जाने का लेकिन पता नहीं कहा पे है वो बोला भैया मैप में डालो वही चलते है तो मैंने पहले इलाईट चलो वही कही है हम दोनों बड़ी तेजी से इलाईट आ गये और इलाईट से थोड़ी ही दूरी पे थी सैंट जूड चर्च लेकिन चर्च के गेट पर तैनात सिक्यूरिटी गार्ड ने बताया की चर्च बंद है सुबह 7 बजे आना मैंने कहा कोई बात नहीं बंद है लेकिन क्या बाहर से देखने की इजाजत है तो उसने बोला अरे बिलकुल जाओ देख आओ |</p>



<p class="has-text-align-justify">तो सड़क पे बने गेट से चर्च थोड़ी दूरी पर थी  वहां मै पैदल ही गया बाहर से यह चर्च बहुत ही सुन्दर थी इसकी उत्कृष्ट बनावट काबिलेतारीफ थी मैंने फोटो वोटो लिए और अब जब दुबारा <strong><strong>झांसी</strong></strong> आऊंगा तो सैंट जूड चर्च के अन्दर भी जाऊंगा मै बाहर आया और उस सिक्यूरिटी गार्ड को धन्यवाद बोलकर ऑटो से इलाईट चौराहा आ गया अब दिन ख़तम हो गया था करीब 6 बज रहे थे अब मै इलाईट चौराहा घूम रहा था ये झाँसी की सबसे खास जगह है मै तो रुका था सीपरी बाज़ार की तरफ लेकिन यदि आप इलाईट की तरफ रुके तो और भी बढ़िया है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="807" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सैंट-जूड-चर्च-झांसी.jpg" alt="सैंट जूड चर्च झांसी" class="wp-image-11045" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सैंट-जूड-चर्च-झांसी.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सैंट-जूड-चर्च-झांसी-149x300.jpg 149w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>सैंट जूड चर्च</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">इलाईट पर <strong>जिला झांसी</strong> के कई प्रसिद्ध खाने पीने के अड्डे है जैसे गीता भोजनालय , जनकस रेस्टोरेन्ट , अवध फ़ूड , वंदना स्वीट्स , हवेली रेस्टोरेंट , शिल्पी होटल आदि  मैंने खाना इधर नहीं खाया सोचा चलो जहाँ रूम है चित्रा चौराहा सीपरी बाजार वहा भी टहल लेंगे और वही भोजन कर लेंगे तो अब मै आ गया था सीपरी बाजार और अपने रूम में जाकर लेट गया करीब रात के 9 बजे उठा और सीपरी बाज़ार घूम रहा था इस बाज़ार में आपको जरूरत का हर एक सामान मिल जायेगा काफी बड़ी बाजार है मुझे रसबहार नाम का एक रेस्टोरेन्ट दिखाई दिया मै उसमे घुस गया भूख जोरो से लगी थी मैंने यहाँ की एक स्पेशल थाली माँगा ली जो की बहुत ही स्वादिष्ट और पेट भर जाय ऐसी थी खाने में मजा आ गया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi.jpg" alt="Best Food in Jhansi" class="wp-image-11104" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>रस बहार रेस्टोरेन्ट की थाली </figcaption></figure>
</div>


<p><a href="https://safarjankari.com/best-food-in-jhansi-hindi-me/">Best Food in Jhansi – झांसी आये तो खाने पीने की इन ठियो पर जरूर जाये</a></p>



<p class="has-text-align-justify">थोडा इधर उधर घूमकर एक फिर से बसंत यादव की चाय की चुस्की ली और आ गया रूम में और आज का दिन मैंने पूरा घूमा था <strong><strong>जिला झांसी</strong></strong> को लेकिन अब भी झाँसी की इतनी घूमने वाली जगहे बाकी थी की उन्हें घूमने में दो दिन तक लग जाए वैसे ये सभी पॉइंट शहर से बाहर थे और ज्यादातर झील और बांध थे जैसे गढ़मउ झील , पहुज बाँध , सुकमा दुक्मा बाँध , माताटीला बाँध आदि अब जब दुबारा झाँसी आना होगा इस बार सबसे पहले यही सब घूमूँगा यही सब सोचते सोचते कब नींद ने मुझे अपने आगोश में ले लिया पता नहीं तो <strong>झाँसी</strong> यात्रा के किस्से यही समाप्त होते है लेकिन यह मेरी ट्रिप का एन्ड नहीं है अगले दिन मै उठकर  ओरछा और बरुआसागर गया था वो किस्से अब ओरछा के किस्से वाली पोस्ट में सुनाऊंगा तब के लिये नमस्कार |</p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663229481102"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>जिला झांसी</strong> का यात्रा वृतान्त बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>जिला झांसी</strong> का यात्रा वृतांत पढने के लिये यह पोस्ट पढ़े इसमें मेरा खुद का अनुभव भी आप जान पायेंगे |</p> </div> </div>



<p> </p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/jhansi-trip-ka-yatra-vritant/">जिला झांसी महारानी लक्ष्मीबाई का शहर की घुमक्कड़ी का यात्रा वृतान्त</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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		<title>Best Food in Jhansi &#8211; झांसी आये तो खाने पीने की इन ठियो पर जरूर जाये</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Mar 2022 10:33:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[फेमस फ़ूड]]></category>
		<category><![CDATA[Street Food of India]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Best Food in Jhansi की इस पोस्ट में हम आपको उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर झांसी में प्रसिद्ध जायकेदार खाने पीने के अड्डो की थोड़ी सी जानकारी देंगे जिससे आप कभी भी झांसी  तरफ घूमने जाओ तो इन सभी का स्वाद ले सको यदि हम झांसी के प्रमुख खाने पीने के ठियो की बात करे तो दाऊ का समोसा , बसन्त की चाय  , अवध फ़ूड , गीता भोजनालय , हवेळी रेस्टोरेन्ट , जनक्स रेस्टोरेन्ट , द बेकर्स फैक्ट्री , श्रीनाथ पावभाजी , नारायन चाट भण्डार , बरुआसागर का पाण्डेय मिष्ठान भण्डार आदि &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>Best Food in Jhansi</strong> की इस पोस्ट में हम आपको उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर झांसी में प्रसिद्ध जायकेदार खाने पीने के अड्डो की थोड़ी सी जानकारी देंगे जिससे आप कभी भी झांसी  तरफ घूमने जाओ तो इन सभी का स्वाद ले सको यदि हम झांसी के प्रमुख खाने पीने के ठियो की बात करे तो दाऊ का समोसा , बसन्त की <a href="https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4055352/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">चाय</a>  , अवध फ़ूड , गीता भोजनालय , हवेळी रेस्टोरेन्ट , जनक्स रेस्टोरेन्ट , द बेकर्स फैक्ट्री , श्रीनाथ पावभाजी , नारायन चाट भण्डार , <a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">बरुआसागर </a>का पाण्डेय मिष्ठान भण्डार आदि |</p>



<h2 class="wp-block-heading">Best Food in Jhansi &#8211; झांसी के प्रसिद्ध फ़ूड &#8211; Best Restorents in Jhansi</h2>



<p class="has-text-align-justify">अपने देश का हर शहर अपने में खास है अगर हम ढूंढने निकले तो हर जगह आपको घुमक्कड़ी और जायकेदार लजीज खानपान के ठिये जरूर मिलेंगे जब मै झांसी घूमने गया था तो मैंने झांसी के कुछ जाने माने खाने पीने की अड्डो का स्वाद लिया और <strong>Best Food in Jhansi</strong> की  एक लिस्ट तैयार की जिसमे आप रानी लक्ष्मीबाई के शहर के स्वाद से भी परिचित हो जाओ अच्छा मैंने जो ये लिस्ट बनाई है वो झांसी के लोकल लोगो और इन्टरनेट की जानकारी से बनाई है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">दाऊ के समोसे &#8211; Dau Ke Samose Jhansi Famous Food</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>दाऊ के समोसे झांसी</strong> में बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है इस समोसे की खास बात यह है की इसे कढ़ी के साथ दिया जाता है दाऊ जी के समोसे में पड़ने वाला आलू भी बहुत ही स्वादिष्ट होता है  इस समोसे की दुकान पर क्वालिटी का विशेष ध्यान रखा जाता है  जिन जिन को समोसा पसन्द है वो लोग यहाँ के समोसे अवश्य खाये |<br><br><strong>दाऊ के समोसे </strong>की पुरानी दुकान झांसी के किले और रानी महल के पास कुशीपुरा में है <br>यदि हम यहाँ के समोसे की कीमत की बात करे तो यह 10 रूपये का एक समोसा देते है जिसमे कढ़ी और हरी चटनी पड़ी होती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि हम <strong>दाऊ के समोसे</strong> की दुकान की टाइमिंग की बात करे तो यह रोजाना आपको सुबह 8 बजे से शाम 7 -8 बजे तक खुली मिलेगी |</p>



<h4 class="wp-block-heading">बसन्त यादव की चाय सीपरी बाज़ार</h4>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप चाय के शौखीन है तो आपको रेलवे स्टेशन के समीप चित्रा चौराहा आ जाइये वही सीपरी बाज़ार में स्थित है <strong>बसन्त की चाय</strong> निसन्देह यहाँ की चाय आपको पसन्द आयेगी और बसन्त यादव की चाय को पीकर आप तरोताजा महसूस करेंगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि हम <strong>बसन्त की चाय</strong> की कीमत की बात करे तो इनकी स्पेशल चाय 25 रूपये की है और सामान्य चाय 10 रूपये की है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>बसन्त यादव की चाय </strong>की दुकान की लोकेशन की बात करे तो चित्रा चौराहा के समीप सीपरी बाज़ार में स्थित है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="483" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/बसन्त-यादव-की-चाय-सीपरी-बाज़ार-झांसी.jpg" alt="बसन्त यादव की चाय सीपरी बाज़ार झांसी" class="wp-image-11111" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/बसन्त-यादव-की-चाय-सीपरी-बाज़ार-झांसी.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/बसन्त-यादव-की-चाय-सीपरी-बाज़ार-झांसी-300x290.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>बसन्त यादव की चाय सीपरी बाज़ार झांसी</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">द बेकर्स फैक्ट्री सिविल लाइन &#8211;  Best Food in Jhansi</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>द बेकर्स फैक्ट्री झांसी</strong> की एक जानी मानी बेकरी की दुकान है यहाँ आपको बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट पेस्ट्री , केक , कुकीस  इनके अलावा आमलेट , लच्छा पराठा , पिज्जा , पास्ता , बर्गर , सैंडविच , माकटेल्स जैसे तमाम आइटम मिलते है और हर एक आइटम ही लजीज होता है तो यदि आप इन सब चीजो पसंद करते हो तो आप सीधा द बेकर्स फैक्ट्री आ जाये |<br><br>द बेकर्स फैक्ट्री का पता &#8211; सिविल लाइन में स्टेशन रोड पे अलाहाबाद बैंक के पास <br>कीमत की बात करे तो हर आइटम की अलग कीमत है टाइमिंग की बात करे तो रोजाना सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक यह दुकान खुली रहती है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">गीता भोजनालय इलाईट चौराहा &#8211; Geeta Bhaojnalay Jhansi Famous Food</h4>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप साफ़ सुथरा घर जैसा शाकाहारी भोजन करना चाहते हो वो भी बजट में तो<strong> गीता भोजनालय </strong>बेस्ट आप्शन है  वैसे मैंने इस भोजनालय में एक थाली खाई थी तो मेरा अनुभव यह रहा इनके रेट बजट में है खाना स्वादिष्ट है बस थोड़ी सी हाईजीनिक की समस्या है हालाँकि साफ़ सफाई है ऐसी कोई दिक्कत नहीं है आपको <strong>गीता भोजनालय</strong>  में शुद्ध शाकाहारी सभी खाना मिल जायेगा वैसे यहाँ सबसे ज्यादा लोग थाली खाते है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><br><strong>गीता भोजनालय </strong>में थाली की कीमत &#8211; रूपये 70 जिसमे आपको दाल , चावल , दो सब्जी , 5 बटर रोटी और सलाद मिलेगा इनके यहाँ एक थाली 110 रूपये की भी है जिसमे आपको दाल , एक सब्जी , पनीर , चावल , रायता , मीठा , दो तंदूरी  रोटी , मिस्सी रोटी , सलाद  मिलेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">तो <strong><em>Best Food in Jhansi  </em></strong>में गीता भोजनालय का काफी नाम है क्यूंकि यह एक बजट फ्रेंडली घर जैसा खाना खाने का उत्तम स्थल है |<br> गीता भोजनालय का पता &#8211; इलाईट चौराहा </p>



<p class="has-text-align-justify">हा एक और बात गीता भोजनालय के पास एक और बढ़िया रेस्टोरेन्ट है शिल्पी होटल करके ये शिल्पी होटल भी बढ़िया जगह है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="663" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/गीता-भोजनालय-इलाईट-चौराहा-झांसी.jpg" alt="गीता भोजनालय इलाईट चौराहा झांसी" class="wp-image-11109" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/गीता-भोजनालय-इलाईट-चौराहा-झांसी.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/गीता-भोजनालय-इलाईट-चौराहा-झांसी-204x300.jpg 204w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>गीता भोजनालय इलाईट चौराहा </figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="712" height="503" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Geeta-Bhojnalay-Best-Food-in-Jhansi.jpg" alt="Geeta Bhojnalay Best Food in Jhansi" class="wp-image-11105" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Geeta-Bhojnalay-Best-Food-in-Jhansi.jpg 712w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Geeta-Bhojnalay-Best-Food-in-Jhansi-300x212.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 712px) 100vw, 712px" /><figcaption>गीता भोजनालय इलाईट चौराहा </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">जनक्स रेस्टोरेन्ट &#8211; Best Restorent in Jhansi</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>जनक्स रेस्टोरेन्ट</strong> यह गीता भोजनालय के सामने स्थित है और  इस रेस्टोरेंट में आपको इंडियन व्यंजन ,चाईनीज  व्यंजन ,  स्वीट डिश आदि मिल जायेगा स्वाद तो खैर मैंने यहाँ का चखा नहीं लेकिन लोकल लोगो की माने तो इस रेस्टोरेन्ट का स्वाद बढ़िया है और यहाँ पर आपको कई तरह की खाने पीने के आइटम मिल जायेंगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">जनक्स रेस्टोरेन्ट का पता &#8211; <strong>गीता भोजनालय के सामने इलाईट चौराहा </strong> <br>कीमत &#8211; हर आइटम की अलग अलग है जैसे वेज चाऊमीन 60 रूपये की है पनीर चाउमीन 105 रूपये की खीर 50 रूपये की गुलाब जामुन दो पीस 40 रूपये के पूड़ी सब्जी 80 की जिसमे 5 पूड़ी सब्जी और रायता मिलता है |<br><br>यहाँ आप थाली भी पायेंगे जो की 95 से शुरू होके 210 रूपये तक की है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="493" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/जनक्स-रेस्टोरेन्ट-झांसी.jpg" alt="जनक्स रेस्टोरेन्ट झांसी" class="wp-image-11110" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/जनक्स-रेस्टोरेन्ट-झांसी.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/जनक्स-रेस्टोरेन्ट-झांसी-274x300.jpg 274w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>जनक्स रेस्टोरेन्ट </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">हवेली रेस्टोरेंट इलाईट  &#8211; Haveli Best Restorent in Jhansi</h4>



<p class="has-text-align-justify">लीजिये एक और रेस्टोरेंट जो की <strong>गीता भोजनालय</strong> से महज 300 मीटर की दूरी पर है  जी हम बात कर रहे है <strong>हवेली रेस्टोरेन्ट</strong> की यहाँ भी आपको खाना बिलकुल घर जैसा परोसा जाता है यहाँ के फ्राइड राईस बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होते है बाकी यहाँ पर कई प्रकार की थाली दाल , सब्जी रायता , कढ़ी सब मिलता है |</p>



<p><strong>हवेली रेस्टोरेन्ट</strong> की कीमत &#8211; हवेली थाली 230 रूपये की है जिसमे आपको दाल पनीर सुखी सब्जी ४ रोटी सलाद गुलाब जामुन रायता चावल इसके अलावा हवेली मिनी थाली 160 रूपये की है<br>हवेली रेस्टोरेंट की लोकेशन &#8211; इलाइट चौराहा से 300 मीटर की दूरी पर जीवन शाह तिराहे पर |</p>



<h4 class="wp-block-heading">वन्दना स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट झांसी का बेस्ट रेस्टोरेंट </h4>



<p class="has-text-align-justify">इलाईट चौराहे पर ही एक और स्वाद का अड्डा है जिसका नाम है <strong>वन्दना स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट</strong> यहाँ आपको बहुत तरह की स्वीट , स्नेक्स , नमकीन आदि मिलती है यहाँ के बूंदी के लड्डू बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है हा इनके यहाँ जो मुझे लगा वो बता रहा स्वाद तो गज़ब है बस थोड़ी सी मंहगाई है निसंदेह हर आइटम की गुणवत्ता और स्वाद संतोषजनक है लेकिन फिर भी आपको यहाँ की कीमत थोड़ी ज्यादा  लग सकती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">हम यह कह सकते है की यह दुकान एक बढ़िया मिठाई की दुकान है जहाँ आपको फ़ास्ट फ़ूड भी खाने को मिल जाते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="509" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-Vandana-Sweets.jpg" alt="Best Food in Jhansi Vandana Sweets" class="wp-image-11103" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-Vandana-Sweets.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-Vandana-Sweets-300x255.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>वन्दना स्वीट्स इलाईट चौराहा </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">अवध फ़ूड &#8211; Avadh Food Jhansi Famous Food</h4>



<p class="has-text-align-justify">झांसी शहर में <strong>अवध फ़ूड</strong> का नाम लगभग हर कोई जानता है वेज बिरयानी के लिए अवध फ़ूड झांसी और आसपास के इलाके में प्रसिद्ध है वेज बिरयानी के अलावा अवध फ़ूड में आप कबाब पराठा , वेज रोल , पाव भाजी का भी लुत्फ़ ले सकते है यह दुकान भी आपको इलाईट चौराहे पर मिल जाएगी |</p>



<p class="has-text-align-justify"><br>अगर <strong>अवध फ़ूड</strong> में हम रेट की बात करे तो इनकी सबसे प्रसिद्ध वेज बिरयानी आपको महज 45 रूपये में मिल जाएगी और वेज कबाब रोल ३० रूपये का मिलेगा वही कबाब पराठा 40 रूपये का है |<br>यदि हम यहाँ के लोकेशन की बात करे तो यह भी इलाईट चौराहे पर ही है अब इनकी और भी लोकेशन ओपन हो गई है  <strong>Best Food in Jhansi</strong> में अवध फूड्स आजकल सबसे ज्यादा पापुलर है  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="383" height="619" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/अवध-फूड्स-इलाईट-चौराहा-झांसी.jpg" alt="अवध फूड्स इलाईट चौराहा झांसी" class="wp-image-11108" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/अवध-फूड्स-इलाईट-चौराहा-झांसी.jpg 383w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/अवध-फूड्स-इलाईट-चौराहा-झांसी-186x300.jpg 186w" sizes="auto, (max-width: 383px) 100vw, 383px" /><figcaption>अवध फूड्स इलाईट चौराहा</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">श्रीनाथ पावभाजी एंड पुलाव सेंटर</h4>



<p class="has-text-align-justify">यदि आपको झाँसी शहर में पावभाजी और पुलाव का स्वाद लेना हो तो शायद श्रीनाथ पावभाजी एंड पुलाव सेंटर से बढ़िया कोई जगह नहीं है यह दुकान सदर बाज़ार में स्थित है और अपने स्पेशल पावभाजी और पुलाव के लिए जानी जाती है इनके यहाँ की पावभाजी का टेस्ट बिलकुल बॉम्बे वाली पावभाजी की तरह होता है तो आप झाँसी आये तो श्रीनाथ पावभाजी एंड पुलाव सेंटर जरुर जाए |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब यदि हम कीमत की बात करे तो यहाँ आपको बहुत ही सही कीमत में पावभाजी और पुलाव मिल जायेगा |<br>लोकेशन की बात करे तो यह दुकान सदर बाज़ार कैंट में है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">ब्लेक मड रेस्टोरेंट एंड कैफे &#8211; Best Food in Jhansi</h4>



<p class="has-text-align-justify">ब्लेक मड रेस्टोरेन्ट श्रीनाथ पाँव भाजी के समीप ही स्थित है और एक नामी रेस्टोरेंट है इस रेस्टोरेंट का भी स्वाद लाजवाब है इनके यहाँ का चाकलेट शेक और चिल्ली पनीर काफी प्रसिद्ध है ब्लेक मड रेस्टोरेंट एंड कैफे में आपको तमाम तरह की हॉट एंड कोल्ड काफ़ी , आइसक्रीम शेक्स , मोजीतो , आइस टी , लस्सी , माकटेल , सूप , स्टार्टर जैसे पकोड़ा  कबाब कटलेट आदि  , वेज (दाल सब्जी पनीर की सब्जी )  , नान वेज ,   चाईनीज , पिज़्ज़ा , टोस्ट , बर्गर , सैंडविच आदि |<br>इस रेस्टोरेंट की कीमत थोड़ी सी ज्यादा है और लोकेशन आपको बता ही दी सदर बाज़ार कैंट |</p>



<h4 class="wp-block-heading">नारायन चाट भण्डार सदर बाज़ार कैंट &#8211; Narayan Chaat Jhansi Famous Food</h4>



<p class="has-text-align-justify">नारायन चाट भण्डार भी  सदर बाज़ार कैंट में ही स्थित है और निसंदेह झाँसी की एक प्रतिष्ठित चाट की दुकान है यहाँ की आलू की टिक्की बहुत ज्यादा स्वादिष्ट होती है कोई झांसी आ रहा हो तो एक बार सदर बाज़ार आकर नारायन चाट भण्डार जरूर आये इस भण्डार की साफ़ सफाई भी बढ़िया है इस नारायन चाट भण्डार की नीव सन 1968 में रखी गई थी आलू टिक्की के अलावा यहाँ पर आप दही बड़ा , पापड़ी चाट , मटर करेला , मूंग दाल चीला का स्वाद ले सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">नारायन चाट भण्डार झांसी का एक लैंडमार्क फ़ूड पॉइंट है अब यदि हम इनके कीमत की बात करे तो हमको आलू की टिक्की 45 रूपये की मिलेगी वही दही बड़ा 40 का , पापड़ीचाट 40 की , मटर करेला 30 का  , मूंग दाल चीला 55 रूपये का है |<br><br>यह दुकान रोजाना दोपहर 1-2 बजे से रात 10 बजे तक ओपन रहती है |<br>इनकी लोकेशन की बात करे तो सदर बाज़ार कैंट में यह स्थित है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">रज्जाक की गुझिया </h4>



<p class="has-text-align-justify">रज्जाक स्वीट की गुझिया झांसी में अत्यंत लोकप्रिय है और यकीन मानिये जब आप रज्जाक की गुझिया खाओगे तो मजा आ जायेगा वैसे तो इनकी मिठाई की दुकान पर कई तरह की मिठाइयाँ मिलती है लेकिन जो बात रज्जाक की गुझिया में है वो और कही नहीं |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब यदि हम रज्जाक की स्पेशल गुझिया की कीमत की बात करे तो यह 25 रूपये की एक पीस है <br>और रज्जाक स्वीट हाउस की लोकेशन कुशीपुरा मिनर्वा  चौराहा है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">रस बहार रेस्टोरेन्ट एंड स्वीट्स सीपरी बाज़ार &#8211; Ras Bahar Best Restorent in Jhansi</h4>



<p>रस बहार रेस्टोरेन्ट एंड स्वीट्स सीपरी बाज़ार में स्थित है और यहाँ आप ब्रेकफास्ट , लंच , डिनर  , मिठाई  आदि का स्वाद ले सकते है वैसे अपना व्यक्तिगत मत बताता हु मैंने इस रेस्टोरेंट में एक थाली ली थी और यकीन मानिये मुझे यह थाली बहुत ही पसंद आई थी |</p>



<p>अगर रेट की बात करे तो इनकी नार्मल थाली की कीमत 110 रूपये है जिसमे एक कटोरी दाल एक कटोरी आलू सब्जी , एक कटोरी चावल , चार रोटी , अचार , सलाद , रसगुल्ला मिलता है बाकी भी इस रेस्टोरेंट का मेनू बहुत बड़ा है आप यदि सीपरी बाज़ार की तरफ है तो इस रेस्टोरेंट के खाने का स्वाद ले सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="434" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Ras-Bahar-Restorent-Best-Food-in-Jhansi.jpg" alt="Ras Bahar Restorent Best Food in Jhansi" class="wp-image-11106" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Ras-Bahar-Restorent-Best-Food-in-Jhansi.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Ras-Bahar-Restorent-Best-Food-in-Jhansi-300x217.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>रस बहार रेस्टोरेन्ट एंड स्वीट्स सीपरी बाज़ार </figcaption></figure>
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<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi.jpg" alt="Best Food in Jhansi" class="wp-image-11104" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>रस बहार रेस्टोरेन्ट की थाली </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">वृन्दावन स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट सीपरी बाज़ार झांसी का बेस्ट रेस्टोरेन्ट</h4>



<p class="has-text-align-justify">सीपरी बाज़ार में ही एक और जाना माना रेस्टोरेन्ट है जहाँ आपको शुद्ध शाकाहारी व्यंजन मिलेंगे इस रेस्टोरेंट का नाम वृन्दावन स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट है इस रेस्टोरेन्ट में भी आपको कई तरह की शाकाहारी थाली मिलती है यहाँ आपको जैन थाली और चायनीज थाली भी परोसी जाती है बाकी डीलक्स थाली , स्पेशल थाली भी है और भी कई तरह की सब्जी दाल रायता मिठाइयाँ आदि का आप स्वाद ले सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="428" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/vrandavan-sweets-Best-Food-in-Jhansi.jpg" alt="vrandavan sweets Best Food in Jhansi" class="wp-image-11107" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/vrandavan-sweets-Best-Food-in-Jhansi.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/vrandavan-sweets-Best-Food-in-Jhansi-300x233.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>वृन्दावन स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट सीपरी बाज़ार </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">न्यू पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर </h4>



