<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>ओरछा धाम Archives - SAFAR JANKARI</title>
	<atom:link href="https://safarjankari.com/tag/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://safarjankari.com/tag/ओरछा-धाम/</link>
	<description>भारत के पर्यटन स्थलों की जानकारी -Travel Blog in Hindi</description>
	<lastBuildDate>Thu, 15 Sep 2022 08:22:47 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0.4</generator>

<image>
	<url>https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2019/01/cropped-SAFAR-JANKARI-Fevicon-32x32.png</url>
	<title>ओरछा धाम Archives - SAFAR JANKARI</title>
	<link>https://safarjankari.com/tag/ओरछा-धाम/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
<site xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">157083307</site>	<item>
		<title>ओरछा धाम और बरुआसागर की घुमक्कड़ी के मेरे किस्से</title>
		<link>https://safarjankari.com/orchha-dham-aur-baruasagar-ka-yatra-vritant-hindi/</link>
					<comments>https://safarjankari.com/orchha-dham-aur-baruasagar-ka-yatra-vritant-hindi/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 Apr 2022 15:40:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[यात्रा वृतांत]]></category>
		<category><![CDATA[Nature]]></category>
		<category><![CDATA[Yatra Vritant]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[ओरछा धाम]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://safarjankari.com/?p=11139</guid>

