ओरछा का इतिहास | श्री राम राजा मन्दिर की कहानी | राजा हरदौल की कहानी
ओरछा का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली है पढ़े इस पोस्ट में राजा राम मन्दिर की कहानी , राजा हरदौल की कहानी , ओरछा के किले और महलों का इतिहास
ओरछा का इतिहास बड़ा ही गौरवशाली है पढ़े इस पोस्ट में राजा राम मन्दिर की कहानी , राजा हरदौल की कहानी , ओरछा के किले और महलों का इतिहास
झांसी का किला घूमने से जुडी हुई समस्त जानकारी जैसे यहाँ कैसे पहुंचे टाइमिंग क्या है टिकट कितने की है किले के अन्दर क्या क्या देखे यह किला हमको महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता की याद दिलाता है उत्तर प्रदेश के झांसी के इस ऐतिहासिक किले को देखने के लिए देश भर से पर्यटक आते रहते है |
आज हम आपको झांसी में घूमने की जगहों के बारे में बतायेंगे इसके अलावा झांसी में कहाँ रुका जाए , किस तरह से घूमा जाये , खानपान , झांसी कब जाये , झांसी कैसे पहुंचे आदि की भी जानकारी देंगे
ओरछा एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो आध्यात्म , इतिहास और प्रकृति की सुन्दरता से भरा पड़ा है यह मात्र एक ऐसी जगह है जहाँ भगवान राम की पूजा राजा के रूप में होती है यह स्थल बुन्देला राजाओ का केंद्र रहा है ओरछा में घूमने की जगहों में रामराजा सरकार मन्दिर , जहाँगीर महल , दाउजी की हवेली , राजा महल , राय परवीन महल , चतुर्भुज मन्दिर , बेतवा नदी के किनारे शाही छतरियां , लक्ष्मी नारायण मन्दिर , फूल बाग़ , सावन भादो पिलर , वन्य जीव अभयारण्य , श्री हरदौल बैठका , जानकी जू मन्दिर धाम , अमर महल , श्री दिगंबर जैन मन्दिर आदि है |
बरुआसागर झाँसी जिले में स्थित एक नगर पालिका परिषद है यहाँ आपको देखने के लिए बरुआसागर का किला Barua Sagar Fort और एक बहुत ही सुन्दर झील और झरना है इनके अलावा यहाँ एक पार्क कम्पनी बाग़ भी है और कई मन्दिर जैसे मंसिल माता मन्दिर वेद मन्दिर आदि और एक मठ जिसका नाम जराय का मठ है जहाँ पर यह झरना और झील है उस स्थान पर कई मन्दिर कई छोटे छोटे कुण्ड भी है अरे हाँ पाण्डेय मिष्ठान भण्डार बरुआसागर के देशी घी के रसगुल्ले भी लिस्ट में शामिल कर ले |
इस पोस्ट में हम श्री पीताम्बरा पीठ की नगरी दतिया के बारे में जानेंगे दतिया मध्य प्रदेश का एक जिला है जो कि पीताम्बरा माई के लिए विश्व विख्यात है इस शहर में तमाम पौराणिक मंदिर ,ऐतिहासिक धरोहर , सरोवर , सुन्दर प्राकृतिक द्रश्य आपको घूमने के लिये मिल जायेंगे दतिया के मुख्य पर्यटन स्थलों में माँ पीताम्बरा देवी मन्दिर , राजा वीर सिंह देव पैलेस , राम सागर तालाब , राम सागर फोर्ट , गुप्तेश्वर धाम , बडोनी , सोनागिरी जैन मन्दिर , रतनगढ़ माता मन्दिर , लाला का तालाब , इन्दरगढ़ का किला , बड़े गोविन्द जी का मंदिर , बड़ी माता का मन्दिर , पंचम कवी की टोरिया , बड़े गणेश जी का मंदिर , असनाइ का रामलला मंदिर, हनुमान गढ़ी मन्दिर किला चोक , श्री बालाजी सूर्य मन्दिर उनाव , पुरातत्व संग्रहालय , करन सागर , प्राचीन पद्मावती मन्दिर , सनकुंवा धाम सेंवढा है |
गाड़ी वाले ने हमको कहाँ उतारा ये तो हमको जानकारी नहीं लेकिन हमको अब टनकपुर से नेपाल जाना था जी हा नेपाल यानी विदेश और करने थे दर्शन नेपाल के ब्रम्हदेव कंचनपुर जिले में स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर के , पूर्णागिरि के दर्शन करने के बाद नेपाल स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन करने की मान्यता है तो अब था कौतुहल विदेश जाने का हम लोगो ने एक ई-रिक्शा वाले से जानकारी की कि भैया सिद्धबाबा के दर्शन करने जाना है कैसे जाया जाय तो उस सज्जन व्यक्ति ने समझाया की पहले आपको जाना होगा शारदा बैराज फिर वहां से पैदल ही आपको बैराज के पुल से होकर जाना पड़ेगा फिर आपको को मिलेंगे बाइक वाले जो आपको बाबा सिद्धनाथ तक ले जायेंगे |
सुबह सुबह मोबाइल बजने लगा देखा तो एक पुराने मित्र का कॉल था तो उससे बात की वो बोला कि चलोगे माँ पूर्णागिरि के दर्शन करने अब मुझमे तो घुमक्कड़ी का कीड़ा है तो मैंने तुरंत ही बोला की हा जरूर चलेंगे माँ के दर्शन करने तो बस थोड़ी और बात हुई फिर तय हुआ देर क्या करनी कल ही निकलते है मैंने बोला रुको जरा ट्रेन टिकट देखके फाइनल करता हु तो तुरन्त ही मैंने IRCTC खोली
इस पोस्ट में हम लखनऊ के ज़ायकेदार स्वादिष्ट खाने पीने के ठियों से आपकी मुलाकात कराएँगे अगर हम कुछ जाने माने खाने के ठियों की बात करे तो शर्मा जी की चाय , टुंडे कबाबी , 1090 स्थित चटोरी गली , श्री लस्सी कार्नर , रहीम निहारी के कुल्चे , चोक की मक्खन मलाई , अजहर भाई का मशहूर पान , वाहिद की बिरयानी , रॉयल कैफे की बास्केट चाट , जैन चाट भण्डार , प्रकाश की मशहूर कुल्फी , रत्तीलाल के खस्ते , शुक्ला चाट हाउस , बाजपेयी कचोडी भण्डार , राम आसरे स्वीट , परम्परा स्वीट , इदरीस की बिरयानी , बॉम्बे पाव भाजी, पण्डित राजा की ठंडाई , दस्तरखान, मोती महल , छप्पनभोग आदि अग्रणी है |
वैसे तो शहर कानपुर शैक्षणिक संस्थानों , गंगा घाटो , फैक्ट्रियों , पर्यटन स्थल जैसे जू मोती झील जेके टेम्पल जैन ग्लास टेम्पल अटल घाट गंगा बैराज फूल बाग़ बिठूर आदि के लिये जाना जाता है लेकिन यदि आप खाने पीने के शौखीन है तो आपको कानपुर निराश नहीं करेगा Kanpur Famous Food में ठग्गू के लड्डू , बदनाम कुल्फी , पप्पू समोसे वाले , बनारसी टी स्टाल , द चाट स्वरुप नगर , पहलवान जी का मट्ठा , रामस्वरूप गुप्ता चाट वाले बिरहाना रोड , बचू लाल कचोरी वाले , शुक्ला जी मक्खन भण्डार , बाबा बिरयानी प्रमुख है |