<p class="has-text-align-justify">झांसी शहर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जगह बरुआसागर जहाँ आपको घूमने जरूर जाना चाहिए और जब यहाँ घूमने आये तो यहाँ की एक दुकान न्यू पाण्डेय मिष्ठान भण्डार के देशी घी के बने रसगुल्ले खाना मत भूलियेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">अभी भी <strong>Best Food in Jhansi </strong>की लिस्ट समाप्त नहीं हुई है इसमें तो सिर्फ वो वो खाने पीने के ठिये शामिल है जिनकी जानकारी मुझे हो पाई इनके आलावा भी तमाम ठिये होंगे अच्छा यदि आप चाट के दीवाने है तो आप न्यू देलही चाट  भण्डार खंडे राव गेट , अग्रवाल चाट  भण्डार गेट नंबर २ एलवीएम मार्किट कालेज रोड इन्द्रपुरी को भी ट्राई कर सकते है |<br><br>इसी क्रम में मिठाइयो की दुकान में आप सदर बाज़ार की शर्मा स्वीट्स , सरवरिया स्वीट्स बड़ा बाज़ार और जीवन शाह तिराहा , जनक्स फ़ूड आर्ट रेस्टोरेंट एंड स्वीट्स सीपरी बाज़ार , बीकानेर स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट सिविल लाइन कैंट और भी बहुत सी दुकाने है |</p>



<p class="has-text-align-justify">ठीक ठाक रेस्टोरेंट पहले ही बता दिए आइये एक आध नामी नाम और जान लेते है बारबिक्यू नेशन पूजन टावर जीवन शाह सिविल लाइन , लजीज फाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट शास्त्री मार्ग सदर बाज़ार , द सिल्वर स्पून सदर बाज़ार सिविल लाइन कैंट , सिविल लाइन में ही बर्गर जी , सदर बाज़ार कैन्ट का WTF ,  सदर बाज़ार का ही ओपियम , होटल यात्रिक , up 93 रेस्त्रो शिवाजीनगर आदि |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/lucknow-best-food-street-food-ki-jankari/">लखनऊ आये तो खाने पीने के इन ठियो पर जरूर जाये – Lucknow Best Food</a><br><a href="https://safarjankari.com/kanpur-famous-food-street-food-ki-jankari/">कानपुर आये तो खाने पीने के इन ठियो पर जरूर जाये – Ka npur Famous Food</a></p>



<p class="has-text-align-justify">एक और मजेदार बात यह है कि झांसी के तो तीन प्लेस ऐसे है जहाँ आप चले जाओ तो आपको एक ही जगह पर तमाम स्वाद के अड्डे मिल जायेंगे जैसे इलाईट चौराहा , सदर बाज़ार , सीपरी बाज़ार आदि आइये अब हम आपको <strong>Best Food in Jhansi </strong>की लोकेशन के हिसाब से जानकारी देते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">सीपरी बाज़ार </h5>



<p class="has-text-align-justify">बसन्त यादव की चाय , वृन्दावन स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट , रस बहार रेस्टोरेन्ट , होटल सम्राट , ब्रजवासी और तमाम स्ट्रीट फ़ूड के स्टाल |</p>



<h5 class="wp-block-heading">सदर बाज़ार  सिविल लाइन कैंट </h5>



<p class="has-text-align-justify">श्रीनाथ पावभाजी एंड पुलाव सेंटर , ब्लेक मड रेस्टोरेन्ट , WTF , नारायन चाट भण्डार , शर्मा स्वीट्स , लजीज फाइन डाइनिंग रेस्टोरेन्ट , ओपियम , द सिल्वर स्पून , द बेकर्स फैक्ट्री , बीकानेरवाला स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट , बर्गर जी और तमाम स्ट्रीट फ़ूड </p>



<h5 class="wp-block-heading">कुशीपुरा मिनर्वा चौराहे के पास या कहे रानी महल के पास </h5>



<p>दाऊ के समोसे और रज्जाक की  गुझिया </p>



<h5 class="wp-block-heading">इलाईट चौराहा के आसपास</h5>



<p class="has-text-align-justify">गीता भोजनालय , शिल्पी होटल , जनक्स रेस्टोरेन्ट , वन्दना स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट , अवध फूड्स , हवेली रेस्टोरेन्ट <br>जीवन शाह तिराहे पे बारबिक्यू नेशन और सरवरिया स्वीट्स </p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="430" height="492" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-Sarwariya-Sweets-Hindi.jpg" alt="Best Food in Jhansi Sarwariya Sweets Hindi" class="wp-image-11102" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-Sarwariya-Sweets-Hindi.jpg 430w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/Best-Food-in-Jhansi-Sarwariya-Sweets-Hindi-262x300.jpg 262w" sizes="auto, (max-width: 430px) 100vw, 430px" /><figcaption> Sarwariya Sweets </figcaption></figure>
</div>


<p><strong>झांसी के बेस्ट फ़ूड</strong> से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046117293"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी के प्रसिद्ध समोसे से कौन से है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झांसी में दाउ के समोसे प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046156309"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बसंत यादव की चाय झांसी में क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बसंत यादव की चाय झांसी में काफी पुरानी दूकान है और यहाँ पर क्वालिटी के साथ कोई भी समझौता नहीं किया गया है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046223715"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी के बेस्ट रेस्टोरेंट कौन कौन से है ? Best Restorents in Jhansi ?</strong> <p class="schema-faq-answer">वृन्दावन स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट , रस बहार रेस्टोरेन्ट , ब्लेक मड रेस्टोरेन्ट , लजीज फाइन डाइनिंग रेस्टोरेन्ट , ओपियम , द सिल्वर स्पून , जनक्स रेस्टोरेन्ट , वन्दना स्वीट्स एंड रेस्टोरेन्ट , हवेली रेस्टोरेन्ट  आदि |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046384365"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>Best Food in Jhansi </strong> , Jhansi Famous Food Bataiye ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Dau Ke Samose , Basant Yadav Ki Chay , Avadh Food , Vrandavan Sweets And Restorent , Ras Bahar Restorent , Haveli Restorent , Geeta Bhojanalay , Janaks Restorent , Vandana Sweets And Restorent , Shreenath Pavbhaji , Narayan Chaat , Rajjak ki Gujhiya , Burger Ji etc.</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046699234"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी का प्रसिद्ध गीता भोजनालय कहाँ पर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झांसी का प्रसिद्ध गीता भोजनालय इलाईट चौराहे पर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046803281"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; अवध फ़ूड झांसी क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">अवध फ़ूड झाँसी बिरयानी के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046893369"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; नारायण चाट भण्डार झांसी में कहाँ पर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">नारायण चाट भण्डार झांसी में सदर बाज़ार कैन्ट में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663046953258"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; रज्जाक की गुझिया झाँसी में कहाँ मिलती है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">रज्जाक की गुझिया झाँसी में मिनर्वा चौराहे के पास मिलती है |</p> </div> </div>



<p class="has-text-align-justify">दोस्तों तो ये थी हमारी जानकारी के हिसाब से <strong>Best Food in Jhansi </strong>की पोस्ट हालाँकि इसके परे भी बहुत सी स्ट्रीट फ़ूड , रेस्टोरेन्ट आदि छूट गये होंगे लेकिन टेंशन कोई नहीं यदि आपके हिसाब से कोई बढ़िया स्वाद रह गया है तो आप उसे कमेन्ट बॉक्स में लिख दीजिये हम पोस्ट में उसका भी नाम दे देंगे तो बनाइये प्लान झांसी का घूमिये झांसी और स्वाद लीजिये झांसी के फ़ूड का |</p>
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		<title>झांसी का किला घूमने की समस्त जानकारी टाइमिंग प्रवेश शुल्क कैसे पहुंचे आदि</title>
		<link>https://safarjankari.com/jhansi-ka-kila-ghumne-ki-jankari/</link>
					<comments>https://safarjankari.com/jhansi-ka-kila-ghumne-ki-jankari/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Mar 2022 07:06:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>झांसी का किला घूमने से जुडी हुई समस्त जानकारी जैसे यहाँ कैसे पहुंचे टाइमिंग क्या है टिकट कितने की है किले के अन्दर क्या क्या देखे यह किला हमको महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता की  याद दिलाता है उत्तर प्रदेश के झांसी के  इस ऐतिहासिक किले को देखने के लिए देश भर से पर्यटक आते रहते है &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>झांसी का किला</strong> घूमने से जुडी हुई समस्त जानकारी जैसे यहाँ कैसे पहुंचे टाइमिंग क्या है टिकट कितने की है किले के अन्दर क्या क्या देखे यह किला हमको <a href="https://hindi.webdunia.com/hindi-essay/essay-on-rani-lakshmi-bai-119061700027_1.html" target="_blank" rel="noreferrer noopener">महारानी लक्ष्मीबाई</a> की वीरता की  याद दिलाता है उत्तर प्रदेश के <a href="https://safarjankari.com/tag/%e0%a4%9d%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9f%e0%a4%a8/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">झांसी</a> के  इस ऐतिहासिक किले को देखने के लिए देश भर से पर्यटक आते रहते है |</p>



<h2 class="wp-block-heading">झांसी का किला </h2>



<p class="has-text-align-justify">उत्तर प्रदेश राज्य का एक शहर झांसी जो की अपने गौरवशाली इतिहास के लिए दुनिया भर में जाना जाता है  <strong>रानी लक्ष्मीबाई के किले का</strong> निर्माण ओरछा के राजा बीर सिंह जूदेव ने सन १६१३ में करवाया था , भारतीय स्वंत्रतता संग्राम  के इतिहास में यह किला बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है अच्छा <strong>झांसी का किला</strong> जब बनवाया गया था उस समय इस जगह का नाम बलवंतनगर था जो की बाद में झांसी हो गया था |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे इस किले तक &#8211; झांसी का किला कहाँ स्थित है ?</h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये नाम से पता चल जाता है की यह किला भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य के एक जिले झांसी के अन्दर एक पहाडी पर स्थित है अब बात आती है आप यहाँ तक आये कैसे तो देखिये  रानी लक्ष्मीबाई के इस किले को देखने के लिये आपको सबसे पहले झांसी शहर आना होगा अब झांसी आने के लिए भारत के लगभग हर बड़े शहर से ट्रेन मिल जाएगी फ्लाइट से आना हो तो यहाँ का सबसे नजदीक का एयरपोर्ट ग्वालियर में है |<br><br>वैसे सबसे बेस्ट तो झांसी के लिये ट्रेन ही है बाकी आप अपनी गाडी या बस द्वारा भी यहाँ आ सकते है क्यूंकि यह शहर सड़क मार्ग से भी जुड़ा हुआ है अब आप झांसी आ गए मैंने मान लिया की आप झांसी रेलवे स्टेशन या बस स्टैण्ड पर है अब आपको किसी से बोल दीजिये की<strong><em> झांसी का किला</em></strong>  देखने जाना है हर व्यक्ति आपको ऑटो , या ई रिक्शा या बस की तरफ बता देगा की यहाँ से ये ऑटो या रिक्शा किला जाएगा आपका मन और बजट हो आप अपना एक ऑटो बुक भी कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">शहर झांसी में लगभग हर व्यक्ति <strong>रानी लक्ष्मीबाई के किले</strong> के बारे में जानता है तो आपको यहाँ तक आने में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या नहीं होगी |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="612" height="441" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झांसी-का-किला.jpg" alt="झांसी का किला" class="wp-image-11071" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झांसी-का-किला.jpg 612w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झांसी-का-किला-300x216.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 612px) 100vw, 612px" /><figcaption>झांसी का किला</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">रानी लक्ष्मीबाई किले की टाइमिंग और टिकट प्राइस</h4>



<h5 class="wp-block-heading">Jhansi ke kile ki timing </h5>



<p class="has-text-align-justify">टाइमिंग मतलब की झांसी के किले के खुलने और बंद होने का समय तो आपको बता दे यह किला प्रत्येक दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पर्यटकों के लिये खुला रहता है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">Jhansi ke kile ki Ticket &#8211; झांसी की रानी का किला घूमने का प्रवेश शुल्क</h5>



<p class="has-text-align-justify">आइये आपको <strong>झांसी का किला</strong> घूमने के प्रवेश शुल्क एन्ट्री फी के बारे में बताते है सबसे पहले यह जान लीजिये की 15 वर्ष तक के बच्चो के लिये प्रवेश निशुल्क रहता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">बाकी लोगो के लिये प्रवेश शुल्क नीचे बताये है यह फी जनवरी २०२२ की है &#8211; </p>



<figure class="wp-block-table is-style-stripes"><table><tbody><tr><td>कटागरी</td><td>रूपये </td></tr><tr><td>भारतीयों के लिए </td><td>नकद मतलब कैश से 25 रूपये और पीओएस द्वारा 20 रूपये </td></tr><tr><td>विदेशी नागरिको के लिये</td><td>नकद 300 रूपये और पीओएस द्वारा 250 रूपये </td></tr></tbody></table></figure>



<h4 class="wp-block-heading">रानी लक्ष्मीबाई के किले के अन्दर क्या क्या देखे </h4>



<p class="has-text-align-justify">अब आप जब किले के प्रवेश मार्ग पर आओगे तो आपको सबसे पहले एक रूट मैप का बोर्ड दिखाई देगा जिसमे किले के अन्दर के सभी देखने वाले स्थलों के नाम और उनकी किले के अन्दर की लोकेशन दिखाई देगी आप सबसे पहले उस बोर्ड को समझ ले तो बेहतर रहेगा या फिर वही पर आपको गाइड की भी सुविधा मिल जायेगी यदि आप किले की हर एक चीज और इतिहास को जानना चाहते है तो आप गाइड ही कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="546" height="489" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झांसी-का-किला-रूट-मैप.jpg" alt="झांसी का किला रूट मैप" class="wp-image-11070" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झांसी-का-किला-रूट-मैप.jpg 546w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झांसी-का-किला-रूट-मैप-300x269.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 546px) 100vw, 546px" /><figcaption>रूट मैप</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">आइये अब हम आपको किले के अन्दर के उन सभी खास खास स्थलों की जानकारी देते है जहाँ आपको जरूर जाना चाहिये &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">कड़क बिजली तोप</h5>



<p class="has-text-align-justify">कड़क बिजली तोप<strong> झाँसी के किले</strong> में जैसे आप एन्ट्री करोगे तो सबसे पहले ही दिखाई देगी और कड़क बिजली तोप देखकर आपको देशभक्ति और वीरता से ओतप्रोत फीलिंग आयेगी इस तोप का आकार काफी बड़ा है एक और बात इस तोप में मुझे जंग बिलकुल नहीं दिखाई दी थी , गुलाम गौस खां साहब कड़क बिजली तोप को चलाते थे इस तोप की आवाज बहुत तेज थी तो आप कड़क बिजली तोप को जरूर देखियेगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="406" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/कड़क-बिजली-तोप-झांसी-का-किला.jpg" alt="Place to visit in Jhansi Kadak Bijli Top" class="wp-image-11028" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/कड़क-बिजली-तोप-झांसी-का-किला.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/कड़क-बिजली-तोप-झांसी-का-किला-300x244.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>कड़क बिजली तोप झांसी के किले में रखी है </figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">पंच महल </h5>



<p class="has-text-align-justify">यह राजा बीरसिंह जूदेव द्वारा निर्मित करवाया गया एक पंच तलीय महल था रानी लक्ष्मीबाई जी ने इस महल के भूतल का प्रयोग सभा कक्ष  के रूप में किया था और जो इस महल का प्रथम तल था वहां रानी ठहरती थी |</p>



<h5 class="wp-block-heading">गणेश मन्दिर</h5>



<p class="has-text-align-justify">गणेश मन्दिर <strong>झांसी का किला</strong> का सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है आप यहाँ जरूर आइयेगा यह गणेश मंदिर दो मंजिल का है यह मंदिर मराठा शैली में बना  हुआ है , रानी लक्ष्मीबाई गणेश मन्दिर में रोजाना पूजा करने आती थी किले के अन्दर बने इस गणेश मन्दिर में पूजा करने से मनोकामनाये पूरी होती है ऐसी भी इसकी मान्यता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="533" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/गणेश-मन्दिर-झांसी-का-किला.jpg" alt="गणेश मन्दिर झांसी का किला" class="wp-image-11068" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/गणेश-मन्दिर-झांसी-का-किला.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/गणेश-मन्दिर-झांसी-का-किला-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>गणेश मन्दिर </figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">भवानी शंकर तोप</h5>



<p class="has-text-align-justify">गणेश मन्दिर के पास से जो सीढियां ऊपर गई है जब आप वहां जाओगे तो आपको एक और तोप दिखाई देगी जिसका नाम भवानी शंकर तोप है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="414" height="360" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/रानी-लक्ष्मीबाई-के-किले-के-अन्दर-राखी-भवानी-शंकर-तोप.jpg" alt="रानी लक्ष्मीबाई के किले के अन्दर रखी भवानी शंकर तोप" class="wp-image-11074" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/रानी-लक्ष्मीबाई-के-किले-के-अन्दर-राखी-भवानी-शंकर-तोप.jpg 414w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/रानी-लक्ष्मीबाई-के-किले-के-अन्दर-राखी-भवानी-शंकर-तोप-300x261.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 414px) 100vw, 414px" /><figcaption>रानी लक्ष्मीबाई के किले के अन्दर रखी भवानी शंकर तोप</figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">बारादरी</h5>



<p class="has-text-align-justify">गणेश मन्दिर के समीप ही स्थित है बारादरी जिसका निर्माण राजा गंगाधर राव ने अपने भाई के लिये सन 1838 से 1858 के मध्य करवाया था , यह बारादरी एक चौकोर से चबूतरे पर बनाई गई है इस बारादरी की छत को एक छोटे से जलाशय के रूप में बनवाया था जिससे बारादरी में फौव्वारे चलते थे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="395" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/बारादरी-झांसी-का-किला.jpg" alt="बारादरी झांसी का किला" class="wp-image-11072" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/बारादरी-झांसी-का-किला.jpg 640w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/बारादरी-झांसी-का-किला-300x185.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption>बारादरी </figcaption></figure>
</div>


<h5 class="wp-block-heading">शिव मन्दिर</h5>



<p class="has-text-align-justify">किले के अन्दर बना हुआ शिव मंदिर अत्यधिक सुन्दर है इस मंदिर का शिवलिंग ग्रेफाइट का है कहा जाता है इस शिव मंदिर में भी रानी पूजा करने आती थी इस मंदिर की स्थापत्य शैली मराठा और बुन्देला है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">कुदान स्थल </h5>



<p class="has-text-align-justify">यह वही जगह है जहाँ से रानी लक्ष्मीबाई ने अपने दत्तक पुत्र के साथ घोड़े पर बैठकर छलांग लगाई थी यहाँ से जब आप नीचे देखोगे तो एक बार आश्चर्यचकित हो जाओगे की इतनी उंचाई से आखिर कैसे कूद गई थी रानी लेकिन यह एकदम सत्य है निसंदेह रानी लक्ष्मीबाई एक वीर निडर महिला थी |</p>



<h5 class="wp-block-heading">झंडा बुर्ज</h5>



<p class="has-text-align-justify">झंडा बुर्ज <em><strong>झांसी का किला</strong> </em> का सबसे ऊँचा स्थल है यहाँ पर तिरंगा लहराता रहता है यहाँ से आपको पूरा झांसी शहर दिखाई देता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="411" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झंडा-बुर्ज-झांसी-का-किला.jpg" alt="झंडा बुर्ज झांसी का किला" class="wp-image-11069" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झंडा-बुर्ज-झांसी-का-किला.jpg 650w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/झंडा-बुर्ज-झांसी-का-किला-300x190.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>झंडा बुर्ज </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">ये हमने आपको <strong>झांसी के किले</strong> के खास खास पर्यटन स्थल के नाम बताये है इनके अलावा आप शंकरगढ़ , दीवान ए आम , काल कोठरी , फांसी घर , आमोद उद्यान , गौस खां की कब्र मोती बाई की कब्र , खुदा बक्श की कब्र भी देख सकते है |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/">बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे क्या क्या देखे Baruasagar Fort (2022)</a><br><br><a href="https://safarjankari.com/information-of-red-fort-in-hindi/">Information of Red Fort in Hindi – लाल किला घूमने की सम्पूर्ण जानकारी</a></p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="520" height="390" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/रानी-लक्ष्मीबाई-के-किले-के-अन्दर-गौस-खां-की-कब्र.jpg" alt="रानी लक्ष्मीबाई के किले के अन्दर गौस खां की कब्र" class="wp-image-11073" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/रानी-लक्ष्मीबाई-के-किले-के-अन्दर-गौस-खां-की-कब्र.jpg 520w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/03/रानी-लक्ष्मीबाई-के-किले-के-अन्दर-गौस-खां-की-कब्र-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 520px) 100vw, 520px" /><figcaption>रानी लक्ष्मीबाई के किले के अन्दर गौस खां की कब्र</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">यहाँ घूमने कब किस मौसम में जाये</h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये <strong>झांसी का किला</strong> उत्तर प्रदेश में है तो यहाँ गर्मी के दिनों में अत्यधिक गर्मी पड़ती है तो यदि आपको गर्मी से तकलीफ होती है तो आप यहाँ गर्मी में आने से बचे वैसे जाने को आप यहाँ हर मौसम हर महीने में जा सकते है लेकिन मेरे हिसाब से किला देखने का सबसे बढ़िया टाइम ठंडी का है आप अक्टूबर से मार्च के मध्य यहाँ आये तो ज्यादा आनंद उठा सकेंगे |</p>



<h4 class="wp-block-heading">झाँसी के किले में होने वाला लाइट एंड साउंड शो </h4>



<p class="has-text-align-justify">इस किले में शाम को एक लाइट एंड साउंड शो आयोजित होता है जिसमे आपको रानी के जीवन के बारे बताया जाता है और 1857 के स्वंत्रतता संग्राम के बारे में बताया जाता है यह शो बहुत ही भव्य होता है इसमें तीन दीवारों को मिलकर एक स्क्रीन की तरह दिखाते है यहाँ आपको ऐसा लगता है जैसे सब आपके सामने हो रहा हो यह शो लगभग आधे घंटे का होता है इस शो का टिकट 250 रूपये का है और टाइमिंग शाम की है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">अन्य काम की जानकारियां </h5>



<ul class="wp-block-list"><li>किले के अन्दर पीने के पानी वाशरूम इत्यादि की व्यवस्था है |</li><li>आप <strong>झांसी का किला</strong> घूमने आये तो कम से कम 2-3 घंटे लेकर आये |</li><li>अगर आप गर्मियों में किला घूमने आ रहे है तो कृपया कोशिश करे की सुबह ही आ जाये |</li><li>किले के अन्दर रात में होने वाला साउंड एंड लाइट शो अवश्य देखे |</li><li>अगर इतिहास में रूचि है तो आप गाइड कर ले |</li><li>रानी लक्ष्मीबाई का किला यूनेस्को की धरोहर लिस्ट में शामिल है |</li><li>इस किले के बाहर आपको स्ट्रीट फ़ूड मिल जायेंगे आप स्वाद जरुर ले |</li><li>इस किले को दीवारे लगभग 20 फीट मोटी है  |</li><li>यह किला जिस पहाड़ी पर बना है उसका नाम बंगारा है |</li></ul>



<h4 class="wp-block-heading">रानी लक्ष्मीबाई के किले के आसपास घूमने वाली जगहे</h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये वैसे तो आप मेरी <a href="https://safarjankari.com/places-to-visit-in-jhansi-in-hindi/">झांसी घूमने से जुड़ी समस्त जानकारी</a> इस पोस्ट में झांसी से जुडी समस्त जानकारी पा जायेंगे लेकिन फिर भी मै यहाँ पर आपको झांसी के किले के पास के कुछ खास खास पर्यटन स्थल बताये देता हु &#8211; <br>रानी लक्ष्मबाई पार्क <br>मैथिली शरण गुप्त पार्क <br>पुरातत्व संग्रहालय <br>डॉ वृन्दावन लाल वर्मा पार्क <br>रानी महल</p>



<p>झांसी की रानी का किला घूमने से सम्बन्धित प्रश्न </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991404712"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी की रानी का किला किस राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झांसी की रानी का किला उत्तर प्रदेश राज्य के झांसी जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991468794"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी के रेलवे स्टेशन से झांसी का किला कितना दूर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 3 किलोमीटर होगा |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991542803"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी के किले का निर्माण किसने और कब करवाया था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">रानी लक्ष्मीबाई के किले का निर्माण ओरछा के राजा बीर सिंह जूदेव ने सन १६१३ में करवाया था |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991577293"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी की रानी का किला क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">क्यूंकि यह किला 1857 की क्रांति में लाफि सक्रिय था और वीरांगना लक्ष्मीबाई के लिये यह प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991765024"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी का किला कितने बजे पर्यटकों के लिये खुल जाता है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">यह किला प्रत्येक दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पर्यटकों के लिये खुला रहता है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991839540"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी फोर्ट घूमने के लिये टिकट कितने की है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झांसी फोर्ट घूमने के लिये 15 साल से छोटे बच्चो के लिये निशुल्क है वयस्कों के लिये 25 रूपये प्रति वयस्क टिकट है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662991938140"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; कड़क बिजली तोप कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">कड़क बिजली तोप झांसी की रानी के किले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662992002823"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी फोर्ट घूमने का बेस्ट मौसम कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">सर्दियों का |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662992028930"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झाँसी के किले को घूमने के लिये कितना समय लगेगा ?</strong> <p class="schema-faq-answer">इत्मीनान से घूमने के लिये कम से कम 2 घंटे |</p> </div> </div>