					<description><![CDATA[<p>आपने मेरे साथ झाँसी को घूमा और रात में आकर मै अपने होटल रूम में सो गया सुबह 6 बजे  उठकर और नहा धोकर ओरछा जाने के लिये रेडी हो गया वही सीपरी से ऑटो में बैठकर सुबह के सात बजे मै झांसी के बसड्डे पर था वहां जानकारी की तो पता चला की ओरछा के लिये  टेम्पो जाते है  तो बस मै देर न करते हुये टेम्पो मै बैठ लिया &#124;</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/orchha-dham-aur-baruasagar-ka-yatra-vritant-hindi/">ओरछा धाम और बरुआसागर की घुमक्कड़ी के मेरे किस्से</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>ओरछा धाम</strong> जो की मध्य प्रदेश में है हमारी पिछली पोस्ट <a href="https://safarjankari.com/jhansi-trip-ka-yatra-vritant/">झांसी महारानी लक्ष्मीबाई का शहर की घुमक्कड़ी का यात्रा वृतान्त</a> में आपने मेरे साथ <a href="https://www.britannica.com/place/Jhansi">झाँसी</a> को घूमा और रात में आकर मै अपने होटल रूम में सो गया सुबह 6 बजे  उठकर और नहा धोकर ओरछा जाने के लिये रेडी हो गया वही सीपरी से ऑटो में बैठकर सुबह के सात बजे मै झांसी के बसड्डे पर था वहां जानकारी की तो पता चला की ओरछा के लिये  टेम्पो जाते है  तो बस मै देर न करते हुये टेम्पो मै बैठ लिया |</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>ओरछा धाम</strong> यहाँ एक बार आकर देखिये आपको अच्छा लगेगा </h2>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">जब मै टेम्पो में बैठा था तो टेम्पो में सिर्फ मै ही बैठा था और टेम्पो भरने में लगभग 50 मिनट लग गए क्यूंकि सुबह-सुबह सवारियां कम ही थी खैर टेम्पो चल पड़ा और टेम्पो की गति के साथ मै फिर से <strong><em>ओरछा धाम</em></strong>  ऐसा होगा वहा रूम जो मिलेगा वो कैसा होगा बेतवा नदी कैसी होगी राम राजा सरकार मन्दिर कैसा होगा तरह तरह के जिज्ञासा वाले प्रश्नों की  उत्तरों की एक  धुंधली-धुंधली तस्वीर  मन में बन रही थी |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">झांसी से <strong>ओरछा धाम </strong>तक का रास्ता बढ़िया था जल्द ही टेम्पो ने मुझे ओरछा उतार दिया था जहाँ पर मै उतरा सामने एक गेट था जानकारी की तो मालूम हुआ थोडा पैदल चलो आगे ही श्री राम राजा सरकार मन्दिर और किला है बस मैंने टांगा अपना पिट्ठू बैग और रास्ते को निहारते हुये आगे बढ़ लिया रास्ते में तमाम होटल गेस्ट हाउस दिखाई दे रहे थे मन तो किया चलो यही कही रूम ले लिया जाय लेकिन फिर सोचा चलो एक बार देख ले मेरी जानकारी में यहाँ पर एक धर्मशाला भी है जो की श्री राम राजा मन्दिर परिसर में है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">लेकिन भूख लग आई थी तो मैंने एक दुकान में चाय और ब्रेड के पकोड़ो का नाश्ता किया स्वाद कोई बेहतर नहीं था लेकिन ठीक-ठाक था फिर आगे आकर मुझे श्री राम राजा सरकार मन्दिर का गेट दिखाई दिया और इसी मन्दिर के सामने ही ओरछा का किला भी है और  राम राजा मन्दिर के पास ही चतुर्भुज मन्दिर भी है अब जो मुख्य रोड से एक गली श्री राम राजा सरकार मन्दिर की और गई थी मै उसमे चल दिया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="499" height="412" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-ओरछा-धाम.jpg" alt="श्री राम राजा सरकार मन्दिर ओरछा धाम" class="wp-image-11147" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-ओरछा-धाम.jpg 499w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-ओरछा-धाम-300x248.jpg 300w" sizes="(max-width: 499px) 100vw, 499px" /><figcaption>श्री राम राजा सरकार मन्दिर </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">इस गली में आपको होटल रहने वाले खाने पीने के और खेल खिलौनों की दुकाने और धार्मिक सामान की दुकाने दिखाई देंगी  आगे मन्दिर परिसर में जैसे ही आप एंट्री करोगे सामने तो मंदिर जाने के लिए रास्ते और चप्पल जूता स्टैंड है यदि आपको भूख लगी हो तो यही पर दो तीन दुकाने है जहाँ आप पुड़ी सब्जी रायता का स्वाद चख सकते है बाकी मन्दिर परिसर में तमाम प्रसाद की फूल की दुकाने है जहाँ आप चाहो तो प्रसाद ले लो  ऐ परिसर में मान के चलो मेला सा लगा रहता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="677" height="307" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राजा-राम-मन्दिर-परिसर-ओरछा-धाम.jpg" alt="श्री राजा राम मन्दिर परिसर ओरछा धाम" class="wp-image-11146" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राजा-राम-मन्दिर-परिसर-ओरछा-धाम.jpg 677w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राजा-राम-मन्दिर-परिसर-ओरछा-धाम-300x136.jpg 300w" sizes="(max-width: 677px) 100vw, 677px" /><figcaption>श्री राजा राम मन्दिर परिसर </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब मैंने अपने जूते उतारे और  बिना प्रसाद लिए अपना बैग टाँगे ही चल पड़ा श्री राम राजा के दर्शन हेतु जनवरी २०२२ थी तो कोरोना के मद्देनजर भीड़ ज्यादा नहीं थी मैंने मुख्य गेट को प्रणाम किया और मुख्य मन्दिर में प्रवेश कर गया रामजी के भजन की गूँज से यहाँ पर एक दिव्य  वातावरण था सकारात्मका प्रचुर मात्रा में यहाँ पर थी मेरे भी रोम रोम में बस श्रीराम की भक्ति समाई जा रही थी फिर लाइन में लगकर मैंने राम राजा के दर्शन किये मै श्रीराम के दर्शन कर खुद को धन्य समझ रहा था |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">फिर यहाँ और भी देवी देवताओ के मन्दिर थे उन सबके दर्शन किये एक जगह लिखा हुआ था महाप्रसाद तो वहा गया देखा कि मुख्य मंदिर के अन्दर महाप्रसाद मिल रहा था तो यह महाप्रसाद 25 रूपये का 60रूपये का और 120 रूपये का था मैंने 25 वाला लेने का मन बनाया पहले एक काउन्टर पर जाकर 25 रूपये का टोकन लिया फिर जाकर महाप्रसाद लिया जिसमे दो लड्डू एक पान का बीड़ा और एक इत्र की कली थी अब मुझे <strong>ओरछा धाम</strong> रुकने का भी जुगाड़ करना था तो मै बाहर आकर <strong>श्री राम राजा धर्मशाला</strong> की खोज करने लगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img decoding="async" width="400" height="405" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg" alt="श्री राम राजा मन्दिर का महाप्रसाद - Orchha Tourist Places" class="wp-image-10982" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद-296x300.jpg 296w" sizes="(max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>श्री राम राजा मन्दिर का  महाप्रसाद</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">खोज मेरी जल्दी ही  समाप्त हो गई क्यूंकि यह धर्मशाला मन्दिर परिसर में ही थी जैसे ही आप मुख्य रोड से मंदिर वाली गली में घुसेंगे और जहाँ पर मंदिर का मुख्य द्वार होगा उसके बाई और तो पुड़ी की दूकान है और दाई और आप सीधा चले जाओ तो आपको <strong>श्री राम राजा धर्मशाला</strong> दिखाई देगी मै अन्दर गया तो पता चला की एक रूम 100 रूपये का है लेकिन उसमे बाथरूम बाहर जाना पड़ेगा मैंने कहा ओके जी कोई दिक्कत नहीं अकेले इन्सान को 100 रूपये में रूम मिल जा रहा था और क्या चाहिए |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">वैसे इस धर्मशाला में अटैच वाशरूम वाले भी रूम है लेकिन मैंने 100 रूपये वाला रूम लिया था आइये आपको धर्मशाला के बारे में बता यह एक खुली सी विशाल धर्मशाला है जहाँ आपको अच्छा लगेगा पानी पीने के लिए वाटर कूलर लगा है  रूम के बाहर बड़ा सा आंगन है कमरे भी ठीक ठाक औसत दर्जे के है अत्याधुनिक सुविधाये यहाँ आपको नहीं मिलेंगी हां जो इनके कामन टॉयलेट है वो गंदे थे बस यही बात थोड़ी अखरी थी खैर मैंने फोर्मैलिटी पूरी करके कमरे की चाभी ली और आया रूम में बैग उतारा जूते उतारे और लेट गया |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="549" height="630" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-धर्मशाला-ओरछा-धाम.jpg" alt="श्री राम राजा धर्मशाला ओरछा धाम" class="wp-image-11150" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-धर्मशाला-ओरछा-धाम.jpg 549w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/श्री-राम-राजा-धर्मशाला-ओरछा-धाम-261x300.jpg 261w" sizes="auto, (max-width: 549px) 100vw, 549px" /><figcaption>श्री राम राजा धर्मशाला </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">20 मिनट आराम करने के बाद बाहर आया और फिर से मंदिर परिसर में ही भ्रमण करने लगा मुझे दो ऊँची ऊँची मीनारे दिखाई दे रही थी उनके पास गया तो पुरातत्व विभाग का बोर्ड लगा देखा तो जानकारी मिली कि ये <strong>सावन भादो पिलर</strong> है इन मीनारों के नीचे से सुरंग बनी है जिससे पहले राजपरिवार के लोग किले से <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर </strong>तक आया करते है फिलहाल तो सुरंगे बंद करवा दी गई |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब मुझे यह <strong><em>ओरछा धाम  </em></strong>बहुत ही  खूबसूरत लग रहा था क्यूंकि <strong>सावन भादो पिलर</strong> के पास से  <strong>श्री राम राजा मंदिर </strong>और <strong>चतुर्भुज मन्दिर </strong>की भव्यता एक साथ दिखाई दे रही थी खैर मै इन दोनों पिलर से थोडा आगे बढ़ा रास्ते में सब दुकाने ही थी छोटा मोटा मेला सा लगा था बच्चो के खिलौनों की दुकाने पूजा सामग्री की दुकाने आदि सजी हुई थी थोड़ी ही दूरी पर श्री हरदौल बैठक आ गई  मै उत्सुकता वश यहाँ आ गया यहाँ पर बाग़ सा था जिसमे ढेरो पेड़ पौधे लगे थे हरियाली थी ठण्डा था और बाग़ के बीच में एक चबूतरा बना था जिसे ही <strong>श्री हरदौल बैठका</strong> कहते है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब ये <strong>श्री हरदौल बैठका</strong> क्या है और श्री हरदौल कौन थे यह सब जानने के लिये आप हमारी पोस्ट <a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/">ओरछा का इतिहास | श्री राम राजा मन्दिर की कहानी | राजा हरदौल की कहानी</a> जरूर पढ़े खैर आपको बता दे हरदौल राजा वीर सिंह देव के सबसे छोटे पुत्र थे बुन्देलखण्ड के स्थानीय लोग राजा हरदौल की पूजा करते है<strong> हरदौल बैठका</strong> पर राजा हरदौल की बहुत ही सुन्दर प्रतिमा बनी है मैंने भी राजा हरदौल के दर्शन किये और वापस आ गया फिर <strong>चतुर्भुज मन्दिर </strong>की उत्कृष्ट बनावट को निहारता रहा यह भगवान विष्णु को समर्पित एक बहुमंजिला भव्य मन्दिर है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg" alt="श्री हरदौल बैठका ओरछा" class="wp-image-10984" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>श्री हरदौल बैठका ओरछा</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">मैंने यहाँ पर फोटो शोटो ली और अब कहाँ की घुमक्कड़ी की  जाए ये सोचने लगा तब तक दिमाग में आया की बरुआसागर चले क्या आपको बता दे <strong>बरुआसागर</strong> झांसी जिले में है और आप <strong>ओरछा धाम</strong> से भी बरुआसागर जा सकते हो फिर क्या था पैदल पैदल आ गया टेम्पो स्टैण्ड के पास और जानकारी की तो बताया गया या तो बुक करके जाओ या फिर एक टिगेला तक जाने वाले टेम्पो में बैठो फिर टिगेला से <strong>बरुआसागर </strong>तक का टेम्पो मिल जायेगा मै फटाफट टिगेला वाले टेम्पो में बैठा और फिर टिगेला से <strong>बरुआसागर</strong> टेम्पो में बैठकर आ गया बरुआसागर जो की झाँसी से 21 किलोमीटर है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">जहाँ टेम्पो वाले ने उतरा वही पे <strong>बरुआसागर </strong>की सुप्रसिद्ध मिठाई की दुकान <strong>न्यू पाण्डेय मिष्ठान भण्डार</strong> था जहाँ के देशी घी के रसगुल्ले सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड में प्रसिद्ध है मैंने इनके रसगुल्ले को चखा काफी बड़ा और स्वादिष्ट था रसगुल्ला अब मेरा अगला पड़ाव था <strong>बरुआसागर झील और झरना</strong> अब निकल पड़ा जानकारी मिली की थोडा सा दूर है टेम्पो से निकल जाओ मैंने कहा ठीक बैठा ऑटो में आ गया  बरुआसागर के पास और पैदल पैदल आगे बढ़ने लगा |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="445" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी.jpg" alt="बरुआसागर झरना झाँसी" class="wp-image-10933" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी-300x167.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झरना-झाँसी-768x427.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>बरुआसागर झरना</figcaption></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/">बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे क्या क्या देखे Baruasagar Fort </a></p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">थोड़ी ही दूरी पर झरना तो दिखाई दिया लेकिन पानी बहुत कम था तो झरने में तो मजा आया नहीं अब झील की तरफ बढ़ चला जिसका रास्ता तमाम मंदिरों से होकर था और सीढियों से ऊपर जाकर झील थी झील क्या एक डैम था ऊपर आया तो मन प्रसन्न हो गया   बेहद ही खूबसूरत नजारा था चारो तरफ दूर दूर तक पानी ही दिखाई दे रहा था वहां एक स्थानीय से जानकारी की तो मालूम हुआ की जब डैम में पानी ज्यादा हो जाता है तब पानी नीचे छोड़ दिया जाता है यही पानी आगे जाकर झरना बन जाता है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">खैर मुझे यह झील पसंद आई अच्छा  जो झील का रास्ता था उसमे एक दो छोटे छोटे झरने थे कई कुण्ड थे जिनमे पवित्र जल था हर एक  कुंड का अपना अलग महत्त्व था अब मै बरुआसागर किले को देखने आ गया जो की झरने से थोड़ी दूरी पर है और यह किला उंचाई पर बना है यह ज्यादा बड़ा तो नहीं है लेकिन यदि आप <strong>बरुआसागर</strong> आये तो किले को भी जरूर देखे किले के ऊपर से <strong>बरुआसागर झील </strong>दिखती है किले की शिल्पकला बढ़िया है मै थोड़ी देर किले के ऊपर से बरुआसागर झील के पानी को देखता रहा फिर वहां से निकल पड़ा थोड़ी ही दूरी पर <strong>जराय का मठ</strong> था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="699" height="453" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील.jpg" alt="बरुआसागर झील" class="wp-image-10934" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील.jpg 699w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/01/बरुआसागर-झील-300x194.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 699px) 100vw, 699px" /><figcaption>बरुआसागर झील</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>जराय का मठ</strong> मुझे तो थोडा थोडा खजुराहो के मंदिरों की तरह लगा फिलहाल मस्ट विजिट प्लेस है इसके अलावा<strong> बरुआसागर</strong> में माँ मंसिल दरबार भी जा सकते है अब शाम होने को थी मै फटाफट निकला और टेम्पो टेम्पो करते हुये आ गया <strong>ओरछा धाम</strong> और धर्मशाला ले  रूम में फिर से आधे घंटे विश्राम करके कपडे बदले लोवर पहना और फिर निकल पड़ा शाही छतरियो की तरफ जो की <strong>बेतवा नदी</strong> के किनारे पर है मै रूम से टहलता हुआ पैदल ही बेतवा नदी के किनारे बनी इन छतरियो तक आ गया अब यहाँ का जो नजारा था क्या ही कहू बस मुझे तो ओरछा से प्यार हो गया था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="600" height="450" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/ओरछा-धाम.jpg" alt="ओरछा धाम" class="wp-image-11143" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/ओरछा-धाम.jpg 600w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/ओरछा-धाम-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 600px) 100vw, 600px" /><figcaption>ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">सामने बेतवा नदी और किनारे पर बनी<strong> शाही छतरियां</strong> जो सचमुच शाही ही थी यहाँ पर आप राफ्टिंग का भी लुत्फ़ उठा सकते है मेरा यहाँ से उठने का मन ही नहीं हो रहा था यहाँ पर एक I LOVE ORCHHA लिखा हुआ सेल्फी पॉइंट भी था हमने टशन में फोटो वोटो लिये और अब अँधेरा हो रहा था अँधेरा तो हो रहा था लेकिन इस जगह की ख़ूबसूरती अब और बढ़ रही थी जैसे ही इन <strong>शाही छतरियो </strong>में लाईटे जलने लगी इन छतरियो में तो चार चाँद लग गए अब तो और मै वहां से उठ नहीं पा रहा था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/बेतवा-नदी-के-किनारे-ओरछा-धाम.jpg" alt="बेतवा नदी के किनारे ओरछा धाम" class="wp-image-11144" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/बेतवा-नदी-के-किनारे-ओरछा-धाम.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/बेतवा-नदी-के-किनारे-ओरछा-धाम-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>बेतवा नदी के किनारे </figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="828" height="474" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg" alt="शाही छतरियां - Orchha Tourist Places" class="wp-image-10979" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg 828w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-300x172.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px" /><figcaption>शाही छतरियां शाम के समय </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">खैर 8:30 हो रहा था भूख भी लग रही थी तो मै अपने रूम / श्री राम राजमंदिर की और आ गया वही पर एक और मंदिर था जानकी जू मंदिर मैंने इस मन्दिर में जानकी माँ के सुन्दर दर्शन किये और एक होटल से दो आलू के पराठे पैक कराये और रूम में आकर खाये उसके बाद जो सुबह <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> में महाप्रसाद लिया था उसका एक लड्डू खाया गज़ब का स्वाद था इस महाप्रसाद में अब मोबाइल उठाया और यार दोस्तों परिवार वालो से बात करते करते सो गया सुबह 7 बजे नींद खुली |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">तो फ्रेश होकर नहा धोकर सबसे पहले <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> के दर्शन किये फिर निकल गया लक्ष्मी नारायण मन्दिर की इस मंदिर की शिल्पकला अद्भुत है यह मन्दिर क्या एक महल सा लगता है यह मंदिर मुख्य रूप से माँ लक्ष्मी को समर्पित है और यहाँ की चित्रकारी बहुत सुन्दर है यहाँ दर्शन करके मै सीधे ओरछा के किले के गेट पर आया टिकट ली और शुरू हो गया यह भव्य किला का टूरिज्म सबसे पहले मै <strong>जहाँगीर महल</strong> गया जहाँ पड़ी बेंच पर बैठकर इस महल को निहारता रहा |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">आपको बता दे <strong>जहाँगीर महल</strong> राजा वीर सिंह देव ने जहाँगीर के सम्मान में बनवाया था यह महल वर्गाकार है और इस महल में आप बालकनी , गुम्बद , कमरे जगह जगह पर बनी नक्खाशी देख सकते है हर एक चीज की बनावट काबिलेतारीफ है मै बड़ा इत्मीनान से <strong>जहाँगीर महल</strong> घूम रहा था मै जीने से ऊपर भी गया वहां के भी नज़ारे देखे जहाँगीर महल के दूसरे गेट से जब मै बाहर निकला तो मुझे ऊँट खाना दिखाई दिखाई दिया जो की एक ऊँचे से चबूतरे पर बना हुआ है यहाँ ऊँट बांधे जाते होंगे अब मै इस ऊँट खाने के पास से नीचे उतरा तो सामने <strong>राय प्रवीण महल</strong> था |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg" alt="जहाँगीर महल ओरछा" class="wp-image-10970" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg 650w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>जहाँगीर महल</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">लगे हाथो इस महल की भी घुमक्कड़ी कर ली यह भी एक बेहतरीन शिल्प कला का उदहारण है राय प्रवीण एक कुशल नृत्यांगना कुशल गायक और बहुत ही सुन्दर ही तो यह महल राजा इन्द्रजीत ने राय प्रवीण के लिए बनवाया था दो मंजिल के इस महल का उद्यान भी काफी हरा भरा था अब यहाँ से आगे तीन दासियों का मंदिर , पंचमुखी महादेव मंदिर , राधिका बिहारी मंदिर , बनवासी मंदिर देखा फिर वापस आकर जहाँगीर महल से होते हुये <strong>राजा महल</strong> की तरफ आया |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">राजा महल भी ओरछा किला काम्प्लेक्स का  एक खूबसूरत महल है इस महल में भी आपको काफी समय लगेगा क्यूंकि एक तो यह बड़ा है ऊपर से अत्यंत सुन्दर तो फोतोबाजी भी करोगे न एक और बात जो किले में साउंड एंड लाइट शो होता है वह <strong>राजा महल </strong>में ही आयोजित किया जाता है | <strong>राजा महल </strong>के बाद अब मै किले को अलविदा कर रहा था और अलविदा करते करते तोपखाना भी देख लिया आप ढेर सारा समय लेकर आये |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-महल-ओरछा-धाम.jpg" alt="राजा महल ओरछा धाम" class="wp-image-11145" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-महल-ओरछा-धाम.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/04/राजा-महल-ओरछा-धाम-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>राजा महल </figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">देखिये यदि आप कबड्डी खेलना चाहते हो तो तब तो आधा घंटे में सारे महलों के पाले को छूकर आप आ जाओ लेकिन यदि आप बुंदेलखंड स्थापत्य कला , राजपूत स्थापत्य कला को महसूस करना चाहते तो आप यहाँ सकून के साथ घूमिये और यहाँ कम से कम 3 घंटे बिताइए फोटो वोटो लीजिये इस किला परिसर में पप्री वेडिंग शूट खूब होते है अब मै <strong><em>ओरछा धाम</em></strong>  से विदा लेने वाला था तब तक मन किया क्यों न एक बार फिर राम राजा के दर्शन हो जाए तो लो आ गए फिर से राम दरबार में दर्शन करे और इस बार निकल लिए मंदिर के दूसरे गेट से |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब दूसरे गेट से एक रोड पर टहल रहे थे तो एक और  मन्दिर दिखाई दिया जो की पहाड़ी पर काफी उंचाई पर बना था अब ये कौन सा मन्दिर है उत्सुकतावश मै सरपट मन्दिर की और दौड़ लिया और ऊपर एक छोटी सी लड़की थी जो मन्दिर की देखरेख करने वाले की बिटिया थी उससे जानकारी करी तो वो बिटिया बताई ये माँ संतोषी का मंदिर है यह मंदिर भी खूबसूरत था मैंने संतोषी माँ के दर्शन किये फिर आपको बताऊ इस मन्दिर से जो व्यू मिल रहे थे वाह |</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी – Orchha Tourist Places </a></p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">इस मंदिर से आपको <strong>चतुर्भुज मन्दिर</strong> और <strong>श्री राम राजा मन्दिर</strong> के बहुत ही आकर्षक व्यू दिखाई दे रहे थे तो यदि आप के पास समय हो तो आप माँ संतोषी के मन्दिर भी हो ले  मुझे अभी ओरछा अभयारण्य जाना था लेकिन शाम होने को थी और मुझे आज दतिया भी निकलना था तो फिर मैंने अभ्यारण्य का प्लान कैंसल किया और निकल पड़ा दतिया की और अब दतिया कैसे क्या घूमा अगली पोस्ट में बताऊंगा फिलहाल मेरी ओरछा धाम की यात्रा बहुत ही अच्छी रही |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="403" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg" alt="संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो Orchha Tourist Places" class="wp-image-10985" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg 900w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-300x134.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-768x344.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /><figcaption>संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>