<p class="has-text-align-justify">तो दोस्तों यह थी एक पोस्ट जिसमे हमने आपको <strong>झांसी का किला</strong> घूमने से सम्बंधित बहुत सी जानकारियां दी हमारे देश के इतिहास में महारानी लक्ष्मीबाई का योगदान अतुलनीय है इसीलिये इस किले का महत्त्व बढ़ जाता है आप भी यदि इस किले के बारे में कोई अन्य जानकारी बताना चाहे तो कमेन्ट करके अवश्य बताये |</p>
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		<title>30+ Places to visit in Jhansi &#8211; झांसी में घूमने की जगह की समस्त जानकारी</title>
		<link>https://safarjankari.com/places-to-visit-in-jhansi-in-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Feb 2022 17:59:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज हम आपको झांसी में घूमने की जगहों के बारे में बतायेंगे इसके अलावा झांसी में कहाँ रुका जाए , किस तरह से घूमा जाये , खानपान , झांसी कब जाये , झांसी कैसे पहुंचे आदि की भी जानकारी देंगे </p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>Places to visit in Jhansi</strong> <a href="https://jhansi.nic.in/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">झांसी</a> उत्तर प्रदेश का एक <a href="https://safarjankari.com/historical-places/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">ऐतिहासिक</a> शहर है जो कि रानी लक्ष्मीबाई की वीरता के लिये विख्यात है सभी इस बात से परिचित है कि रानी लक्ष्मीबाई एक वीर देशभक्त थी जब जब बात भारत की आज़ादी की होगी तब तब रानी लक्ष्मीबाई को याद जरूर किया जायेगा |<br><br>नमस्कार साथियों आज हम आपको झांसी में घूमने की जगहों के बारे में बतायेंगे इसके अलावा झांसी में कहाँ रुका जाए , किस तरह से घूमा जाये , खानपान , झांसी कब जाये , झांसी कैसे पहुंचे आदि की भी जानकारी देंगे बस आप यह लेख अंत तक जरूर पढ़े |<br><br> <strong>Places to visit in Jhansi</strong> झांसी में घूमने के लिये <strong>झांसी का किला</strong> , रानी महल , सखी के हनुमान मन्दिर ,<strong> राजकीय संग्रहालय झांसी</strong> , <strong>रानी लक्ष्मी बाई पार्क</strong> , इस्कान मन्दिर , मैथिली शरण गुप्त पार्क , बरुआसागर , <strong>सैंट जूड चर्च</strong> , भारत माता मन्दिर , पंचतंत्र पार्क , <strong>राजा गंगाधर राव की छतरी</strong> , <strong>लक्ष्मी मन्दिर</strong> , <strong>महाकाली मन्दिर</strong> , कैमासन देवी मन्दिर ,  करगुवां जैन मन्दिर , <strong>मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा</strong>  , <strong>गढ़मऊ झील</strong> , पहुज बाँध , माताटीला बाँध , सुकमा दुकमा बाँध आदि है |</p>



<h4 class="wp-block-heading" id="how-to-reach-jhansi-झ-स-क-स-पह-च">How To Reach Jhansi &#8211; झांसी कैसे पहुंचे </h4>



<p class="has-text-align-justify">ऐतिहासिक शहर झांसी उत्तर प्रदेश में स्थित एक जनपद है और भारत के किसी भी कोने से यहाँ तक आना बहुत ही आसान है झांसी का रेलवे स्टेशन एक बड़ा जंक्शन है तो यहाँ का रेल मार्ग अत्यधिक उत्तम है |<br><br>~ यदि आप वायुमार्ग से झांसी आना चाह रहे हो आपको बता दे कि झांसी शहर के सबसे नजदीक का एअरपोर्ट ग्वालियर में है जो की यहाँ से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर है अगर आपको वायुमार्ग से आना हो तो आप पहले ग्वालियर आओ फिर ग्वालियर से ट्रेन बस या गाड़ी बुक करके झांसी आ जाओ ये मैंने आपको नजदीक का एअरपोर्ट बताया है बाकी सबसे ठीक ठाक एअरपोर्ट दिल्ली और लखनऊ में ही है  |</p>



<p class="has-text-align-justify">~ अब यदि आपको रेल मार्ग से आना है तो मेरे हिसाब से झांसी आने का बेस्ट तरीका ट्रेन ही है क्यूंकि झांसी जंक्शन एक बड़ा रेलवे स्टेशन है देश के लगभग सभी बड़े शहरों से झांसी के लिये ट्रेन है आप देश के किसी भी कोने में हो आपके शहर या आपके किसी नजदीक के बड़े शहर से झांसी के लिये ट्रेन मिल जाएगी उदाहरण देखिये जैसे मै हरदोई उत्तर प्रदेश का रहने वाला हु मेरे शहर से झांसी के लिये कोई सीधी ट्रेन नहीं है लेकिन हरदोई के नजदीक के शहर जैसे लखनऊ कानपुर से झांसी की ट्रेन्स है तो कोई भी दिक्कत नहीं है |<br><br>~ यदि आप सड़क मार्ग से यहाँ आना चाह रहे हो तो सबसे पहले यह जान लो झांसी में बस स्टैंड है देश के तमाम बड़े शहरों से यहाँ तक के लिये सरकारी और प्राइवेट बस की सेवा है इसके अलावा यह शहर सड़क मार्ग द्वारा अच्छे से जुड़ा हुआ है तो आप अपनी गाड़ी लेकर भी यहाँ आ सकते है |</p>



<h5 class="wp-block-heading" id="झ-स-क-स-घ-म-मतलब-झ-स-क-अन-दर-घ-मन-क-स-धन">झांसी कैसे घूमे मतलब झांसी के अन्दर घूमने के साधन </h5>



<p class="has-text-align-justify">यदि हम पब्लिक साधन की बात करे तो यहाँ आपको बस टेम्पो ऑटो ई-रिक्शा सब मिल जायेगा पूछ-पूछ के इन पर बैठकर आप यह शहर घूम सकते है इसके अलावा आप कोई ऑटो रिक्शा या कार दिन भर के लिये बुक कर ले और बड़े आराम से इस ऐतिहासिक शहर को घूमिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप दिन भर के लिये अपने बजट के अनुसार ऑटो या कार बुक कर लो |</p>



<h4 class="wp-block-heading" id="कब-ज-य-झ-स">कब जाये झांसी &#8211; Best Time to visit in Jhansi in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">वैसे तो आप इस शहर में किसी भी महीने जा सकते है कोई दिक्कत नहीं है लेकिन यह उत्तर भारत का एक शहर है तो गर्मियों खासकर मई जून जुलाई में यहाँ पर अत्यधिक गर्मी पड़ती है तो फिर गर्मियों में घूमने का थोडा सा मजा किरकिरा हो जाता है  |<br><br>अच्छा एक बात और झाँसी के आसपास कई झीले कई बांध है जो कि बरसात में काफी मनोरम हो जाते है तो बरसात भी एक ठीक ठाक मौसम है झाँसी घूमने के लिये लेकिन बरसात में कभी कभी सड़के सही नहीं होती है या आप कही घूमने निकले तो बरसात होने लगे बाकि गर्मी भी रहती है बरसात में तो थोड़ी ये दिक्कते है बरसात की |</p>



<p class="has-text-align-justify">अगर हम बेस्ट टाइम की बात करे तो झांसी घूमने का बेस्ट टाइम है ठंडी का है आप अक्टूबर से मार्च तक झांसी जाइये तो सबसे ज्यादा बढ़िया फरवरी-मार्च में झाँसी महोत्सव आयोजित होता है आप यदि महोत्सव के शौखीन है तो आप जानकारी करके फरवरी-मार्च में ही जाये |</p>



<p class="has-text-align-justify">मै यही सलाह दूंगा आप फरवरी में जाओ क्यूंकि गर्मी भी नहीं होगी और आपको झाँसी महोत्सव भी देखने को मिल जायेगा वही यदि आप झाँसी की प्राकृतिक सुन्दरता मतलब यहाँ के बाँध और झील का आनंद लेना चाहते हो तो आप यहाँ बरसात में आओ क्यूंकि बरसात के मौसम में झील झरने बाँध की ख़ूबसूरती अत्यधिक बढ़ जाती है |</p>



<h4 class="wp-block-heading" id="झ-स-म-कह-र-क">झांसी में कहाँ रुके -Where to Stay in Jhansi in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">आप झांसी घूमने आये है तो आपको यहाँ रुकना भी पड़ सकता है और मेरी मानिये तो एक रात रुककर ही आराम से घूमिये तो रुकने के लिये झांसी में तमाम होटल गेस्ट हाउस उपलब्ध है वो भी हर प्रकार के बजट में यदि हम रेलवे स्टेशन के नजदीक की बात करे तो आप चित्रा चौराहे के आसपास होटल देख सकते है या फिर  इलाईट चौराहे के पास बहुत से होटल है और जितनी मुझे जानकारी मिली इलाईट चौराहा झांसी का प्रमुख चौराहा है तो यहाँ रुकना सही है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अगर सस्ती देखे तो धर्मशाला सबसे सस्ती रहती है मुझे झाँसी में घूमते समय रानी महल के पास एक धर्मशाला दिखाई दी थी जो की सस्ते में रुकने के लिए एक विकल्प है धर्मशाला का नाम श्री अम्मा जी की धर्मशाला है और यह रानी महल रोड पर स्थित है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="375" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/झांसी-में-रुकने-की-जगह.jpg" alt="झांसी में रुकने की जगह" class="wp-image-11030" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/झांसी-में-रुकने-की-जगह.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/झांसी-में-रुकने-की-जगह-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>झांसी में रुकने की सस्ती जगह</figcaption></figure>
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<h3 class="wp-block-heading" id="place-to-visit-in-jhansi-झ-स-क-पर-यटन-स-थल">Places to visit in Jhansi &#8211; झांसी के पर्यटन स्थल </h3>



<p class="has-text-align-justify">हम सबको पता है उत्तर प्रदेश का शहर झाँसी वीरांगना लक्ष्मीबाई के लिये जाना जाता है इसके अलावा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द्र भी झाँसी में ही रहे है और साहित्य जगत के दद्दा मैथिलीशरण गुप्त जी भी झाँसी के पास चिरगांव से थे तो आइये जानते है झाँसी के प्रमुख घूमने की जगहों के बारे में &#8211; </p>



<h4 class="wp-block-heading" id="म-जर-ध-य-नचन-द-पर-यटन-स-थल">मेजर ध्यानचन्द पर्यटन स्थल झांसी में घूमने की जगह </h4>



<p class="has-text-align-justify">शहर झाँसी में हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के सम्मान में एक पहाड़ी पर<strong> मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा</strong> को बनाया गया है जो की बहुत ही आकर्षक लगती है आपको बता दे कि मेजर ध्यानचंद का जन्म तो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था लेकिन इनके पिताजी झाँसी में नोकरी करते थे तो ध्यानचंद जी का जीवन झाँसी में ही गुजरा है यही उन्होंने हाकी खेलना शुरू किया था तो यह जो पर्यटन स्थल है यह सीपरी की पहाड़ी पर बना हुआ है यहाँ आप सीपरी बाजार होते हुये पहुँच सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ तक जाने के लिये आपको बहुत सी सीढ़ियों से चढ़ के जाना होगा पहाड़ी पर मेजर ध्यानचंद की हाकी खेलते हुये प्रतिमा बनी है और ऊपर एक प्लेटफार्म पर बैठने के लिये बेंच है और बरसात से बचने के लिये एक बरामदा बनाया गया है सुरक्षा के द्रष्टिकोण से यहाँ पर रेलिंग भी बनाई गई है एक बात और जब आप ऊपर पहाड़ी पर आ जायेंगे तो यहाँ से आपको झाँसी शहर का एक बहुत ही सुन्दर व्यू दिखाई देगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">इन सबके अलावा यही पहाड़ी पर I Love Jhansi का सेल्फी पॉइंट भी है लेकिन पहाड़ी पर से आप यहाँ सेल्फी ले नही पाएंगे क्यूंकि इसे बिल्कुल ही पहाड़ी के किनारे पर बनाया है हा यदि आपको सीढियां चढ़ने में समस्या है तो आप यहाँ मत आइये |<br><br> सीपरी बाज़ार से जब आप <strong>मेजर ध्यानचंद पर्यटन स्थल </strong>की तरफ जाओगे तो आपको रास्ते में ध्यानचंद स्टेडियम , प्राचीन पंचमीर हनुमान मंदिर , चन्द्रशेखर आजाद पार्क भी दिखाई देंगे यदि समय हो तो आप यहाँ भी टहल सकते है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="571" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मेजर-ध्यान-चंद-प्रतिमा-झांसी.jpg" alt="मेजर ध्यान चंद प्रतिमा झांसी" class="wp-image-11036" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मेजर-ध्यान-चंद-प्रतिमा-झांसी.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मेजर-ध्यान-चंद-प्रतिमा-झांसी-236x300.jpg 236w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>मेजर ध्यानचंद प्रतिमा</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="750" height="435" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-आई-लव-झाँसी.jpg" alt="Place to visit in Jhansi" class="wp-image-11026" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-आई-लव-झाँसी.jpg 750w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-आई-लव-झाँसी-300x174.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 750px) 100vw, 750px" /><figcaption> आई लव झाँसी</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="345" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-Uttar-Pradesh.jpg" alt="Place to visit in Jhansi Uttar Pradesh" class="wp-image-11025" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-Uttar-Pradesh.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-Uttar-Pradesh-300x148.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /><figcaption>मेजर ध्यान चंद की प्रतिमा से झाँसी शहर का विहंगम व्यू </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading" id="श-र-श-र-१००८-ग-प-ल-ज-क-मन-द-र-और-श-र-श-र-१००८-रघ-न-थ-ज-क-मन-द-र-स-पर-ब-ज़-र">श्री श्री १००८ गोपाल जी का मन्दिर और श्री श्री १००८ रघुनाथ जी का मन्दिर सीपरी बाज़ार &#8211; Places to visit in Jhansi in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>सीपरी बाज़ार </strong>में झाँसी के दो प्राचीन मंदिर है जो की आमने सामने बने हुये है यहाँ भी आप दर्शन का लाभ ले सकते है गोपाल जी का मंदिर सुबह 5:30 से दोपहर 12 बजे तक फिर शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन हेतु खुलता है यह दोनों मंदिर  काफी पुराने है |<br></p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-Uttar-Pradesh-India.jpg" alt="Place to visit in Jhansi Uttar Pradesh India" class="wp-image-11024" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-Uttar-Pradesh-India.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-Uttar-Pradesh-India-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>सीपरी बाज़ार स्थित गोपाल जी का मन्दिर</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading" id="श-र-भ-रत-म-त-मन-द-र">श्री भारत माता मन्दिर झांसी का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>श्री भारत माता मंदिर </strong>भी शहर का एक प्रमुख मन्दिर है इस मन्दिर प्रांगण में कई देवी देवताओ के मन्दिर है जैसे शनि मंदिर , नवग्रह मंदिर , साईं मंदिर , जगन्नाथ धाम ,  गणेश मंदिर , राधाकृष्ण मंदिर, राम लक्ष्मण दरबार , द्वादश ज्योतिर्लिंग मन्दिर आदि  मंदिर परिसर में ब्रह्मा जी की प्रतिमा , नंदी जी की प्रतिमा , शिव जी की प्रतिमा , गायत्री जी की प्रतिमा , हनुमान जी की प्रतिमा , लक्ष्मी जी की प्रतिमा , श्री दत्तात्रेय भगवान की प्रतिमा स्थापित है |</p>



<p class="has-text-align-justify">जो मुख्य <strong>भारत माता मन्दिर </strong>है उसमे देवी माँ के नौ रूपों को दिखाया गया है श्री भारत माता मंदिर का बाहर से स्वरुप एक शिवलिंग की तरह है जो की एक विशाल शिवलिंग दिखाई देता है यह एक भव्य शिवलिंग है  यह मंदिर दीनदयाल नगर में स्थित है इस मंदिर परिसर में एक साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग और नौ देवी के मंदिर है इस दिव्य स्थल पर आपको जरूर आना चाहिए |</p>



<h4 class="wp-block-heading" id="प-चत-त-र-प-र-क">पंचतंत्र पार्क झांसी में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify">झाँसी में चित्रा चौराहे के समीप ही स्थित है <strong>पंचतंत्र पार्क</strong> यदि आपके साथ छोटे बच्चे है तो आप इस पार्क में जरूर आइयेगा यह पार्क मुख्य रूप से बच्चो के लिए ही बनाया गया है इस पार्क के प्रवेश मार्ग पर ही दो शेर बने हुये है जो बच्चो को अपनी और आकर्षित करते है थोडा ही अन्दर आने पर एक स्पाइडर मैन का स्टेचू बना हुआ है यहाँ का जो टिकट का शुल्क है वो १० रूपये है वही जो बच्चे ३ साल से १२ साल के बीच के है उनका टिकट महज 5 रूपये का है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>पंचतंत्र पार्क</strong> में झूले है बतखे है जगह जगह पर जानवरों के कार्टून बने हुए है इस पार्क में एक टॉय ट्रेन भी है तो कुल मिलाकर देखा जाय तो बच्चो के लिये <strong>पंचतंत्र पार्क</strong> एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="330" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/पंचतंत्र-पार्क-झांसी.jpg" alt="पंचतंत्र पार्क झांसी" class="wp-image-11032" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/पंचतंत्र-पार्क-झांसी.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/पंचतंत्र-पार्क-झांसी-300x220.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>पंचतंत्र पार्क </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">इस्कान मन्दिर मिनर्वा चौराहा </h4>



<p class="has-text-align-justify">झाँसी स्थित <strong>इस्कान मन्दिर </strong>की यहाँ बहुत ज्यादा मान्यता है सन २००२ में इस मन्दिर की स्थापना हुई थी इस मन्दिर की जन्माष्टमी अत्यधिक भव्य होती है इस्कान मंदिर झाँसी से जगन्नाथ रथ यात्रा का कार्यक्रम भी होता है , मन्दिर परिसर में एक गौशाला भी है , इस्कान मन्दिर परिसर की दीवारों पर भगवान की बड़ी ही सुन्दर पेंटिंग लगी हुई है मूल रूप से यह मंदिर राधा कृष्ण को समर्पित है इस्कान मंदिर में होने वाले भजन हमारे कानो को बड़ा सकून देते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई पार्क और राष्ट्कवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क &#8211; Places to visit in Jhansi</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई पार्क</strong> और <strong>राष्ट्कवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क</strong>आसपास ही है आसपास कहो या हम ये भी कह सकते है दोनों एक ही है <strong>झांसी में घूमने की जगह</strong> में ये दोनों पार्क महत्वपूर्ण है ,  वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई पार्क में आपको चारो तरफ हरियाली दिखाई देगी झूले है और रानी लक्ष्मी बाई की प्रतिमा है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस पार्क में एक्सरसाइज के लिये भी बढ़िया व्यवस्था की गई है बैठने के लिये जगह-जगह पर बेंच पड़ी हुई है अगर इस पार्क की लोकेशन की बात करे तो यह दोनों पार्क झाँसी के किले के समीप ही है यहाँ से आप किला तक पैदल ही जा सकते हो ये दोनों ही फोर्ट के समीप ही है , <strong>Places to visit in Jhansi</strong> में आप यह दोनों पार्क देख सकते है  |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मैथिली-शरण-गुप्त-पार्क-झांसी.jpg" alt="मैथिली शरण गुप्त पार्क Place to visit in Jhansi" class="wp-image-11037" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मैथिली-शरण-गुप्त-पार्क-झांसी.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/मैथिली-शरण-गुप्त-पार्क-झांसी-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>मैथिली शरण गुप्त पार्क</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="520" height="390" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महारानी-लक्ष्मीबाई-पार्क-झांसी.jpg" alt="महारानी लक्ष्मीबाई पार्क झांसी" class="wp-image-11035" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महारानी-लक्ष्मीबाई-पार्क-झांसी.jpg 520w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महारानी-लक्ष्मीबाई-पार्क-झांसी-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 520px) 100vw, 520px" /><figcaption>महारानी लक्ष्मीबाई पार्क </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">राजकीय संग्रहालय झांसी का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई पार्क</strong> के सामने ही सड़क के दूसरी और स्थित है <strong>राजकीय संग्रहालय</strong> इस संग्कीरहालय टाइमिंग है सुबह 10:30 से शाम 04:30 तक ध्यान देने वाली बात यह है की यह संग्रहालय हर सोमवार को बंद रहता है इसके अलावा प्रत्येक माह के दूसरे रविवार को भी यह बंद रहता है और हर राजपत्रित अवकाश के दिन भी यह संग्रहालय बंद रहता है तो आप जब भी यहाँ आये तो ध्यान देकर आये |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप को इतिहास में रूचि है तो यहाँ आपको अच्छा लगेगा झाँसी से सम्बंधित समस्त इतिहास की जानकारी आपको इस संग्रहालय में मिल जाएगी इस संग्रहालय में आपको झाँसी के अतिरिक्त सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड के इतिहास की जानकारी मिल जाएगी , राजकीय संग्रहालय में चंदेल शासको से जुडी बहुत सी जानकारियां संगृहीत है तो आप इस संग्रहालय को भी जरूर देखे   |</p>



<p><strong>Places to visit in Jhansi</strong></p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="617" height="385" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजकीय-संग्रहालय-झांसी.jpg" alt="राजकीय संग्रहालय झांसी" class="wp-image-11038" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजकीय-संग्रहालय-झांसी.jpg 617w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजकीय-संग्रहालय-झांसी-300x187.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 617px) 100vw, 617px" /><figcaption>राजकीय संग्रहालय</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">डॉ. वृन्दावन लाल वर्मा पार्क झांसी में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>राजकीय संग्रहालय</strong> से जब आप झाँसी के किले की तरफ बढोगे तो बिलकुल किले के समीप ही एक पार्क दिखाई देगा जिसका नाम डॉ. वृन्दावन लाल वर्मा पार्क है यदि आपके पास समय हो तो आप इस पार्क में भी टहल सकते है इस पार्क की भी हरियाली मनमोहक है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="540" height="441" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/डा-वृन्दावन-लाल-वर्मा-पार्क-झांसी.jpg" alt="Dr Vrandavan Lal park Place to visit in Jhansi" class="wp-image-11031" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/डा-वृन्दावन-लाल-वर्मा-पार्क-झांसी.jpg 540w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/डा-वृन्दावन-लाल-वर्मा-पार्क-झांसी-300x245.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 540px) 100vw, 540px" /><figcaption>डा वृन्दावन लाल वर्मा पार्क</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">झाँसी का किला </h4>



<p class="has-text-align-justify">झाँसी का किला <strong><em>Places to visit in Jhansi</em></strong>  में सबसे महत्वपूर्ण है इस किले को देखे बगैर आपकी झाँसी यात्रा बेइमानी होगी वैसे बहुत से लोग झांसी में सिर्फ किला ही देखने आते है और आये भी क्यों न आज यह किला शान से खड़ा है और हमको वीरांगना लक्ष्मी बाई की वीरता की याद दिलाता है महारानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजो से मोर्चा लिया था निसंदेह यह किला झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम , साहस , देशभक्ति की याद दिलाता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">सन 1613 में ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने इस किले का निर्माण करवाया था सन 1731 में यह किला मराठो के अधीन आ गया था इस किले को बंगरा नाम की एक पहाड़ी पर बनवाया गया था आप जब भी इस किले में घूमने आये तो समय लेकर आये क्यूंकि यह किला बहुत बड़ा है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">झांसी के किले का प्रवेश शुल्क </h5>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ घूमने के लिए आपको टिकट भी लेना होगा जिसकी कीमत मात्र 25 रूपये है यदि आप कैश दोगे तो टिकट 25 रूपये है यदि pos के माध्यम से टिकट लोगे तो आपको यह टिकट 20 रूपये में मिल जाएगी वाही विदेशी नागरिको के लिए टिकट कैश से 300 रूपये और pos से 250 रूपये है 15 वर्ष से छोटे बच्चो के लिये यहाँ प्रवेश निशुल्क है |</p>



<p>झांसी के किले की टाइमिंग </p>



<p class="has-text-align-justify">यदि हम झाँसी के किले को घूमने की टाइमिंग की बात करे तो यह टाइमिंग सूर्योदय से सूर्यास्त तक की है |</p>



<h5 class="wp-block-heading">झाँसी के किले के अन्दर क्या क्या घूमे Places to visit in Jhansi Fort in Hindi</h5>



<figure class="wp-block-table is-style-regular"><table><tbody><tr><td>कड़क बिजली तोप</td><td>पंचमहल </td><td>शिव मन्दिर</td><td>गणेश मन्दिर</td></tr><tr><td>भवानी शंकर तोप</td><td>बारादरी</td><td>कुदान स्थल </td><td>झंडा बुर्ज </td></tr><tr><td>दीवान ए आम </td><td>गौस खां की कब्र</td><td>काल कोठरी</td><td>अमोद उद्यान</td></tr></tbody></table></figure>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="580" height="435" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/झांसी-का-किला.jpg" alt="झांसी का किला" class="wp-image-11029" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/झांसी-का-किला.jpg 580w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/झांसी-का-किला-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 580px) 100vw, 580px" /><figcaption>झांसी का किला</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="406" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/कड़क-बिजली-तोप-झांसी-का-किला.jpg" alt="Place to visit in Jhansi Kadak Bijli Top" class="wp-image-11028" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/कड़क-बिजली-तोप-झांसी-का-किला.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/कड़क-बिजली-तोप-झांसी-का-किला-300x244.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>कड़क बिजली तोप झांसी के किले में रखी है </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">रानी महल &#8211; Places to visit in Jhansi in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">किले से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है <strong>रानी महल</strong> यहाँ आप किले से पैदल भी जा सकते है या ऑटो ई रिक्शा से भी जा सकते हो रानी महल की नक्खाशी कलाकृति आपको बहुत ही पसंद आएँगी रानी महल में रानी लक्ष्मीबाई निवास करती थी खैर आज यह एक संग्रहालय सा बन गया है , रानी लक्ष्मीबाई मह का निर्माण रघुनाथ राव दृतीय ने सन 1769 से 1796 के मध्य करवाया था रघुनाथ राव नेवालकर वंश के थे |<br><br>यह महल दो मंजिल का एक खूबसूरत महल है रानी महल के अन्दर बने दरबार हाल की दीवारे और छत की चित्रकला गज़ब की है रंग बिरंगे पुष्प पौधे जीव मयूर वृक्ष की शाखाये आदि को बनाया गया है तो यहाँ पर आप जरूर आइयेगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/रानी-महल-झांसी.jpg" alt="रानी महल झांसी" class="wp-image-11040" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/रानी-महल-झांसी.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/रानी-महल-झांसी-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>रानी महल</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">श्री १००८ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा  मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify">श्री १००८ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा  मन्दिर रानी महल से थोड़ी दूरी पर गाँधी रोड पर बना है यह मंदिर मुख्य रूप से एक जैन मन्दिर है यदि आपके पास समय की कमी नहीं है तो आप यहाँ भी दर्शन कर ले |</p>