<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663230012223"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; ओरछा धाम कौन से राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा धाम  मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1663230099816"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; ओरछा धाम से सम्बन्धित यात्रा वृतान्त बताइये ?</strong> <p class="schema-faq-answer">पोस्ट को शुरू से पढिये |</p> </div> </div>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/orchha-dham-aur-baruasagar-ka-yatra-vritant-hindi/">ओरछा धाम और बरुआसागर की घुमक्कड़ी के मेरे किस्से</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://safarjankari.com/orchha-dham-aur-baruasagar-ka-yatra-vritant-hindi/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">11139</post-id>	</item>
		<item>
		<title>ओरछा का इतिहास &#124; श्री राम राजा मन्दिर की कहानी &#124; राजा हरदौल की कहानी</title>
		<link>https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/</link>
					<comments>https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Mar 2022 10:29:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पौराणिक कथाये]]></category>
		<category><![CDATA[Etihasik Kahani]]></category>
		<category><![CDATA[Pauranik Kahani]]></category>
		<category><![CDATA[ओरछा धाम]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश में घूमने की जगहे]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://safarjankari.com/?p=11080</guid>

					<description><![CDATA[<p>ओरछा का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली है पढ़े इस पोस्ट में राजा राम मन्दिर की कहानी , राजा हरदौल की कहानी , ओरछा के किले और महलों का इतिहास  </p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/">ओरछा का इतिहास | श्री राम राजा मन्दिर की कहानी | राजा हरदौल की कहानी</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>ओरछा का इतिहास </strong>बड़ा ही गौरवशाली है पढ़े इस पोस्ट में <strong>राजा राम मन्दिर की कहानी</strong>  <strong>राजा हरदौल की कहानी</strong>  <strong>ओरछा के किले और महलों का इतिहास</strong>  , <a href="https://www.tourism-of-india.com/orchha/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">ओरछा </a>भारत के मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित एक ऐसा क़स्बा है जहाँ किले और मंदिरों का अपना एक अलग ही इतिहास है पर्यटन की दृष्टिकोण से यह जगह बहुत बढ़िया है आप हमारी पोस्ट <a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी – Orchha Tourist Places (2022)</a> से यहाँ घूमने की जानकारी पढ़ सकते है |</p>



<h2 class="wp-block-heading">ओरछा का इतिहास</h2>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">बेतवा नदी के किनारे पर बसा ओरछा मध्य काल के समय में परिहार राजाओ की राजधानी हुआ करता था अच्छा परिहार राजाओ के बाद यहाँ पर चंदेल राजाओ ने भी शासन किया है और चन्देल शासको के बाद यहाँ पर बुन्देल राजाओ ने राज किया है  जो आपको वर्तमान में ओरछा दिखाई देता है उसके निर्माण की शुरुआत राजा रूद्र प्रताप सिंह ने सन 1501 से  करवाई था अब हम आपको इस जगह के प्रमुख प्रमुख जगहों के इतिहास से रूबरू कराते है विस्तृत में <em><strong>ओरछा का इतिहास</strong> </em> बताते है  &#8211; </p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री राम राजा मन्दिर की कहानी</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">श्री राम राजा सरकार का महत्त्व आपको अयोध्या के बाद ओरछा में दिखाई देता है यहाँ लोग भगवान राम को अपना राजा मानते है यहाँ पर राम हर धर्म के राजा है दूर-दूर से लोग इस स्थल पर राम राजा के दर्शन करने आते है आइये अब इस मन्दिर के इतिहास पर आते है जो शुरू होता है मधुकर शाह जी के कार्यकाल से जो की यहाँ के महाराजा थे और कृष्ण भक्त थे  और महारानी जो की ग्वालियर जिले से थी वो एक राम भक्त थी महारानी का नाम कुंवर गणेश था |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">एक दिन मधुकर शाह और कुंवर गणेश बाते कर रहे थे और बातो की बातो में दोनों अपने अपने ईष्ट देव को लेकर झगडा करने लगे और महाराजा मधुकर शाह ने महारानी से बोल दिया कि यदि वो एक सच्ची राम भक्त है तो जाए अयोध्या और रामजी को यहाँ ओरछा ले आये अब महारानी जी ने भी यह बात मान ली और बोली की या तो अब मै अपने ईष्ट प्रभु राम को अयोध्या से ओरछा लाऊंगी या फिर अयोध्या में ही अपने प्राण त्याग दूंगी |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब क्या था महारानी कुंवर गणेश आ गई अयोध्या और सरयू नदी के किनारे शुरू कर दो अपने प्रभु राम जी की पूजा 7 दिन हो चुके थे ( कही कही 21 दिन बताया जाता है ) महारानी जी को श्रीराम ने दर्शन नहीं दिए अब महारानी जी हताश होकर अपने प्राण त्यागने का निर्णय लेती है और सरयू में छलांग लगा देती है  तभी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम एक बालक के रूप में वहां आ जाते है ( कुछ लोगो का कहना है की सरयू में जब महारानी से छलांग लगाईं थी तो जलधारा में ही भगवान राम महारानी की गोद में बैठ गए थे ) |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब महारानी  बालक रूप में आये श्रीराम से ओरछा चलने का निवेदन करती है श्रीराम मान भी जाते है लेकिन तीन शर्तो के साथ अब महारानी कुंवर गणेश भगवान राम से उनकी शर्ते पूछती है अब आप शर्ते सुनिये &#8211; </p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">पहली शर्त &#8211; जहाँ हम जा रहे है वहां के सिर्फ हम ही राजा होंगे कोई दूसरा नहीं <br>दूसरी शर्त &#8211;  अयोध्या से ओरछा तक आपके साथ हम पैदल जायेंगे वो भी पुण्य नक्षत्र में <br>तीसरी शर्त &#8211;  यदि हम कही पर भी बैठ गए तो वहां से उठेंगे नहीं |<br><br>महारानी कुंवर गणेश ने श्रीराम की तीनो शर्ते मान ली फिर श्रीराम एक मूर्ति के रूप में महारानी की गोद में बैठ गए और महारानी पैदल ही ओरछा की तरफ चल दी और 8 महीने 28 दिन में वो ओरछा आ गई थी अच्छा यह भी कहा जाता है महारनी के ओरछा पहुँचने से पहले महाराजा मधुकर शाह को सपना आया था की महारानी भगवान राम को लेकर आ  रही है तो मधुकर शाह ने भगवान राम के लिये मन्दिर बनवाना शुरू कर दिया जिसे चतुर्भुज मन्दिर कहते है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">लेकिन यह चतुर्भुज मन्दिर पूर्णता बन पाता उससे पहले ही महारानी कुंवर गणेश जी श्रीराम को लेकर ओरछा आ गई और श्रीराम को अपने महल की रसोई घर में थोड़े समय के लिए स्थापित कर दिया फिर जब चतुर्भुज मंदिर बन गया तब उस मूर्ति को रसोई घर से उठाकर इस चतुर्भुज मंदिर में स्थापित किया जाना था लेकिन श्रीराम की वह मूर्ति वहां से उठी ही नहीं इसी को सभी ने भगवान राम का चमत्कार माना और उसी महल को मंदिर बना दिया इसी महल नुमा मंदिर में आज आपको श्री राम राजा दर्शन देते है इस मंदिर को ही श्री राम राजा मन्दिर कहा जाता है |</p>



<p class="wp-block-paragraph">तो इसीलिये महल में बैठे राजा राम ओरछा के राजा है ओरछा में सिर्फ राजा राम की ही सर्कार चलती है यहाँ पर पुलिस द्वारा बन्दूक से राजा राम को सलामी दी जाती है <strong>ओरछा का इतिहास</strong> बगैर <strong>श्री राम राजा सरकार के इतिहास </strong>के अधूरा है  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर.jpg" alt="श्री राम राजा सरकार मन्दिर Orchha Tourist Places" class="wp-image-10983" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">राजा हरदौल की कहानी &#8211; ओरछा का इतिहास</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>राजा हरदौल की कहानी</strong> बुन्देलखण्ड के लगभग हर घर मे सुनाई जाती है यह कहानी भाई बहन के प्रेम को दिखाती है देखिये हरदौल राजा वीर सिंह देव के पुत्र थे और जुझार सिंह हरदौल के भाई थे राजा वीर सिंह ने जुझार सिंह को ओरछा का राजा बनाया था और हरदौल को दीवान कोई व्यक्ति जो हरदौल से नफरत करता था उसने राजा जुझार सिंह को बहका दिया की हरदौल के अवैध सम्बन्ध जुझार सिंह की पत्नी चम्पावती के साथ है |<br><br>बस अब क्या था राजा जुझार सिंह ने रानी चम्पावती को हरदौल को जहर देने का आदेश दे दिया रानी गई लेकिन वो हरदौल को ज़हर न दे सकी अपनी भाभी की इज्जत की खातिर हरदौल ने स्वयं ही ज़हर पी लिया कहानी अभी समाप्त नहीं होती है हरदौल को बस्ती से दूर दफना दिया जाता है फिर एक दिन जुझार सिंह हरदौल की बहन कुंजावती आती है कुंजावती दतिया के राजा राजा रणजीत सिंह की पत्नी थी |<br><br>कुंजावती अपनी बेटी की शादी में राजा जुझार सिंह से भात मांगने आई थी लेकिन जुझार सिंह ने कुंजावती का यह निवेदन यह बोलकर ठुकरा दिया की कुंजावती तो हरदौल से ज्यादा स्नेह करती थी तो अब जाकर शमशान में हरदौल से ही भात मांगे अब क्या कुंजावती रोने लगी और रोते रोते ही पहुँच गई हरदौल की समाधि पर और भात मांगने लगी तभी एक आवाज आई की हरदौल भात लेकर आएगा |<br><br>लोककथाओ की माने तो सच में हरदौल की आत्मा अपनी भांजी की शादी में भात लेकर गई थी लेकिन यहाँ जो कुंजावती का दामाद था वो नहीं माना फिर हरदौल को अपने शरीर के साथ प्रकट होना पड़ा था तभी से बुन्देलखंड में हरदौल को देवता के रूप में पूजते है |<br><br>बुन्देलखण्ड में आज भी कोई भी शादी या यज्ञ इत्यादि होता है तो सबसे पहला निमन्त्रण हरदौल को ही दिया जाता है तो ऐसे थे हरदौल ओरछा में श्री राम राजा मंदिर के समीप ही हरदौल बैठका बना हुआ है , <strong>  राजा हरदौल की कहानी ओरछा का इतिहास</strong> में सदैव याद की जायेगी |</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह भी पढ़े &#8211; <a href="https://safarjankari.com/history-of-kumbhalgarh-fort-in-hindi/">History of Kumbhalgarh Fort in Hindi – कुम्भलगढ़ दुर्ग का इतिहास</a></p>



<h4 class="wp-block-heading">सावन भादो पिलर ओरछा का इतिहास</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">सावन भादो मीनार श्री राम राजा सरकार मन्दिर के समीप ही बने हुये है इस दोनों मीनारों के बारे में किद्वंती है कि सावन महीने के ख़त्म के बाद और भादव का महिना शुरू होने से पहले यह दोनो मीनारे आपस में मिल जाती है और इन मीनारों के नीचे सुरंग बनी है जहाँ से राजपरिवार के लोग आया जाया करते थे फ़िलहाल अब ये सुरंगे बंद कर दी गई है वैसे ये जो दोनों पिलर के आपस में मिलने की बात है इसके कोई भी सबूत नहीं है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">ओरछा के किले का इतिहास </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब बात करते <strong>ओरछा के किले के इतिहास</strong> बारे में राजा रूद्र प्रताप सिंह ने यह किला बनवाया था इसके बाद यही कई राजा हुये और सबने अलग अलग महल बनवाये थे </p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">सबसे पहले बात करते है <strong>जहाँगीर महल के इतिहास</strong> की जिसका निर्माण राजा वीर सिंह देव ने सन 1605 से 1627 के मध्य करवाया था इस महल का निर्माण मुग़ल सम्राट जहाँगीर के सम्मान में करवाया गया था ये महल बुन्देल और मुग़ल शिल्प कला का मिश्रित उदहारण है इस महल का जो प्रथम तल है उसका निर्माण सन 1606 में जहाँगीर के आने से पहले पूर्ण हो गया था बाकी जो दृतीय ताल पर जो कक्ष , गुम्बद और छत्रियां बनी है उनका निर्माण सन 1618 में हुआ था |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><br>राजा वीर सिंह और जहाँगीर की दोस्ती बहुत ही ज्यादा थी क्युंकी जब मुग़ल शासक अकबर ने अबुल गजल को जहाँगीर को काबू में करने के लिये भेजा था इसी बीच जहाँगीर की दोस्ती राजा वीर सिंह से हो गई थी तो फिर राजा वीर सिंह ने अबुल फज़ल को मरवा दिया था फिर जब जहाँगीर मुग़ल बादशाह बना तो उसने ओरछा को राजा वीर सिंह को सौंप दिया था ऐसा कुछ इतिहास है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब बात करते है <strong>राय प्रवीण महल के इतिहास</strong> की यह महल भी ओरछा के किले के अन्दर बना हुआ है सन 1592 से 1605 के मध्य महाराजा राम शाह के छोटे भाई ओरछा के कार्यवाहक शासक थे जिनका नाम इन्द्रजीत सिंह था राय प्रवीण उनकी प्रेमिका थी राय प्रवीण एक कुशल नर्तकी थी , महाकवि केशवदास ने अपने ग्रन्थ कवी प्रिय में राय प्रवीण की सुन्दरता का खूब बखान किया हुआ है राय प्रवीण महाकवि केशवदास की शिष्या थी तो यह राय प्रवीण महल राजा इन्द्रजीत ने अपनी प्रेमिका राय प्रवीण के लिये ही बनवाया था |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब बात करते है किले के ही अन्दर स्थित <strong>राजा महल के इतिहास</strong> की जिसका निर्माण सन 1501 से 1531 के मध्य राजा रूद्र प्रताप ने शुरू करवाया था इसके बाद राजा रूद्र प्रताप सिंह के बड़े बेटे भारती चंद ने इस महल का कार्य 1531 से 1554 में मध्य में पूर्ण करवाया फिर इस महल में कुछ परिवर्तन भी हुए जो भारती चंद के अनुज मधुकर शाह ने 1554 से 1592 के मध्य करवाए |</p>



<p class="wp-block-paragraph">ओरछा का इतिहास से सम्बन्धित प्रश्न </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662992646222"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; ओरछा का इतिहास क्या है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">यह बताने के लिये हमने पोस्ट लिखी है आप  पढ़े और पोर इतिहास समझिये |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662992756538"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; रामराजा सरकार की कहानी क्या है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"> रामराजा सरकार की कहानी ओरछा की महारानी कुंवर गणेश जी के इर्द गिर्द घूमती है पूरी कहानी हमने लिखी है कृपया पोस्ट पढ़े |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662992917963"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; क्या <strong>ओरछा</strong> के इतिहास में राजा हरदौल की कहानी का महत्त्व है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">निसंदेह ओरछा से जुड़ा कोई भी मुद्दा हो तितिहस हो या भूगोल राजा हरदौल जरूर याद किये जायेंगे |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662993000293"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> का किला किसने बनवाया था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">राजा रुद्रप्रताप सिंह ने |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662993032707"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; राय प्रवीण महल किसने और किसके लिए बनवाया था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">राजा इन्द्रजीत सिंह जे अपनी प्रेमिका राय प्रवीण के लिये यह किला  बनवाया था |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662993129858"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा </strong> का राजा महल किसने बनवाया था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">राजा महल के निर्माण का काम राजा रूद्र प्रताप ने शुरू करवाया था बाद में भारती चंद और मधुकर शाह ने इसे पूरा बनवाया था |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662993260827"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211;  जहाँगीर महल का निर्माण किसने करवाया था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">जहाँगीर महल का  निर्माण राजा वीर सिंह देव जी ने करवाया था |</p> </div> </div>