<h4 class="wp-block-heading">लक्ष्मी गेट झांसी का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">अब जब आप <strong>गंगाधर राव की छतरी</strong> की तरफ जाओगे तो रास्ते में आपको मिलेगा लक्ष्मी गेट इसी गेट पर भी ही आपको एक हनुमान मन्दिर मिलेगा आप यहाँ भी दर्शन करते चले |</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री महाकाली मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">श्री श्री १००८ <strong>महाकाली मन्दिर </strong>भी झाँसी का एक प्रसिद्ध मंदिर है यह मुख्य रूप से महाकाली जी को समर्पित है और यह मंदिर बिलकुल  <strong>गंगाधर राव की छतरी</strong> के समीप ही है इस मंदिर का परिसर भव्य और विशाल है यहाँ भी आप रुककर महाकाली के दर्शन कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="385" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महाकाली-मन्दिर-झांसी.jpg" alt="महाकाली मन्दिर झांसी" class="wp-image-11034" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महाकाली-मन्दिर-झांसी.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/महाकाली-मन्दिर-झांसी-300x231.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>महाकाली मन्दिर</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">श्री श्री १००८ श्री महावीर जी मंदिर </h4>



<p class="has-text-align-justify">श्री  महाकाली मंदिर के थोडा सा आगे जाने पर पड़ता है श्री श्री १००८ श्री महावीर जी मंदिर जो की मुख्य रूप से हनुमान जी का मंदिर है और बाहर से सफ़ेद रंग का भव्य दिखाई देता है तो अब यहाँ भी रुकिए और हनुमान जी के दर्शन करते चलिये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="447" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-hindi.jpg" alt="Place to visit in Jhansi" class="wp-image-11023" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-hindi.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Place-to-visit-in-Jhansi-hindi-300x192.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /><figcaption>राजा गंगाधर राव की छतरी के पास स्थित महावीर जी का मंदिर </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">लक्ष्मी ताल झांसी में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify">जब मै यहाँ पर गया तो यहाँ इस ताल में कुछ काम चल रहा था तो सब टूटा फूटा सा पड़ा था लेकिन जब यह दुबारा बनकर तैयार होगा तो निसंदेह एक रमणीक स्थल होगा तो आप अपनी लिस्ट में <strong>लक्ष्मी ताल</strong> का नाम भी शामिल कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="323" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/लक्ष्मी-ताल-झांसी.jpg" alt="लक्ष्मी ताल झांसी" class="wp-image-11041" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/लक्ष्मी-ताल-झांसी.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/लक्ष्मी-ताल-झांसी-300x176.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>लक्ष्मी ताल</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">राजा गंगाधर राव की छतरी </h4>



<p class="has-text-align-justify">राजा गंगाधर राव की छतरी <strong>झांसी में घूमने की जगह</strong> का एक महत्वपूर्ण स्थल है यहाँ आप जरूर आइयेगा <strong>राजा गंगाधर राव की छतरी</strong> को रानी लक्ष्मीबाई ने सन 1853 में  बनवाया था यह छत्री चतुर्भुजाकार में बनवाई गई है यहाँ चारो तरफ ऊँची ऊँची दीवारे है और मध्य में एक उद्यान बना है उद्यान के पास ही राजा गंगाधर राव की छतरी है , राजा की समाधी एक चबूतरे पर बनी है तो आप इस स्थल पर जरूर आइयेगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-झांसी.jpg" alt="राजा गंगाधर राव की छतरी झांसी" class="wp-image-11039" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-झांसी.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-गंगाधर-राव-की-छतरी-झांसी-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>राजा गंगाधर राव की छतरी</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">लक्ष्मी मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify"> <strong>राजा गंगाधर राव की छतरी</strong> के सामने ही बना है <strong>झाँसी का प्राचीन लक्ष्मी मंदिर</strong> कहा जाता है रानी लक्ष्मी बाई यहाँ पूजा करने आती थी इस मंदिर का निर्माण 18वी शताब्दी में किया गया था इस मंदिर परिसर के गर्भगृह में सफ़ेद संगमरमर की लक्ष्मी जी की प्रतिमा है इस मंदिर से पहले आपको एक और मंदिर दिखाई देगा जिसे नवग्रह मंदिर नाम से जानते है आप यहाँ भी दर्शन जरूर करे लक्ष्मी मन्दिर एक भव्य मंदिर है और इस लक्ष्मी मंदिर परिसर में कई और मंदिर भी है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="430" height="573" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/लक्ष्मी-मन्दिर-झांसी.jpg" alt="लक्ष्मी मन्दिर झांसी" class="wp-image-11042" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/लक्ष्मी-मन्दिर-झांसी.jpg 430w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/लक्ष्मी-मन्दिर-झांसी-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 430px) 100vw, 430px" /><figcaption>लक्ष्मी मन्दिर</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">हर्बल गार्डन झांसी का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">यह एक पार्क है जिसमे हरियाली ही हरियाली है इस हर्बल गार्डन की खास बात यह है कि यहाँ पर बनी बेहद सुन्दर कलाकृतियाँ अनुपयोगी सामान से बनाई गई है यहाँ एक ट्रेकिंग का मार्ग भी है जहाँ आप जागिंग कर सकते है यह कैंट इलाके में बना हुआ है यहाँ भी आपको बहुत ज्यादा अच्छा लगेगा |</p>



<h4 class="wp-block-heading">सखी के हनुमान मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">शहर से बाहर स्थित है झाँसी का अति प्रतिष्ठित मन्दिर जिसे <strong>सखी के हनुमान मन्दिर</strong> नाम से जानते है इस मंदिर का परिसर बहुत बड़ा है मंदिर परिसर में ही प्रसाद इत्यादि की दुकाने है और यहाँ पर कई मंदिर बने हुये है जैसे श्री महालक्ष्मी जी मंदिर मंदिर परिसर में बनी शिव पार्वती की प्रतिमा बहुत ही आकर्षक लगती है मंदिर के प्रवेश मार्ग के ऊपर श्रीराम की प्रतिमा लगी है और प्रतिमा के दोनों तरफ शेर बने हुये है यह प्रवेश द्वार अत्यंत भव्य दिखाई देता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस मन्दिर की सबसे खास बात यह है कि यहाँ पर हनुमान जी स्त्री रूप में विराजमान है <strong>सखी के हनुमान मंदिर</strong> में कई हिन्दू देवी देवताओ की बहुत ही सुन्दर प्रतिमाये स्थापित है यह मंदिर शहर से बाहर झाँसी से ग्वालियर जाने वाले रोड पर है यहाँ आप ऑटो या गाड़ी बुक करके ही जाये क्यूंकि यहाँ के लिये पब्लिक साधन मिले कोई जरूरी नहीं |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="398" height="453" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सखी-के-हनुमान-मंदिर-झांसी-प्रवेश-मार्ग.jpg" alt="सखी के हनुमान मंदिर झांसी प्रवेश मार्ग" class="wp-image-11043" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सखी-के-हनुमान-मंदिर-झांसी-प्रवेश-मार्ग.jpg 398w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सखी-के-हनुमान-मंदिर-झांसी-प्रवेश-मार्ग-264x300.jpg 264w" sizes="auto, (max-width: 398px) 100vw, 398px" /><figcaption>सखी के हनुमान मंदिर का प्रवेश मार्ग</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="520" height="390" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सखी-के-हनुमान-मन्दिर-झांसी.jpg" alt="सखी के हनुमान मन्दिर झांसी" class="wp-image-11044" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सखी-के-हनुमान-मन्दिर-झांसी.jpg 520w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सखी-के-हनुमान-मन्दिर-झांसी-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 520px) 100vw, 520px" /><figcaption>सखी के हनुमान मन्दिर </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">कैमासन देवी मन्दिर झांसी में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>कैमासन देवी मंदिर झाँसी</strong> में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे एक ऊँची पहाड़ी पर स्थित है सन ११२० में महोबा के परमार राजा ने कैमासन देवी का मंदिर बनवाया था इस मंदिर में माँ कामख्या की मूर्ति है नवरात्रों में इस मंदिर में श्रधालुओ की एक भारी भीड़ दिखाई देती है इस मंदिर तक आने के लिए आपको 150 से ज्यादा सीढियां चढ़नी पड़ती है कैमासन देवी मंदिर एक प्राचीन सिद्धपीठ है , इस मंदिर से झाँसी का विहंगम द्रश्य दिखाई देता है |</p>



<p><strong>कैमासन देवी मंदिर </strong>जाने के लिए आप बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर से होकर पक्की सीढियों के रास्ते से जा सकते है अच्छा एक और रास्ता है जो करगुआ की तरफ से है तो आप<strong> <em>Places to visit in Jhansi</em>  </strong>मतलब झाँसी घुमक्कड़ी की लिस्ट में कैमासन देवी मन्दिर को भी शामिल कर ले |</p>



<h4 class="wp-block-heading">करगुवां जी जैन मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">झाँसी से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है <strong>करगुवां जी जैन मन्दिर</strong> जो की अतिशय क्षेत्र सांवलिया पार्श्वनाथ का मंदिर है यह जैन मंदिर परिसर अत्यधिक शांत है  , करगुवां जी जैन मन्दिर करगुवां गाँव में है यहाँ के मंदिर अत्यधिक भव्य है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">सैंट जूड चर्च झांसी का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>सैंट जूड चर्च  झाँसी</strong> की सबसे लोकप्रिय चर्च है यह दिखने में बहुत ही आकर्षक है <strong>सैंट जूड चर्च  झाँसी</strong> के सिविल लाइन में स्थित एक चर्च है जो की कैथोलिक ईसाइयो का धार्मिक स्थल है , सैंट जूड ईसा मसीह के 12 करीबियों में से एक थे यह काफी बड़ी चर्च है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="807" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सैंट-जूड-चर्च-झांसी.jpg" alt="सैंट जूड चर्च झांसी" class="wp-image-11045" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सैंट-जूड-चर्च-झांसी.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सैंट-जूड-चर्च-झांसी-149x300.jpg 149w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>सैंट जूड चर्च</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">ऊपर हमने <strong>झांसी में घूमने की जगह</strong> के कुछ खास खास पर्यटन स्थल की बात की इनके अलावा आप शहर में बलिदान पार्क , अटल एकता पार्क , पंचकुइयां मन्दिर , राजकीय उद्यान नारायण बाग़ , अतिया ताल आदि भी जा सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">झाँसी के आसपास घूमने की जगहे &#8211; Tourist Places near Jhansi in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">अब हम आपको कुछ उन जगहों के बारे में बताएँगे जो झाँसी शहर से थोड़ी सी दूरी पर है &#8211; </p>



<figure class="wp-block-table is-style-stripes"><table><tbody><tr><td><strong>पहुज बाँध </strong></td><td>शहर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है याहं आप बांध देख सकते है जलाशय देख सकते है बरसात में यहाँ का व्यू बहुत ही खूबसूरत होता है </td></tr><tr><td><strong>गढ़मऊ झील </strong></td><td><strong>गढ़मऊ झील </strong>एक बहुत ही रमणीक पर्यटन स्थल है यह एक झील है जो बहुत ही बड़ी है यहाँ पर बैठने की बढ़िया व्यवस्था है झाँसी रेलवे स्टेशन से गढ़मऊ झील लगभग 17 किलोमीटर दूर है |</td></tr><tr><td><strong>परीछा बाँध </strong></td><td>झाँसी रेलवे स्टेशन से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर है <strong>परीछा बाँध</strong> यहाँ एक झील और एक पार्क है यहाँ लोग घूमने आते है |</td></tr><tr><td><strong>सुकमा दुकमा बाँध</strong></td><td>बरसात में यह बाँध एक झरने सा दीखता है यह बबीना नाम की जगह पर है और रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है |</td></tr><tr><td><strong>माताटीला बाँध </strong></td><td>शहर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित <strong>माताटीला बाँध</strong> में आप एक पार्क पाएंगे एक मंदिर पाएंगे और बाँध तो है ही |</td></tr><tr><td><strong>पनरिया नाथ झरना</strong></td><td>यहाँ पर झरने से गिरता पानी धुंवे के रूप में बहुत दूर तक उड़ता है </td></tr><tr><td>ओरछा</td><td>झाँसी से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मध्य प्रदेश का ओरछा जो श्री राम राजा सरकार मंदिर और किले के लिये प्रसिद्ध है |<br><br><a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी – Orchha Tourist Places</a></td></tr><tr><td>बरुआसागर</td><td>झाँसी से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बरुआसागर में झील और किला देखने वाला है |<br><a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/">बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे क्या क्या देखे Baruasagar Fort</a></td></tr><tr><td>दतिया </td><td>मध्य प्रदेश का एक जिला है दतिया जो झाँसी से मात्र 28 किलोमीटर की दूरी पर है याहं आप माँ पीताम्बरी देवी के दर्शन हेतु जा सकते है |<br><a href="https://safarjankari.com/datia-tourist-places-datiya-me-ghumne-ki-jagahe-shopping-khanpan/">Datia Tourist Places – दतिया में घूमने की जगहें खानपान शापिंग की जानकारी</a></td></tr></tbody></table></figure>



<p>अब <strong>Places to visit in Jhansi</strong> के बाद अन्य बातो को जानते है &#8211; </p>



<h4 class="wp-block-heading">झाँसी के मुख्य बाज़ार &#8211; Famous Markets in Jhansi In Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">झाँसी के मुख्य बाजार <strong>सीपरी बाज़ार</strong> , <strong>सदर बाज़ार</strong> और <strong>मानिक चोक</strong> है यहाँ आपको आपकी जरूरत का लगभग हर सामान मिल जाएगा |</p>



<h4 class="wp-block-heading">झाँसी में होने वाले मेले महोत्सव </h4>



<p class="has-text-align-justify">झाँसी का सबसे बड़ा महोत्सव होता है <strong>झाँसी महोत्सव</strong> जिसे राज्य सरकार कराती है यह फरवरी महीने में होता है तो आप चाहे तो जानकारी करके आये और <strong>झाँसी महोत्सव</strong> का हिस्सा बने , फरवरी में ही नारायण बाग़ में सब्जियों और फूलो की प्रदर्शनी लगती है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">झाँसी के मशहूर खाने पीने के ठिये</h4>



<p class="has-text-align-justify">अब हम बात करेंगे झाँसी शहर के कुछ लोकप्रिय व्यंजनों के बारे में यहाँ हम आपको एक लिस्ट दे देंगे जिससे आपको बड़ी सहूलियत हो जायेगी &#8211; </p>



<ul class="has-medium-font-size wp-block-list"><li><strong>दाऊ के समोसे मिनर्वा चौराहा</strong> किले से थोड़ी दूरी पर </li><li>श्रीनाथ पाव भाजी सदर बाज़ार</li><li><strong>नारायण चाट सदर बाज़ार</strong></li><li><strong>गीता भोजनालय इलाइट चौराहा</strong></li><li>जनक्स रेस्टोरेंट इलाइट चौराहा</li><li>हवेली रेस्टोरेंट इलाइट चौराहा</li><li>वंदना स्वीट्स इलाइट चौराहा</li><li><strong>अवध फूड्स इलाइट चौराहा</strong></li><li><strong>बसन्त यादव की चाय सीपरी बाज़ार </strong></li><li>रस बहार रेस्टोरेंट सीपरी बाज़ार </li><li>वृन्दावन स्वीट्स रेस्टोरेंट सीपरी बाज़ार</li></ul>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="553" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/बसन्त-यादव-की-चाय-झांसी.jpg" alt="बसन्त यादव की चाय झांसी" class="wp-image-11033" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/बसन्त-यादव-की-चाय-झांसी.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/बसन्त-यादव-की-चाय-झांसी-244x300.jpg 244w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>बसन्त यादव की चाय सीपरी बाज़ार</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">झाँसी घूमने की अन्य काम की जानकारियां </h4>



<p class="has-text-align-justify">आप सबसे पहले पहुँच जाए <strong>रानी लक्ष्मीबाई पार्क</strong> फिर यही पास में <strong>राजकीय संग्रहालय</strong> देख ले फिर थोडा आगे डा. वृन्दावन लाल वर्मा पार्क देखो फिर झाँसी का किला देखो किला देखकर आ जाओ रानी महल यह सभी जगहे आसपास ही है आप पैदल भी घूम सकते है किले के पास ही मिनर्वा चौराहे के पास दाउ के समोसे खाना न भूलियेगा|</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>रानी महल</strong> से आप <strong>लक्ष्मी गेट</strong> होते हुये निकल जाओ <strong>राजा गंगाधर राव की छतरी</strong> की तरफ वहां आप महाकाली मन्दिर , लक्ष्मी मन्दिर , नवग्रह मंदिर , महावीर मंदिर देखो यह सभी पर्यटन स्थल पास में ही है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब जो झाँसी के टूरिस्ट पॉइंट बचे है उनके लिए आपको अलग अलग ही जाना होगा अप एक ऑटो या गाड़ी बुक करे और उसको सब नाम बता दे वो आपको घुमा देगा ऊपर जो बताया वो ऐसा है की एक ही जगह कई पर्यटन स्थल है तो वो सब आप एक साथ कवर कर सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">महारानी लक्ष्मीबाई का शहर झाँसी साफ़ सफाई में बढ़िया है यहाँ की साफ़ सफाई मुझे अच्छी लगी और एक बात यहाँ जगह जगह पर पब्लिक टॉयलेट बने है जो कि एक बहुत बढ़िया बात   है |</p>



<p>इलाइट चौराहे पे जरूर आये और यहाँ पर <strong>गीता भोजनालय</strong> , जनक्स रेस्टोरेंट , हवेली रेस्टोरेंट , अवध फूड्स , वंदना स्वीट्स आदि का स्वाद ले और यही से पास में ही है <strong>सैंट जूड चर्च </strong>आप चर्च भी देख ले |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब आप चित्रा चौराहे की तरफ आइये यहाँ आप <strong>पंचतंत्र पार्क</strong> देखिये फिर सीपरी बाज़ार आकर <strong>बसन्त की चाय</strong> , रसबहार रेस्टोरेंट , वृन्दावन रेस्टोरेंट का स्वाद चखे और निकल जाए मेजर ध्यान चंद प्रतिमा की तरफ इस प्रतिमा को देखे |</p>



<p class="has-text-align-justify">सदर बाज़ार आकर श्रीनाथ की पावभाजी , और नारायण चाट का स्वाद ले फिर आप के पास जैसा समय हो भारत माता मंदिर , कैमासन देवी मंदिर , पहुज बाँध , गढ़मऊ झील , माताटीला बाँध , सुकमा दुकमा बाँध , पनारिया नाथ झरना , परीछा बाँध , ओरछा , बरुसागर , दतिया भी जा सकते है |</p>



<p><strong>झांसी के पर्यटन स्थल </strong>से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; Questions <strong>Places to visit in Jhansi</strong> </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662979752305"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी किस राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झांसी उत्तर प्रदेश राज्य में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662979884390"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>Places to visit in Jhansi</strong>  bataiye ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Jhansi Fort , Rani Mahal , Raja Gangadhar Rao ki Chhatari ,Laxmi Mandir , Kaimasan Devi Mandir , Bharat Mata Mandir , Pahuj Bandh , Sukma Dukma Bandh , Gadhmau Jheel , Sakhi ke hanuman Mandir Aadi.</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662980079715"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झांसी रानी लक्ष्मीबाई के लिए प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662980165097"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी के प्रसिद्ध मन्दिर बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">भारत माता मंदिर , कैमासन देवी मंदिर , लक्ष्मी मंदिर , सखी के हनुमान मंदिर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662980395797"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; उत्तर प्रदेश के किस शहर में <strong>मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा</strong> बनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा उतर प्रदेश के झांसी में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662980504421"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; गढ़मऊ झील कहा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">गढ़मऊ झील उत्तर प्रदेश के शहर झांसी में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662980554445"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी कैसे घूमे ?</strong> <p class="schema-faq-answer">झाँसी में आप एक ई रिक्शा बुक कर ले और दिनभर घूमिए |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662980672261"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी घूमने के लिये कितने दिन चाहिये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">महत्वपूर्ण जगहों पर ही जाना है तो एक दिन पर्याप्त है वैसे झांसी आओ 3-4 दिन में घूम पाओगे |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662984101412"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी घूमने का बेस्ट टाइम कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">किसी भी महीने में आप यहाँ आ सकते है लेकिन यदि गर्मी से बचना है तो आप यहाँ सर्दियों में आइये और्यादी झांसी के बांध झील का मजा लेना है तो अप बरसात में आइये |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662984245655"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी के प्रसिद्ध पार्क बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">पंचतंत्र पार्क , रानी लक्ष्मी बाई पार्क ,  मैथिली शरण गुप्त पार्क , डॉ वृन्दावन लाल वर्मा पार्क |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662984372319"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झांसी में घूमने की जगहों के नाम बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>झांसी का किला</strong> , रानी महल , सखी के हनुमान मन्दिर ,<strong> राजकीय संग्रहालय झांसी</strong> , <strong>रानी लक्ष्मी बाई पार्क</strong> , इस्कान मन्दिर , मैथिली शरण गुप्त पार्क , बरुआसागर , <strong>सैंट जूड चर्च</strong> , भारत माता मन्दिर , पंचतंत्र पार्क , <strong>राजा गंगाधर राव की छतरी</strong> , <strong>लक्ष्मी मन्दिर</strong> , <strong>महाकाली मन्दिर</strong> , कैमासन देवी मन्दिर ,  करगुवां जैन मन्दिर , <strong>मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा</strong>  , <strong>गढ़मऊ झील</strong> , पहुज बाँध , माताटीला बाँध , सुकमा दुकमा बाँध आदि है |</p> </div> </div>



<p class="has-text-align-justify">दोस्तों हमने आपको झांसी के बारे में इस लेख में बहुत कुछ बताया है वैसे अगर यहाँ के खास खास पर्यटन स्थल की बात करे तो <strong>झाँसी फोर्ट</strong> , <strong>रानी महल</strong> , <strong>राजा गंगाधर राव की छतरी</strong> , महाकाली मंदिर , <strong>लक्ष्मी मंदिर</strong> है बाकी <strong>Places to visit in Jhansi</strong> में बहुत से पर्यटन स्थल है जो बता दिये है आप कमेन्ट करके अवश्य बताये आपको यह लेख कैसा लगा |</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/places-to-visit-in-jhansi-in-hindi/">30+ Places to visit in Jhansi &#8211; झांसी में घूमने की जगह की समस्त जानकारी</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
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		<title>ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी &#8211; Orchha Tourist Places</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Feb 2022 09:01:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Natural]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[ओरछा धाम]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश में घूमने की जगहे]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>ओरछा एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो आध्यात्म , इतिहास और प्रकृति की सुन्दरता से भरा पड़ा है यह मात्र एक ऐसी जगह है जहाँ भगवान राम की पूजा राजा के रूप में होती है यह स्थल बुन्देला राजाओ का केंद्र रहा है ओरछा में घूमने की जगहों में रामराजा सरकार मन्दिर , जहाँगीर महल , दाउजी की हवेली , राजा महल , राय परवीन महल ,  चतुर्भुज मन्दिर , बेतवा नदी के किनारे शाही छतरियां  , लक्ष्मी नारायण मन्दिर , फूल बाग़ , सावन भादो पिलर , वन्य जीव अभयारण्य , श्री हरदौल बैठका , जानकी जू मन्दिर धाम , अमर महल , श्री दिगंबर जैन मन्दिर आदि है &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>ओरछा</strong> एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो आध्यात्म , <a href="https://safarjankari.com/historical-places/">इतिहास </a>और प्रकृति की सुन्दरता से भरा पड़ा है यह मात्र एक ऐसी जगह है जहाँ भगवान राम की पूजा राजा के रूप में होती है यह स्थल बुन्देला राजाओ का केंद्र रहा है ओरछा में घूमने की जगहों <strong>Orchha Tourist Places</strong> में <strong>श्री रामराजा सरकार मन्दिर</strong> , <strong>जहाँगीर महल</strong> , दाउजी की हवेली , राजा महल , राय परवीन महल ,  चतुर्भुज मन्दिर , <a href="https://www.britannica.com/place/Betwa-River" target="_blank" rel="noreferrer noopener">बेतवा नदी</a> के किनारे <strong>शाही छतरियां</strong>  , <strong>लक्ष्मी नारायण मन्दि</strong>र , फूल बाग़ , सावन भादो पिलर , वन्य जीव अभयारण्य , श्री हरदौल बैठका , जानकी जू मन्दिर धाम , अमर महल , श्री दिगंबर जैन मन्दिर आदि है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>ओरछा </strong>मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में है इस जगह की स्थापना राजा रूद्र प्रताप सिंह जू जी ने की थी फिर मधुकर शाह  , वीर सिंह देव ने भी यहाँ राज किया है इस जगह पर पहले परिहार राजाओ ने राज किया फिर चंदेल राजाओ ने यहाँ राज किया और फिर बुंदेलो ने बताते है की ओरछा का <strong>राम राजा सरकार मंदिर</strong> विश्व में एकलौता ऐसा मन्दिर है जहाँ श्रीराम की पूजा भगवान के रूप में नहीं बल्कि एक राजा के रूप में होती है रामराजा सरकार को <strong>ओरछा</strong> की महारानी गणेश कुंवर पैदल ही अयोध्या से  लाइ थी |</p>