<p class="wp-block-paragraph">तो दोस्तों ये था <strong>ओरछा का इतिहास</strong> जिसमे हमने आपको <strong>श्री राम राजा मन्दिर की कहानी</strong> बताई <strong>राजा हरदौल की कहानी</strong> बताई   यह समस्त जानकारी मेरे खुद की नहीं है जो मैंने लोगो से सुना है ओरछा गया था तो वहां लगे पुरातत्व विभाग के बोर्ड में पढ़ा वही से समस्त जानकारी एकत्रतित करके यह पोस्ट लिखी है कही कोई गलत जानकारी हो तो कृपया कमेन्ट बॉक्स में लिखकर अवश्य बता दे |<br></p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/">ओरछा का इतिहास | श्री राम राजा मन्दिर की कहानी | राजा हरदौल की कहानी</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://safarjankari.com/%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%9b%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>2</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">11080</post-id>	</item>
		<item>
		<title>ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी &#8211; Orchha Tourist Places</title>
		<link>https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/</link>
					<comments>https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Anurag Singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Feb 2022 09:01:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Historical]]></category>
		<category><![CDATA[Natural]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<category><![CDATA[ऐतिहासिक]]></category>
		<category><![CDATA[ओरछा धाम]]></category>
		<category><![CDATA[झांसी पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[धार्मिक]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश में घूमने की जगहे]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://safarjankari.com/?p=10953</guid>

					<description><![CDATA[<p>ओरछा एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो आध्यात्म , इतिहास और प्रकृति की सुन्दरता से भरा पड़ा है यह मात्र एक ऐसी जगह है जहाँ भगवान राम की पूजा राजा के रूप में होती है यह स्थल बुन्देला राजाओ का केंद्र रहा है ओरछा में घूमने की जगहों में रामराजा सरकार मन्दिर , जहाँगीर महल , दाउजी की हवेली , राजा महल , राय परवीन महल ,  चतुर्भुज मन्दिर , बेतवा नदी के किनारे शाही छतरियां  , लक्ष्मी नारायण मन्दिर , फूल बाग़ , सावन भादो पिलर , वन्य जीव अभयारण्य , श्री हरदौल बैठका , जानकी जू मन्दिर धाम , अमर महल , श्री दिगंबर जैन मन्दिर आदि है &#124;</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी &#8211; Orchha Tourist Places</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>ओरछा</strong> एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो आध्यात्म , <a href="https://safarjankari.com/historical-places/">इतिहास </a>और प्रकृति की सुन्दरता से भरा पड़ा है यह मात्र एक ऐसी जगह है जहाँ भगवान राम की पूजा राजा के रूप में होती है यह स्थल बुन्देला राजाओ का केंद्र रहा है ओरछा में घूमने की जगहों <strong>Orchha Tourist Places</strong> में <strong>श्री रामराजा सरकार मन्दिर</strong> , <strong>जहाँगीर महल</strong> , दाउजी की हवेली , राजा महल , राय परवीन महल ,  चतुर्भुज मन्दिर , <a href="https://www.britannica.com/place/Betwa-River" target="_blank" rel="noreferrer noopener">बेतवा नदी</a> के किनारे <strong>शाही छतरियां</strong>  , <strong>लक्ष्मी नारायण मन्दि</strong>र , फूल बाग़ , सावन भादो पिलर , वन्य जीव अभयारण्य , श्री हरदौल बैठका , जानकी जू मन्दिर धाम , अमर महल , श्री दिगंबर जैन मन्दिर आदि है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>ओरछा </strong>मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में है इस जगह की स्थापना राजा रूद्र प्रताप सिंह जू जी ने की थी फिर मधुकर शाह  , वीर सिंह देव ने भी यहाँ राज किया है इस जगह पर पहले परिहार राजाओ ने राज किया फिर चंदेल राजाओ ने यहाँ राज किया और फिर बुंदेलो ने बताते है की ओरछा का <strong>राम राजा सरकार मंदिर</strong> विश्व में एकलौता ऐसा मन्दिर है जहाँ श्रीराम की पूजा भगवान के रूप में नहीं बल्कि एक राजा के रूप में होती है रामराजा सरकार को <strong>ओरछा</strong> की महारानी गणेश कुंवर पैदल ही अयोध्या से  लाइ थी |</p>



<h3 class="wp-block-heading">About Orchha in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित <strong>ओरछा </strong>सच में एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहाँ आपको जरूर आना चाहिए यहाँ के भव्य किले अपनी बेजोड़ वास्तुकला के लिए जाने जाते है इस स्थल में बहती बेतवा नदी के जल की कल-कल की आवाज आपको मंत्रमुग्ध कर देती है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">यहाँ के पुरानी शैली में बने भव्य मन्दिर भी देखते ही बनते है ओरछा के कण-कण में इतिहास छुपा हुआ है और इस छोटे से पर्यटन स्थल की प्राकृतिक ख़ूबसूरती , किलो महलों की भव्यता विशालता , यहाँ के मन्दिरों की मान्यता इसे एक ऐसा पर्यटन स्थल बना देती है जिसमे इतिहास भी है आध्यात्म भी है और प्राकृतिक सुंदर नज़ारे भी है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"> <strong>Orchha Tourist Places</strong> में आपको महलों किलो मंदिरो के अलावा रिवर राफ्टिंग , जंगल सफारी का भी लुत्फ़ मिलेगा ओरछा को मध्य प्रदेश की अयोध्या भी कहते है यहाँ जब आप प्रवेश करते हो तो सबसे पहले आप का स्वागत होता है ऐतिहासिक प्रवेश द्वार से बस यही से आपको लगता है की हम किसी राजा महाराजो की नगरी आ गए है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कैसे पहुंचे यहाँ &#8211; How to Reach Orchha in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">यह पर्यटन स्थल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सटा हुआ है अगर भौगोलिक स्थिति की बात करे तो <strong>ओरछा मध्य प्रदेश</strong> के निवाड़ी जिले के अंतर्गत आता है वही उत्तर प्रदेश के शहर झाँसी से यहाँ की दूरी महज 14-15 किलोमीटर होगी मध्य प्रदेश के एक और शहर ग्वालियर से <strong><em>ओरछा</em></strong>  की दूरी लगभग 120 किलोमीटर होगी यहाँ पहुंचना बहुत ही आसान है |<br><br>यदि आप यहाँ तक वायुमार्ग से आना चाह रहे है तो आपको बता दे <strong>ओरछा</strong> का सबसे नजदीक का एअरपोर्ट ग्वालियर में है और ग्वालियर से यहाँ की दूरी लगभग 128 किलोमीटर होगी अच्छा यहाँ का दूसरा नजदीक का एअरपोर्ट खजुराहो है जिसकी ओरछा से दूरी लगभग 176 किलोमीटर होगी तो आपको आगे का सफ़र ट्रेन या बस या गाडी बुक करके करना पड़ेगा |<br><br>अब यदि आप ट्रेन से आना चाह रहे हो तो आपको बता दे कि <strong><em>ओरछा</em></strong> में  खुद का रेलवे स्टेशन है जिसका कोड ORC है लेकिन यहाँ पर बहुत की कम ट्रेन चलती है जो ट्रेन है भी वो लोकल की है मतलब झाँसी से ही तो ट्रेन से आपके लिए क्या बेस्ट रहेगा आइये बताते है ओरछा से महज 14-15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है झाँसी का वीरांगना लक्ष्मीबाई जंक्शन जिसका कोड VGLB है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"> झाँसी के लिए आपको भारत के लगभग हर बड़े शहर से कोई न कोई ट्रेन मिल जाएगी तो पहले आओ झाँसी फिर झाँसी से पब्लिक साधन से आना है तो झाँसी बस स्टैंड से टेम्पो सीधे ओरछा आते है बाकी आप अपना ऑटो या गाड़ी बुक करके भी जा सकते हो |<br><br>यदि आपको सड़क मार्ग से आना है तो आप को बता दे यहाँ का सबसे नजदीकी बस स्टैंड झाँसी का है तो आप झाँसी तक आइये फिर झाँसी से तमाम बस ऑटो टेम्पो चलते है बाकी आप ग्वालियर खजुराजो से भी आराम से ओरछा तक आ सकते बढ़िया सड़के है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">पब्लिक साधन से आना है तो झाँसी बस स्टैंड से टेम्पो चलते है जो 40 रूपये लेंगे और आपको <strong>ओरछा</strong> पहुंचा देंगे ये टेम्पो आपको जहाँ पर उतारेंगे वहां से थोडा सा पैदल चलेंगे तो आप श्री राम राजा मन्दिर के सामने पहुँच जायेंगे |</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://safarjankari.com/place-to-visit-in-jhansi-hindi-me/">Place to visit in Jhansi – झांसी घूमने से जुड़ी समस्त जानकारी</a></p>



<h5 class="wp-block-heading">नगर ओरछा के अन्दर घूमने के साधन </h5>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब आपको बताते है कि <strong>ओरछा </strong>के अन्दर एक प्लेस से दूसरे प्लेस तक घूमने के लिए क्या-क्या साधन मौजूद है तो देखिये ओरछा के सभी टूरिस्ट स्पॉट लगभग पास-पास ही है तो यदि आप थोडा बहुत पैदल चल सकते है तो आपको यहाँ घूमने के लिए किसी भी साधन की आवश्कता नहीं पड़ेगी बाकी यदि आप साधन से ही घूमना चाहते है तो आप यहाँ ई-रिक्शा या ऑटो या फिर कोई गाड़ी बुक कर लीजिये और घूमिये लेकिन साधन की आवश्यकता नहीं है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">कहाँ रुके &#8211; Where to Stay in Orchha in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">वैसे आप चाहे तो एक दिन में <strong>ओरछा</strong> घूम सकते है लेकिन मेरी मानिये तो एक रात तो यहाँ जरूर रुकिए यह एक जाना माना पर्यटन स्थल है तो यहाँ होटल गेस्ट हाउस आदि  की कोई भी कमी नहीं है आप अपने बजट के अनुसार रूम देखकर इतमिनान से कोई भी होटल बुक कर ले यहाँ सस्ते से लेकर महंगे होटल तक सब है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">यदि आपका बजट कम है तो आप<strong> राम राजा सरकार मंदिर</strong> की धर्मशाला जिसका नाम <strong>श्री राम राजा धर्मशाला</strong> है जहाँ आपको रूम महज 100 रूपये में मिल जायेगा इसमें अटैच वाशरूम नहीं होगा वैसे यहाँ पर अटैच वाशरूम वाले रूम भी मिल जाते है जो की थोडा सा महंगे है आप इनकी बुकिंग ऑनलाइन इनकी <a href="https://www.ramrajatemple.mp.gov.in/" target="_blank" rel="noreferrer noopener">वेबसाइट </a>से कर सकते हो और आपको वहां पर जाकर भी कमरा मिल जायेंगे यह धर्मशाला राम राजा मंदिर ट्रस्ट की है और मंदिर परिसर में ही है यहाँ थोड़ी सी साफ़ सफाई की कमी है |</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>ओरछा</strong> में घूमने की जगहे &#8211; Orchha Tourist Places in Hindi</h3>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब बात करेंगे <strong>ओरछा</strong> के प्रमुख दार्शनिक स्थलों की कहने का तात्पर्य आप जब भी यहाँ आओ तो आप क्या क्या घूम सकते हो उसकी जानकारी अब पढिये</p>



<h4 class="wp-block-heading">श्री राम राजा मन्दिर ओरछा धाम </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>श्री राम राजा मन्दिर ओरछा</strong> का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है यह मन्दिर क्या महल लगता है यह एक ऐसा मन्दिर है जहाँ पर श्रीराम को भगवान के रूप में नहीं अपितु एक राजा के रूप में पूजा जाता है यहाँ के लोकल लोग श्रीराम को अपना राजा मानते है यहाँ श्रीराम को सम्मान स्वरुप पुलिस द्वारा बदूक की सलामी भी दी जाती है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">जब आप <strong>श्री</strong> <strong>राम राजा मन्दिर</strong>  की ओर आएंगे तो रास्ते में आपको ढेर सारी प्रसाद की दुकाने, फूल-माँलो की दुकाने, भोजनालय , खिलौनों आदि की दुकाने दिखाई पड़ेंगी आप अपनी आवश्कता अनुसार जो चाहे वो खरीद सकते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="552" height="526" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राम-राजा-मंदिर-ओरछा-धाम.jpg" alt="राम राजा मंदिर ओरछा धाम" class="wp-image-10976" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राम-राजा-मंदिर-ओरछा-धाम.jpg 552w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राम-राजा-मंदिर-ओरछा-धाम-300x286.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 552px) 100vw, 552px" /><figcaption>राम राजा मंदिर ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर.jpg" alt="श्री राम राजा सरकार मन्दिर" class="wp-image-10983" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-सरकार-मन्दिर-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">मन्दिर परिसर में आकर अपने चप्पल जूते उतार दे जिसकी यहाँ बढ़िया व्यवस्था है यहाँ पर लगेज रूम भी है जहाँ आप अपना सामान रख सकते हो  फिर जाकर अन्दर प्रवेश करे और लाइन में लगकर राजा राम के दिव्य दर्शन करे |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">राजा राम के दर्शन के बाद मन्दिर प्रांगण में अन्य मंदिरों के दर्शन कर ले और चुपचाप कही पर बैठ कर इस दिव्य जगह की अनुभूति करे यकीन मानिये जब यहाँ पर श्रद्धालु जय श्री राम के जयकारे लगते है तो शरीर में राम भक्ति की बिजली कौंध जाती है  यहाँ पर दिन में चार बार आरती होती है |</p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://safarjankari.com/ram-janmbhumi-ayodhya-me-ghumne-ki-jagahe/">राम जन्मभूमि अयोध्या में घूमने की जगहे</a></p>



<p class="wp-block-paragraph"><a href="https://safarjankari.com/maa-purnagiri-yatra-ki-a-to-z-jankari/">Maa Purnagiri Yatra ki A to Z Jankari – माँ पूर्णागिरि मन्दिर कैसे जाये कहा ठहरे</a></p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong><em>राम राजा मन्दिर ओरछा</em></strong>  की पहचान है यहाँ मन्दिर प्रांगण में आप महाप्रसाद ले सकते हो जो की आपको 25 रूपये 60 रूपये और 120 रूपये में मिल जाता है 25 रूपये के महाप्रसाद में आपको दो लड्डू एक पान का बीड़ा और एक इत्र की कली रुई मिलती है आप इस महाप्रसाद को जरूर ले |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">एक बात और और बता दे मंदिर प्रांगण में फोटोग्राफी मना है तो आप अन्दर फोटो न ले और बेल्ट पर्स आदि भी मना है फिर आपकी इच्छा जब मै गया था था कुछ लोग चोरी छिपे अन्दर फोटो ले रहे थे खैर वहां का नियम यही है की आप फोटोग्राफी न करे और बेल्ट पर्स वर्जित है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="405" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg" alt="श्री राम राजा मन्दिर का महाप्रसाद" class="wp-image-10982" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-राम-राजा-मन्दिर-का-महाप्रसाद-296x300.jpg 296w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>श्री राम राजा मन्दिर का  महाप्रसाद</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">सावन भादो पिलर <strong>ओरछा</strong> का पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>राम राजा मन्दिर </strong>के समीप ही दो ऊँची ऊँची मीनारे बनी हुई है जिन्हें <strong>सावन भादो पिलर</strong> कहा जाता है इस मीनारों में खास यह है कि इनके नीचे सुरंगे बनी है जिनमे राजपरिवार के लोग आ जा सकते थे हालाँकि अब ये सुरंग बंद कर दी गई है लेकिन ये दोनों <strong>सावन भादो पिलर</strong> आज भी शान से खड़े है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="450" height="600" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सावन-भादो-पिलर.jpg" alt="सावन भादो पिलर" class="wp-image-10986" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सावन-भादो-पिलर.jpg 450w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/सावन-भादो-पिलर-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 450px) 100vw, 450px" /><figcaption>सावन भादो पिलर</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">श्री हरदौल बैठक फूलबाग <strong>ओरछा</strong> का दर्शनीय स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>सावन भादो</strong> से थोडा आगे जाने पर स्थित है <strong>श्री हरदौल बैठका</strong> जो कि राजा हरदौल के लिए जाना जाता है हरदौल जी राजा जुझार सिंह के भाई थे <strong>ओरछा</strong> में आज भी कोई मांगलिक कार्यक्रम होता है तो उसका पहला निमंत्रण राजा हरदौल को ही दिया जाता है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">हरदौल राजा वीर सिंह देव के सबसे छोटे पुत्र थे जहाँ पर <strong>हरदौल बैठका</strong> बना हुआ है वहां आसपास पेड़ पौधे है फव्वारे बने है और एक चबूतरा है जिसपर राजा हरदौल की प्रतिमा बनी है स्थानीय लोग राजा हरदौल को पूजते है इसी जगह को हरदौल बैठक , फूलबाग , हरदौल की समाधी स्थल आदि कहते है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg" alt="श्री हरदौल बैठका ओरछा" class="wp-image-10984" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-हरदौल-बैठका-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>श्री हरदौल बैठका ओरछा</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="483" height="413" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-हरदौल-की-प्रतिमा.jpg" alt="राजा हरदौल की प्रतिमा" class="wp-image-10975" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-हरदौल-की-प्रतिमा.jpg 483w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-हरदौल-की-प्रतिमा-300x257.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 483px) 100vw, 483px" /><figcaption>राजा हरदौल की प्रतिमा</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">जानकी जू मन्दिर धाम &#8211; Orchha Tourist Places in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">जानकी जू मन्दिर <strong>श्री राम राजा मन्दिर</strong> के समीप ही मुख्य चौराहे पर एक ऊँचे चबूतरे पर बना हुआ यहाँ आप जरूर आये और आकर माँ जानकी के दिव्य दर्शन का लाभ अवश्य ले इस मन्दिर का महत्त्व विवाह पंचमी में दिखाई देता है जब राम राजा सरकार की बारात निकलती है वह जानकी मंदिर में ही आती है यही पर इसी मन्दिर के पुजारी बरातियो को और राम राजा का स्वागत करते है तो आप यहाँ पर माँ जानकी के दर्शन जरूर करे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="539" height="646" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जानकी-जू-मंदिर-ओरछा.jpg" alt="जानकी जू मंदिर ओरछा" class="wp-image-10972" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जानकी-जू-मंदिर-ओरछा.jpg 539w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जानकी-जू-मंदिर-ओरछा-250x300.jpg 250w" sizes="auto, (max-width: 539px) 100vw, 539px" /><figcaption>जानकी जू मंदिर ओरछा</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">श्री दिगम्बर जैन मन्दिर </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"> श्री दिगम्बर जैन मन्दिर जानकी जू मन्दिर से थोड़ी ही दूरी पर है मुख्य सड़क पर ही इस मंदिर का नाम लिखा हुआ है आप यहाँ पर भी दर्शन कर ले यहाँ टाइमिंग का ध्यान देना रहता है आप सुबह ही दर्शन कर लो तो बेहतर है हम तो शाम को गए थे तब मन्दिर बंद था परन्तु एक सज्जन व्यक्ति चाभी लाकर मंदिर खोलकर दर्शन करवा दिए थे|</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="418" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-दिगम्बर-जैन-मंदिर-ओरछा.jpg" alt="श्री दिगम्बर जैन मंदिर ओरछा" class="wp-image-10981" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-दिगम्बर-जैन-मंदिर-ओरछा.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/श्री-दिगम्बर-जैन-मंदिर-ओरछा-287x300.jpg 287w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>श्री दिगम्बर जैन मंदिर ओरछा</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">चतुर्भुज मन्दिर <strong> ओरछा</strong> का प्रमुख पर्यटन स्थल </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>चतुर्भुज मंदिर ओरछा</strong> के प्रमुख मंदिरों में से एक है और इस भव्य मंदिर को राजा मधुकर शाह ने सन 1558 से 1573 के मध्य बनवाया था वैसे तो राजा मधुकर शाह ने राम जी के लिये यह मंदिर बनवाया था परन्तु उन्हें यहाँ किन्ही कारणों वश भगवान विष्णु को स्थापित करना पड़ा था तो अब यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर है यह मंदिर एक ऊँचे मंच पर बना एक बहुमंजिला मन्दिर है<strong> चतुर्भुज मंदिर</strong> की स्थापत्य कला असाधारण है |<br><br><strong><em>चतुर्भुज मंदिर</em></strong>  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत है यह मंदिर आयताकार है और इसमें दो ऊँचे ऊँचे शिखर है और चार छोटे शिखर है अगर हम मंदिर के अन्दर की बात करे तो आप यहाँ की नक्खाशी देखिये आपको आश्चर्य होगा यह बहुत ही खूबसूरत है अब ज्यादा क्या बताये आप जब जाओगे तो खुद ही <strong>चतुर्भुज मंदिर</strong> की बुन्देली शिल्पकला के कायल हो जाओगे यह <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> के समीप ही है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="828" height="474" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर.jpg" alt="चतुर्भुज मन्दिर" class="wp-image-10969" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर.jpg 828w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर-300x172.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/चतुर्भुज-मन्दिर-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px" /><figcaption>चतुर्भुज मन्दिर</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">ओरछा फोर्ट काम्प्लेक्स &#8211; ओरछा का किला </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब बात करते है <strong>ओरछा के किले</strong> की जिसमे घूमने के लिए आपको कम से कम 3-4 घंटे चाहिए बाकी आप चाहे तो 30 मिनट में घूमे इच्छा आपकी ओरछा का किला <strong>श्री राम राजा सरकार मन्दिर</strong> के सामने ही बना हुआ है यहाँ पर 10 रूपये का टिकट है आप टिकट लेकर अन्दर जाइये और बस घूमते रहिये वैसे तो इस किले में बहुत कुछ है लेकिन यहाँ के तीन महल सबसे महत्वपूर्ण है एक <strong>जहाँगीर महल</strong> दूसरा <strong>राजा महल</strong> तीसरा <strong>राय प्रवीण महल</strong> तो आइये जानते है इन सब महलों को |</p>