<h3 class="wp-block-heading">About Orchha in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify">मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित <strong>ओरछा </strong>सच में एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ आपको जरूर आना चाहिए यहाँ के भव्य किले अपनी बेजोड़ वास्तुकला के लिए जाने जाते है इस स्थल में बहती बेतवा नदी के जल की कल-कल की आवाज आपको मंत्रमुग्ध कर देती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ के पुरानी शैली में बने भव्य मन्दिर भी देखते ही बनते है ओरछा के कण-कण में इतिहास छुपा हुआ है और इस छोटे से पर्यटन स्थल की प्राकृतिक ख़ूबसूरती , किलो महलों की भव्यता विशालता , यहाँ के मन्दिरों की मान्यता इसे एक ऐसा पर्यटन स्थल बना देती है जिसमे इतिहास भी है आध्यात्म भी है और प्राकृतिक सुंदर नज़ारे भी है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> <strong>Orchha Tourist Places</strong> में आपको महलों किलो मंदिरो के अलावा रिवर राफ्टिंग , जंगल सफारी का भी लुत्फ़ मिलेगा ओरछा को मध्य प्रदेश की अयोध्या भी कहते है यहाँ जब आप प्रवेश करते हो तो सबसे पहले आप का स्वागत होता है ऐतिहासिक प्रवेश द्वार से बस यही से आपको लगता है की हम किसी राजा महाराजो की नगरी आ गए है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे यहाँ &#8211; How to Reach Orchha in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">यह पर्यटन स्थल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सटा हुआ है अगर भौगोलिक स्थिति की बात करे तो <strong>ओरछा मध्य प्रदेश</strong> के निवाड़ी जिले के अंतर्गत आता है वही उत्तर प्रदेश के शहर झाँसी से यहाँ की दूरी महज 14-15 किलोमीटर होगी मध्य प्रदेश के एक और शहर ग्वालियर से <strong><em>ओरछा</em></strong>  की दूरी लगभग 120 किलोमीटर होगी यहाँ पहुंचना बहुत ही आसान है |<br><br>यदि आप यहाँ तक वायुमार्ग से आना चाह रहे है तो आपको बता दे <strong>ओरछा</strong> का सबसे नजदीक का एअरपोर्ट ग्वालियर में है और ग्वालियर से यहाँ की दूरी लगभग 128 किलोमीटर होगी अच्छा यहाँ का दूसरा नजदीक का एअरपोर्ट खजुराहो है जिसकी ओरछा से दूरी लगभग 176 किलोमीटर होगी तो आपको आगे का सफ़र ट्रेन या बस या गाडी बुक करके करना पड़ेगा |<br><br>अब यदि आप ट्रेन से आना चाह रहे हो तो आपको बता दे कि <strong><em>ओरछा</em></strong> में  खुद का रेलवे स्टेशन है जिसका कोड ORC है लेकिन यहाँ पर बहुत की कम ट्रेन चलती है जो ट्रेन है भी वो लोकल की है मतलब झाँसी से ही तो ट्रेन से आपके लिए क्या बेस्ट रहेगा आइये बताते है ओरछा से महज 14-15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है झाँसी का वीरांगना लक्ष्मीबाई जंक्शन जिसका कोड VGLB है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> झाँसी के लिए आपको भारत के लगभग हर बड़े शहर से कोई न कोई ट्रेन मिल जाएगी तो पहले आओ झाँसी फिर झाँसी से पब्लिक साधन से आना है तो झाँसी बस स्टैंड से टेम्पो सीधे ओरछा आते है बाकी आप अपना ऑटो या गाड़ी बुक करके भी जा सकते हो |<br><br>यदि आपको सड़क मार्ग से आना है तो आप को बता दे यहाँ का सबसे नजदीकी बस स्टैंड झाँसी का है तो आप झाँसी तक आइये फिर झाँसी से तमाम बस ऑटो टेम्पो चलते है बाकी आप ग्वालियर खजुराजो से भी आराम से ओरछा तक आ सकते बढ़िया सड़के है |</p>



<p class="has-text-align-justify">पब्लिक साधन से आना है तो झाँसी बस स्टैंड से टेम्पो चलते है जो 40 रूपये लेंगे और आपको <strong>ओरछा</strong> पहुंचा देंगे ये टेम्पो आपको जहाँ पर उतारेंगे वहां से थोडा सा पैदल चलेंगे तो आप श्री राम राजा मन्दिर के सामने पहुँच जायेंगे |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/place-to-visit-in-jhansi-hindi-me/">Place to visit in Jhansi – झांसी घूमने से जुड़ी समस्त जानकारी</a></p>



<h5 class="wp-block-heading">नगर ओरछा के अन्दर घूमने के साधन </h5>



<p class="has-text-align-justify">अब आपको बताते है कि <strong>ओरछा </strong>के अन्दर एक प्लेस से दूसरे प्लेस तक घूमने के लिए क्या-क्या साधन मौजूद है तो देखिये ओरछा के सभी टूरिस्ट स्पॉट लगभग पास-पास ही है तो यदि आप थोडा बहुत पैदल चल सकते है तो आपको यहाँ घूमने के लिए किसी भी साधन की आवश्कता नहीं पड़ेगी बाकी यदि आप साधन से ही घूमना चाहते है तो आप यहाँ ई-रिक्शा या ऑटो या फिर कोई गाड़ी बुक कर लीजिये और घूमिये लेकिन साधन की आवश्यकता नहीं है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कहाँ रुके &#8211; Where to Stay in Orchha in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">वैसे आप चाहे तो एक दिन में <strong>ओरछा</strong> घूम सकते है लेकिन मेरी मानिये तो एक रात तो यहाँ जरूर रुकिए यह एक जाना माना पर्यटन स्थल है तो यहाँ होटल गेस्ट हाउस आदि  की कोई भी कमी नहीं है आप अपने बजट के अनुसार रूम देखकर इतमिनान से कोई भी होटल बुक कर ले यहाँ सस्ते से लेकर महंगे होटल तक सब है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि आपका बजट कम है तो आप<strong> राम राजा सरकार मंदिर</strong> की धर्मशाला जिसका नाम <strong>श्री राम राजा धर्मशाला</strong> है जहाँ आपको रूम महज 100 रूपये में मिल जायेगा इसमें अटैच वाशरूम नहीं होगा वैसे यहाँ पर अटैच वाशरूम वाले रूम भी मिल जाते है जो की थोडा सा महंगे है आप इनकी बुकिंग ऑनलाइन इनकी <a href="https://www.ramrajatemple.mp.gov.in/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">वेबसाइट </a>से कर सकते हो और आपको वहां पर जाकर भी कमरा मिल जायेंगे यह धर्मशाला राम राजा मंदिर ट्रस्ट की है और मंदिर परिसर में ही है यहाँ थोड़ी सी साफ़ सफाई की कमी है |</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ओरछा</strong> में घूमने की जगहे &#8211; Orchha Tourist Places in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify">अब बात करेंगे <strong>ओरछा</strong> के प्रमुख दार्शनिक स्थलों की कहने का तात्पर्य आप जब भी यहाँ आओ तो आप क्या क्या घूम सकते हो उसकी जानकारी अब पढिये</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री राम राजा मन्दिर ओरछा धाम </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>श्री राम राजा मन्दिर ओरछा</strong> का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है यह मन्दिर क्या महल लगता है यह एक ऐसा मन्दिर है जहाँ पर श्रीराम को भगवान के रूप में नहीं अपितु एक राजा के रूप में पूजा जाता है यहाँ के लोकल लोग श्रीराम को अपना राजा मानते है यहाँ श्रीराम को सम्मान स्वरुप पुलिस द्वारा बदूक की सलामी भी दी जाती है |</p>



<p class="has-text-align-justify">जब आप <strong>श्री</strong> <strong>राम राजा मन्दिर</strong>  की ओर आएंगे तो रास्ते में आपको ढेर सारी प्रसाद की दुकाने, फूल-माँलो की दुकाने, भोजनालय , खिलौनों आदि की दुकाने दिखाई पड़ेंगी आप अपनी आवश्कता अनुसार जो चाहे वो खरीद सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="552" height="526" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राम-राजा-मंदिर-ओरछा-धाम.jpg" alt="राम राजा मंदिर ओरछा धाम" class="wp-image-10976" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राम-राजा-मंदिर-ओरछा-धाम.jpg 552w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राम-राजा-मंदिर-ओरछा-धाम-300x286.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 552px) 100vw, 552px" /><figcaption>राम राजा मंदिर ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर.jpg" alt="श्री राम राजा सरकार मन्दिर" class="wp-image-10983" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">मन्दिर परिसर में आकर अपने चप्पल जूते उतार दे जिसकी यहाँ बढ़िया व्यवस्था है यहाँ पर लगेज रूम भी है जहाँ आप अपना सामान रख सकते हो  फिर जाकर अन्दर प्रवेश करे और लाइन में लगकर राजा राम के दिव्य दर्शन करे |</p>



<p class="has-text-align-justify">राजा राम के दर्शन के बाद मन्दिर प्रांगण में अन्य मंदिरों के दर्शन कर ले और चुपचाप कही पर बैठ कर इस दिव्य जगह की अनुभूति करे यकीन मानिये जब यहाँ पर श्रद्धालु जय श्री राम के जयकारे लगते है तो शरीर में राम भक्ति की बिजली कौंध जाती है  यहाँ पर दिन में चार बार आरती होती है |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/ram-janmbhumi-ayodhya-me-ghumne-ki-jagahe/">राम जन्मभूमि अयोध्या में घूमने की जगहे</a></p>



<p><a href="https://safarjankari.com/maa-purnagiri-yatra-ki-a-to-z-jankari/">Maa Purnagiri Yatra ki A to Z Jankari – माँ पूर्णागिरि मन्दिर कैसे जाये कहा ठहरे</a></p>



<p class="has-text-align-justify"><strong><em>राम राजा मन्दिर ओरछा</em></strong>  की पहचान है यहाँ मन्दिर प्रांगण में आप महाप्रसाद ले सकते हो जो की आपको 25 रूपये 60 रूपये और 120 रूपये में मिल जाता है 25 रूपये के महाप्रसाद में आपको दो लड्डू एक पान का बीड़ा और एक इत्र की कली रुई मिलती है आप इस महाप्रसाद को जरूर ले |</p>



<p class="has-text-align-justify">एक बात और और बता दे मंदिर प्रांगण में फोटोग्राफी मना है तो आप अन्दर फोटो न ले और बेल्ट पर्स आदि भी मना है फिर आपकी इच्छा जब मै गया था था कुछ लोग चोरी छिपे अन्दर फोटो ले रहे थे खैर वहां का नियम यही है की आप फोटोग्राफी न करे और बेल्ट पर्स वर्जित है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="405" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg" alt="श्री राम राजा मन्दिर का महाप्रसाद" class="wp-image-10982" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद-296x300.jpg 296w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>श्री राम राजा मन्दिर का  महाप्रसाद</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">सावन भादो पिलर <strong>ओरछा</strong> का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>राम राजा मन्दिर </strong>के समीप ही दो ऊँची ऊँची मीनारे बनी हुई है जिन्हें <strong>सावन भादो पिलर</strong> कहा जाता है इस मीनारों में खास यह है कि इनके नीचे सुरंगे बनी है जिनमे राजपरिवार के लोग आ जा सकते थे हालाँकि अब ये सुरंग बंद कर दी गई है लेकिन ये दोनों <strong>सावन भादो पिलर</strong> आज भी शान से खड़े है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सावन-भादो-पिलर.jpg" alt="सावन भादो पिलर" class="wp-image-10986" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सावन-भादो-पिलर.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सावन-भादो-पिलर-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>सावन भादो पिलर</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">श्री हरदौल बैठक फूलबाग <strong>ओरछा</strong> का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>सावन भादो</strong> से थोडा आगे जाने पर स्थित है <strong>श्री हरदौल बैठका</strong> जो कि राजा हरदौल के लिए जाना जाता है हरदौल जी राजा जुझार सिंह के भाई थे <strong>ओरछा</strong> में आज भी कोई मांगलिक कार्यक्रम होता है तो उसका पहला निमंत्रण राजा हरदौल को ही दिया जाता है |</p>



<p class="has-text-align-justify">हरदौल राजा वीर सिंह देव के सबसे छोटे पुत्र थे जहाँ पर <strong>हरदौल बैठका</strong> बना हुआ है वहां आसपास पेड़ पौधे है फव्वारे बने है और एक चबूतरा है जिसपर राजा हरदौल की प्रतिमा बनी है स्थानीय लोग राजा हरदौल को पूजते है इसी जगह को हरदौल बैठक , फूलबाग , हरदौल की समाधी स्थल आदि कहते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg" alt="श्री हरदौल बैठका ओरछा" class="wp-image-10984" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>श्री हरदौल बैठका ओरछा</figcaption></figure>
</div>

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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="483" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-हरदौल-की-प्रतिमा.jpg" alt="राजा हरदौल की प्रतिमा" class="wp-image-10975" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-हरदौल-की-प्रतिमा.jpg 483w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-हरदौल-की-प्रतिमा-300x257.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 483px) 100vw, 483px" /><figcaption>राजा हरदौल की प्रतिमा</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">जानकी जू मन्दिर धाम &#8211; Orchha Tourist Places in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">जानकी जू मन्दिर <strong>श्री राम राजा मन्दिर</strong> के समीप ही मुख्य चौराहे पर एक ऊँचे चबूतरे पर बना हुआ यहाँ आप जरूर आये और आकर माँ जानकी के दिव्य दर्शन का लाभ अवश्य ले इस मन्दिर का महत्त्व विवाह पंचमी में दिखाई देता है जब राम राजा सरकार की बारात निकलती है वह जानकी मंदिर में ही आती है यही पर इसी मन्दिर के पुजारी बरातियो को और राम राजा का स्वागत करते है तो आप यहाँ पर माँ जानकी के दर्शन जरूर करे |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="539" height="646" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जानकी-जू-मंदिर-ओरछा.jpg" alt="जानकी जू मंदिर ओरछा" class="wp-image-10972" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जानकी-जू-मंदिर-ओरछा.jpg 539w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जानकी-जू-मंदिर-ओरछा-250x300.jpg 250w" sizes="auto, (max-width: 539px) 100vw, 539px" /><figcaption>जानकी जू मंदिर ओरछा</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">श्री दिगम्बर जैन मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify"> श्री दिगम्बर जैन मन्दिर जानकी जू मन्दिर से थोड़ी ही दूरी पर है मुख्य सड़क पर ही इस मंदिर का नाम लिखा हुआ है आप यहाँ पर भी दर्शन कर ले यहाँ टाइमिंग का ध्यान देना रहता है आप सुबह ही दर्शन कर लो तो बेहतर है हम तो शाम को गए थे तब मन्दिर बंद था परन्तु एक सज्जन व्यक्ति चाभी लाकर मंदिर खोलकर दर्शन करवा दिए थे|</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="418" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-दिगम्बर-जैन-मंदिर-ओरछा.jpg" alt="श्री दिगम्बर जैन मंदिर ओरछा" class="wp-image-10981" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-दिगम्बर-जैन-मंदिर-ओरछा.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-दिगम्बर-जैन-मंदिर-ओरछा-287x300.jpg 287w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>श्री दिगम्बर जैन मंदिर ओरछा</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">चतुर्भुज मन्दिर <strong> ओरछा</strong> का प्रमुख पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>चतुर्भुज मंदिर ओरछा</strong> के प्रमुख मंदिरों में से एक है और इस भव्य मंदिर को राजा मधुकर शाह ने सन 1558 से 1573 के मध्य बनवाया था वैसे तो राजा मधुकर शाह ने राम जी के लिये यह मंदिर बनवाया था परन्तु उन्हें यहाँ किन्ही कारणों वश भगवान विष्णु को स्थापित करना पड़ा था तो अब यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर है यह मंदिर एक ऊँचे मंच पर बना एक बहुमंजिला मन्दिर है<strong> चतुर्भुज मंदिर</strong> की स्थापत्य कला असाधारण है |<br><br><strong><em>चतुर्भुज मंदिर</em></strong>  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत है यह मंदिर आयताकार है और इसमें दो ऊँचे ऊँचे शिखर है और चार छोटे शिखर है अगर हम मंदिर के अन्दर की बात करे तो आप यहाँ की नक्खाशी देखिये आपको आश्चर्य होगा यह बहुत ही खूबसूरत है अब ज्यादा क्या बताये आप जब जाओगे तो खुद ही <strong>चतुर्भुज मंदिर</strong> की बुन्देली शिल्पकला के कायल हो जाओगे यह <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> के समीप ही है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="828" height="474" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर.jpg" alt="चतुर्भुज मन्दिर" class="wp-image-10969" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर.jpg 828w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर-300x172.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px" /><figcaption>चतुर्भुज मन्दिर</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">ओरछा फोर्ट काम्प्लेक्स &#8211; ओरछा का किला </h4>



<p class="has-text-align-justify">अब बात करते है <strong>ओरछा के किले</strong> की जिसमे घूमने के लिए आपको कम से कम 3-4 घंटे चाहिए बाकी आप चाहे तो 30 मिनट में घूमे इच्छा आपकी ओरछा का किला <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> के सामने ही बना हुआ है यहाँ पर 10 रूपये का टिकट है आप टिकट लेकर अन्दर जाइये और बस घूमते रहिये वैसे तो इस किले में बहुत कुछ है लेकिन यहाँ के तीन महल सबसे महत्वपूर्ण है एक <strong>जहाँगीर महल</strong> दूसरा <strong>राजा महल</strong> तीसरा <strong>राय प्रवीण महल</strong> तो आइये जानते है इन सब महलों को |</p>



<h4 class="wp-block-heading">जहाँगीर महल <strong>ओरछा</strong> में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>जहाँगीर महल </strong>का निर्माण राजा वीर सिंह देव ने सन 1605 से सन 1627 के मध्य करवाया था और इस महल को जहाँगीर के सम्मान में बनवाया गया था इस महल में आपको बुन्देली स्थापत्य कला , राजपूत स्थापत्य कला , हिन्दू मुस्लिम स्थापत्य  कला का मिश्रण देखने को मिलेगा निसंदेह यह महल बहुत ही बड़ा और भव्य है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>जहाँगीर महल</strong> वर्गाकार है इसमें बहुत से कमरे है आकर्षक गुम्बद है और बालकनी भी बनी है इस महल में आप ऊपर जा सकते है ऊपर जाने के लिए सीढिया बनी हुई है <strong>जहाँगीर महल </strong>को आप सीढियों से जाकर ऊपर से भी अवश्य देखे यह बहुत ही सुन्दर महल है |<br><br><strong>जहागीर महल</strong> के सामने ही ऊंट खाना है जो की पहले एक बारादरी था लेकिन सत्रहवी शताब्दी से इसे ऊंट खाना बना दिया गया आप इस ऊंट खाना को भी देख सकते है यह एक ऊची चट्टान पर बना हुआ है , इस महल में पत्त्थरो पर जाली का काम शानदार है   <strong>Orchha Tourist Places</strong>  में यह महल भी खास है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg" alt="जहाँगीर महल ओरछा" class="wp-image-10970" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg 650w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>जहाँगीर महल</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="329" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल.jpg" alt="जहाँगीर महल" class="wp-image-10971" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-300x141.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /><figcaption>जहाँगीर महल</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">राय प्रवीण महल </h4>



<p class="has-text-align-justify">ऊंट खाना से आप नीचे जायेंगे तो वही पास में ही <strong>राय प्रवीण महल</strong> है इस महल  का निर्माण राजा इन्द्रजीत सिंह ने सन 1592 से 1605 के मध्य कराया था राय प्रवीण एक नृत्यांगना थी इसलिए <strong>राय प्रवीण महल</strong> के उपरी मंजिल में नृत्य करती हुई पेंटिंग बनाई गई  है यह महल दो मंजिल का है  इस महल के अन्दर एक खूबसूरत उद्यान भी है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अच्छा राय प्रवीण  कुशल नृतकी के साथ साथ कवियत्री व गायिका भी थी यह महल ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन आप इसे  <strong>Orchha Tourist Places</strong> की लिस्ट में जरूर शामिल कर ले  |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="585" height="411" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल.jpg" alt="राय प्रवीण महल" class="wp-image-10977" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल.jpg 585w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल-300x211.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल-130x90.jpg 130w" sizes="auto, (max-width: 585px) 100vw, 585px" /><figcaption>राय प्रवीण महल</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">राजा महल या राज महल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>राजा महल </strong>बनवाने की शुरुआत राजा रूद्र प्रताप ने सन 1531 में की थी फिर इसको इनके पुत्र भारती चन्द्र ने <strong>राजा महल</strong> को पूर्ण करवाया फिर इस महल को अंतिम रूप राजा मधुकर शाह ने प्रदान किया इस महल में दीवान ए खास और दीवान ए आम भी है <strong><em>राजा महल</em></strong>  में विष्णु जी के दसो अवतारों का चित्रण किया गया है |</p>



<p class="has-text-align-justify">राजा महल में स्थित दीवान ए खास को मधुकर शाह ने बनवाया था इस महल के कई कमरों की छतो पर सुन्दर चित्र बने है वही जाली कार्य यहाँ भी बेहतरीन है इस महल में बने मेहराब भी उत्कृष्ट है |<br> <strong>Orchha Tourist Places</strong> </p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="533" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Raja-Mahal-Orchha.jpg" alt="Raja Mahal Orchha" class="wp-image-10967" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Raja-Mahal-Orchha.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Raja-Mahal-Orchha-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>Raja Mahal Orchha</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-महल-ओरछा-किला.jpg" alt="राजा महल ओरछा किला" class="wp-image-10974" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-महल-ओरछा-किला.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-महल-ओरछा-किला-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>राजा महल ओरछा किला</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="694" height="440" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राज-महल-ओरछा.jpg" alt="राज महल ओरछा" class="wp-image-10973" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राज-महल-ओरछा.jpg 694w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राज-महल-ओरछा-300x190.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 694px) 100vw, 694px" /><figcaption>राज महल ओरछा</figcaption></figure>
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<p class="has-text-align-justify">इन तीनो महलों के अलावा आप <strong>ओरछा फोर्ट काम्प्लेक्स</strong> में शीश महल , दाउजी की कोठी , तीन दसियों की समाधी , पंचमुखी हनुमान मन्दिर , राधिका बिहारी मन्दिर , वनवासी राम मन्दिर , शाही दरवाजा , शिव मन्दिर , तोप खाना , बारूद खाना , पुरुषोत्तम दस का मकान, हमाम खाना , और कई कोठियां देख सकते हो और मेरी राय यही है आप यहाँ पर समय लेकर आओ और हर एक चीज देखो |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="510" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-दरवाजा-ओरछा-किला.jpg" alt="शाही दरवाजा ओरछा किला" class="wp-image-10980" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-दरवाजा-ओरछा-किला.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-दरवाजा-ओरछा-किला-300x278.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>शाही दरवाजा ओरछा किला</figcaption></figure>
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<p class="has-text-align-justify">अब बात करते है <strong>ओरछा किले के</strong> टिकट की तो यहाँ भारतीयों के लिए मात्र 10 रूपये टिकट है वही विदेशी नागरिको के लिए टिकट 250 रूपये है आपको बता दे <strong>ओरछा</strong> किले में एक साउंड एंड लाइट शो भी आयोजित होता है जो हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में होता है तो  जो साउंड एंड लाइट शो अंग्रेजी भाषा में होता है उसकी टाइमिंग गर्मियों ( मार्च से सितम्बर )  में शाम 7:30 से 8:30 है और ठंडी ( अक्टूबर से फरवरी ) में शाम 6:30 से 7:30 है |</p>



<p class="has-text-align-justify">वही हिंदी भाषा में होने वाले  साउंड एंड लाइट शो की टाइमिंग  गर्मियों ( मार्च से सितम्बर )  में रात 8:45 से 9:45  है और ठंडी ( अक्टूबर से फरवरी ) में रात 7:45 से 8:45 है अब हम इस शो के टिकट शुल्क की बात करे तो यह भारतीय वयस्क केलिए 200 रूपये है और भारतीय बच्चो के लिए 100 रूपये है जबकि विदेशी वयस्क के लिये टिकट 400 रूपये है  और विदेशी बच्चो के लिए 250 रूपये का टिकट है |<br><br>अब बात करते है इस साउंड एंड लाइट शो के आयोजन स्थल की तो यह <strong>ओरछा किले</strong> के अन्दर <strong>राजा महल</strong> में आयोजित किया जाता है | अच्छा <strong><em>ओरछा के किले</em></strong>  में आपको गाइड की भी सुविधा मिल जाएगी और यदि आप गाइड कर लेते तो आपको ज्यादा मजा आएगा बस आपसे फिर अनुरोध कर रहा हु यहाँ जाए तो समय लेकर जाये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">लक्ष्मी नारायण मन्दिर <strong> ओरछा</strong> का प्रमुख मंदिर</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>लक्ष्मी नारायण मंदिर ओरछा </strong>का एक जाना माना और महत्वपूर्ण मंदिर और पर्यटन स्थल है यह मन्दिर मुख्य रूप से माँ लक्ष्मी को समर्पित है इस मंदिर की दीवारों पर जो चित्रकारी है वह अद्भुत है लक्ष्मी नारायण मन्दिर को राजा वीर सिंह देव ने सन 1622 में बनवाया था यह एक ऊँची पहाड़ी पर बना एक महल जैसा मन्दिर है इस मन्दिर की पेंटिंग्स , गुम्बद , खिड़कियाँ बहुत ही खूबसूरत है यह एक मस्ट विजिट प्लेस है यहाँ आप जरूर आये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">ओरछा अभयारण्य </h4>



<p class="has-text-align-justify">सन 1994 में <strong>ओरछा अभयारण्य</strong> की स्थापना की गई थी यह घूमने के लिए एक बढ़िया जगह है यह विशेष रूप से पक्षियो के लिए प्रसिद्ध है आप यहाँ पर कई तरह के पक्षी देखने को पाएंगे इस अभयारण्य के दोनों तरफ नदी बहती है अगर यहाँ के टिकट की बात करे तो 50 रूपये है अच्छा पैदल आप जाओगे तो 50 रूपये प्रति व्यक्ति पड़ेंगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप दुपहिया वाहन से जाते हो टिकट आपको २०० रूपये की पड़ेगी जिसमे दो व्यक्ति जा सकते है  वही यदि आप कार जीप से जाते हो तो आपको 600 रूपये देने पड़ेंगे यदि आप ऑटो से जा रहे हो तो आपको 400 रूपये देने होंगे जिसमे आप ऑटो चालक सहित चार लोग ही जा सकते हो तो आप यहाँ भी अवश्य आये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">शाही छतरियां &#8211; <strong>Orchha Tourist Places</strong> </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>शाही छतरियां </strong>बेतवा नदी के किनारे पर है और यकीन मानिये ये शाही छतरियां वाकई में शाही है इनकी भव्यता देखने योग्य है अगर लोकेशन की बात करे तो यह सभी <strong>शाही छतरियां</strong> कंचना घाट पर स्थित है यहाँ बुंदेला राजाओ की छतरियां बनी हुई है |</p>