<h4 class="wp-block-heading">जहाँगीर महल <strong>ओरछा</strong> में घूमने की जगह</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>जहाँगीर महल </strong>का निर्माण राजा वीर सिंह देव ने सन 1605 से सन 1627 के मध्य करवाया था और इस महल को जहाँगीर के सम्मान में बनवाया गया था इस महल में आपको बुन्देली स्थापत्य कला , राजपूत स्थापत्य कला , हिन्दू मुस्लिम स्थापत्य  कला का मिश्रण देखने को मिलेगा निसंदेह यह महल बहुत ही बड़ा और भव्य है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>जहाँगीर महल</strong> वर्गाकार है इसमें बहुत से कमरे है आकर्षक गुम्बद है और बालकनी भी बनी है इस महल में आप ऊपर जा सकते है ऊपर जाने के लिए सीढिया बनी हुई है <strong>जहाँगीर महल </strong>को आप सीढियों से जाकर ऊपर से भी अवश्य देखे यह बहुत ही सुन्दर महल है |<br><br><strong>जहागीर महल</strong> के सामने ही ऊंट खाना है जो की पहले एक बारादरी था लेकिन सत्रहवी शताब्दी से इसे ऊंट खाना बना दिया गया आप इस ऊंट खाना को भी देख सकते है यह एक ऊची चट्टान पर बना हुआ है , इस महल में पत्त्थरो पर जाली का काम शानदार है   <strong>Orchha Tourist Places</strong>  में यह महल भी खास है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="488" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg" alt="जहाँगीर महल ओरछा" class="wp-image-10970" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा.jpg 650w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-ओरछा-300x225.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /><figcaption>जहाँगीर महल</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="700" height="329" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल.jpg" alt="जहाँगीर महल" class="wp-image-10971" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल.jpg 700w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/जहाँगीर-महल-300x141.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 700px) 100vw, 700px" /><figcaption>जहाँगीर महल</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">राय प्रवीण महल </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">ऊंट खाना से आप नीचे जायेंगे तो वही पास में ही <strong>राय प्रवीण महल</strong> है इस महल  का निर्माण राजा इन्द्रजीत सिंह ने सन 1592 से 1605 के मध्य कराया था राय प्रवीण एक नृत्यांगना थी इसलिए <strong>राय प्रवीण महल</strong> के उपरी मंजिल में नृत्य करती हुई पेंटिंग बनाई गई  है यह महल दो मंजिल का है  इस महल के अन्दर एक खूबसूरत उद्यान भी है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अच्छा राय प्रवीण  कुशल नृतकी के साथ साथ कवियत्री व गायिका भी थी यह महल ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन आप इसे  <strong>Orchha Tourist Places</strong> की लिस्ट में जरूर शामिल कर ले  |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="585" height="411" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल.jpg" alt="राय प्रवीण महल" class="wp-image-10977" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल.jpg 585w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल-300x211.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राय-प्रवीण-महल-130x90.jpg 130w" sizes="auto, (max-width: 585px) 100vw, 585px" /><figcaption>राय प्रवीण महल</figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">राजा महल या राज महल </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>राजा महल </strong>बनवाने की शुरुआत राजा रूद्र प्रताप ने सन 1531 में की थी फिर इसको इनके पुत्र भारती चन्द्र ने <strong>राजा महल</strong> को पूर्ण करवाया फिर इस महल को अंतिम रूप राजा मधुकर शाह ने प्रदान किया इस महल में दीवान ए खास और दीवान ए आम भी है <strong><em>राजा महल</em></strong>  में विष्णु जी के दसो अवतारों का चित्रण किया गया है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">राजा महल में स्थित दीवान ए खास को मधुकर शाह ने बनवाया था इस महल के कई कमरों की छतो पर सुन्दर चित्र बने है वही जाली कार्य यहाँ भी बेहतरीन है इस महल में बने मेहराब भी उत्कृष्ट है |<br> <strong>Orchha Tourist Places</strong> </p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="400" height="533" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Raja-Mahal-Orchha.jpg" alt="Raja Mahal Orchha" class="wp-image-10967" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Raja-Mahal-Orchha.jpg 400w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Raja-Mahal-Orchha-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 400px) 100vw, 400px" /><figcaption>Raja Mahal Orchha</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="500" height="667" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-महल-ओरछा-किला.jpg" alt="राजा महल ओरछा किला" class="wp-image-10974" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-महल-ओरछा-किला.jpg 500w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राजा-महल-ओरछा-किला-225x300.jpg 225w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /><figcaption>राजा महल ओरछा किला</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="694" height="440" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राज-महल-ओरछा.jpg" alt="राज महल ओरछा" class="wp-image-10973" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राज-महल-ओरछा.jpg 694w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/राज-महल-ओरछा-300x190.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 694px) 100vw, 694px" /><figcaption>राज महल ओरछा</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">इन तीनो महलों के अलावा आप <strong>ओरछा फोर्ट काम्प्लेक्स</strong> में शीश महल , दाउजी की कोठी , तीन दसियों की समाधी , पंचमुखी हनुमान मन्दिर , राधिका बिहारी मन्दिर , वनवासी राम मन्दिर , शाही दरवाजा , शिव मन्दिर , तोप खाना , बारूद खाना , पुरुषोत्तम दस का मकान, हमाम खाना , और कई कोठियां देख सकते हो और मेरी राय यही है आप यहाँ पर समय लेकर आओ और हर एक चीज देखो |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="550" height="510" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-दरवाजा-ओरछा-किला.jpg" alt="शाही दरवाजा ओरछा किला" class="wp-image-10980" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-दरवाजा-ओरछा-किला.jpg 550w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-दरवाजा-ओरछा-किला-300x278.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 550px) 100vw, 550px" /><figcaption>शाही दरवाजा ओरछा किला</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">अब बात करते है <strong>ओरछा किले के</strong> टिकट की तो यहाँ भारतीयों के लिए मात्र 10 रूपये टिकट है वही विदेशी नागरिको के लिए टिकट 250 रूपये है आपको बता दे <strong>ओरछा</strong> किले में एक साउंड एंड लाइट शो भी आयोजित होता है जो हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में होता है तो  जो साउंड एंड लाइट शो अंग्रेजी भाषा में होता है उसकी टाइमिंग गर्मियों ( मार्च से सितम्बर )  में शाम 7:30 से 8:30 है और ठंडी ( अक्टूबर से फरवरी ) में शाम 6:30 से 7:30 है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">वही हिंदी भाषा में होने वाले  साउंड एंड लाइट शो की टाइमिंग  गर्मियों ( मार्च से सितम्बर )  में रात 8:45 से 9:45  है और ठंडी ( अक्टूबर से फरवरी ) में रात 7:45 से 8:45 है अब हम इस शो के टिकट शुल्क की बात करे तो यह भारतीय वयस्क केलिए 200 रूपये है और भारतीय बच्चो के लिए 100 रूपये है जबकि विदेशी वयस्क के लिये टिकट 400 रूपये है  और विदेशी बच्चो के लिए 250 रूपये का टिकट है |<br><br>अब बात करते है इस साउंड एंड लाइट शो के आयोजन स्थल की तो यह <strong>ओरछा किले</strong> के अन्दर <strong>राजा महल</strong> में आयोजित किया जाता है | अच्छा <strong><em>ओरछा के किले</em></strong>  में आपको गाइड की भी सुविधा मिल जाएगी और यदि आप गाइड कर लेते तो आपको ज्यादा मजा आएगा बस आपसे फिर अनुरोध कर रहा हु यहाँ जाए तो समय लेकर जाये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">लक्ष्मी नारायण मन्दिर <strong> ओरछा</strong> का प्रमुख मंदिर</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>लक्ष्मी नारायण मंदिर ओरछा </strong>का एक जाना माना और महत्वपूर्ण मंदिर और पर्यटन स्थल है यह मन्दिर मुख्य रूप से माँ लक्ष्मी को समर्पित है इस मंदिर की दीवारों पर जो चित्रकारी है वह अद्भुत है लक्ष्मी नारायण मन्दिर को राजा वीर सिंह देव ने सन 1622 में बनवाया था यह एक ऊँची पहाड़ी पर बना एक महल जैसा मन्दिर है इस मन्दिर की पेंटिंग्स , गुम्बद , खिड़कियाँ बहुत ही खूबसूरत है यह एक मस्ट विजिट प्लेस है यहाँ आप जरूर आये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">ओरछा अभयारण्य </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">सन 1994 में <strong>ओरछा अभयारण्य</strong> की स्थापना की गई थी यह घूमने के लिए एक बढ़िया जगह है यह विशेष रूप से पक्षियो के लिए प्रसिद्ध है आप यहाँ पर कई तरह के पक्षी देखने को पाएंगे इस अभयारण्य के दोनों तरफ नदी बहती है अगर यहाँ के टिकट की बात करे तो 50 रूपये है अच्छा पैदल आप जाओगे तो 50 रूपये प्रति व्यक्ति पड़ेंगे |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">यदि आप दुपहिया वाहन से जाते हो टिकट आपको २०० रूपये की पड़ेगी जिसमे दो व्यक्ति जा सकते है  वही यदि आप कार जीप से जाते हो तो आपको 600 रूपये देने पड़ेंगे यदि आप ऑटो से जा रहे हो तो आपको 400 रूपये देने होंगे जिसमे आप ऑटो चालक सहित चार लोग ही जा सकते हो तो आप यहाँ भी अवश्य आये |</p>