<p class="has-text-align-justify">इन छतरियो के सामने ही कल-कल बहती बेतवा नदी को देखना एक सुखद अनुभव रहता है यहाँ पर आप रिवर राफ्टिंग बोटिंग का भी मजा ले सकते हो और इसी स्थल पर I Love Orchha सेल्फी पॉइंट भी है फोटोग्राफी के लिए यह स्थल एक अच्छा  विकल्प है  |<br><br>राजा वीर सिंह देव की छत्री यहाँ पर सबसे भव्य है जिसे राजा जुझार सिंह ने सन 1627 में शुरू करवाया था यहाँ पर बुंदेला राजाओ और राज परिवार के सदस्यों की 15 छतरियां है जिनमे सबसे प्रमुख छत्री वीर सिंह देव , मधुकर शाह , पहाड़ सिंह , उद्वेत सिंह , जसवंत सिंह की है यह सभी छत्री पंचायतन मंदिरों के शैली में बनाइ  गई है |</p>



<p class="has-text-align-justify">सभी छतरियां एक वर्गाकार चबूतरे पर बनी है बीच में गर्भगृह है वो भी वर्गाकार है ज्यादातर छतरियां तीन मंजिल की है यहाँ एक सुन्दर उद्यान भी है तो आप यहाँ जरूर जाए और समय लेकर जाए  बेतवा नदी के किनारे घाट की सीढियों पर बैठना एक सुखद अनुभव होता है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="490" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा.jpg" alt="शाही छतरियां ओरछा" class="wp-image-10978" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा-300x184.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा-768x470.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>शाही छतरियां ओरछा</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="828" height="474" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg" alt="शाही छतरियां" class="wp-image-10979" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg 828w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-300x172.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px" /><figcaption>शाही छतरियां शाम के समय </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">संतोषी माता मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">संतोषी माता मंदिर <strong>ओरछा के श्री राम राजा मन्दिर</strong> के समीप ही है और एक पहाड़ी पर बना हुआ है यह भी एक सुन्दर मन्दिर है जब आप यहाँ जाते हो तो ऊपर से आपको राम राजा सरकार मन्दिर चतुर्भुज मन्दिर ओरछा का किला छतरियां सबका बढ़िया व्यू मिल जाता है तो आप यहाँ भी दर्शन और व्यू हेतु जा सकते है <strong>Orchha Tourist Places</strong> में आप इस मन्दिर को इसके सुन्दर व्यू के लिए जरूर शामिल करे |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="508" height="545" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Santoshi-Mata-Mandir-Orchha.jpg" alt="Santoshi Mata Mandir Orchha" class="wp-image-10968" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Santoshi-Mata-Mandir-Orchha.jpg 508w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Santoshi-Mata-Mandir-Orchha-280x300.jpg 280w" sizes="auto, (max-width: 508px) 100vw, 508px" /><figcaption>Santoshi Mata Mandir Orchha</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="403" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg" alt="संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो ओरछा धाम" class="wp-image-10985" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg 900w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-300x134.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-768x344.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /><figcaption>संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">ये तो हो गए ओरछा में घूमने के ख़ास ख़ास पॉइंट इसके अलावा और भी ढेरो ऐतिहासिक इमारते यहाँ पर है कई ऐतिहासिक धरोहरे होटल में बदल दी गई है जैसे अमर  महल होटल शीश महल होटल आप यहाँ भी घूमने जा सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">बरुआसागर</h4>



<p>वैसे तो यह स्थल झाँसी जिले में है लेकिन <strong>ओरछा</strong> से भी ज्यादा दूर नहीं है आप यहाँ से भी बरुआसागर ऑटो आदि से बड़ी ही आसानी से पहुँच सकते है बरुआसागर में आपको एक सुन्दर झील एक किला और कुछ मन्दिर देखने को मिलेंगे बरुआसागर एक बढ़िया जगह है यहाँ आपको जरूर जाना चाहिए  | <br><br><a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/">बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे क्या क्या देखे Baruasagar Fort</a></p>



<h4 class="wp-block-heading">विवाह पंचमी ओरछा &#8211; Festival Of Orchha in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये अगर हा ओरछा में मनाये जाने वाले त्योहारों की बात करे तो यहाँ पर रामनवमी धूम-धाम से मनाई जाती है इसके अलावा ओरछा का सबसे बड़ा आकर्षण है यहाँ होने वाली विवाह पंचमी जो कि नवम्बर -दिसम्बर में आयोजित की जाती है और इसमें राजा राम का विवाह होता है इस रा, विवाह पे निवाड़ी  जिला के डीएम यजमान बनते है पूरी ओरछा को सजा दिया जाता है श्री राम राजा धर्मशाला में एक विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाता है |<br><br> इस दिन राम राजा मंदिर से बाहर निकाले जाते है दुल्हा बनाये जाते है फिर रात करीब 8 बजे राजसी अंदाज में राम राजा की बारात निकाली जाती है जो ओरछा धाम के गलियारों से होती हुई जानकी मन्दिर आती है फिर यही पर रामजी का विवाह संपन्न होता है वाकई में यह त्यौहार अद्भुत होता है जीवन में आपको एक बार <strong><em>ओरछा</em></strong>  की विवाह पंचमी जरूर देखनी चाहिये इस दिन राजा राम को पुलिस द्वारा बन्दूक की सलामी भी दी जाती है |</p>



<p>अब हम आपको अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कुछ टिप्स देने जा रहे जिससे आप की <strong>ओरछा</strong> धाम यात्रा और भी बढ़िया होगी &#8211;</p>



<ul class="wp-block-list"><li>श्री राम राजा मन्दिर में आप दिन में दर्शन करे आरती में भी शामिल हो और शाम को लाइट जलने के बाद भी दर्शन करे |</li><li>चतुर्भुज मन्दिर में भी आप दिन में दर्शन करे और शाम को लाइट जलने के बाद भी दर्शन करे |</li><li><strong>ओरछा फोर्ट काम्प्लेक्स </strong>घूमने में जल्दबाजी न करे यहाँ पर कम से कम 3-4 घंटे जरूर दे इसके साथ ही साउंड एंड लाइट शो भी देख सकते है जिससे आपको यहाँ के इतिहास की जानकारी मिल जायेगी |</li><li>शाही छतरियो को भी दिन में देखे वाही घाट के कीनारे  बेतवा रिवर देखे राफ्टिंग भी करे और फिर शाम को लाइट जलने की बाद भी शाही छतरियों की तरफ जरूर आये |</li></ul>



<p><strong>ओरछा</strong>  से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817051505"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong>  कौन से राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>ओरछा</strong> मध्य प्रदेश राज्य में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817075871"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले की सीमा पर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817139479"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> में कौन कौन से महल है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">जहाँगीर महल , राजा महल , राय प्रवीण महल |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817190853"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> की रानी का नाम क्या था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">कुंवर गणेशी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817239694"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा  अपने किलो महलों और श्री राम राजा सरकार के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817284165"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> का प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री राम राजा सरकार मंदिर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817351974"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong>  घूमने के लिये कितने दिन काफी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दो दिन |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817390287"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong>  में कौन सी नदी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बेतवा नदी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817412974"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; श्री राम राजा सरकार मंदिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री राम राजा सरकार मंदिर मध्य प्रदेश के ओरछा  में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817470319"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झाँसी से <strong>ओरछा</strong> की दूरी कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 13 किलोमीटर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817528933"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; भगवान् राम को राजा के रूप में कहाँ पूजा जाता है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा के श्री राम राजा मंदिर में |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817602061"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न- <strong>ओरछा</strong> में घूमने की जगहे बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा के किले में स्थित जहाँगीर महल , राजा महल , राय प्रवीण महल <br/>श्री राम राजा सरकार मंदिर <br/>शाही छतरियां <br/>लक्ष्मी नारायण मंदिर<br/>चतुर्भुज मन्दिर <br/>ओरछा अभयारण्य<br/>बेतवा नदी </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817815734"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; चतुर्भुज मन्दिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">चतुर्भुज मन्दिर ओरछा में है |</p> </div> </div>



<p class="has-text-align-justify">दोस्तों <strong>ओरछा</strong> आकर आप निराश नहीं होंगे यहाँ के भव्य ऐतिहासिक किले-महल तो आपको पसंद आयेंगे ही साथ में बेतवा नदी के किनारे के व्यू आपको बार बार फोटो लेने पे मजबूर करेंगे वही <strong>श्री राम राजा मन्दिर</strong> में बजते राम जी के कीर्तन आपमें राम भक्ति की सकारात्मक उर्जा भर देंगे वही  <strong><em>Orchha Tourist Places</em></strong>  के  <strong>लक्ष्मी नारायम मन्दिर</strong> और <strong>चतुर्भुज  मन्दिर</strong> अपनी वास्तुकला से आपको कायल कर देंगे तो सोचिये मत समय निकालकर एक बार मध्य प्रदेश के <strong>ओरछा धाम</strong>  अवश्य आइये पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेन्ट करे शेयर करे |</p>
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		<title>बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी Baruasagar Fort ki Jankari</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Jan 2022 14:53:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Natural]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[फेमस फ़ूड]]></category>
		<category><![CDATA[Street Food of India]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>बरुआसागर झाँसी जिले में स्थित एक नगर पालिका परिषद है यहाँ आपको देखने के लिए बरुआसागर का किला Barua Sagar Fort और एक बहुत ही सुन्दर झील और झरना है इनके अलावा यहाँ एक पार्क कम्पनी बाग़ भी है और कई मन्दिर जैसे मंसिल  माता मन्दिर वेद मन्दिर आदि और एक मठ जिसका नाम जराय का मठ  है  जहाँ पर यह झरना और झील है उस स्थान पर कई मन्दिर कई छोटे छोटे कुण्ड भी है अरे हाँ  पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर के देशी घी के रसगुल्ले भी लिस्ट में शामिल कर ले &#124;</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>बरुआसागर </strong><a href="https://safarjankari.com/place-to-visit-in-jhansi-hindi-me/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">झाँसी</a> जिले में स्थित एक नगर पालिका परिषद है यहाँ आपको देखने के लिए बरुआसागर का किला <strong><a href="https://jhansi.nic.in/tourist-place/baruasagar/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">Barua Sagar</a> Fort</strong> और एक बहुत ही सुन्दर झील और झरना है इनके अलावा यहाँ एक पार्क कम्पनी बाग़ भी है और कई मन्दिर जैसे मंसिल  माता मन्दिर वेद मन्दिर आदि और एक मठ जिसका नाम <strong>जराय का मठ</strong>  है  जहाँ पर यह झरना और झील है उस स्थान पर कई मन्दिर कई छोटे छोटे कुण्ड भी है अरे हाँ  <strong>न्यू</strong> <strong>पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर</strong> के देशी घी के रसगुल्ले भी लिस्ट में शामिल कर ले |</p>



<h2 class="wp-block-heading">बरुआसागर कहाँ है ?</h2>



<p class="has-text-align-justify">आपने हो सकता है <strong>बरुआसागर </strong>का नाम सुना हो लेकिन आखिर ये है कहाँ पर आइये बताते है  देखिये यह स्थल उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में है और मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले का मुख्य पर्यटन स्थल है , ओरछा से भी यह पर्यटन स्थल पास में ही है तो आप चाहो तो झाँसी से यहाँ चले जाओ या फिर ओरछा से अगर हम दूरी की बात करे तो झाँसी से <strong>बरुआसागर</strong> की दूरी लगभग 21 किलोमीटर होगी वही अगर ओरछा से जाओगे तो ओरछा के किले से  लगभग 20 किलोमीटर पड़ेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">देखा आपने झाँसी और ओरछा दोनों से <strong>बरुआसागर </strong>की दूरी लगभग बराबर ही है आप चाहे जहाँ से यहाँ जाए मूलतः यह स्थल उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में ही आता है | अच्छा <strong>बरुआसागर</strong> झाँसी की एक नगर पालिका परिषद है और यहाँ की मुझे जो बात सबसे बढ़िया लगी बो थी साफ़ सफाई गज़ब की साफ़ सफाई यहाँ पर है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">यहाँ कैसे पहुंचे &#8211; How To Reach BaruaSagar in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">अब बात आती है कि  यहाँ तक आये कैसे तो सबसे बढ़िया विकल्प यही है की आप कभी भी झाँसी या ओरछा घूमने आये तो यहाँ आराम से घूम सकते है झांसी आने के लिये आपको देश के हर कोने से साधन मिल जायेंगे आप सबसे पहले झाँसी आ जाओ फिर झाँसी से कोई भी ऑटो या गाड़ी बुक कर लो और बड़े आराम से यहाँ आ जाओ यही काम आप ओरछा से भी कर सकते हो ओरछा से भी आप गाड़ी या ऑटो बुक करके यहाँ आसानी से आ सकते हो |<br><br>परन्तु यदि आपको पब्लिक साधन से आना है तो आपको झाँसी बस स्टैंड से यहाँ तक के लिये बस मिल जाएगी यदि बस नहीं भी मिलती है तो आप टिगेला तक आ जाओ टेम्पो से फिर आपको टिगेला से <strong>बरुआसागर </strong>बस स्टैंड  का टेम्पो मिल जायेगा |<br><br>अब यदि आप पब्लिक साधन से ओरछा से जाना चाहते हो तो आपको ओरछा से टिगेला के लिए ऑटो टेम्पो मिल जायेगा फिर टिगेला उतरकर आपको <strong><em>बरुआसागर</em></strong>  के लिए टेम्पो मिल जायेगा पब्लिक साधन से भी आप यहाँ बड़े आराम से पहुँच सकते हो लेकिन बेस्ट रहेगा की आप कोई ऑटो या गाड़ी बुक कर लो वैसे यदि आप अकेले है तो आप पब्लिक साधन से जा सकते है कोई परेशानी नहीं है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कहा रुके &#8211; Where To Stay in BaruaSagar in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">अगर हम बिलकुल प्रक्टिकली बात करे तो यहाँ आपको रुकने की कोई भी जरूरत नहीं है यह स्थल आप  दिन भर में घूमकर वापस झाँसी या ओरछा आ जाओगे आर यही सही भी है तो रुकने का कोई मतलब नहीं है यहाँ पर बस आप कोशिश करो की यहाँ सुबह आ जाओ तो जितना मन हो उतनी देर यहाँ रुको फिर वापस आ जाओ |</p>



<h4 class="wp-block-heading">बरुआसागर में घूमने की जगहे &#8211; Places To Visit In BaruaSagar in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">अब बात करते की आखिर <strong>बरुआसागर</strong> में देखने वाला क्या क्या है तो मोटा-मोटा जान लो यहाँ पर एक झील है झील के पास झरना है फिर एक किला है एक पार्क है बाकी मन्दिर है तो आइये शुरू करते है &#8211; </p>



<h4 class="wp-block-heading">बरुआसागर झील  / डैम और झरना Baruasagar Dam</h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये यहाँ आकर आप किसी से भी यहाँ के झरने के बारे में पूछ ले यहाँ का हर व्यक्ति आपको इस झील और झरने तक का रास्ता बता देगा लोकल में लोग इसे झरना बोलते है यहाँ पर जब आप प्रवेश करोगे तो शुरू होंगे मन्दिर आप जब यहाँ आये ही है तो सभी मन्दिरों में दर्शन करते जाए |</p>



<p class="has-text-align-justify"> हमको अब जाना है <strong>बरुआसागर झील </strong>या डैम देखने जिसके लिये हमें जीनो के रास्तो से ऊपर जाना होगा और इस रास्ते में कई धार्मिक स्थल पड़ेंगे इस जगह को स्वर्गाश्रम भी कहते है यहाँ पर एक आश्रम बना हुआ है जिसका नाम श्री श्री 108 ब्रम्हलीन स्वामी शरणानन्द सरस्वती महाराज है आप समय निकालकर इस आश्रम को देखे यहाँ पर आपको राधा कृष्ण मन्दिर , वेद मन्दिर आदि मिलेंगे जिनमे आप दर्शन कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/स्वामी-शरणानन्द-सरस्वती-महाराज-स्वर्गआश्रम-बरुआसागर.jpg" alt="स्वामी शरणानन्द सरस्वती महाराज स्वर्गआश्रम बरुआसागर" class="wp-image-10936" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/स्वामी-शरणानन्द-सरस्वती-महाराज-स्वर्गआश्रम-बरुआसागर.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/स्वामी-शरणानन्द-सरस्वती-महाराज-स्वर्गआश्रम-बरुआसागर-300x243.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>स्वामी शरणानन्द सरस्वती महाराज स्वर्गआश्रम बरुआसागर</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">फिर आगे जाकर आपको चार कुंड दिखाई देंगे जिनका अपना अलग-अलग महत्व है आइये अब हम इन सभी कुण्ड का महत्त्व भी समझ ले यहाँ पर जो प्रथम कुण्ड है वो सिर्फ देव पूजन के लिये है मतलब प्रथम कुण्ड का जल आप पूजा-अर्चना के लिए इस्तेमाल कर सकते हो वही दूसरे कुण्ड से आप किसी बर्तन में जल को लेकर कुण्ड से थोड़ी दूरी पर जाकर पी सकते है फिर तृतीय कुण्ड में आप बर्तन से जल लेकर स्नान कर सकते है वही चतुर्थ कुण्ड में आप बर्तन से जल लेकर कपडे धुल सकते हो कौन सा कुण्ड प्रथम है कौन द्रतीय यह जानने के लिए वहां पर लिखा हुआ है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Barua-Sagar-Jhansi-me-Bana-Kund.jpg" alt="BaruaSagar Jhansi me Bana Kund" class="wp-image-10927" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Barua-Sagar-Jhansi-me-Bana-Kund.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Barua-Sagar-Jhansi-me-Bana-Kund-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>पहला कुण्ड है ये </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">जहाँ पर ये चारो कुण्ड बने हुये है वहां आप बैठिये काफी अच्छा महसूस होता है एक छोटा सा झरना भी है यही पर अब आप जीने के रास्ते से ऊपर जाये और ऊपर आपको मिलेगा <strong>बरुआसागर</strong> इसे आप झील बोलो ताल बोलो या फिर बोलो डैम मर्जी आपकी इस झील को जब आप देखोगे मजा ही आ जायगा जहाँ तक नजर जाएगी बस पानी ही पानी दिखाई पड़ेगा बहुत ही सुन्दर झील है यहाँ आप एक अच्छा समय व्यतीत कर सकते हो |</p>



<p class="has-text-align-justify">देखिये <strong><em>बरुआसागर</em></strong>  एक कृत्रिम झील है जिसका निर्माण 260 साल पहले ओरछा के राजा उदित सिंह जी ने करवाया था यहाँ जो चार कुण्ड बने है वही पर ऋषि श्रृंगारी मंदिर बना हुआ है इस झील के चारो किनारों पर सीढियां बनी है जहां से उतरकर आप बिलकुल झील के समीप जा सकते हो और इन सीढियों पर बैठ सकते हो हालाँकि जब पानी ज्यादा होता है तो ये सारी सीढियां डूब जाती है झील के चारो तरफ तटबंध बनवाये गये है यह स्थल आपको बहुत ही मनमोहक लगेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">अब बात करते है <strong>बरुआसागर झरने</strong> की देखिये यहाँ पर कोई प्राकृतिक झरना नहीं है ये जो झील है झील क्या डैम जब यहाँ पर पानी की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब इसका पानी ओवरफ्लो होता है और नीचे आकर झरने में परिवर्तित हो जाता है और जब ऐसा होता है तो नीचे से आपको ये झरने जैसा ही दिखता है और वाकई में तब तो यह बहुत ही खूबसूरत हो जाता है तो आप कभी भी झाँसी या ओरछा तरफ आये यहाँ जरूर आये  अच्छा जो बरुआ सागर का झरना है वो बरसात में अपने चरम पे होता है|</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="699" height="453" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील.jpg" alt="बरुआसागर झील" class="wp-image-10934" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील.jpg 699w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 699px) 100vw, 699px" /><figcaption>बरुआसागर झील</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="485" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Barua-Sagar-ka-Mandir.jpg" alt="BaruaSagar ka Mandir" class="wp-image-10928" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Barua-Sagar-ka-Mandir.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Barua-Sagar-ka-Mandir-278x300.jpg 278w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>झील के पास मन्दिर</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी.jpg" alt="बरुआसागर झरना झाँसी" class="wp-image-10933" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>बरुआसागर झरना</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">Baruasagar Fort बरुआसागर का किला </h4>



<p class="has-text-align-justify">इस झील के किनारे ही एक किला है हालाँकि इसकी रास्ता आगे से है तो लगभग <strong><em>बरुआसागर झरने</em></strong>  से 1 किलोमीटर की दूरी पर  किले का प्रवेश मार्ग है यह किला काफी उंचाई पर बना हुआ है इस किले का निर्माण 18वी शताब्दी में हुआ था और इसका निर्माण राजा उदित सिंह जी ने करवाया था |</p>



<p class="has-text-align-justify">यह किला ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है इस किले का निर्माण प्रस्तर और लखोरी ईंटो से किया गया है इस किले के एक तरफ मनोरम <strong>बरुआसागर झील</strong> है तो वही दूसरी तरफ वन्य क्षेत्र है तो आप इस किले को देख सकते है किले का प्रवेश मार्ग काफी भव्य बना हुआ है यह किला भी अभी अच्छी दशा में है तो आप यहाँ भी जरूर आये  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="349" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Baruasagar-Fort-Jhansi.jpg" alt="Baruasagar Fort Jhansi" class="wp-image-10930" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Baruasagar-Fort-Jhansi.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Baruasagar-Fort-Jhansi-300x190.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>बरुआ सागर का किला </figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Baruasagar-Fort-Jhansi-Uttar-Pradesh.jpg" alt="Baruasagar Fort Jhansi Uttar Pradesh" class="wp-image-10929" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Baruasagar-Fort-Jhansi-Uttar-Pradesh.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Baruasagar-Fort-Jhansi-Uttar-Pradesh-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>बरुआसागर का किला </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">जराय का मठ &#8211; Jarai Ka Math</h4>



<p class="has-text-align-justify">जराय का मठ भी यहाँ का एक प्रसिद्ध मंदिर है जो कि  किले से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ये चंदेल काल का मंदिर है <strong>जराय का मठ</strong> पूर्वमुखी मन्दिर है इस मंदिर को 860 ईसवी में प्रतिहार द्वारा बनवाया गया था फिर बाद में मंदिर के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए थे फिर दुबारा 17वी शताब्दी में <strong>जराय के मठ</strong> को चंदेल राजाओ ने बनवाया था |</p>



<p class="has-text-align-justify"> यह मठ कुछ कुछ खजुराहो के मन्दिर की तरह दिखाई देता है इस मन्दिर की वास्तुकला दीवारों पे की गई नक्खाशी दीवारों पर देवी के बने  चित्र अद्भुत है यह मन्दिर प्रतिहार वास्तुकला का एक बेहतरीन उदहारण है <strong>जराय का मठ</strong> Jarai Ka Math<strong> </strong>भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित स्मारक है   |<br><br><a href="https://safarjankari.com/datia-tourist-places-datiya-me-ghumne-ki-jagahe-shopping-khanpan/">Datia Tourist Places – दतिया में घूमने की जगहें खानपान शापिंग की जानकारी</a></p>



<h4 class="wp-block-heading">राजकीय उद्यान कंपनी बाग़ </h4>



<p class="has-text-align-justify">यह एक पार्क है जहाँ आपको हरे भरे पेड़ एक बढ़िया वातारवरण मिल जायेगा यदि आपको प्रकृति से लगाव है शांत जगह पसंद है तो आप थोड़ी देर घूम सकते है कम्पनी बाग़  <strong>बरुआसागर किले</strong> से थोड़ी दूरी पर स्थित  है  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="439" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/कम्पनी-बाग़-बरुआसागर.jpg" alt="कम्पनी बाग़ बरुआसागर" class="wp-image-10931" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/कम्पनी-बाग़-बरुआसागर.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/कम्पनी-बाग़-बरुआसागर-273x300.jpg 273w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>कम्पनी बाग़ बरुआसागर</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">मंसिल माता दरबार </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>मंसिल माता का मन्दिर</strong> एक सिद्धपीठ है और इस मंदिर की यहाँ पर बहुत ही ज्यादा मान्यता है यह मंदिर <strong>बरुआसागर</strong> बस स्टैंड के समीप ही स्थित है यदि वहां के स्थानीय लोगो की बात माने तो इस मंदिर में बहुत से लोगो की मनोकामनाये पूरी होती है यहाँ पर सोमवार को ज्यादा भीड़ होती है तो जब आप <strong>Baruasagar</strong> आये ही है तो यहाँ के प्रसिद्द सिद्धपीठ <strong>मंसिल माता के मन्दिर</strong> में दर्शन अवश्य करे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="451" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सिद्धपीठ-मंसिल-माता-दरबार-बरुआसागर.jpg" alt="सिद्धपीठ मंसिल माता दरबार बरुआसागर" class="wp-image-10935" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सिद्धपीठ-मंसिल-माता-दरबार-बरुआसागर.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सिद्धपीठ-मंसिल-माता-दरबार-बरुआसागर-300x300.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सिद्धपीठ-मंसिल-माता-दरबार-बरुआसागर-150x150.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>सिद्धपीठ मंसिल माता दरबार बरुआसागर</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">ऊपर मैंने आपको कुछ टूरिस्ट पॉइंट बताये इसके अलावा <strong><em>बरुआसागर</em></strong>  में एक घुघई मठ है जिसे भी चंदेल राजाओ ने बनवाया था हालाँकि यहाँ मै जा नहीं पाया लेकिन यह भी एक बढ़िया जगह है जहाँ आप जा सकते हो तो आपको बरुआसागर में सबसे पहले  झरना झील देखनी है फिर कंपनी बाग़ फिर<strong> Baruasagar Fort</strong> फिर <strong>जराय का मठ</strong> फिर बस स्टैंड पर आकर <strong>मंसिल माता</strong> के दर्शन करे ये तो हो गई बात घूमने की इसके बाद यहाँ की एक और बात बड़ी प्रसिद्ध है और वो है एक मिष्ठान भण्डार आइये उसे भी जान लेते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading"> न्यू<strong> </strong> पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>न्यू पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर</strong> और आसपास के क्षेत्र मतलब बुन्देलखण्ड में काफी ज्यादा फेमस है इस मिष्ठान भण्डार ने अपनी बेहतरीन गुणवत्ता की वजह से इस क्षेत्र में एक अच्छी पकड़ बना ली है सन 1963 में इस मिठाई की दुकान की शुरुआत नाथूराम पाण्डेय जी ने की थी तब यह एक छोटी सी दुकान हुआ करती थी फिर इन्होने अपनी मेहनत और गुणवत्ता  की दम पर आज एक बड़ा मकाम हासिल कर लिया है , <strong>न्यू</strong> <strong>पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर</strong>  का देशी घी में बना रसगुल्ला गज़ब का स्वाद देता है दूर-दूर से लोग यहाँ पर आते है और इस रसगुल्ले का स्वाद लेते है  |</p>



<p class="has-text-align-justify">  <strong>न्यू</strong> <strong>पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर </strong>स्थित दुकान के बुन्देलखण्ड केशरी रसगुल्ले का साइज़ और वजन दोनों ही काफी बड़े है और रेट 30 रूपये प्रति रसगुल्ला है और यकीन मानिये  यदि आपको मीठा पसंद है तो आप पाण्डेय जी का रसगुल्ला बहुत ही पसंद आएगा यहाँ पैकिंग की भी व्यवस्था है आप इनका रसगुल्ला अपने घर भी ले जा सकते हो तो कभी भी इस तरफ आना हो तो  <strong>न्यू</strong> <strong>पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर</strong>  का देशी घी में बना रसगुल्ला अवश्य खाये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="432" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/न्यू-मिष्ठान-भण्डार-बरुआसागर.jpg" alt="न्यू मिष्ठान भण्डार बरुआसागर" class="wp-image-10932" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/न्यू-मिष्ठान-भण्डार-बरुआसागर.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/न्यू-मिष्ठान-भण्डार-बरुआसागर-300x259.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>न्यू मिष्ठान भण्डार बरुआसागर</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify">बरुआसागर से आप 20 किलोमीटर दूर ओरछा भी घूमने जा सकते है &#8211; <br><a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी – Orchha Tourist Places (2022)</a></p>



<p><strong>बरुआसागर</strong> घूमने से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662814797466"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बरुआसागर किस राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>बरुआसागर</strong> उत्तर प्रदेश राज्य के झाँसी जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662814860035"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झाँसी से <strong>बरुआसागर</strong> कितने किलोमीटर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">21 किलोमीटर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662814928422"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बरुआसागर का किला कहा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले में बरुआसागर नाक की जगह पर यह किला है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662814987190"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211;  बरुआसागर का किला किसने और कब बनवाया था  ?</strong> <p class="schema-faq-answer"> इस किले का निर्माण 18वी शताब्दी में हुआ था और इसका निर्माण राजा उदित सिंह जी ने करवाया था |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662815049725"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बरुआसागर में घूमने की जगहे बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer">जराय का मठ , किला , झील झरना , मंसिल माता का मन्दिर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662815156317"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong><strong>न्यू</strong> पाण्डेय मिष्ठान भण्डार </strong>बरुआसागर में क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">न्यू पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर की एक लोकप्रिय और पुरानी दुकान है यह अपने रसगुल्ले के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662815277973"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Baruasagar Fort kya hai ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Ek Kila Jo Jhansi me BaruaSagar me hai </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662815366018"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Baruasagar Dam kaha hai ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Baruasagar Dam Uttar Pradesh ke Jhansi me hai </p> </div> </div>



<p class="has-text-align-justify">दोस्तों हमने आपको ऊपर <strong>बरुआसागर</strong> झाँसी की जानकारी दी जिसमे हमने आपको घूमने वाली सभी जगहों की जानकारी दी साथ में इस स्थल की एक प्रसिद्ध खाने पीने के ठिये<strong><em> <strong>न्यू</strong> पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर</em></strong> की भी जानकारी दी यदि आपको लेख पसन्द आया हो तो अपने दोस्तों में शेयर करे और कमेन्ट करके बताये भी कैसा लगा आपको यह लेख धन्यवाद |</p>
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		<title>20+ Datia Tourist Places &#8211; दतिया में घूमने की जगहें खानपान शापिंग</title>
		<link>https://safarjankari.com/datia-tourist-places-datiya-me-ghumne-ki-jagahe-shopping-khanpan/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 18 Jan 2022 20:52:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>इस पोस्ट में हम श्री पीताम्बरा पीठ की नगरी दतिया के बारे में जानेंगे दतिया मध्य प्रदेश का एक जिला है जो कि पीताम्बरा माई के लिए विश्व विख्यात है इस शहर में तमाम पौराणिक मंदिर ,ऐतिहासिक धरोहर , सरोवर , सुन्दर  प्राकृतिक द्रश्य आपको घूमने के लिये मिल जायेंगे दतिया के मुख्य पर्यटन स्थलों में माँ पीताम्बरा देवी मन्दिर , राजा वीर सिंह देव पैलेस , राम सागर तालाब , राम सागर फोर्ट , गुप्तेश्वर धाम , बडोनी , सोनागिरी जैन मन्दिर , रतनगढ़ माता मन्दिर , लाला का तालाब , इन्दरगढ़ का किला , बड़े गोविन्द जी का मंदिर , बड़ी माता का मन्दिर , पंचम कवी की टोरिया , बड़े गणेश जी का मंदिर , असनाइ का रामलला मंदिर, हनुमान गढ़ी मन्दिर किला चोक , श्री बालाजी सूर्य मन्दिर उनाव , पुरातत्व संग्रहालय , करन सागर , प्राचीन पद्मावती मन्दिर , सनकुंवा धाम  सेंवढा है &#124;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify"><strong>Datia Tourist Places</strong> की इस पोस्ट में हम श्री पीताम्बरा पीठ की नगरी दतिया के बारे में जानेंगे दतिया मध्य प्रदेश का एक जिला है जो कि पीताम्बरा माई के लिए विश्व विख्यात है इस शहर में तमाम पौराणिक मंदिर ,<a href="https://safarjankari.com/historical-places/">ऐतिहासिक</a> धरोहर , सरोवर , सुन्दर  प्राकृतिक द्रश्य आपको घूमने के लिये मिल जायेंगे<a href="https://wikitravel.org/en/Datia" target="_blank" rel="noreferrer noopener"> |</a></p>



<p class="has-text-align-justify"><a href="https://wikitravel.org/en/Datia" target="_blank" rel="noreferrer noopener">दतिया</a> के मुख्य पर्यटन स्थलों में माँ पीताम्बरा देवी मन्दिर , राजा वीर सिंह देव पैलेस , राम सागर तालाब , राम सागर फोर्ट , गुप्तेश्वर धाम , बडोनी , सोनागिरी जैन मन्दिर , रतनगढ़ माता मन्दिर , लाला का तालाब , इन्दरगढ़ का किला , बड़े गोविन्द जी का मंदिर , बड़ी माता का मन्दिर , पंचम कवी की टोरिया , बड़े गणेश जी का मंदिर , असनाइ का रामलला मंदिर, हनुमान गढ़ी मन्दिर किला चोक , श्री बालाजी सूर्य मन्दिर उनाव , पुरातत्व संग्रहालय , करन सागर , प्राचीन पद्मावती मन्दिर , सनकुंवा धाम  सेंवढा है |</p>



<p class="has-text-align-justify">शहर दतिया मध्य प्रदेश में आता है वैसे यह झाँसी और ओरछा के समीप ही है और इस शहर में घूमने के लिए बहुत कुछ है इस शहर को मिनी वृन्दावन भी कहा जाता है  इस पोस्ट के माध्यम से आपको  <strong>Datia Tourist Places</strong>  , दतिया का खानपान , दतिया की बाज़ार , दतिया में कहाँ रुका जाये आदि की जानकारी मिल जाएगी |</p>



<p class="has-text-align-justify"> वैसे तो दतिया ज्यादा फेमस नहीं है लेकिन ज्यादा फेमस क्यों नहीं है यह समझ नहीं आता क्यूंकि यहाँ पर मुझे तो चारो तरफ टूरिज्म ही टूरिज्म दिखा था छोटा शहर शांत शहर यहाँ के स्थानीय लोग भी बहुत ही हेल्पफुल है |</p>



<h2 class="wp-block-heading">Datia Tourist Places &#8211; दतिया के पर्यटन स्थल </h2>



<p class="has-text-align-justify">देखिये दतिया एक छोटा सा शहर है तो यहाँ पर कुछ तो घूमने की जगहे शहर में ही है और कुछ शहर से बाहर है हम  इस पोस्ट में आपको दतिया की लगभग सभी घुमने वाली जगहों के बारे में बतायेंगे बाकी फिर आपकी मर्जी की आपको कहाँ कहाँ जाना है &#8211; </p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री पीताम्बरा पीठ दतिया का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>श्री पीताम्बरा पीठ</strong> यह दतिया का एक ऐसा स्थल है जहाँ बगलामुखी माई के दर्शन हेतु लोग दूर दूर से खिंचे चले आते है <strong>माँ पीताम्बरा</strong> की दतिया में बहुत ही ज्यादा मान्यता है यहाँ पर बड़े बड़े राजनीतिज्ञ व्यक्ति , फ़िल्मी हस्तियाँ दर्शन करने आती रहती है मुख्य रूप से यह मंदिर <strong>माँ बगलामुखी</strong> को समर्पित है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> विश्व भर में मात्र यह एक ही मंदिर है जो माँ बगलामुखी को समर्पित है अगर इस शहर के स्थानीय लोगो की माने तो माँ के दरबार से हर व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है | प्राप्त जानकारी के अनुसार जहाँ पर यह मंदिर बना हुआ है पहले इसी स्थल पर शमशान था |<br><br>आपको  बता दे कि <strong>माँ पीताम्बरा </strong>को पीला रंग ज्यादा पसंद है इसलिए यहाँ पीले रंग के फूल , पीले वस्त्र , पीले रंग के लड्डू का इस्तेमाल करना चाहिए  माँ पीताम्बरा देवी मन्दिर परिसर में कई मंदिर है जैसे <strong>माँ धूमावती मंदिर</strong> , धूमावती मंदिर में माँ एक विधवा स्त्री के रूप में पूजी जाती है अच्छा एक और महत्वपूर्ण बात पे ध्यान दे माँ धूमावती के दर्शन सिर्फ शनिवार को ही मिलते है तो यदि आप शनिवार को जायेंगे तो आपको माँ बगलामुखी और माँ धूमावती दोनों के दर्शन का लाभ होगा , माँ धूमावती के दर्शन सौभाग्यवती स्त्रियों के लिए वर्जित है |<br><br><strong>श्री पीताम्बरा पीठ</strong> में माँ बगलामुखी और <strong>माँ धूमावती</strong> के मंदिर के साथ साथ परशुराम मन्दिर , माँ सरस्वती मंदिर , हनुमान मंदिर , श्री हरिद्रा सरोवरम , काल भैरव , बटुक भैरव , वनखंडेश्वर महादेव मंदिर भी है जहाँ आप जाकर दर्शन अवश्य करे | </p>



<p class="has-text-align-justify">मंदिर परिसर में पालीथीन बैग लेकर न जाए और न ही मोबाइल कैमरा से फोटो खींचे परिसर के बाहर ही निशुल्क जूता चप्पल घर है जहाँ आप अपने जूता चप्पल उतार के रख सकते हो  , निशुल्क अमानती सामान गृह है जिसमें आप अपना बैग आदि रख सकते हो |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="604" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Maa-Pitambara-Peeth-Datia-Tourist-Places.jpg" alt="Maa Pitambara Peeth Datia Tourist Places" class="wp-image-10899" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Maa-Pitambara-Peeth-Datia-Tourist-Places.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Maa-Pitambara-Peeth-Datia-Tourist-Places-273x300.jpg 273w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>माँ पीताम्बरा पीठ </figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="454" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/माँ-पीताम्बरा-देवी-पीठ-दतिया.jpg" alt="माँ पीताम्बरा देवी पीठ दतिया" class="wp-image-10910" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/माँ-पीताम्बरा-देवी-पीठ-दतिया.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/माँ-पीताम्बरा-देवी-पीठ-दतिया-264x300.jpg 264w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>माँ पीताम्बरा देवी पीठ </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify"><br><br>मंदिर परिसर के अन्दर अर्पित किया हुआ प्रसाद मिलता है जिसमे लड्डू मिलते है वो भी पीले रंग के अर्पित किये हुए प्रसाद की कीमत 20 रूपये 50 रूपये निर्धारित है तो कभी भी दतिया आये तो समय निकालकर माँ पीताम्बरा माई के दर्शन अवश्य करे विश्व विख्यात माँ पीताम्बरा पीठ का मन्दिर दतिया के बस स्टैंड से थोड़ी ही दूरी पर राजगढ़ चोक के पास स्थित है |<br><br>मंदिर सुबह 5 बजे से लेकर रत 10 बजे तक दर्शन हेतु खुला रहता है वैसे आजकल कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए यह मंदिर शनिवार और रविवार को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ही खुलेगा बाकि दिनों में वही पुरानी टाइमिंग है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><strong>माँ पीताम्बर पीठ</strong> के समीप ही आप <strong>राजगढ़ पैलेस</strong> को भी देख सकते है वैसे तो आज राजगढ़ पैलेस में रख रखाव की कमी साफ़ नजर आती है फिर भी है तो ये एक इतिहास की इमारत तो आप के पास यदि समय हो तो राजगढ़ पैलेस को जरूर देखे परन्तु जब मै गया तो यहाँ ताला पड़ा हुआ था शायद आम पब्लिक के लिए यह अब बंद कर दिया गया है राजगढ़ पैलेस के पास  <strong>सीता सागर</strong> है  तो वहां भी जा सकते हो |</p>



<h4 class="wp-block-heading">वीर सिंह देव महल दतिया में घूमने की जगह </h4>



<p class="has-text-align-justify">वीर सिंह देव <strong>का महल</strong> भी दतिया में देखने योग्य महल है यहाँ का टिकट मात्र 25 रूपये प्रति व्यक्ति है इस महल में आपको मुग़ल और राजपूत स्थापत्य कला एक साथ दिखाई देती है  इस महल का निर्माण सन १६२० में बुंदेला शासक वीर सिंह देव ने कराया था |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस महल को कई और भी नामो से जाना जाता है जैसे <strong>सतखंडा महल</strong> , नरसिंह महल , पुराना महल आदि वीर सिंह देव महल में आपको कही भी लोहे और लकड़ी का इस्तेमाल दिखाई नहीं देगा यह महल ईंटो और प्रस्तर से बनाया गया है और एक भव्य महल है |<br><br>यदि हम वीर सिंह महल की लोकेशन की बात करे तो दतिया शहर के मध्य में दतिया की मुख्य बाज़ार में स्थित है आप किसी से भी वहां पूछेंगे की महल जाना है हर व्यक्ति आपको सही रास्ता बता देगा कुछ लोग इस महल को भूलभुलैया भी कहते है इस महल में कई दरवाजो जीनो को बंद कर दिया गया है तो <strong>Datia Tourist Places</strong> में वीर सिंह देव महल एक प्रमुख स्थल है यह महल सात मंजिला है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="533" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/वीर-सिंह-देव-महल-दतिया.jpg" alt="वीर सिंह देव महल दतिया" class="wp-image-10913" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/वीर-सिंह-देव-महल-दतिया.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/वीर-सिंह-देव-महल-दतिया-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>वीर सिंह देव महल </figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-Veer-Singh-Dev-Mahal.jpg" alt="Datia Tourist Places - Veer Singh Dev Mahal" class="wp-image-10895" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-Veer-Singh-Dev-Mahal.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-Veer-Singh-Dev-Mahal-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>वीर सिंह देव का महल </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">बड़ी माता मन्दिर या विजय काली पीठ दतिया का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>वीर सिंह देव महल</strong> के प्रवेश मार्ग पर स्थित है बड़ी माता मन्दिर जिसकी शहर दतिया में बड़ी मान्यता है एक स्थानीय से जानकारी की तो वो बोले की यह हमारी कुल देवी है तो इस मंदिर में दर्शन जरूर करे अब देखिये आप महल तक तो जायेंगे ही तो बस महल के समीप ही बड़ी माता का मंदिर है तो यहाँ पर भी माँ के दिव्य दर्शन प्राप्त कर ले विजय काली पीठ पर जलाभिषेक की भी मान्यता है बहुत से लोग इस मदिर में जलाभिषेक करते दिखे थे अच्छा इस मन्दिर के सामने ही एक और मंदिर है जिसका नाम लक्ष्मीनारायण मंदिर है आप वहां भी दर्शन कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="399" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़ी-माता-मन्दिर-दतिया.jpg" alt="बड़ी माता मन्दिर दतिया" class="wp-image-10906" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़ी-माता-मन्दिर-दतिया.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़ी-माता-मन्दिर-दतिया-300x300.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़ी-माता-मन्दिर-दतिया-150x150.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>बड़ी माता मन्दिर </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">पुरातत्व संग्रहालय &#8211; Datia Tourist Places in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">महल के समीप ही बाजार में स्थित है एक छोटा सा पुरातत्व संग्रहालय जिसमे आप जरूर जाए यहाँ किसी तरह का कोई भी प्रवेश शुल्क नहीं है यहाँ पर आपको दतिया से जुड़े तमाम अवशेष देखने को मिलेंगे तो भाई मुश्किल से 20 मिनट लगेगा आप इस पुरातत्व संग्रहालय को भी देख ले  <strong>दतिया में घूमने की जगह </strong> में इस संग्रहालय को आप बिना ज्यादा समय गँवाए देख सकते है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/पुरातत्व-संग्रहालय-दतिया.jpg" alt="पुरातत्व संग्रहालय दतिया Datia Tourist Places" class="wp-image-10904" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/पुरातत्व-संग्रहालय-दतिया.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/पुरातत्व-संग्रहालय-दतिया-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>पुरातत्व संग्रहालय </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">बड़े गोविन्द जी का मन्दिर दतिया </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>बड़े गोविन्द जी का मंदिर</strong> भी दतिया शहर में मध्य में स्थित है और यह गोविन्दगंज में है या  यु कहे की यह दतिया की मुख्य बाज़ार में स्थित है <strong>वीर सिंह देव महल</strong> से <strong>बड़े गोविन्द जी का मंदिर</strong> ज्यादा दूर नहीं है आप आराम से पैदल जा सकते है यह मन्दिर मुख्य रूप से भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है और बहुत ही भव्य बना हुआ है |</p>



<p class="has-text-align-justify">अच्छा इस मन्दिर में आप एक छोटी से परिक्रमा परिक्रमा पथ पर जरूर करे , श्री कृष्णजन्माष्टमी पर बड़े गोविन्द जी मंदिर बहुत ही सुन्दर सजाया जाता है तो आप यहाँ आकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर ले |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="420" height="551" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़े-गोविन्द-जी-का-मन्दिर-दतिया.jpg" alt="बड़े गोविन्द जी का मन्दिर दतिया" class="wp-image-10908" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़े-गोविन्द-जी-का-मन्दिर-दतिया.jpg 420w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़े-गोविन्द-जी-का-मन्दिर-दतिया-229x300.jpg 229w" sizes="auto, (max-width: 420px) 100vw, 420px" /><figcaption>बड़े गोविन्द जी का मन्दिर </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">दतिया का किला , हनुमान गढ़ी मंदिर किला चोक</h4>



<p class="has-text-align-justify">दतिया का किला वीर सिंह देव महल से महज 600-700 मीटर की दूरी पर होगा जो की <strong>किला चोक</strong> नाम की जगह पर है वैसे किला के ना पर अब यहाँ सिर्फ खण्डहर बचा है इस किले में  मार्केट बन चुकी है तो यदि आप इतिहास प्रेमी है तो यहाँ के अवशेष देख सकते है बाकी इस किले में अब कुछ खास नहीं है वैसे बाकायदा किले में गेट बना है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="533" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-Fort.jpg" alt="Datia Tourist Places Fort" class="wp-image-10896" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-Fort.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-Fort-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>दतिया का किला </figcaption></figure>
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<p class="has-text-align-justify"><strong>किला चोक</strong> पर ही हनुमान जी का एक बहुत ही पुराना मंदिर है जिसका नाम हनुमान गढ़ी है और यह लगता भी अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर की तरह है यह मंदिर भी भव्य है इस मंदिर की विशेषता है यहाँ की प्रतिमा जिसमे बजरंगबली शनि देव को अपने पैरो में दबाये हुए है |<br><br><strong>हनुमान गढ़ी मंदिर किला चोक</strong> पर स्थित है और यहाँ जाने के लिए आपको लगभग 30-35 सीढियाँ चढ़नी होंगी ऊपर जाकर आप एक विशाल परिसर देखेंगे आजकल इस मंदिर में पुरातत्व विभाग काम कर रहा है तो आप जब भी दतिया आये किला चोक जरूर आये और यहाँ पर दतिया के किले के अवशेष और हनुमान गढ़ी मंदिर जरूर देखे हा यही पर I Love Datia वाला सेल्फी पॉइंट भी है आप चाहे तो एक सेल्फी भी ले सकते है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="533" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-किला-चोक-दतिया.jpg" alt="हनुमान गढ़ी मन्दिर किला चोक" class="wp-image-10915" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-किला-चोक-दतिया.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/हनुमान-गढ़ी-मन्दिर-किला-चोक-दतिया-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>हनुमान गढ़ी मन्दिर किला चोक</figcaption></figure>
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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="405" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/kila-Chok-Datia-Tourist-Places.jpg" alt="kila Chok Datia Tourist Places" class="wp-image-10898" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/kila-Chok-Datia-Tourist-Places.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/kila-Chok-Datia-Tourist-Places-300x243.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>किला चोक </figcaption></figure>
</div>


<p>किला चोक के पास ही एक दरगाह है जिसका नाम बाबा हज़रत गुलज़ार शाह है आप इस दरगाह में भी मत्था टेक सकते है दरगाह के समीप ही एक और मंदिर है जिसका नाम ठाकुर श्री जुगलकिशोर जी महाराज है आप यहाँ भी दर्शन कर सकते है यह सब दार्शनिक स्थल किला चोक गोविन्द बाजार में स्थित है  |</p>



<h4 class="wp-block-heading">लाला का तालाब &#8211; दतिया में घूमने की जगह </h4>



<p class="has-text-align-justify">लाला का तालाब भी <strong>दतिया के पर्यटन स्थल </strong> में महत्वपूर्ण है क्यूंकि इस जगह पर आपको दतिया शहर का बढ़िया व्यू देखने को मिलता है यहाँ पर आपको एक सुन्दर तालाब देखने को मिलता है यह तालाब वीर सिंह देव महल के किनारे पर बना हुआ है और यहाँ पर शायद बोटिंग भी होती है बस थोड़ी सी साफ़ सफाई का अभाव मुझे यहाँ पर लगा लेकिन आप यहाँ जाइएगा जरूरएक अच्छी जगह है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/लाला-का-तालाब-दतिया.jpg" alt="लाला का तालाब दतिया - Datia Tourist Places" class="wp-image-10912" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/लाला-का-तालाब-दतिया.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/लाला-का-तालाब-दतिया-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>लाला का तालाब </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">राम सागर का किला और राम सागर का तालाब <strong>दतिया के पर्यटन स्थल</strong></h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>राम सागर किला</strong> भी दतिया शहर में ही है हालाँकि यह शहर के मुख्य बाज़ार <strong>किला चोक</strong> से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर है और इस स्थल पर आपको एक किला देखने को मिलेगा और एक सुन्दर तालाब और एक हनुमान मंदिर है यहाँ आपको बहुत ही सुन्दर व्यू और शान्ति मिलेगी वैसे राम सागर का किले के तो अब अवशेष ही बचे है फिर भी किला दिखाई देता है तो आप <strong>दतिया में घूमने की जगह </strong> में राम सागर को शामिल कर सकते है यहाँ आप अपने साधन से जाए या ऑटो या गाड़ी बोक करके जाये तो बेहतर रहेगा |</p>



<h4 class="wp-block-heading">बडोनी फोर्ट दतिया का पर्यटन स्थल </h4>



<p>राम सागर के किले से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है बडोनी का किला जो कि अब खंडहर बन चूका है यह किला एक पहाड़ी पर निमित है और यहाँ के भी व्यू काफी बढ़िया है  आप अगर राम सागर की तरफ आये तो यहाँ भी आ सकते है  |</p>



<p><a href="https://safarjankari.com/place-to-visit-in-jhansi-hindi-me/">Place to visit in Jhansi – झांसी घूमने से जुड़ी समस्त जानकारी</a></p>



<h4 class="wp-block-heading">गुप्तेश्वर धाम </h4>



<p class="has-text-align-justify">बडोनी में ही स्थित है <strong>श्री गुप्तेश्वर धाम</strong> जो की महादेव का धाम है और अपार प्राकृतिक सुन्दरता को अपने में समेटे हुए है बडोनी के किले से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर श्री गुप्तेश्वर धाम है यहाँ एक शिवलिंग है जो की एक पहाड़ी पर स्थित है  और स्थानीय लोगो की मान्यता की यह शिवलिंग निरन्त बढ़ता जा रहा है और जिस पहाड़ी पर यह शिवलिंग है वह पहाड़ी भी बढती जा रही है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यहाँ जाने के लिए आपको लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलना होगा और यह पैदल रास्स्ता बहुत ही सुन्दर है और रास्ते में आपको सीढियों से चढ़ाई करनी पड़ेगी यहाँ आपको एक सुन्दर सी झील भी मिलेगी <strong>श्री गुप्तेश्वर महादेव धाम </strong>भी <strong>Datia Tourist Places</strong> में महत्वपूर्ण स्थान रखता है  |</p>



<h4 class="wp-block-heading">सोनागिरि जैन मन्दिर &#8211; Sonagiri Datia Tourist Places</h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>सोनागिरि </strong>नाम की जगह दतिया शहर से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर होगी वही अगर देखे तो बडोनी के किले से सोनागिरी लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है अगर हम <strong>सोनागिरी</strong> का शाब्दिक अर्थ देखे तो सोनागिरी का मतलब होता है सोने का पहाड़ फ़िलहाल इस स्थल पर पहाड़ तो है लेकिन सोने का नहीं |</p>



<p class="has-text-align-justify"> <strong>सोनागिरी में जैन मंदिर </strong>है वो एक दो नहीं सौ से ज्यादा मंदिर यहाँ पर है यहाँ का प्रमुख मंदिर श्री चंद्रप्रभु का है <strong>सोनागिरी के  जैन मंदिर</strong> बहुत ही भव्य बने हुए है प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले यहाँ पर 108 जैन मंदिर थे जिनमे 57वा मंदिर सबसे प्रमुख है  |</p>