<h4 class="wp-block-heading">शाही छतरियां &#8211; <strong>Orchha Tourist Places</strong> </h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph"><strong>शाही छतरियां </strong>बेतवा नदी के किनारे पर है और यकीन मानिये ये शाही छतरियां वाकई में शाही है इनकी भव्यता देखने योग्य है अगर लोकेशन की बात करे तो यह सभी <strong>शाही छतरियां</strong> कंचना घाट पर स्थित है यहाँ बुंदेला राजाओ की छतरियां बनी हुई है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">इन छतरियो के सामने ही कल-कल बहती बेतवा नदी को देखना एक सुखद अनुभव रहता है यहाँ पर आप रिवर राफ्टिंग बोटिंग का भी मजा ले सकते हो और इसी स्थल पर I Love Orchha सेल्फी पॉइंट भी है फोटोग्राफी के लिए यह स्थल एक अच्छा  विकल्प है  |<br><br>राजा वीर सिंह देव की छत्री यहाँ पर सबसे भव्य है जिसे राजा जुझार सिंह ने सन 1627 में शुरू करवाया था यहाँ पर बुंदेला राजाओ और राज परिवार के सदस्यों की 15 छतरियां है जिनमे सबसे प्रमुख छत्री वीर सिंह देव , मधुकर शाह , पहाड़ सिंह , उद्वेत सिंह , जसवंत सिंह की है यह सभी छत्री पंचायतन मंदिरों के शैली में बनाइ  गई है |</p>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">सभी छतरियां एक वर्गाकार चबूतरे पर बनी है बीच में गर्भगृह है वो भी वर्गाकार है ज्यादातर छतरियां तीन मंजिल की है यहाँ एक सुन्दर उद्यान भी है तो आप यहाँ जरूर जाए और समय लेकर जाए  बेतवा नदी के किनारे घाट की सीढियों पर बैठना एक सुखद अनुभव होता है |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="800" height="490" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा.jpg" alt="शाही छतरियां ओरछा" class="wp-image-10978" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा.jpg 800w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा-300x184.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-ओरछा-768x470.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /><figcaption>शाही छतरियां ओरछा</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="828" height="474" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg" alt="शाही छतरियां" class="wp-image-10979" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां.jpg 828w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-300x172.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/शाही-छतरियां-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 828px) 100vw, 828px" /><figcaption>शाही छतरियां शाम के समय </figcaption></figure>
</div>


<h4 class="wp-block-heading">संतोषी माता मन्दिर</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">संतोषी माता मंदिर <strong>ओरछा के श्री राम राजा मन्दिर</strong> के समीप ही है और एक पहाड़ी पर बना हुआ है यह भी एक सुन्दर मन्दिर है जब आप यहाँ जाते हो तो ऊपर से आपको राम राजा सरकार मन्दिर चतुर्भुज मन्दिर ओरछा का किला छतरियां सबका बढ़िया व्यू मिल जाता है तो आप यहाँ भी दर्शन और व्यू हेतु जा सकते है <strong>Orchha Tourist Places</strong> में आप इस मन्दिर को इसके सुन्दर व्यू के लिए जरूर शामिल करे |</p>


<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="508" height="545" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Santoshi-Mata-Mandir-Orchha.jpg" alt="Santoshi Mata Mandir Orchha" class="wp-image-10968" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Santoshi-Mata-Mandir-Orchha.jpg 508w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/Santoshi-Mata-Mandir-Orchha-280x300.jpg 280w" sizes="auto, (max-width: 508px) 100vw, 508px" /><figcaption>Santoshi Mata Mandir Orchha</figcaption></figure>
</div>

<div class="wp-block-image is-style-default">
<figure class="aligncenter size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="900" height="403" src="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg" alt="संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो ओरछा धाम" class="wp-image-10985" srcset="https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम.jpg 900w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-300x134.jpg 300w, https://safarjankari.com/wp-content/uploads/2022/02/संतोषी-माता-मन्दिर-से-लिया-गया-फोटो-ओरछा-धाम-768x344.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 900px) 100vw, 900px" /><figcaption>संतोषी माता मन्दिर से लिया गया फोटो ओरछा धाम</figcaption></figure>
</div>


<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">ये तो हो गए ओरछा में घूमने के ख़ास ख़ास पॉइंट इसके अलावा और भी ढेरो ऐतिहासिक इमारते यहाँ पर है कई ऐतिहासिक धरोहरे होटल में बदल दी गई है जैसे अमर  महल होटल शीश महल होटल आप यहाँ भी घूमने जा सकते है |</p>



<h4 class="wp-block-heading">बरुआसागर</h4>



<p class="wp-block-paragraph">वैसे तो यह स्थल झाँसी जिले में है लेकिन <strong>ओरछा</strong> से भी ज्यादा दूर नहीं है आप यहाँ से भी बरुआसागर ऑटो आदि से बड़ी ही आसानी से पहुँच सकते है बरुआसागर में आपको एक सुन्दर झील एक किला और कुछ मन्दिर देखने को मिलेंगे बरुआसागर एक बढ़िया जगह है यहाँ आपको जरूर जाना चाहिए  | <br><br><a href="https://safarjankari.com/baruasagar-ghumne-ki-jankari/">बरुआसागर घूमने की समस्त जानकारी कैसे पहुंचे क्या क्या देखे Baruasagar Fort</a></p>



<h4 class="wp-block-heading">विवाह पंचमी ओरछा &#8211; Festival Of Orchha in Hindi</h4>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">देखिये अगर हा ओरछा में मनाये जाने वाले त्योहारों की बात करे तो यहाँ पर रामनवमी धूम-धाम से मनाई जाती है इसके अलावा ओरछा का सबसे बड़ा आकर्षण है यहाँ होने वाली विवाह पंचमी जो कि नवम्बर -दिसम्बर में आयोजित की जाती है और इसमें राजा राम का विवाह होता है इस रा, विवाह पे निवाड़ी  जिला के डीएम यजमान बनते है पूरी ओरछा को सजा दिया जाता है श्री राम राजा धर्मशाला में एक विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाता है |<br><br> इस दिन राम राजा मंदिर से बाहर निकाले जाते है दुल्हा बनाये जाते है फिर रात करीब 8 बजे राजसी अंदाज में राम राजा की बारात निकाली जाती है जो ओरछा धाम के गलियारों से होती हुई जानकी मन्दिर आती है फिर यही पर रामजी का विवाह संपन्न होता है वाकई में यह त्यौहार अद्भुत होता है जीवन में आपको एक बार <strong><em>ओरछा</em></strong>  की विवाह पंचमी जरूर देखनी चाहिये इस दिन राजा राम को पुलिस द्वारा बन्दूक की सलामी भी दी जाती है |</p>



<p class="wp-block-paragraph">अब हम आपको अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कुछ टिप्स देने जा रहे जिससे आप की <strong>ओरछा</strong> धाम यात्रा और भी बढ़िया होगी &#8211;</p>



<ul class="wp-block-list"><li>श्री राम राजा मन्दिर में आप दिन में दर्शन करे आरती में भी शामिल हो और शाम को लाइट जलने के बाद भी दर्शन करे |</li><li>चतुर्भुज मन्दिर में भी आप दिन में दर्शन करे और शाम को लाइट जलने के बाद भी दर्शन करे |</li><li><strong>ओरछा फोर्ट काम्प्लेक्स </strong>घूमने में जल्दबाजी न करे यहाँ पर कम से कम 3-4 घंटे जरूर दे इसके साथ ही साउंड एंड लाइट शो भी देख सकते है जिससे आपको यहाँ के इतिहास की जानकारी मिल जायेगी |</li><li>शाही छतरियो को भी दिन में देखे वाही घाट के कीनारे  बेतवा रिवर देखे राफ्टिंग भी करे और फिर शाम को लाइट जलने की बाद भी शाही छतरियों की तरफ जरूर आये |</li></ul>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ओरछा</strong>  से सम्बन्धित प्रश्न &#8211; </p>



<div class="schema-faq wp-block-yoast-faq-block"><div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817051505"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong>  कौन से राज्य में है ?</strong> <p class="schema-faq-answer"><strong>ओरछा</strong> मध्य प्रदेश राज्य में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817075871"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले की सीमा पर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817139479"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> में कौन कौन से महल है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">जहाँगीर महल , राजा महल , राय प्रवीण महल |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817190853"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> की रानी का नाम क्या था ?</strong> <p class="schema-faq-answer">कुंवर गणेशी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817239694"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> क्यों प्रसिद्ध है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा  अपने किलो महलों और श्री राम राजा सरकार के लिये प्रसिद्ध है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817284165"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong> का प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री राम राजा सरकार मंदिर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817351974"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong>  घूमने के लिये कितने दिन काफी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">दो दिन |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817390287"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; <strong>ओरछा</strong>  में कौन सी नदी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">बेतवा नदी |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817412974"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; श्री राम राजा सरकार मंदिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">श्री राम राजा सरकार मंदिर मध्य प्रदेश के ओरछा  में है |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817470319"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; झाँसी से <strong>ओरछा</strong> की दूरी कितनी है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">लगभग 13 किलोमीटर |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817528933"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; भगवान् राम को राजा के रूप में कहाँ पूजा जाता है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा के श्री राम राजा मंदिर में |</p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817602061"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न- <strong>ओरछा</strong> में घूमने की जगहे बताइए ?</strong> <p class="schema-faq-answer">ओरछा के किले में स्थित जहाँगीर महल , राजा महल , राय प्रवीण महल <br/>श्री राम राजा सरकार मंदिर <br/>शाही छतरियां <br/>लक्ष्मी नारायण मंदिर<br/>चतुर्भुज मन्दिर <br/>ओरछा अभयारण्य<br/>बेतवा नदी </p> </div> <div class="schema-faq-section" id="faq-question-1662817815734"><strong class="schema-faq-question">प्रश्न &#8211; चतुर्भुज मन्दिर कहाँ है ?</strong> <p class="schema-faq-answer">चतुर्भुज मन्दिर ओरछा में है |</p> </div> </div>



<p class="has-text-align-justify wp-block-paragraph">दोस्तों <strong>ओरछा</strong> आकर आप निराश नहीं होंगे यहाँ के भव्य ऐतिहासिक किले-महल तो आपको पसंद आयेंगे ही साथ में बेतवा नदी के किनारे के व्यू आपको बार बार फोटो लेने पे मजबूर करेंगे वही <strong>श्री राम राजा मन्दिर</strong> में बजते राम जी के कीर्तन आपमें राम भक्ति की सकारात्मक उर्जा भर देंगे वही  <strong><em>Orchha Tourist Places</em></strong>  के  <strong>लक्ष्मी नारायम मन्दिर</strong> और <strong>चतुर्भुज  मन्दिर</strong> अपनी वास्तुकला से आपको कायल कर देंगे तो सोचिये मत समय निकालकर एक बार मध्य प्रदेश के <strong>ओरछा धाम</strong>  अवश्य आइये पोस्ट अच्छी लगी हो तो कमेन्ट करे शेयर करे |</p>
<p>The post <a href="https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/">ओरछा में घूमने की जगहों की A to Z जानकारी &#8211; Orchha Tourist Places</a> appeared first on <a href="https://safarjankari.com">SAFAR JANKARI</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://safarjankari.com/orchha-ghumne-ki-samast-jankari/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
		<post-id xmlns="com-wordpress:feed-additions:1">10953</post-id>	</item>
	</channel>
</rss>