<p><strong>नोट</strong> &#8211; देखिये <strong>Datia Tourist Places</strong>  के राम सागर , बडोनी , गुप्तेश्वर धाम और सोनागिरी लगभग एक ही रूट पे है आप इन सब जगहों को एक साथ देख सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">प्राचीन बावड़ी जिला अस्पताल दतिया में घूमने की जगह </h4>



<p class="has-text-align-justify">दतिया के जिला अस्पताल परिसर में स्थित है दतिया शहर की प्राचीन बावड़ी जो की एक संरक्षित स्मारक है वहां पर लगे शिलापट के अनुसार इस बावड़ी का निर्माण ओरछा के बुंदेला शासक वीर सिंह देव ने करवाया था इस बावड़ी में एक कुंवा भी है यह बावड़ी अष्टकोणीय संरचना से बनी हुई है  इसे आप ऊपर से देख सकते हो और चाहो तो नीचे से बावड़ी में प्रवेश करके भी इसे देखा जा सकता है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/प्राचीन-बावड़ी-जिला-अस्पताल-परिसर-दतिया.jpg" alt="प्राचीन बावड़ी जिला अस्पताल परिसर दतिया" class="wp-image-10905" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/प्राचीन-बावड़ी-जिला-अस्पताल-परिसर-दतिया.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/प्राचीन-बावड़ी-जिला-अस्पताल-परिसर-दतिया-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>प्राचीन बावड़ी जिला अस्पताल परिसर </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">बड़े गणेश जी का मन्दिर  दतिया का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>बड़े गणेश जी का मंदिर दतिया</strong> के जिला अस्पताल के समीप ही है अस्पताल से इस मंदिर में अप पैदल ही जा सकते हो एक तो यह गणेश मंदिर अत्यधिक भव्य बना हुआ है और यहाँ पर आपको एक अलग ही सकून मिलेगा क्यूंकि यहाँ पर ज्यादा भीड़ नहीं होती है यह मंदिर अपने नाम के अनुसार ही मुख्य रूप से गणेश जी को समर्पित है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> इस मंदिर परिसर में एक सरोवर सा या कुण्ड सा बना हुआ है हालाँकि अभी इस कुण्ड में जल गन्दा था तो आप जब बावड़ी देखने आये तो लगे हाथो बड़े गणेश जी का मंदिर में गणेश जी के दर्शन भी कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="627" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़े-गणेश-जी-का-मन्दिर-दतिया.jpg" alt="बड़े गणेश जी का मन्दिर दतिया" class="wp-image-10907" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़े-गणेश-जी-का-मन्दिर-दतिया.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बड़े-गणेश-जी-का-मन्दिर-दतिया-287x300.jpg 287w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>बड़े गणेश जी का मन्दिर जिला अस्पताल के पास</figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">ठंडी सड़क </h4>



<p class="has-text-align-justify">अब आप दतिया के जिला अस्पताल जाओगे तो आपको जाना होगा ठंडी सड़क से यकीन मानिये दतिया शहर में स्थित ठंडी सड़क बहुत ही खूबसूरत है आप इस सड़क पे आइयेगा जरूर | <strong>Datia Tourist Places</strong> में ठंडी सड़क को शामिल करना मेरा व्यक्तिगत मत है लेकिन जब आप इस सड़क को देखेंग तो निराश  नहीं होंगे |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="481" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Thandi-Sadak-Datia-Tourist-Places.jpg" alt="Thandi Sadak Datia Tourist Places" class="wp-image-10900" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Thandi-Sadak-Datia-Tourist-Places.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Thandi-Sadak-Datia-Tourist-Places-249x300.jpg 249w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>दतिया के जिला अस्पताल की और जाने वाली सड़क </figcaption></figure>
</div>


<p>यह भी पढ़े &#8211; <br><br><a href="https://safarjankari.com/baba-siddhnath-nepal-aur-nanakmatta-trip-hindi/">एक ऐसी विदेश यात्रा जो ई-रिक्शा और स्प्लेंडर बाइक से की गई – बाबा सिद्धनाथ नेपाल</a><br><br><a href="https://safarjankari.com/kampil-kampilya-nagri-me-ghumne-ki-jankari/">जानिये Kampil को जिसका सम्बन्ध रामायण , महाभारत काल और जैन धर्म से है</a></p>



<h4 class="wp-block-heading">करन सागर पर बनी दतिया की छतरियां</h4>



<p><strong>करन सागर</strong> माँ पीताम्बर देवी मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर बना एक खूबसूरत तालाब है जिसके किनारे पर दतिया के शासको की छतरियां बनी हुई है तो आप इस जगह को भी जरूर देखे यहाँ आपको अच्छा  लगेगा |</p>



<h4 class="wp-block-heading">पंचम कवी की टोरियां दतिया का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify">यह स्थल एक ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है  और ऊपर तक जाने के लिए है सीढियों का इस्तेमाल करना होता है यहाँ पर हनुमान जी और भैरवनाथ के मंदिर बने हुए है जब आप<strong> पंचम कवी की टोरिया</strong> में चढ़कर ऊपर जाते हो तो आपको ऊपर से बहुत ही मनमोहक प्राकृतिकनज़ारे दिखाई देते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">उपर से आपको सम्पूर्ण दतिया शहर दिखती है साथ साथ आपको रेलवे लाइन और सड़क भी दिखाई देती है फिर यदि कही कोई ट्रेन इस लाइन पर चल रही हो तो यह नजारा बहुत ही आकर्षक हो जाता है अच्छा जब बरसात होती है तो यहाँ की सुन्दरता देखते ही बनती है लेकिन मेरे हिसाब से दतिया घूमने आये तो <strong>पंचम कवी की टोरिया</strong> जरूर जाए यहाँ से आपको वीर सिंह देव महल भी दिखाई देता है  |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/पंचम-कवी-की-टोरिया-दतिया.jpg" alt="पंचम कवी की टोरिया दतिया best Datia Tourist Places" class="wp-image-10903" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/पंचम-कवी-की-टोरिया-दतिया.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/पंचम-कवी-की-टोरिया-दतिया-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>पंचम कवी की टोरिया </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">सोन तलैया भांडेर </h4>



<p class="has-text-align-justify">शहर से लगभग  30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है सोंनतलैया जो की भांडेर में है भांडेर एक तहसील है शायद दतिया की , यहाँ पर एक छोटा सा ताल या कुण्ड है जो की एक पहाड़ी पर बना है इसके आलावा यहाँ पर लक्ष्मण जी का कम्न्दिर भी है जिसे लक्ष्मण राजा सरकार का मंदिर कहा जाता है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">इन्दरगढ़ का किला </h4>



<p class="has-text-align-justify">दतिया शहर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है इन्दरगढ़ का किला जो की एक ऐतिहासिक स्मारक है हालाँकि यह अब खंडहर बन चुका है लेकिन  फिर भी आपको किले के कुछ अवशेष यहाँ दिखाई देंगे तो यदि इतिहास में रूचि हो तो आप यहाँ भी आ सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">रतनगढ़ माता का मंदिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">इन्दरगढ़ के किले से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है <strong>रतनगढ़ माता का मन्दिर</strong> जो की सेवढ़ा तहसील में आता है यह मंदिर एक पहाड़ी पर बना है और इसके आसपास जंगल है तो यहाँ लोग कम ही आते है यहाँ पर कुंवर बाबा और माता रतनगढ़ की बहुत ही मान्यता है आप Datia Tourist Places की लिस्ट में इस मंदिर को जरूर शामिल करियेगा |</p>



<p class="has-text-align-justify">इस मंदिर में ऊपर जाकर हमें सिन्धु नदी का विहंगम द्रश्य दिखाई देता है इस मंदिर के चारो तरह पहाड़िया है तो यहाँ का प्राकृतिक नजारा भी बढ़िया है अच्छा रतनगढ़ माता मंदिर दतिया शहर से लगभग 62 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा तो यह स्थल भी पौराणिक है आप यहाँ भी जा सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">सनकुआ  तीर्थ सेंवढ़ा दतिया का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify"><strong>रतनगढ़ माता मन्दिर</strong> से <strong>सनकुआ धाम </strong>लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर है वाही अगर किला चोक से <strong>  <strong>सनकुआ</strong> धाम </strong>की दूरी की बात करे तो यह लगभग 65 किलोमीटर होगी यह एक बहुत ही पवित्र क्षेत्र है यह वही स्थल है जहाँ पर ब्रह्मा जी के मानस पुत्रो सनक , सनत सनन्दन , और सनत कुमार ने तप किया था इसी स्थल पर  मंदुला देवी का मंदिर भी है |</p>



<p class="has-text-align-justify"> अच्छा यहाँ पर आपको एक बहुत ही खूबसूरत झरना भी देखने को मिलता है कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि   <strong>सनकुआ</strong>  धाम जितना ही धार्मिक है उतना ही प्राकृतिक भी यहाँ के झरने आदि आपको बहुत ही पसंद आयेंगे  <strong>Datia Tourist Places</strong>  में आप सनकुवा को छोड़ नहीं सकते है  |</p>



<h4 class="wp-block-heading">रामलला का मन्दिर असनाई </h4>



<p class="has-text-align-justify">दतिया के जिला अस्पताल से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है रामलला का एक भव्य मंदिर जो की एक सरोवर के किनारे पर बना हुआ है यह मंदिर भी बहुत ही शांत है यहाँ ज्यादा भीड़ भाड़ नहीं है और सरोवर के किनारे बने होने के कारण यह बहुत ही सुन्दर दिखाई देता है आप यहाँ भी दर्शन करने जरूर आये यदि आप यहाँ पर बरसात में आएंगे तो यहां के सुन्दर नजारो से आपको आनंद आ जायेगा  |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="421" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/रामलला-मन्दिर-असनाई-दतिया.jpg" alt="रामलला मन्दिर असनाई दतिया" class="wp-image-10911" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/रामलला-मन्दिर-असनाई-दतिया.jpg 640w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/रामलला-मन्दिर-असनाई-दतिया-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /><figcaption>रामलला मन्दिर असनाई </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">बालाजी सूर्य मन्दिर उनाव दतिया का प्रमुख मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify">दतिया शहर से लगभग 17-18 किलोमीटर की दूरी पर उनाव नाम की जगह पर स्थित है <strong>सूर्य बालाजी मन्दिर</strong> जो की सूर्य भगवान को समर्पित है और इस मंदिर की अत्यधिक मान्यता है इस मंदिर में सूर्य भगवान की कोई मूर्ति नहीं है अपितु सूर्य यन्त्र स्थापित है यह मंदिर महलनुमा बना हुआ है जिसमे भव्य प्रवेश द्वार है इस मंदिर के गर्भगृह में सूर्य यन्त्र स्थापित है और ठीक गर्भगृह के बिलकुल सामने पहुज नदी है जहाँ तक आपको जाने के लिए सीढियों से नीचे उतना होता है |</p>



<p class="has-text-align-justify"><br>यहाँ की मान्यता है की यदि आप रविवार को पहुज नदी में स्नान करके सूर्य भगवान के यन्त्र पे जल चढ़ाओ तो आपका चर्म रोग सही हो जायेगा इस मंदिर में सूर्य यन्त्र के आलावा और भी कई मंदिर है आप वहां भी दर्शन कर ले |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="528" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बालाजी-सूर्य-मंदिर-उनाव-दतिया.jpg" alt="बालाजी सूर्य मंदिर उनाव दतिया" class="wp-image-10909" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बालाजी-सूर्य-मंदिर-उनाव-दतिया.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बालाजी-सूर्य-मंदिर-उनाव-दतिया-300x264.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>बालाजी सूर्य मंदिर उनाव </figcaption></figure>
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<p class="has-text-align-justify">इन सबके अलावा आप दतिया के गंज दिनारा में  दिनारा का तालाब , चिरई टोर माता मंदिर ,  बिहारी जी का मंदिर , हनुमान टीला मंदिर राजगढ़ चोक  समोहा जलाशय का बांध , प्राचीन पद्मावती का मंदिर , उनाव मार्ग पर स्थित सिद्धो की टोरियां में अशोक का गुर्जरा का शिलालेख , उनाव मार्ग पर लमान की माता मन्दिर ,  कन्हार्गढ़ किला सेंवढ़ा आदि भी देख सकते हो </p>



<h3 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे दतिया &#8211; How to reach Datia in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify">देखिये  <strong>Datia Tourist Places</strong>  देखने के लिये आपको दतिया आना होगा  दतिया मध्य प्रदेश का एक जिला है जो की ग्वालियर से महज लगभग 75 किलोमीटर की दूरी पर है और उत्तर प्रदेश के झाँसी शहर से लगभग 28 किलोमीटर है तो आप कभी भी झाँसी या ग्वालियर आये तो दतिया भी आ सकते है दतिया एक ऐसा शहर है जो की सड़क मार्ग , रेल मार्ग , हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है यहाँ पहुंचना बेहद ही आसान है |</p>



<p class="has-text-align-justify">यदि आप दतिया हवाई मार्ग से आना चाहते है तो यहाँ का सबसे नजदीकी एअरपोर्ट ग्वालियर में है और ग्वालियर से आप बस या टैक्सी द्वारा दतिया आ सकते है |<br><br>यदि आप दतिया ट्रेन के द्वारा आने की सोच रहे हो तो आपको बता दे की दतिया में एक रेलवे स्टेशन भी है जिसका कोड DAA है आप जहाँ से भी आ रहे हो एक बार चेक कर लो कि क्या आपके शहर से दतिया के लिए कोई सीधी ट्रेन है या नहीं यदि ट्रेन न हो तो आप झाँसी रेलवे स्टेशन या ग्वालियर रेलवे स्टेशन तक ट्रेन से आ जाओ फिर टैक्सी  या बस से दतिया आ जाओ |<br><br>यदि आप सड़क मार्ग से दतिया आना चाहते हो तो आइये आपका स्वागत है यह शहर सडक मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है यहाँ एक बस स्टैंड भी है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places.jpg" alt="Datia Tourist Places" class="wp-image-10897" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/Datia-Tourist-Places-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>दतिया रेलवे स्टेशन </figcaption></figure>
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<h4 class="wp-block-heading">शहर दतिया के अन्दर के साधन </h4>



<p class="has-text-align-justify">देखिये अब यदि आप अपने साधन से दतिया आये है तब तो कोई परेशानी ही नहीं परन्तु यदि आप पब्लिक साधन से आये हो तो आपको बता दू यहाँ पर आपको ई रिक्शा , ऑटो की सुविधा मिल जाएगी हर जगह के लिए शहर में ऑटो और ई रिक्शा चलते है या तो फिर आप कोई गाड़ी बुक कर लीजिये  |</p>



<h4 class="wp-block-heading">दतिया में कहाँ रुके &#8211; Where to Stay in Datia In Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify">भैया देखो दतिया माँ पीताम्बर माई के लिए जाना जाता है तो यहाँ पर दूर दूर से श्रद्धालु आते रहते है तो उनके रुकने हेतु इस शहर में हर बजट के होटल मौजूद है मंदिर के पास भी होटल है और रेलवे स्टेशन के पास भी कई होटल है आप अपने बजट के अनुसार देख लेना यदि आप बहुत ही सस्ते में चाहते है तो कुछ धर्मशालाए भी दतिया में जैसे रेलवे स्टेशन पर गोविन्द धर्मशाला , बड़ा बाज़ार में गोविन्द धर्मशाला , माँ पीताम्बरा मंदिर के पास शिवानी लाज आदि है तो रुकने  की कोई भी समस्या दतिया में नहीं है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">खानपान और शापिंग &#8211; Food and Shoping in Datia </h4>



<p class="has-text-align-justify">खानपान की भी इस शहर में कोई समस्या नहीं है जगह जगह पर रेस्टोरेंट ठेले होटल आदि है जहाँ आपको आपके अनुसार खाना मिल जायेगा  <strong>Datia Tourist Places</strong>  की पोस्ट में खानपान का जिक्र जरूरी होता है  यहाँ पर कुछ नए स्वाद मैंने चखे कहने का ये मतलब की ये स्वाद मेरे लिए नए थे तो आइये उनके बारे में आपको बता दे &#8211; </p>



<h5 class="wp-block-heading">जय माता दी फ्रूट सलाद गुल्लू  कुशवाहा जी दतिया </h5>



<p>वैसे गुल्लू कुशवाहा जी के ठेले पर मिलता तो फ्रूट सलाद है जो की बहुत ही आम है परन्तु इनके फ्रूट सलाद की दो बाते बड़ी महत्वपूर्ण है एक तो इनकी कीमत महज बीस रूपये में ये एक दोने में फ्रूट काटकर देते है फ्रूट मतलब भर के होते है फ्रूट को देखते हुए कीमत बड़ी सही है इनकी दूसरी ख़ास बात है इनकी फ्रूट सलाद की कि गुल्लू कुशवाहा जी फ्रूट सलाद में मसाला के साथ टमाटर की चटनी देते है उसी दोने में फ्रूट + मसाला + चटनी भाई साहब इनकी चटनी बड़ी स्वादिष्ट होती है और उस चटनी के साथ ये सलाद खाना आनंद आ जाता है मात्र 20 रूपये में स्वादिष्ट पौष्टिक सलाद हो जाता है |<br><br>गुल्लू कुशवाहा जी आपको किला चोक पर मिल जायेंगे इनका ठेला किला चोक पर लगता है वैसे मैंने जब खाया था तो ये ठंडी सड़क पर थे किला चोक की तरफ आ रहे थे  एक मित्र ने बताया की गुल्लू कुशवाहा के पिताजी से मूली से कई तरह की डिजाईन बना देते थे |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="440" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/गुल्लू-कुशवाहा-का-सलाद-दतिया.jpg" alt="गुल्लू कुशवाहा का सलाद दतिया" class="wp-image-10901" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/गुल्लू-कुशवाहा-का-सलाद-दतिया.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/गुल्लू-कुशवाहा-का-सलाद-दतिया-273x300.jpg 273w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>गुल्लू कुशवाहा का सलाद </figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">सन्जू की चाय दतिया </h5>



<p class="has-text-align-justify">सन्जू भाई एक ठेले पर चाय लेके सबको पिलाते है चाय क्या ये तो मेडिसिन है  ये प्राचीन ताम्बे के बर्तन में चाय को रखते है और जिस बर्तन में चाय रखते है वो बर्तन भी बड़ा टेक्नीकल सा था उसमे ये कंडा भी रख देते है और कंडे को जला देते है  जिससे चाय गरम बनी रहे फिर ये चाय को कुल्हड़ में देते है मैंने जब इनकी चाय पी तो समझ आ गया कि इसमें अदरक काली मिर्च दालचीनी जैसे मसाले पड़े है तो आप शाम को 4-5 बजे किला चोक की तरफ इनकी चाय का लुत्फ़ ले सकते है |</p>


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<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="380" height="507" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सन्जू-की-चाय-दतिया.jpg" alt="सन्जू की चाय दतिया" class="wp-image-10914" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सन्जू-की-चाय-दतिया.jpg 380w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/सन्जू-की-चाय-दतिया-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 380px) 100vw, 380px" /><figcaption>सन्जू की चाय </figcaption></figure>
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<p>और आपको बता दे <strong>किला चोक</strong> पर ही सल्लू की चाय बढ़िया है और <strong>अनाडी चाट &amp; रेस्टोरेंट</strong> <strong>दतिया</strong> की शॉप भी बढ़िया अनाडी चाट पे आपको बहुत कुछ मिलेगा और हर चीज इनकी बढ़िया होती है |</p>



<p>आपको राजगढ़ चोक पर भी  खाने-पीने की दुकाने मिल जाएँगी जैसे <strong>शंकर चाट एवं डोसा कोर्नर दतिया </strong> इनके यहाँ आपको चाट सम्बन्धी हर आइटम उचित कीमत पर मिल जायेंगे |</p>



<p class="has-text-align-justify">अगर शापिंग की बात करे दतिया एक छोटा सा शहर है यहाँ का जो मुख्य इलाका है वो <strong>राजगढ़ चोक</strong> से किला चोक का है जिसमे बड़ा बाज़ार यहाँ की मुख्य मार्केट है जहाँ आपको लगभग सभी जरूरत के सामान मिल जायेंगे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="375" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/दतिया-का-खानपान.jpg" alt="दतिया का खानपान Datia Tourist Places" class="wp-image-10902" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/दतिया-का-खानपान.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/दतिया-का-खानपान-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>राजगढ़ चोक </figcaption></figure>
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<h5 class="wp-block-heading">दतिया को घूमने के कुछ महत्वपूर्ण टिप्स &#8211; दतिया कैसे घूमे</h5>



<p class="has-text-align-justify">शहर दतिया में वैसे तो बहुत से पर्यटक स्थल है परन्तु यदि हम ख़ास ख़ास पर्यटन स्थलों की बात करे तो आप दतिया में <strong>माँ पीताम्बरा पीठ</strong> , <strong>वीर सिंह देव महल </strong>, किला चोक , <strong>सोनागिरि</strong> , <strong>सूर्य बालाजी मंदिर उनाव</strong> देख सकते है |</p>



<p class="has-text-align-justify">दतिया के बस स्टैंड से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है विश्व प्रसिद्द माँ पीताम्बरा पीठ यहाँ दर्शन करने के बाद आप राजगढ़ का किला देखे सीता सागर देखे फिर राजगढ़ चोक पे हनुमान टीला मंदिर देखे फिर शंकर वालो के यहाँ नाश्ता पानी करे और चलदे बाज़ार की तरफ |</p>



<p class="has-text-align-justify"> अब बाज़ार में आप सबसे पहले वीर सिंह महल देखे फिर वही पे स्थित विजय काली पीठ में बड़ी माता के दर्शन करे फिर नीचे आकर <strong>बड़े गोविन्द जी </strong>के दर्शन करे और पुरातत्व संग्रहालय को देखे |</p>



<p>अब यही से आ जाये किला चोक पर यहाँ आप हनुमान गढ़ी मंदिर के दर्शन करे अनाडी चाट का स्वाद ले  और यदि मौजूद हो तो संजू की कुल्हड़ वाली चाय और गुल्लू कुशवाहा की सलाद चखे फिर दतिया के किले के अवशेष देखे और वही पर स्थित  बाबा हज़रत गुलज़ार शाह  दरगाह भी देख सकते है  ठाकुर श्री जुगलकिशोर जी महाराज मंदिर भी यही पे है |</p>



<p>अब आप आ जाये लाला का तालाब फिर जाए पंचम कवी की टोरिया उसके बाद ठंडी सड़क के नज़ारे लेते हुये आ जाओ जिला अस्पताल जहाँ प्राचीन बावड़ी देखो फिर बड़े गणेश जी का मंदिर देखो फिर अस्पताल से थोड़ी दूरी पर स्थित असनाई का रामलला मंदिर देखो |</p>



<p>अब आप निकल लीजिये राम सागर फोर्ट की तरफ वही से आगे बडोनी फोर्ट , श्री गुप्तेश्वर धाम होते हुए सोनागिरी निकल जाइये इसके बाद भी यदि समय है तो अन्य स्थलों को भी देख ले | अरे हा उनाव स्थित सूर्य बालाजी मन्दिर को भी देख लीजियेगा यहाँ दिन में ही जाइएगा तो ये थी  <strong>Datia Tourist Places</strong>  की एक प्रस्तुति यदि आपको पसंद आई हो तो कमेन्ट करे और अपने दोस्तों में शेयर करे  |</p>



<p><strong>दतिया में घूमने की जगह</strong> से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703066205"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दतिया किस राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दतिया मध्य प्रदेश राज्य का एक जनपद है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703148538"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दतिया का किला किसने बनवाया था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दतिया का किला राजा वीर सिंह देव ने बनवाया था |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703222380"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; सतखंड महल कहाँ स्थित है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दतिया में |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703289927"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दतिया का प्रमुख मन्दिर कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री पीताम्बरा पीठ</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703689106"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बालाजी सूर्य मन्दिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बालाजी सूर्य मन्दिर दतिया के उनाव जगह पर है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703783297"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; Datia Tourist Places bataiye ?</strong> <p class="schema-faq-answer">Shree Peetambara Peeth , Lala Ka Talab , Raja Veer Singh Dev Mahal , RamSagar Talab , Bade Govind Ji Ka Mandir , Badoni Ka Kila , Gupteshwar Dham , Sonagiri Jain Mandir Adi</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662703939910"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; सोनागिरी जैन मंदिर किस जिले में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">सोनागिरी जैन मंदिर मध्य प्रदेश के दतिया जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662704026484"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दतिया क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दतिया अपने किलो महलों और श्री पीताम्बर पीठ के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662704095608"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दतिया में कौन कौन से मंदिर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री पीताम्बरा पीठ , बालाजी सूर्य मन्दिर उनाव , सोनागिरि जैन मंदिर , रतनगढ़ माता मंदिर , रामलला मंदिर असनाई , बड़े गोविन्द जी का मंदिर आदि |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662704270520"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झाँसी से दतिया की दूरी कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 28 किलोमीटर </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662704303032"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; बगुलामुखी मंदिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">मध्य प्रदेश के शहर दतिया में श्री पीताम्बरा पीठ मंदिर ही बगुलामुखी मंदिर कहा जाता है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662704364556"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; लखनऊ से दतिया कितनी दूर है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 312 किलोमीटर </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662704392902"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; दतिया में घूमने की जगहे बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री पीताम्बरा पीठ , वीर सिंह देव महल , राम सागर तालाब , राम सागर फोर्ट , गुप्तेश्वर धाम , बडोनी , सोनागिरी जैन मन्दिर , रतनगढ़ माता मन्दिर , लाला का तालाब , इन्दरगढ़ का किला , बड़े गोविन्द जी का मंदिर , बड़ी माता का मन्दिर , पंचम कवी की टोरिया , बड़े गणेश जी का मंदिर , असनाइ का रामलला मंदिर, हनुमान गढ़ी मन्दिर किला चोक , श्री बालाजी सूर्य मन्दिर उनाव , पुरातत्व संग्रहालय , करन सागर , प्राचीन पद्मावती मन्दिर , सनकुंवा धाम  सेंवढा |</p> </div> </div>
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